Politics
पीएम मोदी के देवभूमि आने के बाद से चारधाम और मानसखंड में बढ़ रही आवाजाही,सीएम धामी बोले 45 से 50 फीसद ज्यादा तीर्थयात्री पहुंच रहे चारधाम।

चंडीगढ़ से लोकसभा प्रत्याशी संजय टंडन के समर्थन में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग
पंजीकरण, मौसम और व्यवस्था देखकर आएं चारधाम दर्शन को: मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देवभूमि आने के बाद से चारधाम और मानसखंड में बढ़ रही आवाजाही
इस साल 45 से 50 फीसद ज्यादा तीर्थयात्री पहुंच रहे चारधाम
राज्य की कनेक्टिविटी के लिए हवाई सेवाओं के विस्तार की बनाई जा रही योजनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम में दर्शन को इस बार रिकॉर्ड तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में अब तक 45 से 50 प्रतिशत तीर्थयात्री ज्यादा पहुंच रहे हैं। हर तीर्थयात्री का सरकार स्वागत कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता की गंगोत्री देवभूमि से पूरे देश में बहेगी।

चंडीगढ़ में भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ द्वारा लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी संजय टण्डन के पक्ष में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धामों में सरकार ने पूरी व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन बिना पंजीकरण, होटल बुकिंग न होने और मौसम की जानकारी समेत अन्य तैयारी के अभाव में आने वाले तीर्थयात्रियों को कुछ परेशानी उठानी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर जरूर आएं। लेकिन पंजीकरण, मौसम, भीड़ का आंकलन, होटल, गाड़ी बुकिंग और अतिरिक्त दिनों जैसी महत्वपूर्ण तैयारी का ख्याल रखें, ताकि खुद भी और दूसरों को भी परेशानी न उठानी पड़े।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देहरादून और पंतनगर को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की कवायद चल रही है। पिथौरागढ़ में हवाई सेवा शुरू हो गई है। अब गौचर, चिन्यालीसौड़ में भी हवाई सेवा की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों को हेलिकॉप्टर सेवा से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम के अलावा मानसखंड, आदिकैलाश, पूर्णागिरि जैसे धामों में भी तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड यूसीसी कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब देवभूमि से यूसीसी की गंगा का लाभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की नीति अपना रही है। यूसीसी के खिलाफ कांग्रेस मुस्लिम पर्सनल लॉ लाने की बात कह रही है। कांग्रेस इतनी गिर गई कि सम्पत्ति में भी कर लगाकर लोगों की कमाई छीनकर वोटों की राजनीति कर वर्ग विशेष को बांटना चाहती है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कर्नाटक और आंध्रप्रदेश जैसी साजिश मुस्लिम वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए पूरे देश में करना चाहती है। इसमें आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस के साथ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप और कांग्रेस की इस साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता के लालच में भ्रष्टाचारियों द्वारा ठग गठबंधन बनाया जा रहा है। भानुमति का कुनबा जोड़कर देश को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। इनका मकसद सिर्फ परिवार और भ्रष्टाचारियों को बचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और आप पंजाब में एक दूसरे को गाली दे रहे हैं, वहीं चंडीगढ़ में गठबंधन कर समर्थन के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। देश की जनता इनके मकसद को जान चुकी है। इसका जवाब जनता एक जून को देगी। मुख्यमंत्री धामी ने अपील की कि पहले चंडीगढ़ का विकास सांसद किरण खेर ने किया, अब उनके कामों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संजय टण्डन को मिली है।
एक जून को भाजपा के पक्ष में एक तरफा मतदान कर संजय टण्डन को जिताकर प्रधानमंत्री मोदी को ताकत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि भाजपा और मोदी लहर में कांग्रेस, आप और सभी विपक्षी पार्टियों को करारी शिकस्त मिलेगी। चारों तरफ मोदी लहर दिख रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्थापित हुए नए कीर्तिमान, निर्णय और फैसलों को ऐतिहासिक बताया। कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का दुनिया मे डंका बज रहा है। ऐसे में 1 जून को प्रधानमंत्री को तीसरी बार देश की कमान सौंपने को एक तरफा मतदान करें। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शहजादे की न्याय यात्रा, झूठ , फरेब की दुकान चलाने पर भी जमकर प्रहार किया। इस मौके पर राज्यमंत्री विनय रोहिला, भूपेंद्र शर्मा, शक्ति देवशाली, देवेंद्र, रविन्द्र मलिक, हीरा देवी नेगी, रामवीर, शांति बहुगुणा, प्रकाश, वीरपाल नेगी, शशांक भट्ट, सुनीता भट्ट, प्रीतम भरतवाण समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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अतिक्रमण के खिलाफ धाकड़ धामी का बड़ा एक्शन, विधायक अरविंद पांडे के खिलाफ की कार्रवाई

Uttarakhand Politics : भाजपा विधायक अरविंद पांडे के खिलाफ नोटिस हुआ जारी
Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में धामी सरकार का अतिक्रमण को लेकर लगातार अभियान चल रहा है। सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया जिसके चर्चे उत्तराखंड में चारों ओर चल रहे हैं।
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भाजपा अरविंद पांडे ने अतिक्रमण कर बनाया कैंप कार्यालय !
उत्तराखड की धामी सरकार यूं तो अतिक्रमण के खिलाफ शुरू से ही सख्त रूख अपनाए हुए है। लेकिन हाल ही में ऐसा मामला सामने आया है जो कि सुर्खियां बन गया है। दरअसल मामला जमीनी विवादों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले गदरपुर विधायक अरविंद पांडे से जुड़ा हुआ है।
प्रशासन ने भाजपा विधायक Arvind Pandey के कैंप कार्यालय को अवैध अतिक्रमण बताते हुए इसे हटाने को कहा है। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी कर दिया है। बीते दिन प्रशासन की टीम उनके आवास पहुंची। जहां उन्होंने अरविंद पांडे के बेटे को अतिक्रमण हटाने का नोटिय थमाया है। जिसके बाद से ये मामला चर्चाओं में है।
सुनील यादव बनाम उत्तराखंड सरकार केस का दिया हवाला
जारी नोटिस में नैनीताल हाईकोर्ट में दायर याचिका 192/2024 (एमएस) सुनील यादव बनाम उत्तराखंड सरकार का हवाला दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री व गदरपुर विधायक पांडे के कैंप कार्यालय की जमीन खाता संख्या 64 के खसरा संख्या 12 ग में 0.158 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा है। इसलिए राजस्व कर्मियों को नोटिस देने भेजा गया था। अगर इस संबंध में विधायक के पास कोई साक्ष्य हैं तो वो प्रस्तुत कर सकते हैं।

राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है ये कार्रवाई – Arvind Pandey
कैंप कार्यालय की जमीन को लेकर मिले नोटिस को लेकर गदरपुर विधायक Arvind Pandey का पक्ष भी सामने आया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ की गई प्रशासन के ये कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर किसी की भी निर्माण के दौरान कानून का उल्लंघन हुआ है तो उसे हटाया जाना चाहिए, हालांकि उनके निजी आवास पर इस तरह की कार्रवाई गलत है।
सत्ताधारी पार्टी के विधायक पर कार्रवाई पर सोशल मीडिया पर बवाल
यूं तो उत्तराखंड में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लंबे समय से चल रही है। लेकिन पहली बार किसी सत्ताधारी पार्टी के विधायक पर ऐसे आरोप लगना और अब कार्रवाई होने से ये लोगों के बीच चर्चाओं का विषय बना हुआ है। खासतौर पर सोश मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है।
कुछ लोगों का कहना है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री व गदरपुर विधायक पांडे अक्सर विवादों में रहते ही हैं। इस से पहले भी उन पर लोगों की जमीन कब्जाने का आरोप और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लग चुके हैं।
तो वहीं कुछ लोगों का मानना है कि बीजेपी में अंदरखाने ही घमासान चल रहा है। जिसके चलते ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। लोगों का कहना तो यहां तक है कि हाल ही में हुए काशीपुर के सुखवंत सिंह गोलीकांड में अरविंद पांडे ने खुलकर अपनी बात रखी थी। इसीलिए उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई देखने को मिल रही है।
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सांसद निधि में माननीयों ने किया बड़ा खेल, उत्तराखंड का पैसा UP में बांट दिया, RTI में हुआ बड़ा खुलासा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड के सांसदों का गजब खेल, सांसद निधि को दूसरे राज्यों में बांट दिया
Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की राजनीति से ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने जनता को हैरान कर दिया है। उत्तराखंड के माननीयों यानी कि सांसदों ने सांसद नीधि का पैसा उत्तराखंड में लगाने की जगह उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बांट दिया। सांसद निधि के इस गड़बड़झाले का खुलासा आरटीआई में हुआ है।
सांसद निधि में माननीयों ने किया बड़ा खेल
Uttarakhand में आए दिन घोटाले सामने आते रहते हैं। कभी अधिकारियों के घोटाले तो कभी मंत्रियों के घोटाले की खबरें सामने आती हैं। अब एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों से घोटाले की खबर सामने आ रही है। जहां प्रदेश के विकास के लिए मिलने वाली सांसद निधि को उत्तराखंड के सांसदों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बांट दिया।
Uttarakhand का पैसा UP में बांट दिया
उत्तराखंड के कई गांव जहां आज भी पानी, सड़क और स्वास्थ्य समेत कई बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। वहीं राज्य के सांसद अपनी निधि का एक बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों में खर्च कर रहे हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) में इसका खुलासा हुआ है।
आरटीआई से मिले दस्तावेजों के अनुसार सांसदों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में ट्यूबवेल लगवाने, स्कूल व सामुदायिक भवन निर्माण और जल निकासी जैसे कार्यों के लिए 1.28 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। ये हाल तब हैं जब उत्तराखंड में आए दिन सड़क और पानी के लिए लोग आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

UP में सांसद निधि बांटने वाला सांसद कौन ?
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक सूचना के अधिकार (आरटीआई) में से सामने आई जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के विकास के लिए मिली सासंद निधि दूसरे राज्यों में बांटने वाले सांसदों में टिहरी से लोकसभा सासंद माला राज्य लक्ष्मी शाह पहले नंबर पर हैं। जिन्होंने दूसरे राज्यों में पांच या दस लाख नहीं बल्कि एक करोड़ की धनराशि दी है। ये धनराशि उत्तर प्रदेश राज्य के एक जिले आगरा को ही दी गई है। जो कि विकास कार्यों के लिए दी गई है।
लोकसभा सासंदों ने अपनी निधि से दूसरे राज्यों में पैसा बांटा तो भला राज्यसभा सांसद क्यों पीछे रहते। राज्यसभा सासंद नरेश बंसल ने अपनी सासंद निधि का पैसा हरियाणा में बांट दिया। उन्होंने सांसद निधि से हरियाणा को शिक्षा और सामाजिक कार्यों के लिए 25 लाख की धनराशि दी है। पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय के कार्यकाल (2010-16) के दौरान स्वीकृत धनराशि 10 दिसंबर 2025 को आवंटित की गई। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जल निकासी, सड़कों आदि के लिए तीन लाख रुपये स्वीकृत किए थे।

अपनी लोकसभा से बाहर जाकर इस सांसद ने बांटी सांसद निधि
ये बात तो थी Uttarakhand के सांसदों द्वारा दूसरे राज्यों में पैसा बांटने की। लेकिन एक सांसद तो ऐसे भी हैं जिन्होंने दूसरे राज्य में तो पैसे नहीं दिए पर अपने संसदीय क्षेत्र को छोड़कर दूसरी लोकसभा में विकास कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी।
अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा ने अपने संसदीय क्षेत्र की सीमाओं से बाहर जाकर नैनीताल जिले के लिए धनराशि को स्वीकृति दी है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक सांसद अजय टम्टा ने नैनीताल के स्कूलों में हॉल और कमरों के निर्माण के लिए 5 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।

सांसद कहीं भी खर्च कर सकता है अपनी निधि – बीजेपी
भाजपा प्रवक्ता नवीन ठाकुर का इस पूरे मामले को लेकर कहना है कि अब देश में या नियम आ चुका है। जिसके तहत सांसद देश के किसी भी राज्य में सांसद निधि खर्च कर सकते हैं। क्योंकि देश के कई राज्यों में उत्तराखंड के निवासी रहते हैं। वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
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मुख्यमंत्री धामी का दिल्ली दौरा, क्या सरकार में होने जा रहा कोई बड़ा फेरबदल ?, अटकलों का बाजार गर्म

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में फिर गरमाया चर्चाओं का बाजार, होने जा रहा है सरकार में बड़ा बदलाव !
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Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की राजनीति में सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार में कई बार बड़े बदलाव की सुगबुगाहट होती रहती है। फिर चाहे वो कैबिनेट में खाली पड़ी पांच सीटों को भरना हो या कुछ मंत्रियों के पर कतरना हो।
ये सभी सवाल सत्ता, विपक्ष और जनता के बीच इसलिए चर्चा का विषय बन जाते है क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीते कुछ समय से हर माह दिल्ली दरबार में अपनी हाजरी लगाते हैं। उनके दिल्ली दौरे पर इन बातों को और अधिक बल मिल जाता है।
मुख्यमंत्री धामी के दिल्ली दौरे से चर्चाओं के बाजार गर्म
आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फिर एक बार दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं तो फिर से कयासबाजी शुरू हो गई है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए नितिन नबीन का आधिकारिक राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चुनाव होना है जिसकी आधिकारिक घोषणा 20 जनवरी को हो जाएगी।

इसके साथ ही जिस तरह भाजपा संगठन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर युवा नेतृत्व को तरजीह दी है ऐसे में कहा जा रहा है कि संगठन उत्तराखंड में भी कुछ बड़े बदलाव कर सकता है। इसे लेकर लंबे समय से चर्चाएं भी हो रही हैं।
क्या सरकार में होने जा रहा कोई बड़ा फेरबदल ?
कयासों का बाजार इसलिए भी गर्म है क्योंकि साल 2027 में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार और संगठन नहीं चाहता है कि आमजनता के बीच गलत छवि जाए। सत्ता पक्ष के भीतर भी ये बातें गाहे-बगाहे चल रही हैं कि कुछ नेताओं के विवादित या पार्टी विरोधी बयान देने से पार्टी असहज हो रही है।

अंकिता भंडारी मामले के बाद विपक्ष लगातार हमलावर
वहीं दूसरी तरफ राज्य में दिवंगत अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले ने जहां विपक्ष को मुद्दा दिया तो वहीं भाजपा सरकार को कटघरे में भी खड़ा किया। हालांकि मुख्यमंत्री धामी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर सीबीआई को ये मामला ट्रांसफर कर दिया है, लेकिन विपक्ष अभी भी सरकार पर लगातार हमलावर है।

अंकिता भंडारी मामले में उर्मिला सनावर ने सरकार को पूरी तरह असहज करने का काम किया। जहां उन्होंने भाजपा के बड़े नेताओं पर बड़े गंभीर आरोप भी लगाए। इसके बाद से ही उत्तराखंड की राजनीति (Uttarakhand Politics) में चर्चाओं के बाजार गर्म हैं। बाद में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मामले में डैमेज कंट्रोल करने की भी पूरी कोशिश की लेकिन ये काम करता हुआ नजर नहीं आया। इस मुद्दे को लेकर अब भी लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
भाजपा संगठन, सरकार और मंत्रिमंडल में हो सकता है बदलाव
चूंकि अब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा होनी बाकी रह गई है। ऐसे में सरकार के कई मंत्री, विधायक दिल्ली दरबार में हाजरी लगाते हुए देखे जा सकते हैं। जिसके बाद कई तरह की अफवाहें तैर रही हैं। विशेष सूत्रों की मानें तो भाजपा संगठन, सरकार और मंत्रिमंडल में आगामी कुछ दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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