Rudraprayag
तिलवाड़ा में अनियंत्रित होकर नदी में गिरी केदारनाथ जा रहे यात्रियों की कार, मौके पर मची-चीख पुकार

Rudraprayag Accident : चारधाम यात्रा मार्ग पर सुबह-सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। केदारनाथ धाम जा रहे यात्रियों की कार अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। जिस से मौके पर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
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तिलवाड़ा में नदी में गिरी केदारनाथ जा रहे यात्रियों की कार
चारधाम यात्रा पर निकले पश्चिम बंगाल के यात्रियों की एक कार रविवार सुबह रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 50 मीटर नीचे नदी किनारे जा गिरी। हादसे के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर सभी यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
सभी यात्रियों को किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
जिला कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के निकट एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर नदी किनारे पानी में फंस गया है। सूचना मिलते ही चौकी तिलवाड़ा और कोतवाली अगस्त्यमुनि की पुलिस टीम आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। इसके अलावा एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और 108 आपातकालीन सेवा की टीमों को भी मौके पर भेजा गया।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन महिंद्रा एक्सयूवी 700 (यूपी16-डीके0856) बताया गया है। वाहन में कुल पांच यात्री सवार थे, जो पश्चिम बंगाल से केदारनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे थे। वाहन नदी किनारे पानी में फंस गया था, जिसके बाद बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

हादसे में नहीं हुई किसी प्रकार की जनहानि
हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि वाहन में सवार दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों महिलाओं के हाथ-पैर में फ्रैक्चर सहित अन्य चोटें आई हैं। वहीं चालक समेत तीन अन्य पुरुष यात्रियों को मामूली चोटें लगी हैं।
रेस्क्यू टीम ने सभी घायलों को खाई से बाहर निकालकर 108 एम्बुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन और राहत एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बचा ली गई।
Rudraprayag
रूद्रप्रयाग में अचानक बढ़ा मंदाकिनी का जल स्तर, बीच नदी में फंसे जेसीबी का ड्राइवर और हेल्पर

Rudraprayag News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के कारण एक जेसीबी और उसका चालक समेत हेल्पर नदी में ही फंस गए।
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रूद्रप्रयाग में अचानक बढ़ा मंदाकिनी का जल स्तर
ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे नदी के बीच निर्माण कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन तेज बहाव में फंस गई। मशीन में मौजूद चालक और उसका सहयोगी चारों तरफ से उफनती नदी के पानी से घिर गए।
बीच नदी में फंसे जेसीबी का ड्राइवर और हेल्पर
जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष को मोबाइल के माध्यम से मिली। बताया गया कि सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मंदाकिनी नदी का जलप्रवाह अचानक कई गुना बढ़ गया। जलस्तर में आई इस तेजी के कारण नदी के बीच काम कर रही जेसीबी बाहर नहीं निकल सकी और उसमें सवार दोनों लोग फंस गए।
बचाव दल ने सावधानी और सूझबूझ से बचे दोनों
सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बिना देर किए राहत और बचाव अभियान शुरू कराया। एसडीआरएफ, जल पुलिस और नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।

तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने सावधानी और सूझबूझ के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद नदी के बीच फंसे जेसीबी चालक और उसके सहयोगी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन ने लोगों से की नदी के आस-पास ना जाने की अपील
समय पर की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पूरी सतर्कता बरतें। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
Rudraprayag
बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन

Rudraprayag News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है। 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
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बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब
चोपता से तुंगनाथ तक का पैदल मार्ग इन दिनों श्रद्धालुओं से गुलजार है। हिमालय की बर्फीली चोटियां, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण यात्रा को खास बना रहे हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या से चोपता, बणियाकुंड और आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और स्थानीय कारोबार को भी अच्छा लाभ मिल रहा है।
अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन
मंदिर समिति, वन विभाग, तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय संस्थाएं मिलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का ध्यान रख रही हैं। तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित के अनुसार, अब तक दर्शन करने वालों में 60,962 पुरुष, 50,815 महिलाएं, 6,384 बच्चे, 151 साधु-संत और 69 विदेशी श्रद्धालु शामिल हैं।

लगातार बढ़ रही है श्रद्धालुओं की संख्या
तुंगनाथ धाम के प्रबंधक ने बताया कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह साबित कर रही है कि तुंगनाथ धाम अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड का एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्वतीय पर्यटन केंद्र भी बनता जा रहा है।
Breakingnews
मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित, अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा

Kedarnath Yatra Update : प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। जिसके चलते पहाड़ों पर जमकर बारिश हो रही है। बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हो गया। जिस कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
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मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुरुवार सुबह सोनप्रयाग और मुनकटिया के बीच पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पैदल यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मार्ग पर आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है।
अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सुबह संबंधित अधिकारियों से मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गईं और मार्ग पर गिरे मलबे व बड़े पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया।

यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील
प्रशासन का कहना है कि रास्ते का पूरी तरह निरीक्षण कर उसे सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें।
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