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रामनगर: गौजानी में कब्रिस्तान को लेकर विवाद, शव दफनाने से पहले हंगामा, प्रशासन मौके पर तैनात…

रामनगर : नैनीताल जिले के रामनगर के गौजानी क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब एक विशेष समुदाय के लोगों ने अपने मृत परिजन को दफनाने के लिए जमीन की खुदाई शुरू की। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए दावा किया कि यह स्थल अधिकृत कब्रिस्तान की सीमा में नहीं आता। देखते ही देखते मामला गर्मा गया और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

गुरुवार को एक विशेष समुदाय के परिवार द्वारा मृतक को दफनाने की तैयारी की जा रही थी। जैसे ही खुदाई शुरू हुई, भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और कहा कि यह जमीन कब्रिस्तान की मान्य सीमा से करीब 200 मीटर बाहर है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और शव को वहीं दफनाने पर आपत्ति जताई।
भाजपा नेता मदन जोशी ने आरोप लगाया कि यह इलाका हिंदू बहुल है और वर्ष 1993 में हुए एक समझौते के अनुसार, विशेष समुदाय के लोगों को तय स्थान पर ही शव दफनाने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि मृतक के परिजन विवाद नहीं चाहते थे, लेकिन वक्फ बोर्ड की कमेटी के कुछ सदस्यों ने उन पर दबाव बनाकर विवादित स्थल पर दफनाने की कोशिश की।

भाजपा नेता मदन जोशी – अगर शव यहां दफन होता तो माहौल और बिगड़ सकता था। हमने समय रहते विरोध दर्ज कराया और प्रशासन को जानकारी दी
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत की और समझाने का प्रयास किया कि बिना अनुमति किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
एसडीएम प्रमोद कुमार – स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दोनों पक्षों से संवाद कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
यह विवाद केवल एक शव को दफनाने या ज़मीन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी एक चुनौती बनकर उभरा है। प्रशासन के सामने अब यह जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कर स्थिति को संतुलित रखे और दोनों समुदायों के बीच भरोसे को फिर से बहाल करे।
भाजपा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जमीन की स्थिति का सीमांकन कराने की मांग की है। जब तक सीमांकन और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने विवादित जमीन पर कब्रिस्तान बनाए जाने का विरोध करने का ऐलान किया है।
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नैनीताल में DFO ऑफिस में लगी आग, कई फाइलें और दस्तावेज जलकर खाक

Nainital News : नैनीताल में डीएफओ कार्यालय में सुबह अचानक आग लगने से वन विभाग में अफरा-तफरी मच गई। कार्यालय से धुआं निकलता देख सफाई कर्मचारी ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
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नैनीताल में DFO ऑफिस में लगी आग
आग की चपेट में आने से कार्यालय में रखा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड प्रभावित हुआ है। शुरुआती जानकारी के अनुसार अकाउंट, भूमि हस्तांतरण और स्टैब्लिशमेंट से संबंधित कई फाइलें और दस्तावेज जल गए हैं। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया है।
कई फाइलें और दस्तावेज जलकर खाक
डीएफओ आकाश गंगवार के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग की वास्तविक वजह और इससे हुए नुकसान की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।

फिलहाल विभाग ये पता लगाने में जुटा है कि आग कार्यालय के किस हिस्से से शुरू हुई और रिकॉर्ड का कितना हिस्सा इससे प्रभावित हुआ है। कौन-सी फाइलें पूरी तरह जल गईं और कौन-से दस्तावेज आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
नुकसान का किया जा रहा है आकलन
वन विभाग के मुताबिक राहत की बात यह है कि प्रभावित रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा नैनीताल और देहरादून स्थित विभागीय कार्यालयों में ऑनलाइन उपलब्ध है। ऐसे में जरूरी दस्तावेजों और सूचनाओं को दोबारा प्राप्त करने में विभाग को मदद मिल सकती है।
फिलहाल दमकल विभाग और वन विभाग की ओर से घटना से जुड़े तथ्यों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह और रिकॉर्ड को हुए नुकसान की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
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रामनगर छात्रसंघ चुनाव में बड़ा ट्विस्ट, अध्यक्ष पद की फिर होगी वोटों की गिनती

Ramnagar News : रामनगर के पीएनजी डिग्री कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के नतीजे पर अब एक बार फिर तस्वीर साफ होगी। चुनाव परिणाम को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अध्यक्ष पद के मतपत्रों की दोबारा गिनती के आदेश दिए हैं।
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रामनगर छात्रसंघ चुनाव अध्यक्ष पद के वोटों की होगी रिकाउंटिंग
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रामनगर के पीएनजी डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम को लेकर अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने अध्यक्ष पद के मतपत्रों की दोबारा गिनती कराने के निर्देश दिए हैं। यह रिकाउंटिंग छात्रसंघ चुनाव के दौरान गठित शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की निगरानी में होगी।
हाईकोर्ट ने दिए रिकाउंटिंग के निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया है कि मतगणना अध्यक्ष पद के सभी संबंधित प्रत्याशियों की मौजूदगी में कराई जाए। साथ ही चुनाव से जुड़े मतपत्रों और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने की।
दरअसल, रामनगर डिग्री कॉलेज में NSUI की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सूरज रावत ने हाईकोर्ट का रुख किया था। याचिका में उन्होंने दावा किया कि 29 सितंबर को मतदान के बाद हुई मतगणना के दौरान उनके पक्ष में पड़े कुछ मतों को अमान्य कर दिया गया था।

सूरज रावत ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
सूरज रावत के मुताबिक, उन्होंने मतों को अवैध घोषित किए जाने पर उसी समय चुनाव के लिए बनाए गए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के सामने आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि, उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। चुनाव परिणाम में निर्दलीय प्रत्याशी नीरज कंडारी को विजेता घोषित किया गया था। उन्हें कुल 738 वोट मिले थे, जबकि सूरज रावत के खाते में 733 मत आए।
इस तरह दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर महज पांच वोट का रहा। वहीं ABVP प्रत्याशी विशाखा चौहान को 383 वोट मिले थे। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अध्यक्ष पद के मतपत्रों की दोबारा गिनती कराने का आदेश दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद अब रिकाउंटिंग के नतीजे पर सभी की नजरें रहेंगी।
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हाईकोर्ट में बड़ा बदलाव, जस्टिस मनोज कुमार तिवारी होंगे नए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

Nainital News : भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में प्रशासनिक बदलाव से जुड़ी अधिसूचना जारी की है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी को उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जस्टिस मनोज कुमार तिवारी होंगे नए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जस्टिस मनोज कुमार तिवारी 9 अक्टूबर 2026 से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। ये बदलाव मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता के कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रभावी होगा। जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता 8 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
अधिसूचना की जा चुकी है जारी
इस संबंध में 6 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। नई व्यवस्था के तहत जस्टिस मनोज कुमार तिवारी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जुड़े न्यायिक और प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

वरिष्ठ न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस मनोज दे चुके हैं सेवाएं
जस्टिस मनोज कुमार तिवारी उत्तराखंड हाईकोर्ट में वरिष्ठ न्यायाधीश के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी नियुक्ति से मुख्य न्यायाधीश के पद पर होने वाले बदलाव के बीच हाईकोर्ट के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
वहीं, उत्तराखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत जस्टिस सुभाष उपाध्याय को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कॉलेजियम से मंजूरी मिलने के बाद उनके स्थायी न्यायाधीश बनने की औपचारिक प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी। इसे उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायिक प्रशासन से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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