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56 उम्मीदवारों को पेपर लीक प्रकरण में सनलिप्त पाए जाने पर आयोग ने जारी किया ब्लैकलिस्ट का नोटिस।
देहरादून – उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पेपर लीक में शामिल 56 उम्मीदवारों को काली सूची में डालने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। उनसे 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। इसके बाद उन्हें काली सूची में डालते हुए उनकी सूचना वेबसाइट पर जारी की जाएगी। वहीं आयोग ने पेपर लीक के आरोप में जेल गए दो कर्मचारियों को निलंबित करने के बाद विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी।

हरिद्वार एसएसपी की ओर से आयोग को पेपर लीक में शामिल उम्मीदवारों के नामों की सूची उपलब्ध कराई गई है। आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, आठ जनवरी को हुई पटवारी-लेखपाल भर्ती के पेपर लीक में शामिल 44 अभ्यर्थियों की पहचान हुई है।
वहीं, जेई-एई भर्ती की परीक्षा में पेपर लीक में शामिल 12 उम्मीदवारों की पहचान हुई। अभी दोनों मामलों की जांच जारी है। लिहाजा, अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ सकती है। आयोग ने बृहस्पतिवार को बैठक कर इन 56 उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में जवाब मांगा है। इसके बाद इन्हें काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालकर यह जानकारी वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी।
आयोग ने यह स्वीकार किया है कि पेपर लीक के आरोपी संजीव चतुर्वेदी की देखरेख में पटवारी-लेखपाल भर्ती, फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा के पेपर तैयार किए गए थे, जिन्हें नष्ट कर दिया गया है। इस साल किसी भी परीक्षा के प्रश्न पत्र निर्माण में संजीव चतुर्वेदी की भूमिका नहीं रही। आयोग ने संजीव के कार्यकाल के पेपर नष्ट कर दिए हैं। नए पैनल ने नए पेपर बनाने का काम शुरू कर दिया है। पीसीएस मुख्य परीक्षा का पेपर भी दोबारा तैयार कराया जा रहा है।
सरकार ने पटवारी भर्ती पेपर लीक प्रकरण के बाद विवादों में आए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक सुंदर लाल सेमवाल को बृहस्पतिवार को हटा दिया। उनकी जगह हरिद्वार के सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। आयोग के अति गोपनीय विभाग के ही अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के पेपर लीक करने के बाद से परीक्षा नियंत्रक पर लगातार सवाल उठ रहे थे। अपर सचिव कार्मिक कमेंद्र सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। फिलहाल सेमवाल को बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है।
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नैनीताल में लेपर्ड की खाल और हड्डियों की तस्करी का भंडाफोड़, STF के हत्थे चढ़ा तस्कर

Nainital News: प्रदेश में तस्करी को रोकने के लिए वन विभाग और एसटीएफ एक्टिव मोड में काम कर रहा है। इसी कड़ी में नैनीताल में लेपर्ड की खाल और हड्डियों की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। एसटीएफ और नैनीताल वन प्रभाग ने मिलकर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
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Nainital में लेपर्ड की खाल और हड्डियों की तस्करी का भंडाफोड़
एसटीएफ और नैनीताल वन प्रभाग व नैनीताल पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा एक ज्वांइट ऑप्रेशन में आज नगरपालिका नैनीताल रेंज क्षेत्र से एक वन्यजीव तस्कर महेश सिंह कपकोटी पुत्र स्व जसवंत सिंह निवासी कपकोट थाना कपकोट जिला बागेश्वर को दो लेपर्ड की खाल व हड्डियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार तस्कर लम्बे समय से वन्यजीव अंगो की तस्करी में लिप्त था ।
लंबे समय से तस्करी में लिप्त था तस्कर
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि एसटीएफ द्वारा शुक्रवार को नैनीताल क्षेत्र में Nainital वन प्रभाग को साथ लेकर वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। जिसमें दो लेपर्ड स्किन व हड्डियों के साथ एक शातिर वन्यजीव तस्कर को गिरफ्तार किया गया है।
वन्यजीव तस्करों का लम्बे समय से जनपद बागेश्वर क्षेत्र से वन्यजीव अंगो की तस्करी करने का इनपुट एसटीएफ के पास आया था। जिस पर एसटीएफ की एक टीम को गोपनीय रुप से इसपर कार्रवाई करने के लिए लगाया गया था। कल जब ये तस्कर खालों को किसी बाहर की पार्टी को बेचने के लिए नैनीताल पहुंचा तो टीम ने इसे गिरफ्तार कर लिया।

वाइल्ड लाइफ एक्ट में मुकदमा दर्ज
एसएसपी ने बताया कि अब तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है कि पोचिंग कब, कहाँ और किस जंगल में किस तरह की गयी है। उन्होंने बताया कि लेपर्ड जिसे वन्यजीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है इसका शिकार करना एक गम्भीर अपराध है, पकड़े गये तस्करों के विरुद्ध Nainital की नगरपालिका फॉरेस्ट रेंज में वन्यजीव अधिनियम (वाइल्ड लाइफ एक्ट) के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
SSP ने जनता से की तस्करी होने पर जानकारी देने की अपील
एसएसपी एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि वह वन्यजीवों की तस्करी करने वाले तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या एसटीएफ उत्तराखण्ड (0135-2656202) से सम्पर्क करें। उत्तराखंड एसटीएफ आगे भी वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करती रहेगा। ताकि सीधे-साधे व बेजुबान जानवरों के शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
Accident
हिमाचल प्रदेश में भीषण बस दुर्घटना, हादसे में 9 की मौत 40 घायल

Himachal Bus Accident : हरिपुरधार में भीषण बस हादसा, 9 की मौत
मुख्य बिंदु
Himachal Bus Accident : हिमाचल प्रदेश से बस दुर्घटना की एक दर्दनाक खबर सामने आई है। ये भीषण हादसा सिरमौर जिले के हरिपुरधार में निजी बस के खाई में गिरने से हुआ। हादसे में बस में सवार 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कई लोगों के घायल होने की सूचना है। मौके पर राहत बचाव कार्य जारी है।
Sirmaur Haripurdhar Bus Accident :बस दुर्घटना 8 लोगों की मौके पर मौत
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर को ये बस शिमला से कुपवी जा रही थी। जो की हरिपुरधार बजार से पहले खाई में 60 मीटर नीचे गिर गई। अब तक हादसे के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद मौके पर लोगो का जमावड़ा शुरू हो गया। हादसे के समय बस में करीब 45 लोगों के सवार होने की सूचना है।

Haripurdhar Bus Accident : 45 लोगों के बस में सवार होने की सूचना
हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को दी। जिसके बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान में जुट गए। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत और 30 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए हरिपुरधार के स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया । जहाँ से अब उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।

हादसे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जताया शोक
बस हादसे पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत दुखद है और पूरे प्रदेश को शोकाकुल कर गई है। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, घायलों के बेहतर उपचार के लिए समुचित चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने को भी कहा गया। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने हादसे पर शोक जताया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने भी इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा कि हरिपुरधार में जीते कोच बस का गंभीर सड़क हादसा बेहद व्यथित करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह पीड़ा सभी के लिए असहनीय है, हालांकि इस कठिन समय में कांग्रेस परिवार पूर्ण संवेदना और एकजुटता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। साथ ही उन्होंने ईश्वर से दुआ की कि सभी घायल जल्द स्वस्थ हों।
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अंकिता भंडारी मामले में दुष्यंत गौतम को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सोशल मीडिया से सभी वीडियो हटाने आदेश
Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। इस मामले में सोशल मीडिया पर चल रहे बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस केस से जुड़े दुष्यंत गौतम के नाम वाले वीडियो सोशल मीडिया से हटाने के आदेश दिए हैं।
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Ankita Bhandari case में दुष्यंत गौतम को बड़ी राहत
अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी के नाम को लेकर बीते कई दिनों से प्रदेश में माहौल गरमाया हुआ है। इसमें बीजेपी प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम भी सामने आ रहा था। जिसके लिए बीजेपी नेता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसके बाद अब इस मामले में उन्हें बड़ी राहत मिली है। दरअसल Ankita Bhandari case में दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम के नाम वाले कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाने के आदेश दिए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सोशल मीडिया से सभी वीडियो हटाने आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम के नाम वाले सभी वीडियो हटाने के आदेश के साथ कहा है कि इन्हें 24 घंटे में हटा लिया जाए। अगर 24 घंटे के भीतर ये सभी वीडियो नहीं हटाए जाते हैं तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खुद ही इस कटेंट को हटा दें। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अगर इस तरह के कटेंट दोबारा अपलोड किए जाते हैं तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इसकी जानकारी याचिकाकर्ता को दें ताकि वो जरूरी कदम उठा सकें।

अब तक हुई बदनामी की नहीं हो सकती भरपाई
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दुष्यंत गौतम के वकील गौरव भाटिया ने कहा कि वीडियो डालकर उनकी छवि को खराब किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को बदनाम करने में राजनीतिक दलों के अकाउंट भी शामिल हैं।
गौरव भाटिया ने कहा कि अंकिता मामले में याचिकाकर्ता का नाम कभी सामने नहीं आया। इस मामले में तो कोर्ट का फैसला आ चुका है और सजा भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता लंबे समय से राजनीति में हैं और इन आरोपों के कारण उनकी बदनामी हुई है। अब तक जितनी बदनामी हुई है उसकी भरपाई तक नहीं की जा सकती है
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