Delhi
Ayushman Card और Abha Health ID Card का उपयोग: जानिए अंतर और फायदे….

नई दिल्ली: भारत सरकार ने स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाने के लिए दो प्रमुख कार्डों का संचालन किया है—आयुष्मान कार्ड और ABHA कार्ड। हालांकि इन दोनों का उद्देश्य समान है, लेकिन इनके कार्य और लाभ अलग-अलग हैं। कई लोग इन कार्डों के नामों के समानता के कारण इनमें अंतर नहीं समझ पाते। आइए जानते हैं कि ये दोनों कार्ड किस प्रकार काम करते हैं और इनके बीच क्या अंतर है।
आयुष्मान भारत कार्ड
आयुष्मान भारत कार्ड, जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) कार्ड भी कहा जाता है, 2018 में लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती और सुलभ बनाना है। इस कार्ड के माध्यम से लाभार्थियों को:
- प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अस्पताल में भर्ती होने का खर्च कवर किया जाता है।
- यह कार्ड देश भर के सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा प्रदान करता है।
- अस्पताल में भर्ती होने से पहले के 3 दिन और भर्ती होने के 15 दिन बाद के खर्च भी इसमें शामिल हैं।
- यह कार्ड पहले से मौजूद बीमारियों को भी कवर करता है।
ABHA कार्ड
दूसरी ओर, ABHA कार्ड (Ayushman Bharat Health Account) 2021 में पेश किया गया था। यह एक डिजिटल हेल्थ आईडी है जिसमें व्यक्ति की संपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी होती है। ABHA कार्ड के कुछ प्रमुख लाभ हैं:
- यह एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आइडेंटिफिकेशन नंबर प्रदान करता है, जिससे प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड मेंटेन किया जा सकता है।
- यह कार्ड सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है, भले ही उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो।
- ABHA कार्ड को डिजिटल फॉर्मेट में स्वास्थ्य जानकारी को मेंटेन और अपडेट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि इसमें वित्तीय कवरेज नहीं है।
आयुष्मान कार्ड और ABHA कार्ड के बीच मुख्य अंतर
- वित्तीय सुरक्षा: आयुष्मान कार्ड अस्पताल में भर्ती होने के खर्चों को कवर करता है, जबकि ABHA कार्ड कोई वित्तीय कवरेज प्रदान नहीं करता।
- लक्षित उपयोगकर्ता: आयुष्मान कार्ड विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए है, जबकि ABHA कार्ड सभी के लिए उपलब्ध है।
- डेटा प्रबंधन: ABHA कार्ड स्वास्थ्य डेटा को डिजिटल फॉर्मेट में स्टोर और मैनेज करता है, जबकि आयुष्मान कार्ड में ऐसा डेटा फंक्शनैलिटी नहीं है।
- उपयोगिता: आयुष्मान कार्ड का उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल के खर्चों को कवर करना है, जबकि ABHA कार्ड स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए है।
Delhi
CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात, चारधाम यात्रा को लेकर किया ये अनुरोध

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
CM Dhami ने आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पहले की तरह 100 प्रतिशत बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे एलपीजी की मांग में काफी बढ़ोतरी होती है। इस अवधि में राज्य को करीब 9.67 लाख व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी के लिए किया अनुरोध
मुख्यमंत्री ने ये भी उल्लेख किया कि जून से सितंबर के बीच मानसून के दौरान उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस बेहद जरूरी होती है। ऐसे में उन्होंने अतिरिक्त 5 प्रतिशत यानी लगभग 48 हजार सिलेंडरों का अतिरिक्त आवंटन करने का भी अनुरोध किया, ताकि आपदा के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकें।

राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्धता
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है, जिसमें धार्मिक और साहसिक पर्यटन का अहम योगदान है। चारधाम यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया और राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
Dehradun
देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता, उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम, देखें नया किराया

Dehradun News : देहरादून से दिल्ली जाना हुआ सस्ता, बसों का किराया हुआ कम
Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली तक का सफर अब पहले से ज्यादा किफायती और तेज हो गया है। इस रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया कम हो गया है।
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देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता
देहरादून से दिल्ली का सफर सस्ता हो गया है। देहरादून से दिल्ली के रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का किराया कम कर दिया गया है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को समय के साथ-साथ किराए में भी बड़ी राहत मिली है। इस एक्सप्रेसवे की सौगात आम लोगों के लिए सुविधाजनक और बजट-फ्रेंडली साबित हो रही है।
उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम
दिल्ली से देहरादून की यात्रा अब सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि काफी सस्ती भी हो गई है। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद बस किराए में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। पहले जहां इस सफर में अधिक समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकती है।

जानें अब कितना करर दिया गया है किराया
इस नए मार्ग पर उत्तराखंड परिवहन विभाग ने कुल 16 बसों का संचालन शुरू किया है। इनमें 8 वोल्वो बसें, 6 एसी बसें और 2 साधारण बसें शामिल हैं।
किराए में भी उल्लेखनीय कटौती की गई है—एसी बस का किराया 704 रुपये से घटाकर 557 रुपये कर दिया गया है, वोल्वो बस का किराया 945 रुपये से घटकर 709 रुपये हो गया है, जबकि साधारण बस का किराया 420 रुपये से कम होकर 355 रुपये रह गया है।
| बस का प्रकार | पुराना किराया (₹) | नया किराया (₹) | कमी (₹) |
|---|---|---|---|
| एसी बस | 704 | 557 | 147 |
| वोल्वो बस | 945 | 709 | 236 |
| साधारण बस | 420 | 355 | 65 |
सस्ती, सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य
उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चलने वाली बस सेवाओं के किराए में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को सस्ती, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
रोडवेज की इस पहल को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है। किराए में कमी के कारण अब लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ये न केवल जेब पर हल्का है, बल्कि अब गति के मामले में भी किसी से पीछे नहीं है।
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अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल, गोल्ड मेडल किया अपने नाम

Asmita Yogasana League 2026 : उत्तराखंड की बेटियों ने अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में कमाल कर दिखाया है। उत्तराखंड की artistic group की टीम ने गोल्ड मेडल हासिल कर पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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Asmita Yogasana League 2026 में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल
दिल्ली के आनंदधाम आश्रम में 29 से 31 मार्च 2026 तक अस्मिता योगासन वूमेन लीग (नेशनल) 2025-26 का सफल आयोजन किया गया।
ये राष्ट्रीय प्रतियोगिता भारत सरकार की खेलो इंडिया पहल और योगासन भारत के सहयोग से आयोजित हुई, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से महिला योगासन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जिसमें उत्तराखंड की टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

गोल्ड मेडल जीत देश में रोशन किया प्रदेश का नाम
दिल्ली स्थित आनंद धाम आश्रम में हुई इस योगासना प्रतियोगिता में 20- राज्यों की टीमों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें से उत्तराखंड की टीम ने पहला स्थान हासिल किया है। आर्टिस्टिक ग्रुप (सीनीयर) में उत्तराखंड की टीम ने 94.46 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता है।

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