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सावधान ! शराब ही नहीं , ये फल के जूस भी आपकी सेहत के लिए हो सकते हैं हानिकारक……

फलों का जूस (Fruit Juices) सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है। यह शरीर को चुस्त और दुरुस्त बनाए रखता है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। लेकिन कुछ फल ऐसे भी हैं, जिनका जूस आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे फलों के जूस को पीने से शरीर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे पेट की परेशानी, शुगर लेवल में बदलाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं। आइए जानते हैं उन फलों के बारे में, जिनका जूस सेहत के लिए ठीक नहीं है।
1. अनार का जूस
अगर आप किसी बीमारी का इलाज कर रहे हैं या दवा ले रहे हैं, तो अनार का जूस पीने से बचें। यह जूस दवाओं के प्रभाव को बदल सकता है और रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर पर असर डाल सकता है, जिससे आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
2. संतरे का जूस
संतरे का जूस पीने से पहले यह ध्यान में रखें कि इसका सेवन बिना जूस निकाले बेहतर होता है। संतरे का जूस निकालने के बाद इसमें से फाइबर खत्म हो जाता है और केवल फ्रक्टोज (Fruit Sugar) बचता है, जो डायबिटीज़ (Diabetes) का कारण बन सकता है। अतः संतरे को सीधे खाएं, जूस न पिएं।
3. नाशपाती का जूस
नाशपाती का जूस भी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। नाशपाती में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स होते हैं, जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं, लेकिन जूस निकालने के बाद इसमें से फाइबर हट जाता है। इससे पाचन समस्या, पेट दर्द, अपच और एसिडिटी हो सकती है।
4. अनानास का जूस
अनानास का जूस अक्सर पसंद किया जाता है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे अवॉयड करने की सलाह देते हैं। अनानास के जूस में उच्च मात्रा में शुगर होती है, जो शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। जूस निकालने के बाद इसमें पोषक तत्व और विटामिन्स खत्म हो जाते हैं, जिससे इसके लाभ कम हो जाते हैं।
5. सेब का जूस
डॉक्टर्स का कहना है कि रोज एक सेब खाने से सेहत पर अच्छा असर पड़ता है, लेकिन अगर आप इसका जूस पी रहे हैं तो इससे बचें। सेब के बीज में एमिग्डैलिन नामक केमिकल होता है, जो शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए सेब का जूस बनाने से पहले सुनिश्चित करें कि इसके बीज निकाल दिए गए हों।
फलों का जूस एक स्वस्थ विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि सभी फलों का जूस सेहत के लिए फायदेमंद हो। कुछ फलों का जूस आपकी सेहत पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर की स्थिति और जरूरत के अनुसार सही फल और उसका जूस चुनें।
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Uttarakhand
WEST BENGAL: पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की हुंकार, CM धामी बोले—कमल खिलेगा तो आएगा सुशासन
बंगाल के चुनावी रण में उत्तराखंड के ‘धाकड़’ धामी, ममता सरकार पर साधा तीखा निशाना
WEST BENGAL: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ भाजपा ने अपने धाकड़ और धुरंधर स्टार प्रचारक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने बनगांव दक्षिण सीट से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर सीट से अशोक कीर्तनिया, बगदा सीट से सोमा ठाकुर और गैघाटा सीट से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।
मुख्य बिंदु
रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़
इससे पहले उन्होंने भव्य रोड शो और जनसभा के माध्यम से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि धामी की लोकप्रियता अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। लोग उन्हें एक निर्णायक और जननेता के रूप में देख रहे हैं।

धाकड़ और निर्णायक नेता के रूप में पहचान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहचान आज एक धाकड़, निर्णायक और सख्त फैसले लेने वाले नेता के रूप में स्थापित हो चुकी है। समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय हो, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, नकल विरोधी कानून या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई—इन फैसलों ने उन्हें एक मजबूत प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। उत्तराखंड में लिए गए इन साहसिक निर्णयों के चलते कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
देशभर में बढ़ती लोकप्रियता और चुनावी भूमिका
यही कारण है कि कर्नाटक, ओडिशा, बिहार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी चुनावों के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी का नाम प्रमुखता से शामिल रहा है। अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने अपने इस धुरंधर प्रचारक को चुनावी रण में उतारा है, जहां उनके कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मानी जा रही है।

टीएमसी और ममता सरकार पर तीखा हमला
बनगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में काम कर रही है। कट और कमीशन इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। लोगों को डराना, धमकाना और लूटना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।
डबल इंजन सरकार से विकास का वादा
उन्होंने कहा कि देशभर में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास, समृद्धि और सुशासन का नया दौर शुरू होगा।

जनसैलाब को बताया परिवर्तन की लहर का संकेत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बनगांव की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और भारी बहुमत से कमल खिलने जा रहा है। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि कमल खिलेगा तो समृद्धि आएगी, विकास आएगा और कानून का राज स्थापित होगा।
राजनीतिक विश्लेषण: धामी का दौरा BJP के लिए फायदेमंद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि एक ऐसे धाकड़ और निर्णायक नेता की बन चुकी है, जो सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटते—और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है। पश्चिम बंगाल में उनका यह दौरा भाजपा के चुनाव अभियान को और धार देने वाला माना जा रहा है।
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बड़ी खबर : कल से बदल जाएंगे ये नियम, LPG, UPI से लेकर ATM तक जानें क्या-क्या बदलेगा ?

1 April New Rules : नए फाइनेंशियल ईयर के साथ होने जा रहे कई बदलाव, जानें नए नियम
1 April New Rules : 1 अप्रैल यानी कल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। कल से सैलरी, टैक्स, यात्रा और बैंकिंग में लागू होने वाले नियम आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं। ऐसे में आपको जान लेना चाहिए कि कल से क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं।
Table of Contents
कल यानी एक अप्रैल से बदल जाएंगे ये नियम
नए फाइनेंशियल ईयर के साथ ही कल से कई बदलाव (1 April New Rules) होने जा रहे हैं। एक अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा। इसके साथ ही टेक होम सैलरी, ग्रेच्युटी, रेलवे टिकट कैंसिलेशन नियम, FASTag, पैन कार्ड को लेकर नए नियम लागू होने जा रहे हैं।
टिकट रद्द करने के नियम हो जाएंगे अपडेट
एक अप्रैल से टिकट कैंसिल करने के नियमों में भी बदलाव देखने को मिलेगा। भारतीय रेलवे ने नियम में बदलाव करते हुए ये प्रावधान किए हैं कि अब रिफंड पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने कब टिकट कैंसिल किया है।
जितनी जल्दी टिकट कैंसिल किया जाएगा उसी के आधार पर रिफंड दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात अगर आप 8 घंटे बाद टिकट कैंसिल करते हैं तो आपको कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।

| समय / सुविधा | नियम / विवरण | यात्रियों पर असर |
|---|---|---|
| 72 घंटे पहले | लगभग पूरा पैसा वापस (थोड़ा चार्ज कटेगा) | ज्यादा रिफंड मिलेगा |
| 24 से 72 घंटे | 25% किराया कटेगा | आंशिक रिफंड मिलेगा |
| 8 से 24 घंटे | 50% किराया कटेगा | आधा पैसा कटेगा |
| 8 घंटे से कम | कोई रिफंड नहीं | पूरा पैसा डूब सकता है |
| ई-टिकट रिफंड | कैंसिल करने पर पैसा सीधे अकाउंट में आएगा | फॉर्म भरने की जरूरत नहीं |
| बोर्डिंग स्टेशन बदलाव | ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बदलाव संभव | यात्रियों को अधिक सुविधा |
नया इनकम टैक्स कानून होगा लागू
कल से या इनकम टैक्स कानून लागू होगा। पुराने सिस्टम की तुलना नें इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ अलग-अलग होते थे। लेकिन इसमें बदलाव करते हुए अब केवल ‘टैक्स ईयर’ ही होगा। इसके साथ ही ITR-3 और ITR-4 भरने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है।

कल से होंगे ये दस बड़े बदलाव
| नंबर | बदलाव का विषय | क्या बदलेगा | आम लोगों पर असर |
|---|---|---|---|
| 3 | ग्रेच्युटी | बेसिक सैलरी बढ़ने से ग्रेच्युटी बढ़ेगी | नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट पर ज्यादा पैसा मिलेगा |
| 4 | FASTag | वार्षिक पास ₹3000 से बढ़कर ₹3075 | टोल खर्च थोड़ा बढ़ेगा |
| 5 | रेलवे टिकट नियम | 8 घंटे पहले तक ही कैंसिलेशन पर रिफंड | लेट कैंसिल करने पर पैसा नहीं मिलेगा |
| 5A | रिफंड नियम | 72 घंटे पहले: पूरा, 24-72 घंटे: 25% कट, 8-24 घंटे: 50% कट | समय पर टिकट कैंसिल करना जरूरी |
| 5B | अतिरिक्त सुविधा | 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे | यात्रियों को अधिक सुविधा |
| 6 | PAN कार्ड | सिर्फ आधार से आवेदन बंद | अन्य दस्तावेज देना जरूरी |
| 7 | क्रेडिट स्कोर | हर हफ्ते अपडेट होगा | स्कोर जल्दी अपडेट होगा |
| 8 | गोल्ड बॉन्ड टैक्स | बाजार से खरीदे बॉन्ड पर 12.5% टैक्स | निवेशकों पर टैक्स असर |
| 9 | ATM नियम | फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के बाद चार्ज | ज्यादा उपयोग पर अतिरिक्त खर्च |
| 10 | डिजिटल पेमेंट | टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य | पेमेंट अधिक सुरक्षित होगा |
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प्रधानमंत्री मोदी की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, पश्चिम एशिया संकट पर होगी चर्चा

PM Modi Meeting with CMs Today: वैश्विक तनाव के बीच अहम बैठक, बड़े फैसलों की संभावना
PM Modi Meeting with CMs Today: वैश्विक तनाव के बीच अहम बैठक, बड़े फैसलों की संभावना मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पूरे विश्व पर ईंधन की आपूर्ति का संकट बना हुआ है. भारत में भी लोगों पर इसका असर देखने को मिल रहा है, सबसे अधिक एलपीजी गैस को लेकर लोग चिंतित हैं. आज ईरान और इजराइल के मध्य इस युद्ध का 28 वां दिन है, इस बढ़ते संघर्ष का असर अब वैश्विक स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है, खासकर तेल और LPG सप्लाई को लेकर चिंताएं तेजी से बढ़ रही हैं.
मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी की सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
इस युद्ध के प्रभाव से भारत भी अछूता नहीं है. यही कारण है कि आज शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में मौजूदा हालात पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. माना जा रहा है कि बैठक के बाद प्रधानमंत्री कोई बड़ा ऐलान भी कर सकते हैं.
शाम को होगी अहम बैठक
दरअसल, प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों से संवाद करेंगे. इस दौरान राज्यों की तैयारियों, आवश्यक योजनाओं और संकट से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा होगी. साथ ही, भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार किया जाएगा. हालांकि, जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे.
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पहले भी दे चुके हैं चेतावनी
इससे पहले भी संसद में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के हालात पर चिंता जताई थी. उन्होंने कोविड-19 काल का जिक्र करते हुए कहा था कि देश को संभावित संकट के लिए तैयार रहना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक बना रह सकता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है.
केंद्र और राज्यों के समन्वय पर जोर
इसी के साथ प्रधानमंत्री ने राज्यों से सहयोग की अपील भी की है. उन्होंने कहा कि जैसे कोरोना काल में केंद्र और राज्यों ने मिलकर बेहतर प्रबंधन किया था, वैसे ही इस बार भी सामूहिक प्रयास जरूरी होंगे. स्पष्ट है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एकजुट होकर स्थिति से निपटना है. खबरों के मुताबिक, इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए जा सकते हैं. यही नहीं, बैठक के बाद शाम तक प्रधानमंत्री द्वारा बड़े ऐलान की संभावना भी जताई जा रही है। ऐसे में पूरे देश की नजर इस मीटिंग पर टिकी हुई है.
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क्या दोबारा लगेगा लॉकडाउन ?
वहीँ दूसरी ओर प्रधानमंत्री द्वारा संसद में दिए गए भाषण में कोरोना का जिक्र करते ही देशभर में एक नई बहस शुरू हो गई है. कई लोग कयास लगा रहे हैं की देश में कोरोना काल के जैसे ही लोकडाउन लग सकता है. हालांकि इस बात की सरकार की तरफ से कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने इन बातों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि सरकार अभी इस दिशा में कुछ नहीं सोच रही है. आज की इस बैठक के बाद बड़ा फैसला आने की उम्मीद है.
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
संभावना है कि इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती . उदाहरण के तौर पर—
- बाजार में कालाबाजारी को रोकना
- आम जनता में घबराहट फैलने से बचाना
- सही और प्रमाणिक जानकारी का प्रसार
- आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सुनिश्चित करना
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव पैदा कर सकता है आर्थिक संकट
आज की इस बैठक पर देश भर के लोगों की नजर टिकी रहेगी. अब देखन ये होगा कि अगर मिडिल ईस्ट में संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा तो आगे सरकार क्या फैसला लेगी. एलपीजी, खाद्य सामग्री और ईंधन पर सरकार क्या निर्णय लेती है. इस युद्ध से विश्व भर में एक बड़ी आर्थिक मंदी के संकेत भी बड़ रहे हैं. इससे दुनिया भर में शेयर बाजार की स्थिति में बभी लगातार भारी गिरावट की संभावनाएं जताई जा रही हैं.
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