Ramnagar
कॉर्बेट ढेला रेस्क्यू सेंटर की बढ़ी क्षमता, वन मंत्री ने 10 नए बाड़ों और अत्याधुनिक लैब का किया लोकार्पण

Ramnagar News : नैनीताल जिले के रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में आज प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने 10 नए बाड़ों का उद्घाटन किया। इस विस्तार के साथ रेस्क्यू सेंटर में बाड़ों की संख्या 20 से बढ़कर 30 हो गई है।
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कॉर्बेट ढेला रेस्क्यू सेंटर में बढ़ी क्षमता
रामनगर के कॉर्बेट ढेला रेस्क्यू सेंटर की क्षमता बढ़ गई है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने 10 नए बाड़ों का उद्घाटन किया है। जिस से यहां बाड़ों की संख्या 30 हो गई है। अब यहां रखे जाने वाले बाघ और गुलदारों के लिए बेहतर और सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद
वन मंत्री ने बताया कि वर्तमान में रेस्क्यू सेंटर में 13 लेपर्ड और 12 टाइगर मौजूद हैं,कुल 25 वन्यजीवों को यहां रखा गया है और नए बाड़ों के बनने से उनकी देखभाल और प्रबंधन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पहले सीमित स्थान के कारण वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष की आशंका बनी रहती थी। लेकिन अब पर्याप्त जगह मिलने से उन्हें अलग-अलग और अनुकूल वातावरण में रखा जा सकेगा। इससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
वन मंत्री ने अत्याधुनिक लैब का किया लोकार्पण
वन मंत्री ने वन्यजीवों के सैंपल परीक्षण और आधुनिक उपकरणों के उपयोग के लिए एक अत्याधुनिक लैब का भी शुभारंभ किया, इस लैब के माध्यम से रेस्क्यू सेंटर में मौजूद वन्यजीवों की स्वास्थ्य जांच और अन्य आवश्यक परीक्षण अब स्थानीय स्तर पर ही किए जा सकेंगे, जिससे उपचार और निगरानी की प्रक्रिया और तेज व प्रभावी होगी।
वनाअग्नि की घटनाओं पर जन सहभागिता बढ़ाने पर फोकस वनाअग्नि की घटनाओं को लेकर सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले चार वर्षों में जन सहभागिता बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग को भी वन अग्नि नियंत्रण अभियान से जोड़ा गया है। जिन क्षेत्रों में आग की घटनाएं अधिक होती हैं, वहां ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट कमेटियों का गठन कर प्रत्येक समिति को 30 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को आधुनिक उपकरणों जैसे फायर प्रूफ जैकेट, बूट, ब्रश कटर और वुड कटर से लैस किया गया है,साथ ही आग बुझाने में सहयोग करने वाले कर्मचारियों, समूहों और आम नागरिकों को प्रोत्साहित करने की योजना भी शुरू की गई है। नई तकनीक और त्वरित रिस्पांस टीम के कारण वन अग्नि की घटनाओं में कमी आई है और पिछले चार वर्षों में लगभग 19 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।
Ramnagar
गर्जिया देवी मंदिर अस्थायी रूप से बंद, 13 फरवरी तक श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक, ये है वजह

Ramnagar News : प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में इस समय सुरक्षात्मक और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है,श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में प्रवेश को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है।
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गर्जिया देवी मंदिर अस्थायी रूप से किया गया बंद
रामनगर के गर्जिया मंदिर में बीते साल टीले पर बड़ी-बड़ी दरारें देखने को मिली थी। जिसके बाद इसका ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया गया था। इसी क्रम में सुरक्षात्मक और निर्माण कार्यों के चलते एक बार फिर गर्जिया देवी मंदिर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए रामनगर के उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि रामनगर सिंचाई खंड द्वारा गर्जिया देवी मंदिर के टीले पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
मंदिर के नीचे स्थित चबूतरा पहुंचा काफी जर्जर अवस्था
उप जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर के नीचे स्थित चबूतरा काफी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इसी कारण वर्तमान में वहां मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, तो उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी हो सकती है। इस संभावित खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग के अभियंता द्वारा प्रशासन से वार्ता की गई और लिखित रूप से भी आग्रह किया गया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने तक श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में जाने से रोका जाए।

13 फरवरी तक श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक
प्रमोद कुमार ने बताया कि इस संबंध में मंदिर समिति और मंदिर के पुजारियों को दूरभाष के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा लिखित आदेश भी जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से कल से गर्जिया देवी मंदिर को 13 फरवरी तक पूर्ण रूप से बंद रखा जाएगा।
इसके बाद निर्माण कार्य की प्रगति और मंदिर परिसर की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाएगा। यदि उस समय तक कार्य पूरा होकर परिसर सुरक्षित पाया जाता है, तो श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को पुनः खोल दिया जाएगा। अन्यथा प्रतिबंध की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उप जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील
उप जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन और मंदिर समिति का सहयोग करें। अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए दिए गए निर्देशों का पालन करें। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है।
मंदिर पुजारियों के माध्यम से ये व्यवस्था की जा रही है कि मंदिर के डोले को नीचे पूल पार पैतृक मंदिर में स्थापित किया जाएगा और वहां एक पत्रक रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु टीले पर चढ़े बिना ही नीचे से दर्शन कर सकें। प्रशासन का कहना है कि ये निर्णय पूरी तरह से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर परिसर को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
Ramnagar
रामनगर में विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, 3 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार

Ramnagar News : रामनगर में विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में रामनगर कोतवाली पुलिस ने करीब तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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रामनगर में विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी
रामनगर में विदेश भेजने के नाम पर एक शख्स से लाखों की ठगी को अंजाम देने वाले शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई की है। मिली जानकारी के मुताबिक मामला तीन साल पुराना है।
रामनगर कोतवाली क्षेत्र में मोहल्ला खताड़ी निवासी हैदर अली ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसके ही क्षेत्र में रहने वाले अयूब अंसारी और उत्तर प्रदेश के ठाकुरद्वारा निवासी अतिकुर रहमान और वर्क अंसारी ने उसे विदेश भेजने का झांसा देकर धोखाधड़ी की।
1 लाख 33 हजार रुपये की ठगी को दिया था अंजाम
आरोप है कि तीनों ने मिलकर उससे कुल 1 लाख 33 हजार रुपए की ठगी की। कोर्ट के आदेश पर रामनगर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पहले ही आरोपी अयूब अंसारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया था। जबकि अतिकुर रहमान घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
3 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
आरोपी के लंबे समय से फरार रहने के कारण कोर्ट द्वारा आरोपी के खिलाफ वारंट भी जारी किया गया था। इसके बावजूद वो लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। रविवार को मुखबिर से सटीक सूचना मिली, जिसके आधार पर आरोपी अतिकुर रहमान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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रामनगर में खनन निकासी गेट पर 10 टायरा वाहनों का विरोध तेज, कठिया पुल गेट अनिश्चितकाल के लिए बंद

Ramnagar News : रामनगर क्षेत्र में कोसी और दाबका नदियों में खनन निकासी का कार्य शुरू होते ही विरोध तेज हो गया है। कोसी नदी के कठिया पुल स्थित खनन निकासी गेट पर 10 टायरा वाहनों के प्रवेश को लेकर ट्रांसपोर्टरों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को ट्रांसपोर्टरों ने कठिया पुल खनन निकासी गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।
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खनन निकासी गेट पर 10 टायरा वाहनों का विरोध तेज
रामनगर में कोसी नदी के कठिया पुल स्थित खनन निकासी गेट पर 10 टायरा वाहनों के प्रवेश को लेकर ट्रांसपोर्टरों का विरोध तेज हो गया है। आक्रोशित ट्रांसपोर्टरों ने खनन निकासी गेट पर तालाबंदी कर वन विभाग और वन निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि पूर्व वर्षों में इस गेट पर 10 टायरा वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था। लेकिन इस वर्ष अचानक इन वाहनों का पंजीकरण कर दिया गया है।

कठिया पुल गेट अनिश्चितकाल के लिए किया गया बंद
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि 10 टायरा वाहनों के पंजीकरण से 6 टायरा वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि अधिकारियों द्वारा पहले ये कहा गया था कि इस गेट पर केवल 20 प्रतिशत 10 टायरा वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। लेकिन वर्तमान में 50 प्रतिशत से अधिक 10 टायरा वाहन पंजीकृत हो चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से एक ओर जहां छोटे वाहन स्वामियों की आमदनी प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। ट्रांसपोर्टरों ने मांग की है कि कठिया पुल खनन निकासी गेट पर तत्काल प्रभाव से 10 टायरा वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। मांग पूरी न होने तक गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने की चेतावनी भी दी गई है।

गेट के निरीक्षण के लिए पहुंचे एसडीएम
सोमवार को गेट का निरीक्षण करने के लिए एसडीएम प्रमोद कुमार, वन विभाग की एसडीओ किरण शाह और वन निगम के डीएलएम ललित आर्य मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों को ट्रांसपोर्टरों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के वाहनों के सामने खड़े होकर नारेबाजी की। स्थिति को संभालते हुए एसडीएम प्रमोद कुमार ने ट्रांसपोर्टरों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ शीघ्र बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।
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