Uttarakhand
प्रदेशों से बर्फबारी के बीच डाक कांवड़ लेकर गंगोत्री धाम पहुंच रहे शिव भक्त, जलभर कर अपने शिवालयों को हो रहे रवाना।

उत्तरकाशी – बर्फबारी के बीच शिव भक्त गंगोत्री धाम से गंगा जल भरने के लिए डाक कांवड़ लेकर पहुंच रहे हैं। आगामी आठ मार्च को महाशिवरात्रि में जलाभिषेक के लिए देश के विभिन्न प्रदेशों से कांवड़िये गंगोत्री से जलभर कर अपने शिवालयों को रवाना हो रहे हैं। प्रतिदिन 20 से 25 कांवड़िये गंगाजल भरने के लिए पहुंच रहे हैं।

इस वर्ष फाल्गुन की शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुथर्दशी आठ मार्च को मनाई जाएगी, जिसके लिए डाक कांवड़िए बर्फबारियों की दुश्वारियों के बीच गंगोत्री धाम में गंगाजल भरने पहुंचे रहे हैं। गंगोत्री धाम के तीर्थपुरोहित संतोष सेमवाल का कहना है कि हर दिन मध्य प्रदेश सहित हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से कांवड़िये गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं।
यहां पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद कांवड़िये जलभर कर अपने शिवालयों की ओर रवाना हो रहे हैं। महाशिवरात्रि पर कांवड़िये अपने शिवालयों में गंगोत्री के गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे। वहीं विगत तीन चार दिनों से हो रही बर्फबारी से माइनस जीरो डिग्री तापमान भी कांवड़ियों की शिवभक्ति में रोड़ा नहीं बन रहा है।
वहीं जो कांवड़िये गंगोत्री धाम नहीं पहुंच पा रहे हैं, वह धराली से जल भरकर मुखबा में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास के दर्शन कर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। हर्षिल थानाध्यक्ष उमेश नेगी का कहना है कि कांवडियों की गिनती अधिकारिक तौर पर नहीं हो रही है, लेकिन पिछले चार दिनों से डाक कांवड़िए गंगोत्री और धराली पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 20 से 25 कांवड़िए पहुंच रहे हैं।
Rudraprayag
देवप्रयाग में बड़ा हादसा ! केदारनाथ से लौट रही कार तोताघाटी में खाई में गिरी

Rudraprayag News : केदारनाथ धाम के दर्शन कर राजस्थान लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ तोताघाटी के पास हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़ी एक वैगनआर अचानक पीछे की ओर खिसकते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त कार के अंदर एक व्यक्ति मौजूद था, जबकि उसके साथी वाहन से बाहर निकले हुए थे।
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केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान हुआ हादसा
रूद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं का वाहन हादसे का शिकार हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से चार लोग केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए थे। शनिवार शाम करीब पौने सात बजे वापसी के दौरान तोताघाटी के पास चालक पंकज कुमार, लखन शाह और ईश्वर तेली कार से उतरकर शौच के लिए गए थे। इसी दौरान सड़क पर खड़ी कार अचानक ढलान की ओर खिसकने लगी।
साथियों ने कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन की रफ्तार बढ़ती चली गई और देखते ही देखते कार गहरी खाई में जा गिरी। इस दौरान कार मालिक देवीलाल (46), निवासी सुभाष नगर, भीलवाड़ा, वाहन के अंदर ही मौजूद थे।

सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू
कार को खाई में गिरता देख साथियों ने तुरंत 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद बचेली खाल पुलिस चौकी से टीम आपदा राहत उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने गहरी खाई में उतरकर कार सवार देवीलाल की तलाश शुरू की। देर रात तक रेस्क्यू अभियान जारी रहा। खाई की गहराई और दुर्गम रास्ते के कारण बचाव दल को अभियान के दौरान काफी चुनौती का सामना करना पड़ा।
हादसे के कारण यात्रियों में मचा हड़कंप
अचानक कार के खाई में गिरने से मौके पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार खाई में तलाश अभियान चला रही थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर बचाव कार्य के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।
Chamoli
कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू, मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना

Chamoli News : उत्तराखंड की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा मां नंदा देवी की बड़ी जात शनिवार, 5 सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू हो गई। मां नंदा की डोली के प्रस्थान के साथ ही कुरुड़ का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मां नंदा को विदाई दी। डोली के साथ बड़ी संख्या में भक्त भी यात्रा पर रवाना हुए।
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कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू
कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा शुरू होने से पहले सिद्धपीठ कुरुड़ में पांच दिनों तक मां नंदा राजराजेश्वरी की विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। अनुष्ठान पूरे होने के बाद परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ डोली को कैलाश की ओर रवाना किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे। डोली की विदाई के समय भक्त भावुक भी दिखाई दिए।
मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना
मां नंदा की बड़ी जात यात्रा को उत्तराखंड की प्रमुख और कठिन धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। यात्रा का मार्ग करीब 280 किलोमीटर लंबा है। इस दौरान मां की डोली पहाड़ी गांवों और विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए हिमालयी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगी।
परंपरागत लोकजात यात्रा में डोली का पड़ाव वेदनी कुंड तक रहता है, लेकिन इस बार बड़ी जात यात्रा को आगे होमकुंड तक ले जाने की तैयारी है। होमकुंड में निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और अन्य अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद यात्रा का समापन होगा।

गांवों में होगा डोली का भव्य स्वागत
कुरुड़ से निकलने के बाद मां नंदा की डोली अपने निर्धारित पड़ावों से होते हुए आगे बढ़ेगी। रास्ते में आने वाले गांवों में श्रद्धालु मां नंदा की डोली का स्वागत करेंगे। जगह-जगह पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन होंगे। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और मां नंदा के जयकारों से यात्रा मार्ग का माहौल भक्तिमय रहेगा।
12 साल बाद आयोजित हो रही बड़ी जात
इस बार की बड़ी जात यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। 12 वर्ष के अंतराल के बाद आयोजित हो रही इस यात्रा में चमोली के अलावा उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों से भी भक्त पहुंच रहे हैं। यात्रा के शुभारंभ के साथ ही कुरुड़ और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।
uttarakhand weather
उत्तराखंड में 10 सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर, आज छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अभी राहत देने के मूड में नहीं है। प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है और आने वाले दिनों में भी मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान है।
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उत्तराखंड में आज छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
आज राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। रविवार को प्रदेश के छह जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी और चमोली के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड में 10 सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। अगले छह दिनों के दौरान राज्य के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि कई इलाकों में एक से अधिक दौर में बारिश होने का अनुमान है।

10 सितंबर तक बारिश से राहत के आसार कम
मौसम विभाग के छह दिन के पूर्वानुमान को देखते हुए फिलहाल प्रदेश में बारिश से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम है। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से खुले और संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।
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Chamoli47 minutes agoकुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू, मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना
Rudraprayag19 minutes agoदेवप्रयाग में बड़ा हादसा ! केदारनाथ से लौट रही कार तोताघाटी में खाई में गिरी





































