Dehradun
उत्तराखंड: टाटा समूह ऊधमसिंह नगर जिले में बनाने जा रहा है इलेक्ट्रॉनिक सिटी, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार।

देहरादून – देश का नामी औद्योगिक घराना टाटा समूह उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने जा रहा है। टाटा समूह ताइवान की कंपनियों के साथ मिलकर इस सिटी का निर्माण करेगा। जिले के खुरपिया फार्म में समूह के लिए 350 एकड़ भूमि आरक्षित कर ली गई है। उधर, इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद लगभग 10 हजार से ज्यादा युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुल सकते हैं।

समूह के अधिकारी खुरपिया फार्म का निरीक्षण कर चुके हैं और अगले साल जनवरी 2025 में ताइवान की कंपनियों के प्रतिनिधि भी उत्तराखंड आएंगे। सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि पिछले साल वैश्विक निवेशक सम्मेलन में टाटा समूह ने उत्तराखंड में इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने का प्रस्ताव दिया था। इस दिशा में समूह ने काम करना भी शुरू कर दिया है।
टाटा समूह ने अपने प्रोजेक्ट के लिए उत्तराखंड में राहुल जैन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। माना जा रहा कि समूह अगले साल 2025 मध्य तक परियोजना का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। टाटा के इलेक्ट्रॉनिक प्रमुख रणवीर ठाकुर के नेतृत्व में एक टीम ने देहरादून में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव वित्त दिलीप जावलकर और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ एक दौर की वार्ता भी कर ली है।
इलेक्ट्रॉनिक सिटी के साथ टाटा समूह राज्य में एक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने पर भी राजी है। राज्य सरकार ने समूह से यह अनुरोध किया था। केंद्र में राज्य के युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक सिटी और उद्योग जगत की मांग के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े क्षेत्र में अध्ययन कर रहे युवा यहां प्रशिक्षण ले सकते हैं। सिंगापुर सरकार के साथ भी राज्य में कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने पर मंथन किया जा रहा है।
प्रदेश में जितनी भूमि पर टाटा समूह की इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने की योजना है, उसमें 10 हजार से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलने का अनुमान है। समूह कौशल विकास केंद्र बनाने पर भी सहमत है। इस केंद्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिटी में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
सचिव, मुख्यमंत्री एवं नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि टाटा समूह ऊधमसिंह नगर में इलेक्ट्रॉनिक सिटी विकसित करने के लिए तैयार है। यह प्रक्रिया अब आखिरी चरण में हैं। अगल साल जनवरी में टाटा की सहयोगी ताइवान कंपनियों की टीम भी उत्तराखंड मुआयना करने आएगी। इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनने से राज्य में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
Dehradun
मसूरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर!, सिर्फ इस समय खुलेगा मार्ग, प्रशासन ने जारी किए नए नियम

Mussoorie Road Update : लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मसूरी-देहरादून मार्ग पर फिलहाल राहत की खबर है। पानी वाले बैंड क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क की अस्थायी मरम्मत पूरी होने के बाद प्रशासन ने सीमित शर्तों के साथ मार्ग पर यातायात बहाल करने का फैसला लिया है।
Table of Contents
मसूरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर!, सिर्फ इस समय खुलेगा मार्ग
20 जुलाई को भारी बारिश के कारण पानी वाले बैंड क्षेत्र में सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा कारणों से मार्ग पर यातायात रोक दिया गया था ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि न हो।
अब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा कर सड़क को अस्थायी रूप से वाहन संचालन योग्य बना दिया है। इसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने मार्ग पर यातायात शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
मसूरी के उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने कहा कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

रात में केवल जरूरी वाहनों को मिलेगी अनुमति
प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक इस मार्ग पर केवल अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। सामान्य वाहनों का प्रवेश इस अवधि में प्रतिबंधित रहेगा।
तीनों पालियों में तैनात रहेगा पुलिस बल
मसूरी कोतवाली और राजपुर थाना पुलिस को पूरे मार्ग पर तीनों शिफ्टों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस न केवल यातायात को नियंत्रित करेगी, बल्कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी भी करेगी। साथ ही रात के समय मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
Breakingnews
UTU Paper Leak मामले में बड़ी कार्रवाई, पेपर लीक करने वाला सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार

UTU Paper Leak : उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अभियुक्त ने परीक्षा से पहले छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप और आंतरिक पोर्टल के माध्यम से प्रश्नपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल साझा किए थे।
Table of Contents
UTU Paper Leak मामले में पेपर लीक करने वाला गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की शिकायत पर प्रेमनगर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 जुलाई 2026 को आयोजित सम-सेमेस्टर परीक्षा के संबंध में विश्वविद्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। ई-मेल में दावा किया गया था कि 3 जुलाई को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एक सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे।
व्हट्सअप ग्रुप के माध्यम से पेपर किए थे लीक
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने मामले की जांच की। जांच के दौरान ये सामने आया कि परीक्षा से पहले छात्रों के साथ साझा किए गए कई प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते थे। इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने आरोपी को देहरादून से किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज की। दस्तावेजी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा को गिरफ्तार कर लिया गया।
अभियुक्त के कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की शुरू
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र किस तरह साझा किए गए और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Dehradun
पेपर लीक विरोध पर बोले सीएम धामी, कहा- छात्रों की आड़ में हो रही राजनीति

Dehradun News : देशभर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल छात्रों की चिंताओं तक सीमित नहीं दिखाई देता, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य भी नजर आ रहे हैं।
Table of Contents
पेपर लीक विरोध सीएम धामी का बयान आया सामने
मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि कुछ लोग छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और इस मुद्दे का समाधान निष्पक्ष तथा प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए।
छात्रों की आड़ में हो रही राजनीति – CM धामी
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने इसे देश के लाखों युवाओं के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।

पेपर लीक के मामलों का जल्द होगा निस्तारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से पेपर लीक के मामलों का जल्द निस्तारण होगा और दोषियों को समय पर सख्त सजा मिल सकेगी। उनका मानना है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता मजबूत होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
सीएम धामी ने ये भी कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर है। ऐसे कदमों से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास मजबूत होगा और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
Cricket18 hours agoBPH vs TRT Dream11 Team Match 4 | Playing 11 & Fantasy Tips (24-07-2026)
Cricket18 hours agoBPH-W vs TRT-W Dream11 Prediction Today: Playing XI, Pitch Report & Fantasy Tips (24-07-2026)
uttarakhand weather24 hours agoउत्तराखंड में अगले कुछ दिन भारी बारिश का अलर्ट, चारधाम मार्गों पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, देखें लेटेस्ट अपडेट
almora20 hours agoरानीखेत में जंगल में महिला का शव मिलने से सनसनी, पुलिस मामले की जांच में जुटी
Dehradun21 hours agoपेपर लीक विरोध पर बोले सीएम धामी, कहा- छात्रों की आड़ में हो रही राजनीति
Nainital23 hours agoनैनीताल से लौट रहे पर्यटकों के साथ बड़ा हादसा! कार खाई में गिरी, मची चीख-पुकार
Dehradun21 hours agoडेंगू से निपटने के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, सभी 100 वार्डों में हो रही फॉगिंग
Breakingnews20 hours agoUTU Paper Leak मामले में बड़ी कार्रवाई, पेपर लीक करने वाला सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार






































