Haridwar
तीर्थयात्रियों ने हरिद्वार सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में डाला डेरा, यात्रा पंजीकरण रद्द होने से है आक्रोशित..बोले बिना यात्रा किए नही लौटेंगे वापस।

हरिद्वार – यात्रा पंजीकरण रद्द होने से आक्रोशित यात्रियों ने हरिद्वार सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में ही डेरा डाल दिया है। यात्री वापस जाने को तैयार नहीं है। 300 से ज्यादा यात्री यहां फंसे हैं। जो इस बार अड़े हैं कि वह बिना यात्रा पूरी किए नहीं लौटेंगे।

चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर 31 मई तक रोक रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को समीक्षा बैठक में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन स्थगित रखने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि चारों धामों में निर्धारित संख्या के हिसाब से ही श्रद्धालुओं को भेजा जाए।
जो श्रद्धालु बिना रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें राज्य के अन्य धार्मिक, पौराणिक और पर्यटक स्थलों पर जाने के लिए प्रेरित करने का सुझाव दिया। उन्हें साफ कर दिया जाए कि चारों धामों में निर्धारित संख्या व तय मानकों के अनुसार ही दर्शन के लिए भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर और आईजी को इसका डायवर्जन प्लान बनाने के निर्देश दिए है। चारधाम यात्रा के लिए भीड़ प्रबंधन का विशेष ध्यान रखे जाने के साथ यह सुनिश्चित किया जाए कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की जो संख्या निर्धारित की गई है उसके अनुसार ही श्रद्धालुओं को भेजा जाए।
मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटरों के लिए भी एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टूर ऑपरेटर्स को ताकीद करें कि वे पर्यटन विभाग से समन्वय बनाकर ही श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा के लिए लाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में चारधाम यात्रा के प्रबंधन एवं व्यवस्थाओं जो कमियां और दिक्कतें सामने आई हैं उनका विश्लेषण किया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि वे 10 दिन के विश्लेषण के साथ ही दिक्कतों के समाधान की रिपोर्ट दें। रिपोर्ट में यात्रा प्रबंधन के दौरान किए गए सराहनीय कार्यों का भी जिक्र हो।
सीएम ने कहा कि केदारनाथ और यमुनोत्री में शासन और पुलिस के जिन अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी दी गई है वे निरंतर फील्ड में रहें और व्यवस्थाओं में जिलाधिकारी और पुलिस का सहयोग करें। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त चिकित्सकों और दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखें। उन्होंने ताकीद किया कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें।
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हरिद्वार में रिश्वत लेते महिला ASI गिरफ्तार, टीम ने 10 हजार लेते हुए पकड़ा

Haridwar News : हरिद्वार में विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोरी के आरोप में रानीपुर कोतवाली में तैनात एक महिला सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को गिरफ्तार किया है।
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हरिद्वार में रिश्वत लेते महिला ASI गिरफ्तार
हरिद्वार में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। टीम ने महिला एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दूसरे पक्ष के साथ चल रहे लेनदेन के विवाद को सुलझाने और समझौता कराने के बदले शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थी। विजिलेंस ने शनिवार, 10 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए महिला एएसआई को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
विजिलेंस की टीम ने 10 हजार लेते हुए पकड़ा
विजिलेंस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1064 पर संपर्क किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रानीपुर कोतवाली में तैनात महिला एएसआई मामले का निपटारा कराने के बदले उससे 10 हजार रुपये मांग रही है। शिकायतकर्ता का दूसरे पक्ष के साथ लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।
विजिलेंस की टीम ने शिकायत के बाद की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देश पर ट्रैप टीम गठित की गई। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई की योजना बनाई गई।
शनिवार को विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को महिला एएसआई के बताए पते पर हरिद्वार बुलाया गया। आरोप है कि जैसे ही महिला एएसआई ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लिए, विजिलेंस की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
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हरिद्वार के लालढांग में हाथी का जानलेवा हमला, घास काटने गए किसान की मौत

Haridwar News : हरिद्वार के लालढांग में जंगली हाथी के हमले में घास काटने गए 52 वर्षीय किसान की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
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हरिद्वार के लालढांग में हाथी का जानलेवा हमला
हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक किसान की जान चली गई। सजनपुर गांव निवासी 52 वर्षीय सतपाल खेत में घास काटने गए थे, तभी जंगल से निकले हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
घास काटते समय हाथी ने किया हमला
जानकारी के मुताबिक, सतपाल कुंडी कोटेश्वर मंदिर के सामने खेत में घास काट रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने किसान को सूंड से उठाकर जमीन पर पटकने की कोशिश की और उनके सिर को पैर से कुचल दिया। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद हाथी जंगल की ओर चला गया।

किसान की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने की कार्रवाई की। गंभीर रूप से घायल सतपाल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। किसान की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
वहीं, श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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लक्सर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, कुट्टू के आटे और सेंधा नमक के सैंपल जांच को भेजे

Haridwar News : त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब सामग्री की बिक्री रोकने के लिए लक्सर में अभियान चलाया। विभाग की टीम ने नगर के अलग-अलग इलाकों में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों, गोदामों और दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुट्टू के आटे के दो और सेंधा नमक का एक नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
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लक्सर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इसके बाद दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस और दीपावली समेत कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। ऐसे समय में खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है, जिसके चलते मिलावटी या एक्सपायरी सामान की बिक्री की आशंका भी रहती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने लक्सर में औचक निरीक्षण किया।
कई दुकानों और गोदामों की हुई जांच
खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पांडे और हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के तहत तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
अभियान के दौरान गोवर्धनपुर रोड, रुड़की तिराहा, सोसायटी रोड, पुरकाजी रोड और बसेड़ी रोड पर स्थित आटा सप्लायरों, थोक विक्रेताओं और प्रोविजन स्टोरों की जांच की गई। टीम ने दुकानों और गोदामों में रखी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्थिति का निरीक्षण किया।

कुट्टू के आटे और सेंधा नमक के सैंपल जांच को भेजे
नवरात्रि के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुट्टू के आटे को लेकर भी विशेष जांच की गई। टीम ने कुट्टू के आटे के दो नमूने और सेंधा नमक का एक सैंपल लिया, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और फंगस लगा आटा मिला
छापेमारी के दौरान दो प्रतिष्ठानों पर गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। बसेड़ी रोड स्थित एक खाद्य प्रतिष्ठान में कोल्ड ड्रिंक की 55 बोतलें एक्सपायरी डेट की मिलीं। विभागीय टीम ने इन बोतलों को मौके पर ही हटवाकर नष्ट करा दिया।
वहीं, गोवर्धनपुर रोड स्थित एक प्रोविजन स्टोर में मल्टीग्रेन आटे की स्थिति खराब मिली। जांच के दौरान आटे में फंगस और कीड़े पाए गए। विभाग ने इस आटे को भी मौके पर ही नष्ट करा दिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, दोनों मामलों में संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालय में मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।







































