big news
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 आज से शुरू, नकल रोकने के लिए कड़ी निगरानी और धारा 144 लागू

Uttarakhand News : उत्तराखंड बोर्ड की आज से परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में कुल 2,15,252 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी हो रही है और धारा 144 लागू है।
Table of Contents
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 आज से शुरू
उत्तराखंड बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। जिसके चलते शिक्षा विभाग और बोर्ड प्रशासन द्वारा परीक्षा को नकल विहीन और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो सके।
10वीं में 1,12,266 और 12वीं में 1,02,986 परीक्षार्थी रजिस्टर
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार हाईस्कूल में 1,12,266 और इंटरमीडिएट में 1,02,986 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं,परीक्षाएं प्रतिदिन सुबह 10 बजे से अपराह्न 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी। इससे पहले 16 जनवरी से 15 फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न कराई जा चुकी हैं।
लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन और सुरक्षित भंडारण के लिए प्रदेशभर में कुल 39 संग्रह केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें कुमाऊं मंडल में 13 और गढ़वाल मंडल में 26 केंद्र स्थापित किए गए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड स्तर पर तीन सचल दलों का गठन किया गया है, जो विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।
नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू
बता दें कि नकल रोकने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 भी लागू कर दी गई है,जिससे किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके। प्रशासन और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं ताकि छात्रों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
big news
चारधाम यात्रा मार्ग पर बनकर तैयार हुए ईवी चार्जिंग स्टेशन, GMVN के अतिथि गृहों में मिलेगी सुविधा

Chardham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा में भले ही काफी समय बचा है लेकिन सरकार और प्रशासनिक अमला अभी से तैयारियों में जुट गया है। जीएमवीएन भी यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी बीच जीएमवीएन ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर दिए हैं।
Table of Contents
चारधाम यात्रा मार्ग पर बनकर तैयार हुए ईवी चार्जिंग स्टेशन
चारधाम यात्रा मार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीएमवीएन ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अपनी अधिकांश प्रमुख प्रॉपर्टीज में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर दिए हैं।
जीएमवीएन के एमडी प्रतीक जैन ने जानकारी दी कि यात्रा रूट पर एनएच के किनारे मौजूद लगभग सभी महत्वपूर्ण परिसरों को ईवी चार्जिंग सुविधा से सुसज्जित किया जा चुका है। जहां अब तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां भी जल्द ही चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।

तिलवाड़ा, गुप्तकाशी और ऊखीमठ में चल रहे ईवी स्टेशन
जीएमवीएन के एमडी प्रतीक जैन ने बताया कि रुद्रप्रयाग क्षेत्र के तिलवाड़ा, गुप्तकाशी और ऊखीमठ जैसे प्रमुख टूरिस्ट रेस्ट हाउस में पहले से ही ईवी चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों से आने वाले यात्री इनका नियमित उपयोग कर रहे हैं।
यात्रियों को कोई परेशानी ना हो ये हमारी कोशिश – प्रतीक जैन
एमडी प्रतीक जैन का कहना है कि राज्य सरकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों के तहत जीएमवीएन की कोशिश है कि उसकी हर प्रमुख संपत्ति में ये सुविधा उपलब्ध हो। ताकि इलेक्ट्रिक वाहन से चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
big news
अल्मोड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, बस को पास देते हुए खाई में गिरा पिकअप, 5 गंभीर रूप से घायल

Almora News : अल्मोड़ा में शुक्रावर को सल्ट में सड़क हादसा हो गया। यहां बस को पास देते हुए एक पिकअप वाहन खाई में जा गिरा। इस हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
Table of Contents
अल्मोड़ा में बस को पास देते हुए खाई में गिरा पिकअप
अल्मोड़ा जिले के सल्ट में डोटियाल से सराईखेत की ओर जा रहा एक पिकअप वाहन हादसे का शिकार हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक बस को पास देने के दौरान पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। जिस कारण पिकअप सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
सड़क की हालत खराब होने के कारण हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक सल्ट के डोटियाल से करीब एक किलोमीटर आगे तक सड़क खस्ताहाल है। इसी स्थान पर सामने से आ रही बस को पिकअप चालक पास दे रहा था। इसी दौरान वो वाहन से नियंत्रण खो बैठा और पिकअप 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को खाई से बाहर निकालकर सड़क क पहुंचाया। जिसके बाद मौके पर मौजूद लोग ही उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए देवायल ले गए। जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
पांचों घायलों को किया गया हायर सेंटर रेफर
वाहन में सवार पांचों लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में वाहन चालक साकम सिंह (35 वर्ष) निवासी सराईखेत, राजेंद्र सिंह (36 वर्ष) निवासी केलाखेड़ा उधमसिंहनगर, सुभाष (19 वर्ष) निवासी नेपाल, चंद्रसेन सैनी (41 वर्ष) निवासी जिला बिजनौर और विजेंद्र सिंह (36 वर्ष) निवासी जिला बिजनौर शामिल हैं। सभी को हायर सेंटर रामनगर के लिए रेफर कर दिया गया है।
big news
नैनीताल में तिब्बती समुदाय ने धूमधाम से मनाया लोसर, लोगों ने मठ में की पूजा अर्चना

Nainital News : तिब्बती समुदाय विश्वभर में अपने नये साल यानी लोसर (Losar Festival) का जश्न मना रहा है। नैनीताल में भी तिब्बती समुदाय ने सुख निवास स्थिति बौद्ध मठ में लोसर का जश्न मनाया।
Table of Contents
नैनीताल में तिब्बती समुदाय ने धूमधाम से मनाया Losar Festival
तिब्बती समुदाय विश्वभर में नये साल यानी लोसर का जश्न मना रहा है। इसी क्रम में नैनीताल में भी तिब्बती समुदाय के लोगों ने धूमधाम से लोसर पर्व मनाया। इस दौरान समुदाय के लोगों ने मठ में पूजा अर्चना की। तीन दिन तक चले लोसर के जश्न में लोगों ने एक दूसरे को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी।
लोगों ने मठ में की पूजा अर्चना कर की शांति की कामना
तिब्बती समुदाय ने पूजा अर्चना कर विश्व शांति और दलाई लामा की दीर्घायु की कामना की। Losar Festival के मौके पर तिब्बती समुदाय की महिलाओं और पुरूषों ने पारंपरिक परिधानों में मंगल गीत गाये। आपको बता दें कि आज ही के दिन तिब्बती समुदाय द्वारा रंग बिरंगे झंडे लगाए जाते हैं जो 5 रंग के होते है।

तिब्बती समुदाय द्वारा इस दिन लगाए जाते हैं झंडे
आज के दिन लगाए जाने वाले रंगे बिरंगे झंडे में हरा जो हरियाली का लाल अग्नी सफेद जो शांति का नीला जो जल का और पीला जमीन का प्रतीक होते हैं। इन झंडों में मंत्र लिखे होते हैं और माना जाता है कि हवा के बहाव से जितनी बार यह झंडे हवा में लहराते हैं उतनी ही ज्यादा विश्व में शांति आएगी।
तीन दिन तक मनाया जाता है लोसर पर्व
लोसर का पर्व 3 दिन तक मनाया जाता है। जिसमें सामूहिक पूजा की जाती है विश्व और नगर की शांति के लिए नगर में देवी आपदा ना आये तिब्बतियों में लोसर का उत्साह देखा जाता है तिब्बती समुदाय के लोग लोसर को नए साल के रूप में मानते है। महिलाएं व बच्चों पर खासा उत्साह देखने को मिलता है महिलाएं अपने घरों दुल्हन की तरह को सजाते हैं।

Losar Festival FAQs (लोसर पर्व से जुड़े सवाल-जवाब)
Q1. लोसर क्या है?
Ans: लोसर तिब्बती समुदाय का नववर्ष (New Year) होता है। इसे तिब्बती लोग नए साल की शुरुआत के रूप में बड़े उत्साह और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाते हैं।
Q2. लोसर कितने दिन तक मनाया जाता है?
Ans: लोसर का पर्व आमतौर पर तीन दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, सजावट और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
Q3. लोसर पर रंग-बिरंगे झंडे क्यों लगाए जाते हैं?
Ans: लोसर के दिन तिब्बती समुदाय पांच रंगों के झंडे लगाता है। इन झंडों पर मंत्र लिखे होते हैं और माना जाता है कि हवा के साथ लहराने पर ये मंत्र विश्व में शांति का संदेश फैलाते हैं।
Q4. लोसर के झंडों के रंग क्या दर्शाते हैं?
Ans:हरा – हरियाली का प्रतीक
- लाल – अग्नि का प्रतीक
- सफेद – शांति का प्रतीक
- नीला – जल का प्रतीक
- पीला – धरती (जमीन) का प्रतीक
Q5. लोसर पर क्या विशेष किया जाता है?
Ans: इस पर्व पर सामूहिक पूजा की जाती है, नगर और विश्व की शांति की कामना की जाती है, और घरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है।
Q6. लोसर किसका नया साल माना जाता है?
Ans: लोसर तिब्बती समुदाय का पारंपरिक नया साल होता है, जिसे बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
Q7. लोसर पर सबसे ज्यादा उत्साह किनमें देखा जाता है?
Ans: लोसर पर खासतौर पर महिलाओं और बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिलता है। महिलाएं घरों को सजाती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाज निभाती हैं।
big news21 hours agoअल्मोड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, बस को पास देते हुए खाई में गिरा पिकअप, 5 गंभीर रूप से घायल
big news23 hours agoनैनीताल में तिब्बती समुदाय ने धूमधाम से मनाया लोसर, लोगों ने मठ में की पूजा अर्चना
Haldwani19 hours agoहल्द्वानी में पार्षद ने निगम कर्मियों को बनाया बंधक, मौके पर मचा हड़कंप
Dehradun2 hours agoVIKASNAGAR: बोलेरो और बाइक की टक्कर में शिक्षिका की मौत, शिक्षक घायल
Dehradun2 hours agoUTTARAKHAND: जन-जन की सरकार अभियान का रिकॉर्ड के साथ समापन, 45 दिन में 681 शिविर, लाखों लोगों को मिला लाभ
Uttarkashi43 minutes agoUTTARKASHI: चिन्यालीसौड़ में तेंदुए के हमले में बुजुर्ग जख्मी, स्थानीय लोगों ने पहुँचाया हॉस्पिटल
big news28 minutes agoचारधाम यात्रा मार्ग पर बनकर तैयार हुए ईवी चार्जिंग स्टेशन, GMVN के अतिथि गृहों में मिलेगी सुविधा






































