Rudraprayag
RUDRAPRAYAG: गुलदार के घूमने से दहशत, दो दिन पहले ही महिला को बना चुका था शिकार…

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बांसबाड़ा-जलई मोटर मार्ग पर एक गुलदार घूमते हुए दिखाई दिया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। दो दिन पहले ही इस गुलदार ने देवल गांव में एक महिला को मार डाला था, जिसके बाद वन विभाग ने इस गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया है।
यह घटना मंगलवार शाम की है, जब 65 वर्षीय सर्वेश्वरी देवी अपने घर से कुछ दूर स्थित खेत में घास काटने गई थीं। तभी, गेहूं के खेत में छिपे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया और उनके सिर को दांतों में दबा लिया। हालांकि, महिला के परिजनों और पड़ोसियों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक गुलदार महिला को मार चुका था और वहां से भाग खड़ा हुआ।
घटना के बाद, ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित कर जल्द से जल्द उसे मारने की मांग की। जानकारी के मुताबिक, तीन महीने से इस क्षेत्र में गुलदार का आतंक बना हुआ था, और इससे पहले लम्वाड़ क्षेत्र में भी एक महिला घायल हो चुकी थी।
वन विभाग ने इस घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है और क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी है। फिलहाल, वन विभाग के कर्मचारी और पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और गांव के आसपास रेकी कर रहे हैं। ग्रामीण अब भी इस गुलदार के आतंक से डरे हुए है।
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रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसा, घास लेने गई महिला उफनते गदेरे में बही, मौत से इलाके में पसरा मातम

Rudraprayag News : रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र से रविवार को एक दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई। घास लेने जंगल गई एक महिला अचानक उफनते गदेरे के तेज बहाव की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही बह जाने की सूचना मिली। करीब डेढ़ घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद महिला का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया।
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रुद्रप्रयाग में घास लेने गई महिला उफनते गदेरे में बही
रूद्रप्रयाग के बसुकेदार में रविवार सुबह लगभग 11:32 बजे ग्राम प्रधान सेमकोटी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग को सूचना दी कि ग्राम स्वारा के तिमली क्षेत्र के आगे घास लेने गई एक महिला अचानक गदेरे में बह गई है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया।
महिला की डूबने से हुई मौत
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के निर्देश पर जल पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (DDRF) बसुकेदार की टीमों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। बचाव दल ने गदेरे और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया।

डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद हुआ शव
करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद राहत टीमों ने महिला का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया। मृतका की पहचान 38 वर्षीय विनीता देवी, पत्नी हिम्मत सिंह नेगी, निवासी ग्राम कोटी के रूप में हुई है।
इस हादसे के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण उफनते गदेरों और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की है।
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रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर, सोनप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भूस्खलन, यात्री परेशान

Rudraprayag News : रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं। शुक्रवार सुबह सोनप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन और भारी बोल्डर गिरने से सड़क बंद हो गई। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
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सोनप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भूस्खलन
सोनप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुनकटिया के पास पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके अलावा सोनप्रयाग से आगे घाटी क्षेत्र में सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने और सड़क का हिस्सा नीचे से कटने के कारण भी खतरा बना हुआ है। हालांकि इस स्थान पर प्रशासन और एनएच विभाग की निगरानी में सावधानी के साथ वाहनों का संचालन कराया जा रहा है।
NH विभाग की टीम मौके पर मलबा हटाने के काम में जुटी
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटी है। एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। विभाग की प्राथमिकता जल्द से जल्द मार्ग को सुरक्षित तरीके से सुचारु करना है।
अलकनंदा और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश का असर जिले की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक शुक्रवार सुबह अलकनंदा नदी का जलस्तर 627.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 627 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंदाकिनी का जलस्तर 626.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 626 मीटर निर्धारित है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रा मार्ग पर आवाजाही करने वाले यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। लगातार बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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मूसलाधार बारिश से रुद्रप्रयाग में आपदा जैसे हालात, नदियां उफान पर, केदारनाथ हाईवे बाधित

Rudraprayag News : देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जबकि कई इलाकों में भूस्खलन और जलभराव से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
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मूसलाधार बारिश से रुद्रप्रयाग में आपदा जैसे हालात
रुद्रप्रयाग में वाल्मीकि बस्ती और जिला चिकित्सालय को जोड़ने वाला पैदल पुल अलकनंदा के बढ़े जलस्तर के कारण पानी में डूब गया। नदी का पानी तटीय क्षेत्रों तक पहुंचने लगा है, जिसके चलते कई परिवारों ने एहतियातन सुरक्षित स्थानों का रुख किया है।
लगातार हो रही के कारण नदियां उफान पर
लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का बहाव तेज हो गया है। नदियां अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और पेड़ बहाकर ला रही हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों में किसी भी समय हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर बाधित
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ियों से लगातार मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण यातायात बाधित हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।

विजयनगर क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे विशाल बोल्डरों की चपेट में आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं अगस्त्यमुनि में एक कार पर भी बड़ा बोल्डर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
लोगों से नदी किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
जिले के कई लिंक मार्ग और मुख्य सड़कें भी भूस्खलन की चपेट में हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बार-बार मलबा आने से राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरे जिले में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि मौसम सामान्य होने तक नदी किनारे जाने और अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
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