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RRB Exam Calendar 2026: रेलवे ने जारी किया साल भर का भर्ती शेड्यूल, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

RRB Exam Calendar 2026 : भारतीय रेल्वे ने जारी किया 2026 परीक्षा कार्यक्रम
रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। RRB Exam Calendar 2026 को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। इस वार्षिक कैलेंडर (Annual Calendar) के माध्यम से रेलवे ने ALP, NTPC, Group D और Junior Engineer (JE) जैसी प्रमुख भर्तियों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।
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RRB Exam Calendar 2026: भर्ती का पूरा शेड्यूल
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) अब हर साल नियमित रूप से वैकेंसी निकालने की नीति पर काम कर रहा है। वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम इस प्रकार है:
| तिमाही (Quarter) | पद का नाम (Posts) | नोटिफिकेशन (Draft CEN) |
| जनवरी – मार्च | ALP (Assistant Loco Pilot) | फरवरी 2026 |
| जनवरी – मार्च | Technicians (तकनीशियन) | मार्च 2026 |
| अप्रैल – जून | Section Controller | अप्रैल 2026 |
| जुलाई – सितंबर | Junior Engineer (JE/DMS/CMA) | जुलाई 2026 |
| जुलाई – सितंबर | NTPC (Graduate: Level 4, 5, 6) | अगस्त 2026 |
| जुलाई – सितंबर | Paramedical Categories | अगस्त 2026 |
| अक्टूबर – दिसंबर | NTPC (Undergraduate: Level 2, 3) | अक्टूबर 2026 |
| अक्टूबर – दिसंबर | Level 1 (Group D) | अक्टूबर 2026 |
| अक्टूबर – दिसंबर | Ministerial & Isolated Categories | अक्टूबर 2026 |
प्रमुख पदों के लिए विस्तृत जानकारी
1. RRB ALP (Assistant Loco Pilot) 2026
पात्रता (Eligibility): 10वीं पास + ITI या संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा/डिग्री
आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष (आरक्षित वर्गों के लिए छूट लागू)
वेतनमान: Level 2 (₹19,900 – ₹63,200)
चयन प्रक्रिया:
- CBT (Computer Based Test) – Stage 1
- CBT – Stage 2 (योग्य उम्मीदवारों के लिए)
- Computer Based Aptitude Test (CBAT)
- Document Verification
- Medical Examination
मुख्य विषय: गणित, सामान्य बुद्धि और तर्क, सामान्य विज्ञान, सामान्य जागरूकता
2. RRB NTPC (Non-Technical Popular Categories) 2026
Graduate Posts (Level 4, 5, 6):
- पात्रता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री
- आयु सीमा: 18 से 33 वर्ष
- वेतनमान: Level 6 (₹35,400 – ₹1,12,400)
- प्रमुख पद: Station Master, Commercial Apprentice, Traffic Assistant
Undergraduate Posts (Level 2, 3):
- पात्रता: 12वीं पास
- आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष
- वेतनमान: Level 2 (₹19,900 – ₹63,200)
- प्रमुख पद: Commercial cum Ticket Clerk, Accounts Clerk, Train Clerk
चयन प्रक्रिया:
- CBT Stage 1
- CBT Stage 2 (shortlisted candidates)
- Typing Skill Test (TST) / Computer Based Aptitude Test (CBAT) – जहां लागू हो
- Document Verification
- Medical Examination
3. RRB Group D (Level 1) 2026
पात्रता: 10वीं पास या ITI (कुछ विशेष पदों के लिए ITI अनिवार्य हो सकता है)
आयु सीमा: 18 से 33 वर्ष
वेतनमान: Level 1 (₹18,000 – ₹56,900)
प्रमुख पद: Track Maintainer, Helper, Assistant Pointsman, Level Crossing Gate Keeper
चयन प्रक्रिया:
- Computer Based Test (CBT)
- Physical Efficiency Test (PET)
- Document Verification
- Medical Examination
परीक्षा पैटर्न:
- कुल प्रश्न: 100
- समय: 90 मिनट
- अंक: 100 (प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक)
- नकारात्मक अंकन: 1/3 अंक प्रत्येक गलत उत्तर के लिए
4. RRB Junior Engineer (JE) 2026
पात्रता: इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या संबंधित स्ट्रीम में डिग्री
आयु सीमा: 18 से 33 वर्ष
वेतनमान: Level 6 (₹35,400 – ₹1,12,400)
प्रमुख विभाग: Civil, Mechanical, Electrical, Electronics, S&T
चयन प्रक्रिया:
- CBT Stage 1
- CBT Stage 2
- Document Verification
- Medical Examination
RRB Exam Calendar 2026 की मुख्य विशेषताएं
नियमित भर्ती प्रक्रिया
अब उम्मीदवारों को पंचवर्षीय योजना की तरह इंतजार नहीं करना होगा। हर साल रिक्तियों का आकलन (Vacancy Assessment) किया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि रेलवे में मानव संसाधन की कमी न हो और युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलते रहें।
नोडल RRB की नियुक्ति
परीक्षा को सुचारू रूप से चलाने के लिए अलग-अलग बोर्ड को जिम्मेदारी दी गई है। उदाहरण के लिए:
- RRB Chandigarh: Level 1 (Group D) का नोडल बोर्ड
- RRB Prayagraj (Allahabad): NTPC (Graduate) का नोडल बोर्ड
- RRB Secunderabad: ALP और Technician का नोडल बोर्ड
प्रमुख पदों के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
- RRB ALP 2026: 10वीं पास + ITI या संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा/डिग्री।
- RRB NTPC 2026: स्नातक (Graduate) पदों के लिए डिग्री अनिवार्य है, जबकि अंडर-ग्रेजुएट पदों के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है।
- RRB Group D (Level 1): 10वीं पास या ITI (कुछ विशेष पदों के लिए ITI अनिवार्य हो सकता है)।
- RRB JE 2026: इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या संबंधित स्ट्रीम में डिग्री।
RRB Exam Calendar 2026 की मुख्य विशेषताएं
- नियमित भर्ती: अब उम्मीदवारों को पंचवर्षीय योजना की तरह इंतजार नहीं करना होगा। हर साल रिक्तियों का आकलन (Vacancy Assessment) किया जाएगा।
- नोडल RRB की नियुक्ति: परीक्षा को सुचारू रूप से चलाने के लिए अलग-अलग बोर्ड को जिम्मेदारी दी गई है। उदाहरण के लिए, RRB Chandigarh को Level 1 (Group D) और RRB Prayagraj को NTPC (Graduate) का नोडल बोर्ड बनाया गया है।
- परीक्षा मोड: सभी प्रमुख परीक्षाएं Computer Based Test (CBT) मोड में आयोजित की जाएंगी।
तैयारी के लिए टिप्स (Preparation Strategy)
- Syllabus का विश्लेषण: सबसे पहले आधिकारिक सिलेबस को समझें। गणित (Maths), रीजनिंग (Reasoning), और सामान्य विज्ञान (General Science) पर विशेष ध्यान दें।
- Mock Tests: रेलवे की परीक्षाओं में समय प्रबंधन (Time Management) बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए नियमित रूप से ऑनलाइन मॉक टेस्ट दें।
- Previous Year Papers: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने से आपको प्रश्नों के स्तर का अंदाजा होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. RRB Group D 2026 की नोटिफिकेशन कब आएगी?
उत्तर: आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, Group D (Level 1) की भर्ती का प्रस्ताव अक्टूबर 2026 में जारी किया जाएगा।
Q2. क्या 2026 में भर्ती की संख्या बढ़ेगी?
उत्तर: रेलवे रिक्तियों का आकलन (Assessment) जून और सितंबर 2027 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर कर रहा है, जिससे बड़ी संख्या में भर्तियां आने की उम्मीद है।
Q3. कैलेंडर का PDF कहां से डाउनलोड करें?
https://indianrailways.gov.in/उत्तर: आप रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट indianrailways.gov.in या क्षेत्रीय RRB वेबसाइटों से आधिकारिक नोटिस डाउनलोड कर सकते हैं।
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NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल, सड़कों पर उतरकर किया विरोध

UGC-NET Exam : UGC-NET जून 2026 में अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर रद्द होने से विवाद बढ़ गया है। हजारों छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र समेत तीन विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई सवाल दोहराए गए, कुछ प्रश्नों में तथ्यात्मक खामियां थीं और कई जगह भाषा व व्याकरण से जुड़ी गलतियां भी देखने को मिलीं।
सड़कों पर उतरकर किया विरोध
पेपर रद्द होने के फैसले के बाद छात्र संगठनों नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग
छात्र संगठनों की मांग है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाए। दिल्ली के ओखला स्थित NTA कार्यालय के बाहर SFI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए NTA को समाप्त करने की मांग भी उठाई।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की स्थिति से उनके परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर आगे होने वाले PhD दाखिलों और अकादमिक करियर की प्रक्रिया पर भी पड़ने की आशंका है।
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Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त

Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी?
सनातन धर्म में सावण (श्रावण) का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है।इसी पावन माह में आने वाली नाग पंचमी (Nag Panchami) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।नाग पंचमी का पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव (Lord Shiva) के आभूषण स्वरूप नाग देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है।
वर्ष 2026 में नाग पंचमी की सही तारीख को लेकर पंचांग गणनाओं के कारण कुछ असमंजस की स्थिति बन रही है।इस लेख में हम नाग पंचमी 2026 की सटीक तिथि, प्रातःकालीन पूजा मुहूर्त, सम्पूर्ण पूजा विधि, पौराणिक महत्व और कालसर्प दोष से मुक्ति के प्रभावी उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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Nag Panchami 2026 Date: 16 या 17 अगस्त कब मनाई जाएगी नाग पंचमी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
वर्ष 2026 की पंचांग गणना के आधार पर इस प्रकार है:
| विवरण | तिथि एवं समय |
| पंचमी तिथि प्रारंभ | 16 अगस्त 2026 (रविवार), शाम 04:52 बजे से |
| पंचमी तिथि समाप्त | 17 अगस्त 2026 (सोमवार), शाम 05:00 बजे तक |
| उदया तिथि नाग पंचमी | 17 अगस्त 2026, सोमवार |
| विशेष योग | तीसरा सावन सोमवार व्रत + सिंह संक्रांति |
शास्त्रों में उदया तिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) को ही सर्वमान्य माना जाता है।चूंकि 17 अगस्त की सुबह सूर्योदय के समय पंचमी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए नाग पंचमी का व्रत और पूजन 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को ही किया जाएगा।
विशेष ध्यान दें: 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के दिन ही तीसरा सावन सोमवार भी पड़ रहा है।सावन सोमवार और नाग पंचमी का यह दुर्लभ संयोग शिव और नाग देव दोनों की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर प्रस्तुत करता है।(नोट: गुजरात में अमांत परंपरा के अनुसार नाग पंचमी 1 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी)।
Nag Panchami 2026 Shubh Muhurat (पूजा का शुभ मुहूर्त)
नाग पंचमी पर प्रातःकाल में नाग देवता का पूजन करना अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना गया है।
की ज्योतिषाचार्य गणना के अनुसार शुभ मुहूर्त समय:
- नाग पंचमी पूजा मुहूर्त:17 अगस्त 2026, सुबह 05:51 AM से सुबह 08:29 AM तक।
- कुल अवधि:लगभग 2 घंटे 38 मिनट।
नाग पंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व (Significance of Nag Panchami)
सनातन संस्कृति में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति आभार व्यक्त करने की समृद्ध परंपरा रही है। नाग पंचमी इसी परंपरा का प्रतीक है:
- भगवान शिव और वासुकि नाग:भगवान शिव अपने गले में नागराज वासुकि को आभूषण स्वरूप धारण करते हैं।
- भगवान विष्णु और शेषनाग:भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान रहते हैं।
- श्रीकृष्ण और कालिय दमन:पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि के आसपास भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना नदी को विषमुक्त करने के लिए कालिय नाग का दमन किया था।
- पर्यावरणीय महत्व:कृषि प्रधान भारत में सर्प किसानों के मित्र माने जाते हैं।वे खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों और कीटों का भक्षण कर फसलों की रक्षा करते हैं।
बारह प्रमुख नाग देवताओं के नाम
नाग पंचमी की पूजा के दौरान बारह प्रमुख नाग देवों का स्मरण और आवाहन करना शुभ होता है:
- अनंत
- वासुकि
- शेष
- पद्म
- कम्बल
- कर्कोटक
- अश्वतर
- धृतराष्ट्र
- शंखपाल
- कालिया
- तक्षक
- पिंगल
Nag Panchami Puja Vidhi: नाग पंचमी की सम्पूर्ण पूजा विधि
शास्त्रों के अनुसार नाग पंचमी के दिन निम्नलिखित विधि से पूजन करना चाहिए:
- स्नान एवं संकल्प:प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण कर पूजा का संकल्प लें।
- आकृति निर्माण:घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर गोबर, हल्दी या रोली से नाग देव की आकृति बनाएं।
- शिवलिंग पर जलाभिषेक:सावन सोमवार होने के कारण सबसे पहले तांबे के पात्र से शिवलिंग पर जल व कच्चा दूध अर्पित करें।
- नाग देव पूजन:मिट्टी, पीतल या चांदी की नाग प्रतिमा पर अक्षत, चंदन, हल्दी, रोली, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- भोग अर्पण:नाग देवता को भुने हुए चने, लावा (खील), दूध, गुड़ और सात्विक मिठाई का भोग लगाएं।
- मंत्र जाप:पूजा के समय
ॐ नमः शिवायतथाॐ नागदेवताय नमःमंत्रों का जप करें। - कथा श्रवण व आरती:अंत में नाग पंचमी की प्रामाणिक व्रत कथा सुनें और धूप-दीप से आरती उतारकर प्रसाद वितरित करें।
जीवदया संदेश: जीवित सांपों को जबरन दूध पिलाने से बचना चाहिए, क्योंकि दूध सांपों की पाचन क्रिया के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।अतः केवल प्रतिमा या चित्र पर ही प्रतीकात्मक रूप से दूध अर्पित करना शास्त्रसम्मत है।
नाग पंचमी पर कालसर्प दोष निवारण के अचूक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में नाग पंचमी को कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और सर्प दोष की शांति कराने के लिए अत्यंत सिद्ध दिन माना गया है।
- चांदी के नाग-नागिन का दान:इस दिन चांदी के बने नाग-नागिन के जोड़े का पूजन करके उसे बहते जल में प्रवाहित करें अथवा मंदिर में दान करें।
- महामृत्युंजय और रुद्राभिषेक: भगवान शिव का दूध व गंगाजल से रुद्राभिषेक कराएं और महामृत्युंजय मंत्र की कम से कम 108 बार एक माला का जाप करें।
- राहु-केतु शांति: नाग गायत्री मंत्र (
ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्) का जाप करने से राहु-केतु की अशुभ महादशा का प्रभाव कम होता है। - पीपल वृक्ष पूजन: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और नाग देव से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. नाग पंचमी 2026 में किस तारीख को है?
उत्तर: उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।
Q2. नाग पंचमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
उत्तर: 17 अगस्त 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 05:51 AM से 08:29 AM तक रहेगा।
Q3. क्या नाग पंचमी पर सुई-धागे या तवे का प्रयोग मना होता है?
उत्तर: कई स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं में नाग पंचमी के दिन लोहे के तवे पर रोटी बनाना, सिलाई-कढ़ाई करना अथवा भूमि की खुदाई करना वर्जित माना जाता है।
Q4. सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ पड़ने का क्या लाभ है?
उत्तर: शिवजी नागों के स्वामी हैं।अतः सोमवार को नाग पंचमी पड़ने से महादेव और नाग देव दोनों का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
धर्म-कर्म
कल लगेगा साल का खास सूर्य ग्रहण, जानें कितने बजे से होगा शुरू, सूतक लगेगा या नहीं?

Solar Eclipse 2026 : साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त, बुधवार को लगने जा रहा है। ये खगोलीय घटना इसलिए खास है क्योंकि इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा।
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कल लगेगा साल का खास सूर्य ग्रहण
कल लगने वाले सूर्यग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ क्षेत्रों में सूर्य को पूरी तरह ढक देगा। जिससे दिन के समय कुछ देर के लिए अंधेरा जैसा नजारा दिखाई दे सकता है। NASA के मुताबिक, इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की पट्टी ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से से होकर गुजरेगी।
हालांकि, भारत में रहने वाले लोगों को इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष नजारा देखने को नहीं मिलेगा। इसका प्रमुख कारण यह है कि भारत में उस समय रात होगी। ऐसे में देश के किसी भी हिस्से से सूर्य ग्रहण को सीधे देखा नहीं जा सकेगा।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त 2026 को होने वाला यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार रात के समय घटित होगा। ग्रहण की अलग-अलग अवस्थाओं का समय स्थान के अनुसार बदलता है। दुनिया के जिन हिस्सों में यह दिखाई देगा, वहां स्थानीय समय के मुताबिक ग्रहण की शुरुआत, अधिकतम और समाप्ति का समय अलग होगा।
वैज्ञानिक संस्थाओं के अनुसार, ग्रहण का सबसे महत्वपूर्ण चरण वह होगा जब चंद्रमा सूर्य के सामने आकर उसकी चमकदार सतह को पूरी तरह ढक देगा। इस दौरान केवल सूर्य का बाहरी वायुमंडल यानी कोरोना दिखाई दे सकता है।

भारत में दिखाई देगा या नहीं?
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत से इसे देखने का मौका इसलिए नहीं मिलेगा क्योंकि ग्रहण के दौरान यहां रात का समय होगा। NASA की ओर से जारी दृश्यता संबंधी जानकारी में भी भारत को इस ग्रहण के प्रत्यक्ष दृश्यता क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है।
पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस और स्पेन के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसके अलावा यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।
क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल का पालन किया जाता है। आम तौर पर सूतक की मान्यता उस स्थान पर ग्रहण दिखाई देने की स्थिति से जुड़ी होती है।
चूंकि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसके सूतक काल को लेकर धार्मिक परंपराओं में सामान्यतः मान्यता नहीं मानी जाएगी। हालांकि, अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और पंचांगों में इस संबंध में मत अलग हो सकते हैं।

क्यों खास है 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण?
पूर्ण सूर्य ग्रहण बेहद दुर्लभ खगोलीय घटनाओं में से एक है। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह रोक देता है, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति बनती है।
इस दौरान कुछ स्थानों पर दिन के समय अचानक अंधेरा छाने लगता है और सूर्य के आसपास उसकी बाहरी परत यानी कोरोना दिखाई दे सकती है। NASA के अनुसार, पूर्णता के दौरान कोरोना का अध्ययन वैज्ञानिकों के लिए सूर्य और उसके वातावरण को समझने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।
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