Uttarakhand
स्वामी दर्शन भारती का आरोप, अंकिता हत्याकांड की आड़ में स्वार्थी देवभूमि का माहौल कर रहे खराब

Uttarakhand News : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से सुर्खियों में है। जहां आज एक ओर देहरादून में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए महापंचायत का आयोजन किया गया। तो वहीं दूसरी ओर स्वामी दर्शन भारती ने पीसी कर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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अंकिता हत्याकांड की आड़ में स्वार्थी देवभूमि का माहौल कर रहे खराब
देहरादून में स्वामी दर्शन भारती ने पत्रकार वार्ता के दौरान अंकिता हत्याकांड की आड़ में कुछ स्वार्थी तत्वों पर देवभूमि का माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नेपाल की तरह उत्तराखंड के युवाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं।
सीबीआई जांच के कारण कुछ लोग बौखलाए
स्वामी दर्शन भारती ने ये भी आरोप लगाया कि उन्होंने उर्मिला सनावर को सामने लाने के लिए अपने संपर्कों का उपयोग किया था, लेकिन अब अगर उर्मिला सनावर को कुछ होता है, तो साक्ष्य मिटाने का आरोप भी लगेगा।

स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि सरकार ने जनता की इच्छा के अनुसार सीबीआई जांच कराई है, लेकिन कुछ लोग इससे बौखला गए हैं और सीबीआई जांच का भी इंतजार नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग जांच के नतीजे का इंतजार नहीं कर रहे हैं और केवल माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं। स्वामी दर्शन भारती ने मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने तेज की तैयारियां, कांग्रेस समेत कई दलों के कार्यकर्ताओं ने थामा BJP का दामन

Uttarakhand Politics : विधानसभा चुनावों में भले ही अभी लंबा समय बाकी है लेकिन राजनैतिक दलों ने अभी से अपनी कमर कस ली है। इसी बीच कार्यकर्ताओं के दल बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। आज कांग्रेस समेत तमाम दलों के कई कार्यकर्ताओं ने बीजेपी का दामन थामा।
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कांग्रेस समेत कई दलों के कार्यकर्ताओं ने थामा BJP का दामन
भाजपा कार्यालय में आज कांग्रेस समेत सपा, बसपा, यूकेडी और निर्दलीय कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थामा जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे। पौड़ी से नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी समेत कई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्यों, सैनिकों ने भाजपा का दामन थामा। इसी के साथ कांग्रेस के युवा प्रवक्ता और युवा नेता अमनप्रीत ने भी भाजपा से प्रेरित होकर कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा।
इस पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जिस तरीके से भाजपा सरकार काम कर रही है इसी से प्रेरित होकर कांग्रेस के अधिक से अधिक कार्यकर्ता भाजपा का दामन थाम रहे हैं और इसकी संख्या भी बढ़ाने वाली है।

विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने तेज की तैयारियां
प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारीयां तेज़ कर दी हैं। राज्य से जुड़े बड़े राजनितिक मामले, गठबंधन, प्रमुख अभियानों की दिशा और संगठनात्मक प्राथमिकताओं के मंथन के लिए व मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों की भूमिकाओं की चर्चा के लिए देहरादून में भजापा की कोर कमेटी की बैठक होनी सुनिश्चित हुई है।
14 फरवरी को होगी कोर कमेटी की बैठक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने बताया कि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आगामी 14 फरवरी को कोर कमेटी की बैठक की जाएगीउन्होने बताया की कमेटी में आगामी विधानसभा के चुनावों को मध्यनज़र रखते हुए कार्यक्रमों को तय किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों में विकास यात्राये भी निकाली जाएगी।
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25 साल से बुजुर्ग महिला रह रही थी अंधेरे में, ढाई दशक अंधेरे में रहने के बाद अब जगमगाया घर

Almora News : अल्मोड़ा जिले के रानीखेत से ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दरअसल एक बुजुर्ग महिला के घर 25 साल बाद बिजली पहुंची है। जिस से उनका खुशी का ठिकाना ना रहा। लेकिन इसके साथ ही सवाल भी उठ रहे हैं कि 25 सालों तक महिला बिजली से वंचित क्यों रही?
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25 साल बाज बुजुर्ग महिला के घर पहुंची बिजली
अल्मोड़ा जिले की तहसील रानीखेत से बीते दिनों एक महिला के घर में 25 सालों से बिजली नहीं थी। मीडिया के माध्यम से संज्ञान में लाया गया था कि कारखेत निवासी लीला देवी का घर विद्युत विहीन है और वे काफी समय से विद्युत सुविधा से वंचित हैं। जिलाधिकारी अंशुल सिंह के संज्ञान में आने के पश्चात उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
ढाई दशक अंधेरे में रहने के बाद अब जगमगाया घर
जिलाधिकारी के निर्देशों ग्राम कारखेत निवासी लीला देवी पत्नी स्व. बिहारी राम के आवासीय भवन में विद्युत विभाग से समन्वय कर बिजली कनेक्शन स्थापित कराया गया। बता दें कि लीला देवी के घर में पिछले काफी समय से विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कई बार इसके लिए सरकारी दफ्तर में शिकायत भी की थी।

बिजली आने से बुजुर्ग महिला हुई बेहद खुश
जिलाधिकारी अल्मोड़ा द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके क्रम में आज उनके घर में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही, ठंड के मौसम को देखते हुए लीला देवी को सर्दी से बचाव हेतु कंबल का वितरण भी किया गया। प्रशासन द्वारा किए गए इस त्वरित सहयोग से लाभार्थी द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन का आभार जताया गया।
Dehradun
ANKITA BHANDARI CASE: महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब, प्रदेश भर से पहुंचे लोग
अंकिता मामले में वीआईपी के नाम को लेकर परेड ग्राउंड देहरादून में महापंचायत
मुख्य बिंदु
ANKITA BHANDARI CASE: उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP का नाम उजागर करने और उसे सजा दिलाने की मांग को लेकर परेड ग्राउंड देहरादून में महापंचायत की गई. अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की तरफ से इस महापंचायत का आवाहन किया गया था. जिसे उत्तराखंड के कई छोटे-बड़े सामाजिक और राजनैतिक संगठनों ने अपना समर्थन दिया.
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ANKITA BHANDARI CASE: VIP का नाम उजागर करने को लेकर महापंचायत
राजधानी देहरादून में परेड ग्राउंड के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए. अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने को लेकर महापंचायत का आवाहन किया गया था, जिसमें प्रदेश भर से भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए. इस महापंचायत का कई छोटे-बड़े समाजिक संगठनों ने अपने स्तर से खूब प्रचार प्रसार किया था. जिसके बाद आज देहरादून के परेड ग्राउंड में भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा नजर आया.
तीन लोगों को पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद की सजा
गौर हो कि अंकिता भंडारी मामले में सेशन कोर्ट पहले ही पुलकित आर्य समेत 3 लोगों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है. लेकिन ये आरोप भी समय समय पर तेज़ होते रहे कि अंकिता भंडारी पर किसी VIP को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया गया था. इसलिए उस VIP का नाम उजागर कर उसे सजा दिलाने के लिए कई बार प्रदेश भर में लोग विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं.

कॉल रिकॉर्डिंग के बाद हुई सीबीआई जांच की संस्तुति
एक्ट्रेस उर्मिला सनावर और पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर के ऑडियो रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद मामले ने दोबारा तूल पकड़ी. जिसके बाद विरोध प्रदर्शन तेज़ हुआ और लोगों ने सीबीआई जांच की मांग की. इसके बाद मुख्यमंत्री धामी के द्वारा मामले की सीबीआई जाँच की संस्तुति की गई. सीबीआई मामले में अज्ञात VIP के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर अपनी छानबीन शुरू कर चुकी है.
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पर्यावरणविद अनिल जोशी की भूमिका पर भी उठे सवाल
देहरादून महापंचायत में पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्यनारायण सचान ने अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर्यावरणविद की एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच करा रहे हैं, जबकि यह जांच अंकिता भंडारी के माता-पिता की तहरीर पर होनी चाहिए थी. उनका कहना था कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे.
इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, उन्हें भी सीबीआई जांच के दायरे में लाया जाए. डॉ. सचान ने आरोप लगाया कि वसंत विहार थाने में जिस व्यक्ति ने तहरीर दी है, उसका न तो अंकिता के परिवार से कोई संबंध है और न ही वो किसी आंदोलन में सक्रिय रहा है. ऐसे में उसके रोल और मोबाइल कॉल डिटेल्स की भी गहन जांच होनी चाहिए.

सभी राजनैतिक दलों को मनना होगा संघर्ष मंच का फैसला
इसके अलावा देहरादून महापंचायत में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से ये स्पष्ट किया गया कि यहां जो भी फैसले लिए जाएंगे, उन्हें सभी राजनीतिक दलों को मानना होगा. इस दौरान महापंचायत में शामिल शिबा ने भी पर्यावरणविद की तहरीर के आधार पर जांच का विरोध किया. उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच केवल उसके माता-पिता की शिकायत के आधार पर होनी चाहिए.
उनका कहना था कि मामले में सजा पाए आरोपियों के खिलाफ भी आगे की जांच जरूरी है, क्योंकि अब तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अंकिता की हत्या का असली मकसद क्या था. उन्होंने ये भी कहा कि इस पूरे मामले में वीआईपी एंगल का जिक्र सामने आता रहा है, लेकिन उस दिशा में ठोस जांच नहीं हुई है.
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सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच न होना चिंता का विषय: इन्द्रेश मैखुरी
महापंचायत में मौजूद भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि आखिरकार सरकार को सड़कों पर हुए आंदोलनों के दबाव में सीबीआई जांच की घोषणा करनी पड़ी. उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता के माता-पिता और आंदोलनकारी शुरू से ही सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, फिर भी सरकार तीन साल तक टालमटोल करती रही.

इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि अब जब जांच की घोषणा हुई है, तो वो भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नहीं कराई जा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पर्यावरणविद की शिकायत पर सीबीआई जांच शुरू की गई, उसका इस पूरे मामले से कोई सीधा सरोकार नहीं है.; यहां तक कि 9 जनवरी को तहरीर देने के बावजूद उस व्यक्ति ने अंकिता के माता-पिता से मिलने तक की कोशिश नहीं की. इससे ये साफ होता है कि असली पीड़ित परिवार को जांच प्रक्रिया से अलग रखा गया है, और इसका जवाब सरकार को देना होगा.
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