Uttarakhand
यमुनोत्री हाईवे पर धरासू बैंड के पास आठ मई तक प्रतिदिन तीन बार यातायात रहेंगा बंद, ये रहेंगा समय।

उत्तरकाशी – यमुनोत्री हाईवे पर धरासू बैंड के पास भूस्खलन जोन के उपचार व मलबे को हटाने के लिए अगले चार दिन आठ मई तक प्रतिदिन तीन बार यातायात बंद रहेगा। इन चार दिनों में लगभग साढ़े छह घंटे तक हाईवे बंद रहेगा।

डीएम डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने इस संबंध में आदेश जारी कर चारधाम यात्रा को देखते हुए हाईवे पर शीघ्र भूस्खलन का मलबा हटाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले धरासू-यमुनोत्री हाईवे के शुरुआती हिस्से में सक्रिय भूस्खलन जोन का मलबा गिरने से ऋषिकेश-धरासू हाईवे भी बंद होता है।
इस हिस्से में हाल ही में नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर चौड़ीकरण का कार्य पूरा किया गया था, जिसे देखते हुए डीएम ने यात्रा शुरू होने से पहले यमुनोत्री मार्ग पर जमा मलबे व पत्थरों को हटाकर दोनों सड़कों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने इस स्थान पर भूस्खलन प्रभावित ढलान का स्थिरीकरण और स्केलिंग कार्य शुरू करने के साथ ही मलबे के सुरक्षित निस्तारण की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
इस काम के दौरान यमुनोत्री एवं गंगोत्री मार्ग पर चलने वाले यात्रियों व वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए डीएम ने हाईवे पर तत्काल प्रभाव से आठ मई तक के लिए प्रतिदिन तीन बार हाईवे बंद करने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे बंद रहेगा हाईवे
सुबह पांच से सुबह आठ बजे तक
सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
दोपहर 2:45 बजे से शाम पांच बजे तक
big news
बड़ी खबर : धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल पर बैन, श्रद्धालुओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी होगा लागू

Pauri News : उत्तराखंड के प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर बैन लगा दिया गया है। इसके साथ ही अब मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू होगा।
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धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर बैन
नगर निगम द्वारा गुरूवार कोधारी देवी मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। अब धारी देवी मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन पर बैन लगा दिया गया है।

सामान रखने के लिए होगी लॉकर की व्यवस्था
बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि अब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के सामान को रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था भी की जाएगी। जो कि नगर निगम द्वारा लगाए जाएंगे। ये फैसला इस लिए लिया गया है ताकि दर्शन के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम होगा लागू
धामी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लागू होने के साथ ही मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में मंदिर को अतिक्रमण मुक्त करने का फैसला भी लिया गया है। ताकि परिसर की धार्मिक गरिमा और स्वच्छता बनी रहे
Dehradun
मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से लगाई गुहार

Mussoorie News : पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की गंभीर कमी से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित होने लगा है। मसूरी होटल्स एसोसिएशन ने इस समस्या को लेकर राज्य सरकार को पत्र भेजकर तत्काल समाधान की मांग की है।
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मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत
मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। जिस कारण व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि गैस की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को मेहमानों को भोजन उपलब्ध कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिष्ठानों के सामने रसोई संचालन तक का संकट
मसूरी होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल और सचिव अजय भार्गव ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को संबोधित पत्र एसडीएम मसूरी के माध्यम से भेजा है। पत्र में बताया गया है कि मध्य पूर्व में चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब पर्यटन नगरी मसूरी के होटल व्यवसाय पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
एसोसिएशन के अनुसार मसूरी में सैकड़ों होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट प्रतिदिन हजारों पर्यटकों को सेवाएं प्रदान करते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने से कई प्रतिष्ठानों के सामने रसोई संचालन तक का संकट खड़ा हो गया है।

होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से लगाई गुहार
कई होटल संचालकों को सीमित गैस में काम चलाना पड़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि पर्यटन उद्योग उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है और राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान करता है। ऐसे में गैस आपूर्ति में बाधा आने से न केवल होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो मसूरी के कई रेस्टोरेंट और होटल की रसोई बंद होने की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे पर्यटन पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। मसूरी होटल्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यटन नगरी में आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और होटल उद्योग सुचारु रूप से संचालित हो सके।
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उत्तराखंड में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, हर महीने एक हफ्ते का चलेगा विशेष अभियान

Uttarakhand News : उत्तराखंड में अब जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर धामी सरकार का शिकंजा अब और कसेगा। मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ प्रदेश में हर महीने विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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उत्तराखंड में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं
उत्तराखंड में अब त्यौहारों के समय ही नहीं, बल्कि हर माह में एक सप्ताह खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलेगा। इसके अलावा, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशाासन विभाग में स्टाफ की कमी को भी दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कतई बख्शा न जाए।
हर महीने एक हफ्ते का चलेगा विशेष अभियान
विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सरकार ने साफ किया कि खाद्य पदार्थों की जांच का काम तेजी से चल रहा है। इसकी गति और तेज की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि हाट-मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को खास तौर पर चेक किया जाएगा।

दो सालों में की गई इतनी खाद्य पदार्थों की जांचें
वर्ष 2023-24 -इस वर्ष में खाद्य पदार्थों के कुल 1627 नमूने लिए गए, जिसमें से 171 फेल हुए। इसके आधार पर 171 वाद पंजीकृत कराए गए।
वर्ष 2024-25 -इस वर्ष में खाद्य पदार्थों के 1684 नमूने लिए गए, जिसमें से 159 फेल हुए। इस आधार पर 159 वाद दायर किए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी भी होगी दूर
प्रदेश में वर्तमान में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए सरकार ने लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा है। सरकार का कहना है कि आयोग से भर्ती प्रक्रिया में यदि देर होती है, तो प्रतिनियुक्ति के जरिये भी इन पदों को भरने का प्रयास किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के खाली पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून में टेस्टिंग लैब का कार्य 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।
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