National
पैन आधार से लिंक नहीं किया? 31 दिसंबर के बाद पैन हो जाएगा निरस्त, जानें पूरी डिटेल

Table of Contents
PAN Aadhaar Linking Deadline 2025: 31 दिसंबर तक नहीं जोड़ा तो पैन हो जाएगा इनऑपरेटिव
PAN Aadhaar Linking Deadline: अगर आपने अब तक अपना पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं किया है, तो अब देर करने की गुंजाइश नहीं बची है। दरअसल, पैन-आधार लिंक करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है। इसके बाद यानी 1 जनवरी 2026 से, बिना लिंक किए गए पैन कार्ड को इनकम टैक्स विभाग इनऑपरेटिव घोषित कर देगा। ऐसे पैन का इस्तेमाल न तो टैक्स से जुड़े कामों में होगा और न ही बड़े वित्तीय लेन-देन में।
PAN Aadhaar Linking Deadline :1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया नियम
दरअसल, इनकम टैक्स विभाग की ओर से 3 अप्रैल 2025 को जारी नोटिफिकेशन संख्या 26/2025 में यह साफ किया गया है कि जिन लोगों को 1 अक्टूबर 2024 से पहले आधार एनरोलमेंट आईडी के जरिए पैन अलॉट हुआ था, उन्हें तय समयसीमा के भीतर अपने स्थायी आधार नंबर से लिंकिंग पूरी करनी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेडलाइन चूकने पर ऐसे पैन कार्ड को निष्क्रिय मान लिया जाएगा।

इतना ही नहीं, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने पर टैक्सपेयर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसमें इनकम टैक्स रिफंड का रुकना और सोर्स पर अधिक टीडीएस कटौती जैसे परिणाम शामिल हैं, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे।
लिंकिंग से पहले जरूरी बातें जान लें
पैन-आधार लिंक करने के लिए टैक्सपेयर्स के पास एक वैध पैन नंबर, आधार नंबर और ओटीपी प्राप्त करने के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर होना जरूरी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि, जिन पैन कार्ड को 1 जुलाई 2017 से पहले जारी किया गया था और अब तक लिंक नहीं किया गया है, उनके लिए 1000 की अनिवार्य फीस देनी होगी।
पैन को आधार से कैसे लिंक करें? ( HOW TO LINK PAN TO AADHAAR )
- सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
- होमपेज पर मौजूद Quick Links सेक्शन में जाकर Link Aadhaar विकल्प चुनें।
- इसके बाद अपना पैन और आधार नंबर दर्ज करें।
- आगे बढ़ने पर e-Pay Tax के जरिए 1000 की फीस का भुगतान करना होगा।
- भुगतान के दौरान पैन नंबर डालकर मोबाइल पर आए OTP से वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा।
- पेमेंट के लिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या UPI का विकल्प चुना जा सकता है।
- आमतौर पर पेमेंट को सिस्टम में अपडेट होने में 4–5 कार्यदिवस लग सकते हैं।
पेमेंट कन्फर्म होने के बाद, दोबारा Link Aadhaar सेक्शन में जाकर पैन-आधार डिटेल्स वेरिफाई करें। इसके बाद आधार के अनुसार नाम और मोबाइल नंबर डालें, फिर ओटीपी के जरिए प्रक्रिया पूरी करें।
पैन-आधार लिंक स्टेटस कैसे चेक करें? ( HOW TO CHECK PAN AADHAR LINK STATUS )
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका पैन आधार से लिंक हुआ है या नहीं, तो इसके लिए लॉग-इन करना भी जरूरी नहीं है।

- ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर Quick Links में Link Aadhaar Status विकल्प चुनें।
- यहां पैन और आधार नंबर डालते ही मौजूदा स्टेटस स्क्रीन पर दिख जाएगा।
- सफल लिंकिंग पर ग्रीन चेकमार्क दिखाई देगा, जबकि पेंडिंग मामलों में UIDAI वेरिफिकेशन से जुड़ा संदेश नजर आएगा।
PAN-Aadhaar Linking Deadline क्या है?
31 दिसंबर 2025 तक पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। लिंक नहीं होने पर 1 जनवरी 2026 से पैन इनऑपरेटिव होगा।
PAN को आधार से कैसे लिंक करें?
ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं → Quick Links → Link Aadhaar।
पैन और आधार नंबर दर्ज करें।
OTP वेरिफिकेशन और फीस (जरूरत होने पर) भुगतान करें।
PAN-Aadhaar लिंक स्टेटस कैसे चेक करें?
ई-फाइलिंग पोर्टल → Quick Links → Link Aadhaar Status।
पैन और आधार नंबर डालें।
ग्रीन चेकमार्क = सफल लिंकिंग, UIDAI संदेश = पेंडिंग।
PAN को Aadhaar से कहां लिंक करें?
incometax.gov.in → Quick Links → Link Aadhaar
धर्म-कर्म
रमजान 2026 : कब रखा जाएगा पहला रोजा , जानें रमजान से जुड़ी हर जरूरी बात…

रमजान 2026: पवित्र महीने को लेकर तैयारियां तेज
दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान सिर्फ एक धार्मिक महीना नहीं बल्कि आत्मिक अनुशासन, दया और सामाजिक एकता का समय माना जाता है। साल 2026 का रमजान खास इसलिए भी है क्योंकि यह सर्द मौसम में पड़ रहा है, जिससे कई जगह रोज़े के दौरान मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक रह सकता है। इस बीच कई देशों में रमजान की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और धार्मिक संगठनों ने टाइमटेबल, चैरिटी गाइडलाइन और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं।
रमजान 2026 कब शुरू होगा?
खगोलीय गणनाओं और धार्मिक अनुमानों के आधार पर:
- खाड़ी देशों में रमजान 18 फरवरी 2026 की शाम के बाद शुरू होने की संभावना
- भारत सहित दक्षिण एशिया में पहला रोज़ा 19 फरवरी 2026 को होने की उम्मीद
- रमजान आमतौर पर 29 या 30 दिन का होता है
खबरों और खगोलीय अनुमानों के अनुसार दक्षिण एशिया में रमजान अक्सर खाड़ी देशों से एक दिन बाद शुरू होता है।
खगोलीय अनुमानों के मुताबिक 2026 में पहला रोज़ा 19 फरवरी को पड़ सकता है, हालांकि अंतिम फैसला चांद दिखने के बाद ही लिया जाता है।
ईद-उल-फितर 2026 कब होगी?
रमजान खत्म होने के बाद ईद-उल-फितर मनाई जाती है।
- अनुमानित तारीख: 20 या 21 मार्च 2026
- अगर रमजान 29 दिन का रहा तो ईद 20 मार्च
- अगर 30 दिन का रहा तो ईद 21 मार्च
यह अनुमान चंद्रमा दिखने पर निर्भर करता है।
रमजान का धार्मिक और सामाजिक महत्व
रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है। इस दौरान मुसलमान:
- रोज़ा रखते हैं
- कुरान पढ़ते हैं
- नमाज़ बढ़ा देते हैं
- दान और मदद करते हैं
इस महीने को आत्म शुद्धि और आध्यात्मिक सुधार का समय माना जाता है।
रोज़ा क्या होता है और इसका उद्देश्य क्या है?
रोज़ा रखने का मतलब सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं होता। इसका मकसद होता है:
- आत्म नियंत्रण बढ़ाना
- जरूरतमंद लोगों की तकलीफ समझना
- आध्यात्मिक जुड़ाव मजबूत करना
रमजान के दौरान सुबह सहरी और शाम इफ्तार का खास महत्व होता है।
आखिरी 10 दिन क्यों खास होते हैं?
रमजान के आखिरी 10 दिन बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि इन्हीं दिनों में लैलतुल कद्र आने की मान्यता होती है।
यह रात इस्लाम में सबसे पवित्र रातों में से एक मानी जाती है, जिसमें इबादत का बहुत बड़ा महत्व होता है।
ज़कात और दान की परंपरा
रमजान में चैरिटी का महत्व बहुत ज्यादा होता है।
हाल ही में कुछ देशों में रमजान से पहले ज़कात और चैरिटी की दरें भी घोषित की गई हैं ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंच सके।
दान के मुख्य प्रकार:
- ज़कात
- सदक़ा
- ज़कात-उल-फितर
दुनिया भर में रमजान की तैयारियां
कई देशों में रमजान के दौरान काम और स्कूल टाइमिंग बदली जाती है ताकि लोग धार्मिक गतिविधियों पर ध्यान दे सकें।
कुछ जगहों पर स्कूल शेड्यूल में बदलाव और छुट्टियां भी घोषित की गई हैं ताकि परिवार और बच्चे धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकें।
रमजान हर साल अलग तारीख पर क्यों आता है?
इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है।
- इस्लामिक साल: लगभग 354 दिन
- अंग्रेजी कैलेंडर साल: 365 दिन
इस वजह से रमजान हर साल लगभग 10–11 दिन पहले आ जाता है।
2026 का “विंटर रमजान” क्यों खास है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 का रमजान ठंडे मौसम के आसपास पड़ रहा है, जिसे कई जगह “विंटर रमजान” कहा जा रहा है।
इसका मतलब:
- कुछ देशों में रोज़े के घंटे कम हो सकते हैं
- मौसम के कारण रोज़ा रखना आसान लग सकता है
रमजान के बाद ईद का जश्न
ईद-उल-फितर रमजान के बाद आने वाला सबसे बड़ा त्योहार होता है।
ईद के दिन:
- खास नमाज़
- परिवार मिलन
- ईदी देना
- दान करना
यह त्योहार भाईचारे और खुशी का प्रतीक माना जाता है।
रमजान 2026 – मुख्य तथ्य
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| संभावित शुरुआत | 18–19 फरवरी 2026 |
| भारत में शुरुआत | लगभग 19 फरवरी 2026 |
| संभावित अवधि | 29–30 दिन |
| ईद-उल-फितर | 20–21 मार्च 2026 |
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
खगोलीय विशेषज्ञों के अनुसार चांद 17 फरवरी के आसपास बन सकता है लेकिन उस दिन दिखना मुश्किल हो सकता है, इसलिए 19 फरवरी से रोज़े शुरू होने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।
निष्कर्ष
रमजान 2026 सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान का महीना नहीं बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक सुधार का समय है। यह महीना इंसान को संयम, सहनशीलता और मदद की भावना सिखाता है।
दुनिया भर में लोग इस पवित्र महीने का इंतजार करते हैं क्योंकि यह आत्म सुधार और समाज सेवा का मौका देता है।
FOR MORE VISIT JANMANCHTV
Tech
कैब इंडस्ट्री में बड़ा धमाका : 5 फरवरी से शुरू हुई ‘Bharat Taxi App’, ओला-उबर को देगी टक्कर!

Bharat Taxi App : कैब इंडस्ट्री में बड़ी क्रांति, अब न सर्ज प्राइसिंग का डर और न कमीशन का बोझ
भारतीय परिवहन (Transportation) के इतिहास में 5 फरवरी 2026 की तारीख एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर ‘भारत टैक्सी ऐप’ (Bharat Taxi App) का आधिकारिक आगाज़ हो चुका है। यह महज एक और कैब बुकिंग ऐप नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा ‘गेम चेंजर’ मॉडल है जो ओला और उबर जैसी दिग्गज कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने और ड्राइवर्स व यात्रियों के हितों की रक्षा करने के लिए मैदान में उतरा है।
सरकार के समर्थन और सहकारी (Cooperative) भावना के साथ शुरू हुई यह सेवा फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में अपनी दस्तक दे चुकी है, जिसे जल्द ही मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे महानगरों में चरणों में विस्तारित किया जाएगा।
क्यों चर्चा में है भारत टैक्सी ऐप? (Unique Value Proposition)
भारत में अब तक कैब एग्रीगेटर्स का जो मॉडल रहा है, उसमें अक्सर दो शिकायतें सबसे प्रमुख रही हैं: पहली, यात्रियों से वसूला जाने वाला बेतहाशा ‘सर्ज प्राइस’ (Surge Pricing) और दूसरी, ड्राइवर्स से लिया जाने वाला भारी-भरकम कमीशन (जो अक्सर 25% से 30% तक होता है)। भारत टैक्सी ऐप ने इन दोनों ही समस्याओं की जड़ पर प्रहार किया है।
ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल: अब ड्राइवर ही बनेंगे मालिक
इस ऐप की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी खूबी इसका ‘ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल’ है। पारंपरिक प्लेटफॉर्म्स पर ड्राइवर केवल एक ‘पार्टनर’ के रूप में काम करते हैं, लेकिन भारत टैक्सी में वे प्लेटफॉर्म के सह-मालिक (Co-owners) होंगे।
- ज़ीरो कमीशन: भारत टैक्सी अपने ड्राइवर्स से किसी भी ट्रिप पर कोई कमीशन नहीं लेगा। यानी यात्री जो भुगतान करेगा, उसका पूरा हिस्सा सीधे ड्राइवर की जेब में जाएगा।
- शेयरहोल्डिंग: इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले प्रत्येक ड्राइवर को सहकारी संस्था के 5 शेयर दिए जाएंगे। इससे ड्राइवर्स का संगठन के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा और वे खुद को एक कर्मचारी के बजाय एक उद्यमी महसूस करेंगे।
- न्यूनतम मेंबरशिप फीस: कमीशन के बजाय, ड्राइवर्स को केवल एक मामूली मेंबरशिप फीस देनी होगी। इसे अपनी सुविधा के अनुसार दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर चुकाया जा सकता है।
यात्रियों के लिए क्या है खास? (Passenger Benefits)
एक आम यात्री हमेशा दो चीजें चाहता है: सस्ता सफर और पारदर्शिता। भारत टैक्सी इन दोनों पैमानों पर खरी उतरती दिख रही है।
किराए में 30% तक की बचत
कंपनी का दावा है कि भारत टैक्सी का किराया मौजूदा मार्केट रेट्स से लगभग 20 से 30 फीसदी तक कम होगा। चूंकि कंपनी बीच में अपना कमीशन नहीं रख रही है, इसलिए उस बचत का सीधा लाभ यात्रियों को सस्ते किराए के रूप में दिया जा रहा है।
सर्ज प्राइसिंग का खात्मा
अक्सर देखा जाता है कि बारिश होने पर या ऑफिस ऑवर्स के दौरान कैब का किराया अचानक दोगुना या तिगुना हो जाता है। भारत टैक्सी ने स्पष्ट किया है कि उनके प्लेटफॉर्म पर ‘नो सर्ज प्राइसिंग’ नीति लागू होगी। मौसम खराब हो या ट्रैफिक जाम, यात्री को वही किराया देना होगा जो बुकिंग के समय स्क्रीन पर दिखेगा।
विविध विकल्प
भारत टैक्सी ऐप केवल कारों तक सीमित नहीं है। इसमें यात्रियों को उनकी ज़रूरत और बजट के हिसाब से तीन प्रमुख विकल्प मिलेंगे:
- बाइक (Bike Taxi) – कम दूरी और ट्रैफिक से बचने के लिए।
- ऑटो (Auto Rickshaw) – किफायती और आसान सफर के लिए।
- कार (Cabs/Taxis) – कंफर्टेबल लंबी दूरी की यात्रा के लिए।
ड्राइवर्स की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा (Social Security)
भारत टैक्सी केवल बिजनेस पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि यह अपने ड्राइवर्स (जिन्हें ‘सारथी’ कहा जा सकता है) के कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्लेटफॉर्म ने लॉन्च के साथ ही निम्नलिखित लाभों की घोषणा की है:
- दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance): ड्यूटी के दौरान किसी भी अनहोनी की स्थिति में ड्राइवर को 5 लाख रुपये का कवर दिया जाएगा।
- स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance): ड्राइवर और उसके परिवार की सेहत का ख्याल रखते हुए 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा भी प्रदान किया जाएगा।
- पारदर्शी भुगतान: भुगतान प्रक्रिया को इतना सरल बनाया गया है कि ड्राइवर्स को उनके पैसे के लिए हफ्तों इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
आंकड़ों में भारत टैक्सी का दबदबा
लॉन्चिंग के समय ही भारत टैक्सी ने जो आंकड़े पेश किए हैं, वे चौंकाने वाले और उत्साहजनक हैं। यह दिखाता है कि मार्केट में इस तरह के विकल्प की कितनी सख्त ज़रूरत थी।
| विवरण | आंकड़े |
| लॉन्च की तारीख | 5 फरवरी 2026 |
| प्रारंभिक शहर | दिल्ली-एनसीआर |
| पंजीकृत ड्राइवर्स | 3 लाख से ज्यादा |
| शुरुआती यूजर्स | 1 लाख से ज्यादा |
| संभावित बचत | 30% तक (यात्रियों के लिए) |
| कमीशन दर | 0% (शून्य) |
कैब इंडस्ट्री पर क्या होगा असर?
भारत टैक्सी का आना भारतीय गिग इकोनॉमी (Gig Economy) के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इससे बड़ी विदेशी कंपनियों को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।
- प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी: जब ग्राहकों को सस्ता और ड्राइवर्स को बेहतर विकल्प मिलेगा, तो अन्य कंपनियां भी अपनी दरों और कमीशन स्ट्रक्चर में बदलाव करने पर मजबूर होंगी।
- ड्राइवर संतुष्टि: अगर ड्राइवर्स को बेहतर कमाई और सम्मान मिलता है, तो कैब कैंसिलेशन (Cancellation) जैसी समस्याएं कम होंगी, जिससे यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: सहकारी मॉडल होने के कारण, पैसा विदेशी कंपनियों के खातों में जाने के बजाय देश के भीतर और सीधे काम करने वाले लोगों के पास रहेगा।
निष्कर्ष: एक नई उम्मीद का उदय
भारत टैक्सी ऐप का उद्देश्य केवल एक कमर्शियल ऐप बनना नहीं, बल्कि एक समावेशी (Inclusive) पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। जहां तकनीक का इस्तेमाल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि सेवा और सशक्तिकरण के लिए किया जा रहा है। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो यह आने वाले समय में न केवल परिवहन, बल्कि अन्य डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के लिए भी एक मानक (Benchmark) बन जाएगा।
यदि आप भी दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और महंगे किराए व सर्ज प्राइसिंग से परेशान हैं, तो ‘भारत टैक्सी ऐप’ को आज़माना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। यह न केवल आपकी जेब पर बोझ कम करेगा, बल्कि देश के लाखों ड्राइवर्स को एक सम्मानजनक जीवन जीने में मदद भी करेगा।
Trending
रोज डे से हुई वेलेनटाइन वीक की शुरूआत, गुलाब से प्रेमी जोड़े कर रहे प्यार का इजहार, देखें पूरे valentine week की लिस्ट

7 feb 2026 valentine week : आज से रोज डे के साथ ही वैलेनटाइन वीक की शुरूआत हो गई है। बाजारों में खासी चहल-पहल देखने को मिल रही है। खासकर फूलों की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बता दें कि सात फरवरी यानी आज Rose Day मनाया जाता है।
Table of Contents
Rose Day से हुई वेलेनटाइन वीक की शुरूआत
फरवरी का महीना प्रेमी जोड़ों का लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि ये वही महीना है जिसमें वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। आज यानी सात फरवरी से यानी Rose Day के साथ वैलेंटाइन वीक की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। प्रेमी जोड़े एक दूसरे को गुलाब देकर अपने प्यार का इजहार कर रहे हैं।

गुलाब देकर लोग कर रहे हैं प्यार का इजहार
आज सुबह से ही फूलों की दुकानों में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में नौजवान गुलाब खरीद रहे हैं। सबसे ज्यादा लाल गुलाब की डिमांड देखने को मिल रही है। फूल बाजारों में आज गुलाब की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। यंग कपल्स के साथ ही शादीशुदा कपल्प भी अपने प्रिय के लिए फूल खरीदते हुए नजर आ रहे हैं और एक दूसरे को गुलाब का फूल देकर Happy rose day विश कर रहे हैं।

ये रही पूरे valentine week 2026 की लिस्ट
हर साल 14 फरवरी को वैलेनटाइन डे (Valentine Day) मनाया जाता है। इस प्यार के हफ्ते की शुरूआत सात फरवरी से होती है जो कि 14 फरवरी को खत्म होता है।
- Rose Day – 7 फरवरी 2026
- Propose Day – 8 फरवरी 2026
- Chocolate Day – 9 फरवरी 2026
- Teddy Day – 10 फरवरी 2026
- Promise Day – 11 फरवरी 2026
- Hug Day – 12 फरवरी 2026
- Kiss Day – 13 फरवरी 2026
- Valentine’s Day – 14 फरवरी 2026

FAQs: Valentine Week 2026
Q1. Valentine Week 2026 की शुरुआत किस दिन से होती है?
Valentine Week 2026 की शुरुआत 7 फरवरी को Rose Day से होती है।
Q2. Rose Day 2026 कब मनाया जाएगा?
Rose Day – 7 फरवरी 2026
Q3. Propose Day 2026 किस तारीख को है?
Propose Day – 8 फरवरी 2026
Q4. Chocolate Day 2026 कब मनाया जाएगा?
Chocolate Day – 9 फरवरी 2026
Q5. Teddy Day 2026 किस दिन मनाया जाएगा?
Teddy Day – 10 फरवरी 2026
Q6. Promise Day 2026 कब है?
Promise Day – 11 फरवरी 2026
Q7. Hug Day 2026 किस तारीख को पड़ेगा?
Hug Day – 12 फरवरी 2026
Q8. Kiss Day 2026 कब मनाया जाएगा?
Kiss Day – 13 फरवरी 2026
Q9. Valentine’s Day 2026 किस दिन है?
Valentine’s Day – 14 फरवरी 2026
Cricket13 hours agoSA-W vs PAK-W Dream11 Prediction: मैच प्रीव्यू, पिच रिपोर्ट और फैंटेसी क्रिकेट टिप्स…
Cricket15 hours agoPAK vs USA Dream11 Prediction: क्या पाकिस्तान करेगा दमदार वापसी या USA फिर करेगा उलटफेर?
Accident15 hours agoRoorkee: तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला, हालत गंभीर, चालक हिरासत में
Champawat15 hours agoचंपावत में छुट्टी पर आए जवान का निधन, परिजनों में कोहराम, आज शारदा घाट होगा अंतिम संस्कार
big news13 hours agoBJP विधायक दुर्गेश्वर लाल के बयान से मचा सियासी घमासान, पूर्व MLA को कह दिया मंत्री का चपरासी, देखें वीडियो
Rudraprayag11 hours agoRudraprayag: रामपुर न्याल्सू गाँव में पहाड़ी से गिरी महिला, हादसे में गंवाई जान
Accident13 hours agoVikasnagar Accident: चिट्टाड से सवारी लेकर आ रहा वाहन हादसे का शिकार, एक की मौत 7 घायल
Haridwar10 hours agoमहाशिवरात्रि से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग निरीक्षण अभियान तेज, कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी






































