Dehradun
उत्तराखंड: राज्य के 12 शहरों में पेयजल किल्लत दूर करने के लिए वर्ल्ड बैंक देगा 1200 करोड़, इन शहरों की पेयजल योजनाएं !

देहरादून – राज्य के 12 शहरों में पेयजल किल्लत दूर करने के लिए वर्ल्ड बैंक 1200 करोड़ रुपये देगा। पेयजल निगम ने इसका प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द ही वर्ल्ड बैंक की टीम इस संबंध में बातचीत करने आएगी। वर्ल्ड बैंक ने पूर्व में हरिद्वार, देहरादून, हल्द्वानी में पैरी अर्बन क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं के लिए 1200 करोड़ दिए थे।

सभी जगहों पर समय से काम पूरे हुए। इस आधार पर वर्ल्ड बैंक ने देशभर में उत्तराखंड को ए-ग्रेड से नवाजा। इस ग्रेड के मिलने से वर्ल्ड बैंक 1200 करोड़ रुपये की योजनाएं और उत्तराखंड को देगा, जिस पर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद अब पेयजल निगम ने प्रस्ताव भेज दिया है। इस प्रस्ताव के लिए वर्ल्ड बैंक को मुख्यालय की अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
परफॉर्मेंस के आधार पर भारत स्थित कार्यालय से ही यह बजट जारी हो जाएगा। मुख्य अभियंता संजय सिंह ने बताया कि पहले ये शहर भी जायका की योजना के तहत 38 शहरों की पेयजल योजनाओं के लिए प्रस्तावित किए गए थे लेकिन वहां केवल 18 को ही अनुमति मिल पाई है। इसलिए इनमें से 12 को वर्ल्ड बैंक से प्रस्तावित किया गया है।
गैरसैंण में पेयजल की भारी किल्लत है। ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के चलते भविष्य में पेयजल की और भी मांग बढ़ेगी। गैरसैंण के लिए रामगंगा पर सिंचाई विभाग बांध बना रहा है। इसी बांध से गैरसैंण के लिए पेयजल निगम भी प्रोजेक्ट बनाएगा। यह प्रोजेक्ट देहरादून की सौंग बांध परियोजना की भांति होगा। इससे गैरसैंण में पेयजल किल्लत दूर हो जाएगी।
इन शहरों में बनेंगी पेयजल की योजनाएं
भवाली
भीमताल
गैरसैंण
थराली
पुरोला
नौगांव
चिन्यालीसौड़
सेलाकुई
रामपुर, रुड़की
जसपुर
लालपुर
दिनेशपुर
Dehradun
देहरादून : नंदा-सुनंदा योजना बनी सहारा, 1.55 लाख से 4 बालिकाओं की शिक्षा बहाल

Dehradun News : नंदा–सुनंदा योजना से नए साल की शुरुआत, 4 बालिकाओं की शिक्षा को मिला संबल
मुख्य बिंदु
Dehradun News : देहरादून में नववर्ष के पहले दिन जिला प्रशासन ने जरूरतमंद बालिकाओं के जीवन में शिक्षा की नयी किरण प्रज्वलित कर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा के तहत 4 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को 1.55 लाख रुपये की सहायता से पुनः शुरू किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को शिक्षा सहायता के चेक वितरित किए।
11 संस्करणों में 93 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित Project Nanda Sunanda का ये 11वां संस्करण है। अब तक इस योजना के माध्यम से 93 बालिकाओं की शिक्षा को 33.50 लाख रुपये की सहायता से पुनर्जीवित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नववर्ष की शुरुआत यदि शिक्षा रूपी पूजा से हो, तो यह समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है।
परिस्थितियों से जूझती बालिकाओं को मिला प्रशासन का सहारा
Project Nanda Suanda में लाभान्वित बालिकाओं ने अपनी व्यथा साझा की।
- नंदनी राजपूत ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी के कारण 11वीं की पढ़ाई बाधित हो गई थी।
- नव्या नैनवाल की शिक्षा पिता के निधन के बाद संकट में आ गई थी।
- दिव्या के दिव्यांग पिता और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण 9वीं की पढ़ाई रुक गई थी।
- आकांशी धीमान की 8वीं की शिक्षा भी पारिवारिक हालात के चलते बाधित थी।
इन सभी बालिकाओं की शिक्षा को जिला प्रशासन ने पुनः सुचारू किया।

उच्च शिक्षा में भी मिला सहयोग
Doon University में स्नातक की पढ़ाई कर रहीं जीविका अंथवाल ने बताया कि पिता के आईसीयू में भर्ती होने के कारण उनकी शिक्षा खतरे में थी। जिला प्रशासन के सहयोग से उनकी उच्च शिक्षा भी जारी रह सकी। अपनी बात रखते हुए वे भावुक हो उठीं और प्रशासन के प्रति आभार जताया।
डीएम का संदेश: मेहनत करें, प्रशासन साथ खड़ा रहेगा
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि गरीबी और परिस्थितियां मेधावी छात्रों की शिक्षा में बाधा नहीं बनेंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार और जिला प्रशासन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव सहयोगी रहेगा। साथ ही उन्होंने अपेक्षा जताई कि भविष्य में सक्षम होकर ये बालिकाएं भी समाज सेवा के लिए आगे आएंगी।
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डोईवाला के लालतप्पड़ में चलती बस बनी आग का गोला, मौके पर मची चीख-पुकार, देखें वीडियो

Dehradun News : देहरादून के डोईवाला में लालतप्पड़ के पास अचानक रोडवेज की चलती बस में आग लग गई। बस में आग लगने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आग के कारण पूरी बस जलकर खाक हो गई। ड्राइवर की सूझबूझ से यात्रियों की जान बच गई।
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डोईवाला के लालतप्पड़ में चलती बस बनी आग का गोला
Dehradun के डोईवाला के लालतप्पड़ के पास रोडवेज की चलती बस में आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने भयानक रूप ले लिया और पूरी बस जलकर खाक हो गई। बस में आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
यात्री सुरक्षित निकल गए थे बाहर
मिली जानकारी के मुताबिक आग लगने की जानकारी पर सभी यात्री बस से सुरक्षित बाहर निकल गए थे। वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया।

बस में 15 यात्री थे सवार
बताया जा रहा है कि बस में चालक समेत 15 यात्री सवार थे। बस चंपावत जिले के लोहाघाट से Dehradun आ रही थी। रोडवेज की बस में आग लगने की जानकारी भी स्थानीय लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को दी। जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची।
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Dehradun AQI : देहरादून बना गैस चैंबर !, AQI पहुंचा 329 के पार, हवा हुई ‘बहुत खराब’

Dehradun AQI 1 JAN 2026 : देहरादून की हवा दिन पर दिन खराब होती जा रही है। अब देहरादून की हवा भी सांस लेने लायक नहीं रह गई है। 31 दिसंबर को जहां एक ओर लोग नए साल का जश्न मना रहे थे। तो वहीं दूसरी ओर ऐसी खबर आई जिसने सभी को चौंका दिया। 31 दिंसबर को देहरादून का एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया।
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राजधानी देहरादून का AQI पहुंचा 329 के पार
पहाड़ों की रानी मसूरी का द्वार कहलाने वाला, कभी अपनी शुद्ध और सुकून देने वाली आबोहवा के लिए मशहूर देहरादून, आज दम घोंटती हवा के साए में कराह रहा है। जिस शहर में सांस लेना राहत हुआ करता था, वहीं अब हर सांस के साथ खतरा बढ़ता जा रहा है। देहरादून में दिन पर दिन एक्यूआई बढ़ता जा रहा है और देहरादून भी दिल्ली बनता जा रहा है। देहरादून का एक्यूआई ऋषिकेश (Rishikesh AQI) से

देहरादून की हवा की गुणवत्ता पहुंची बहुत खराब श्रेणी में
देहरादून की हवा की गुणवत्ता बहुत से बहुत खराब स्थित में पहुंच गई है। बीते दो दिनों से देहरादून का एक्यूआई 300 के पार पहुंच रहा है। 31 दिसंबर की रात तो देहरादून का एक्यूआई 329 के पार दर्ज किया गया। देहरादून में एक्यूआई लगातार दूसरे दिन बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया गया।

देश के सबसे ज्यादा खराब हवा वाले 15 शहरों में दून भी शामिल
हैरानी की बात तो ये है कि देहरादून अब देश के सबसे ज्यादा खराब हवा वाले शहरों में से एक है। शहरों में एक्यूआई को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रिपोर्ट जारी करता है। जिसके मुताबिक 242 शहरों के एक्यूआई में 15 शहर ऐसे हैं जहां हवा की गुणवत्ता बहुत खराब है।
देश के 15 ऐसे शहर जहां पर हवा बहुत खराबश्रेणी में है उनमें अब देहरादून भी शुमार है। बता दें कि देहरादून में बुधवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 318 दर्ज किया गया था। जबकि इससे पहले 28 दिसंबर को AQI 301 तक पहुंच गया था।

ऋषिकेश की हवा देहरादून से बेहतर
बता करें उत्तराखंड के अन्य शहरों की तो देहरादून जिले का ही ऋषिकेश अच्छी स्थिति में है। ऋषिकेश की स्थिति तुलनात्मक देहरादून से ठीक है। बता दें कि बुधवार को ऋषिकेश का एक्यूआई (Rishikesh AQI) 136 दर्ज किया गया। जो कि देहरादून से लगभग आधा है।

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