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उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दो वर्ष के कार्यकाल में अपने अनुभव, उपलब्धियों व चुनौतियों को मीडिया के साथ किया साझा।

देहरादून – गुरूवार को उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा० गीता खन्ना की अध्यक्षता में मीडिया सेंटर, सचिवालय परिसर देहरादून में पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता का आयोजन दो वर्ष के कार्यकाल में आयोग में अपने अनुभव, उपलब्धियों व चुनौतियों को मीडिया के साथ साझा करने के उद्देश्य से किया गया।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा० गीता खन्ना ने बताया कि आयोग में उनके द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस अंतराल में बच्चों के हितों व उनके अधिकारों को संरक्षित करने के लिये उनके द्वारा अथक प्रयास किये गये।

उपलब्धियां
1. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ एक सुन्दर सम्बन्ध और सहयोग की दृष्टि से हमने बच्चों के अधिकारों के संरक्षण हेतु प्रयासरत रहे। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा सभी प्रादेशिक कार्यक्रमों में व आयोजित सभी कार्यशालाओं में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर उत्कृष्ट कार्य करने का प्रयास किया गया है।
2 भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट और अन्य सभी शीर्ष द्वारा आयोजित बैठकों में आयोग ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। मुझे यह बताते हुये अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि उत्तराखण्ड हाईकोर्ट की जुविनाईल जस्टीस कमेटी में अपना संवाद स्थापित कर आयोग के अनुरोध पर एक स्टेट स्टेकहोल्डर मीट की है और लगातार आभासी बैठक के माध्यम से व प्रशासन और आयोग के मार्गदर्शन का कार्य कर रहे है।
3. आयोग में अध्यक्ष पद पर निष्ठावान रूप से पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने में आयोग के सदस्यों द्वारा जनपद स्तर पर सहयोग प्रदान किया जाता रहा है। माह जनवरी, 2022 में आयोग में अध्यक्ष पद ग्रहण करने के उपरान्त मेरा उद्देश्य राज्य स्तर पर बच्चों के अधिकारों व उनके साथ हो रहे उत्पीड़न को रोकने व इस प्रकार के कृत्य की पुर्नवृति रोकना रहा है।
4. आयोग द्वारा माह अप्रैल, 2023 को आपदा प्रबन्धन एंव पुर्नवास हेतु डी०एम०एम०सी०, सभागार सचिवालय परिसर, देहरादून में राज्य में भूकंप, भूस्खलन व आगजनी जैसी आपदाओं आदि से बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत विभाग की तैयारियों एंव दिशा निर्देशों पर बैठक का आयोजन किया गया।
5. विद्यालयों/ शिक्षण संस्थों के अंतर्गत आने वाले शिक्षण संस्थानों में बच्चों के अधिकारों के हनन से सम्बन्धित मामलों में वृद्धि होने के दृष्टिगत माह मई, 2023 को द सैपियंस स्कूल, हरबर्टपुर विकासनगर देहरादून में बैठक की गई। बैठक में विकासनगर क्षेत्र के सभी विद्यालयां शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्याे / निर्देशकों / प्रबन्धकों से बाल अधिकारों के हनन जैसे सभी गम्भीर विषयों पर वार्ता की गई तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में योजित धाराओं के अंतर्गत नियमानुसार अनुसरण करने हेतु निर्देशित किया गया।
6. आयोग के सदस्यों के सहयोग से माह मई, 2023 में बालश्रम एंव बालभिक्षावृति उन्मूलन तथा पुनर्वास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें मंत्री श्रीमती रेखा आर्या जी द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर हमारा मनोबल बढाया गया था तथा आयोग द्वारा किये जा रहे उत्कृष्ट कार्य की सराहना की गई।
7. आयोग द्वारा माह जुलाई, 2023 में इण्डिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फण्ड के सहयोग से ऑनलाईन बाल यौन शोषण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें साईबर बुलिंग, हैकिंग, ऑनलाईन बाल यौन शोषण जैसे गम्भीर मुद्दो पर चर्चा की गई। कार्यशाला में पुलिस विभाग द्वारा साईबर क्राईम पर पुलिस स्तर से की जा रही कार्यवाही भी साझा की गई तथा आयोग को हर सम्भव सहायता प्रदान किये जाने का भी आश्वासन दिया गया।
8. विधान सभा की अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूडी जी की अनुमति व आयोग के सदस्य श्री विनोद कपरवाण के सहयोग से गैरसैंण विधानसभा परिसर में माह जून, 2023 में आयोग द्वारा चतुर्थ बाल विधानसभा के द्वितीय सत्र का दो दिवसीय आयोजन किया गया, जिसमें विधानसभा की अध्यक्ष महोदया द्वारा बाल विधानसभा के विधायकों से संवाद कर उन्हें विधानसभा की कार्य प्रणाली से अवगत कराया गया तथा विधानसभा का भ्रमण कराया गया व भविष्य में आयोग को बच्चों के हितों में किये जा रहे प्रयासों पर सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया।
9. उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जनपद नैनीताल के भीमताल में सभी रेखीय विभागों के साथ बैठक की गई, जिसमें सभी विभागों द्वारा प्रतिभाग किया गया। मेरे द्वारा सभी रेखीय विभागों को आयोग के साथ एकजुट होकर बाल अधिकारों व उनके उत्थान व उत्पीडन पर कार्य किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
10. आयोग द्वारा सदस्य श्री दीपक गुलाटी व सदस्य श्रीमती सुमन राय के सहयोग से अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जनपद ऊधमसिंहनगर में बाल अधिकारों एंव सुरक्षा पर संवेदीकरण व जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सभी रेखीय विभागों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
11. आयोग द्वारा समय समय पर प्रतिष्ठित निजी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, एकेडिमियों का औचक निरीक्षण किया गया तथा उनमें नजर में आयी कमियों पर स्कूलों, कोचिंग संस्थानों को सुनवाई में आयोग में बुलाया गया।
12 आयोग द्वारा अनुशिक्षण संस्थान हेतु नियमावली तैयार किये जाने हेतु शासन से संस्तुति की गई।
13. रेस्क्यू किये गये बालश्रमिकों के लिये पुर्नवास केन्द्र तैयार किये जाने हेतु शासन को संस्तुति की गई।
14. नशे में लिप्त तथा नशा बेचने वाले बच्चों के लिये पुर्नवास केन्द्र तैयार किये जाने हेतु शासन से संस्तुति की गई।
15. स्टैन्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में महिला सशक्तिरण एंव बाल विकास विभाग द्वारा समस्त विभागों से मा० सर्वाेच्च न्यायालय के प्रश्नों के उत्तर / सुझाव के क्रम में आयोग द्वारा मिशिंग चिल्ड्रिन हेतु सुझाव शासन को प्रषित किये गये।
16. मा० उच्च न्यायालय द्वारा जे०जे एक्ट तथा पोक्सों से जुडे हितधारकों हेतु ट्रेनिंग मोड्यूल तैयार करने में आयोग द्वारा सहभागिता की गई।
17. आयोग द्वारा आगामी 20 नवम्बर को टिहरी जनपद में बाल दिवस मनाया जायेगा।
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दिल्ली में प्रदर्शन और ट्रैफिक जाम, उत्तर रेलवे ने कई ट्रेनें कीं रद्द, कई के समय में बदलाव

Delhi train update : दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और रेलवे स्टेशनों के आसपास संभावित भारी ट्रैफिक जाम को देखते हुए उत्तर रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने और कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव करने का फैसला लिया है। इस संबंध में उत्तर रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यात्रियों को जानकारी दी है।
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दिल्ली में प्रदर्शन और ट्रैफिक जाम का असर
उत्तर रेलवे के अनुसार 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक मध्य दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन और यातायात संबंधी प्रतिबंधों के कारण रेल परिचालन प्रभावित रहेगा। इसके चलते लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ दिल्ली, रेवाड़ी, हिसार और आसपास के क्षेत्रों में चलने वाली कई ट्रेनें भी प्रभावित होंगी।
उत्तर रेलवे ने कई ट्रेनें कीं रद्द
उत्तर रेलवे की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, ट्रेन संख्या 20155 डॉ. आंबेडकर नगर–नई दिल्ली, 09309 इंदौर–हजरत निजामुद्दीन, 12415 इंदौर–नई दिल्ली, 12247 बांद्रा टर्मिनस–हजरत निजामुद्दीन और 12957 साबरमती बीजी–नई दिल्ली को 10 अक्टूबर के लिए रद्द किया गया है। इसके अलावा लखनऊ चारबाग से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या 12229 और 12429 को भी सूची में शामिल किया गया है।

वहीं, रेवाड़ी, दिल्ली, हिसार और आसपास के रूटों पर चलने वाली कई पैसेंजर ट्रेनों को भी रद्द किया गया है। इनमें रेवाड़ी–दिल्ली, दिल्ली–रेवाड़ी, हिसार–दिल्ली और हिसार–नई दिल्ली रूट की ट्रेनें शामिल हैं। जारी सूची में 9 अक्टूबर को चलने वाली कुछ ट्रेनों का भी उल्लेख है।
मुंबई से आने वाली ट्रेनों के समय में बदलाव
रेलवे ने ट्रेन संख्या 12951 मुंबई सेंट्रल–नई दिल्ली और 12953 मुंबई सेंट्रल–हजरत निजामुद्दीन के प्रस्थान समय में भी बदलाव किया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन ट्रेनों को 10 अक्टूबर को क्रमशः सुबह 8:32 बजे और 9:43 बजे पुनर्निर्धारित किया गया है। दोनों ट्रेनों को सुबह 5 बजे तक पुनर्निर्धारित किए जाने की सूचना जारी की गई है।

यात्रियों से अपडेट लेकर यात्रा करने की अपील
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। ट्रेन से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट NTES या हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है।
यात्रियों को सलाह है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले ट्रेन नंबर के आधार पर स्थिति की पुष्टि करें, ताकि रद्दीकरण या समय में बदलाव के कारण होने वाली परेशानी से बचा जा सके।
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उत्तराखंड में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, 641 पहुंचा स्वाइन फ्लू का आंकड़ा

Uttarakhand News : उत्तराखंड में मानसून अब अपने अंतिम दौर में है, लेकिन बदलते मौसम के बीच मौसमी बीमारियों का प्रकोप कम होता नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के साथ-साथ डेंगू और कोविड संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं।
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उत्तराखंड में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक 641 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि राहत की बात ये है कि स्वाइन फ्लू से संक्रमित कुल 641 मरीजों में से 600 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 39 मरीजों का उपचार अभी जारी है। इस बीमारी से प्रदेश में अब तक 2 मरीजों की मौत हुई है। बीते 24 घंटे में स्वाइन फ्लू के 15 नए मामले सामने आए हैं। इनमें 9 मामले देहरादून से और 6 मामले अन्य जिलों से हैं।
स्वाइन फ्लू की जांच के लिए लिए गए 2111 सैंपल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच के लिए अब तक 2111 सैंपल लिए गए हैं। इनमें देहरादून के 428 और अन्य जिलों के 213 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। विभाग का कहना है कि पहले की तुलना में नए मरीजों की संख्या में कमी आई है।
वहीं, कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नजर डालें तो अब तक 1060 सैंपल की जांच की जा चुकी है। इनमें 57 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना संक्रमितों में 29 मरीज देहरादून के और 28 मरीज दूसरे जिलों के हैं।

अब तक 222 लोगों में हुई डेंगू की पुष्टि
डेंगू के लिए प्रदेश में करीब 34,226 सैंपल की जांच की गई है। इनमें 222 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीजों में 109 देहरादून के और 113 अन्य जिलों के हैं। डेंगू के कुल मरीजों में से 203 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 19 मरीजों का इलाज चल रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा मामले
स्वाइन फ्लू के आंकड़ों पर नजर डालें तो बच्चों और बुजुर्गों में भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 0 से 11 महीने की उम्र के एक बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। वहीं 1 से 10 वर्ष की उम्र के 101 बच्चे संक्रमित पाए गए हैं।
11 से 20 वर्ष की उम्र के 57, 21 से 30 वर्ष के 72, 31 से 40 वर्ष के 58 और 41 से 50 वर्ष की उम्र के 63 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 51 से 60 वर्ष के 97, 61 से 70 वर्ष के 105, 71 से 80 वर्ष के 71 और 81 से 100 वर्ष की उम्र के 16 मरीज भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आए हैं।
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बैंक बंद होने से पहले मिलेगा पैसा, सरकार ने वेतन-पेंशन को लेकर जारी किए निर्देश

Uttarakhand News : देशभर में प्रस्तावित बैंक हड़ताल के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के सितंबर महीने के भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
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बैंक बंद होने से पहले मिलेगा पैसा
सरकार ने सितंबर 2026 का वेतन और पेंशन 26 सितंबर तक जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल के संभावित असर के बीच कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतान से जुड़ी किसी परेशानी से बचाना है।
देशभर में 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इस दौरान बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने सितंबर माह के वेतन और पेंशन का भुगतान निर्धारित समय से पहले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिलाधिकारियों और कोषागार अधिकारियों को निर्देश
प्रमुख सचिव वित्त रमेश कुमार सुधांशु ने 25 सितंबर को इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और कोषागार, पेंशन एवं हकदारी निदेशक को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को सितंबर 2026 के वेतन एवं पेंशन का भुगतान 26 सितंबर, शनिवार तक सुनिश्चित किया जाए।
सरकार के इस कदम से बैंक हड़ताल के दौरान भुगतान संबंधी संभावित दिक्कतों से कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अक्टूबर के भुगतान में होगा जरूरी समायोजन
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सितंबर महीने का वेतन या पेंशन जारी करते समय पूरे महीने की देय राशि का आकलन किया जाए। अगर भुगतान के बाद किसी राशि में समायोजन की आवश्यकता सामने आती है, तो उसका निपटारा अक्टूबर 2026 के वेतन या पेंशन में किया जाएगा।
इसके साथ ही संबंधित विभागों को भुगतान से जुड़ी आवश्यक लेखांकन प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह बैंक हड़ताल शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड सरकार सितंबर महीने के सरकारी वेतन और पेंशन का भुगतान पूरा कराने की तैयारी में जुट गई है।











































