big news
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी शुरू, सामने आई खूबसूरत तस्वीरें

Snowfall in Uttarakhand: मौसम परिवर्तन से सैलानियों में ख़ुशी की लहर, कई जगहों से बर्फ़बारी की तस्वीरं आई सामने
Snowfall in Uttarakhand: उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली है और इसका असर प्रदेश के पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों तक साफ तौर पर देखा जा रहा है। इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है। प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से बारिश और बर्फ़बारी का सिलसिला जारी है। जिसकी खूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं।
Table of Contents
उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव
उत्तराखंड में मौसम विभाग का पूर्वानुमान सटीक साबित हुा है। पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेशभर में पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके चलते नमी वाली हवाएं उत्तराखंड की ओर बढ़ रही हैं, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक , 23 जनवरी 2026 को जारी ताजा अपडेट में राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने के संकेत दिए गए हैं।
बर्फ़बारी के साथ बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पश्चिमी विक्षोभ के परिणामस्वरूप उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ ही बर्फबारी की संभावना जताई गई है। जबकि निचले क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। इससे न केवल ठंड में इजाफा होगा, बल्कि पहाड़ी जिलों में फिसलन और हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

इन जिलों में बारिश और बर्फ़बारी का अलर्ट
खासकर चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रदेश में शीत दिवस का अलर्ट
इसी बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति रह सकती है, यानी दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी कम रहेगा।

ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा, ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
कहाँ कहाँ हुई बर्फ़बारी
बर्फ़बारी होने से उत्तराखंड के पर्यटन व्यवसाय को भी रफ़्तार मिलने की संभावनाएं हैं। बता दें, क्रिसमस से लेकर नए साल तक पर्यटक उत्तराखंड में बर्फ़बारी को देखने आए थे। लेकिन मौसम की मेहरबानी उन पर नजर नहीं आई पर्यटकों के हाथ केवल निराशा ही आई। ऐसे में बर्फ़बारी न होने से पर्यटन व्यवसाय पर भी सीधा असर देखने को मिला।

उत्तराखंड में इन जगहों पर हुई बर्फ़बारी
चकराता
मसूरी
धनौल्टी
उत्तरकाशी
केदारनाथ
3000 मीटर से ऊँचे पहाड़ी इलाकों में भी बर्फ़बारी देखने को मिली। बर्फबारी होने से पर्यटन व्यवसायिकों के चेहरे खिल उठे हैं। साथ ही पहाड़ों पर सैलानियों का तांता लगना भी शुरू हो चुका है। सामने आई तस्वीरों और वीडियो में स्थानीय लोग भी बर्फ़बारी का आनंद उठाते हुए नजर आ रहे हैं।
big news
रिजर्व फॉरेस्ट में मंत्री जी के बेटे की शादी को लेकर बवाल, सफाई में बोले मंत्री- पहले बता देते तो कहीं और करते शादी

Haridwar News : राजाजी टाइगर रिजर्व के रिजर्व फॉरेस्ट में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी विवादों में आ गई। हरिद्वार रेंज स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर में शादी के बड़े स्तर पर आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
Table of Contents
रिजर्व फॉरेस्ट में मंत्री जी के बेटे की शादी को लेकर बवाल
शनिवार को आयोजन की भव्य तैयारियां की गई थी और पंडाल, स्टेज, कूलर और जेनरेटर इत्यादि लगाए गए थे। परमिशन को लेकर मामले ने तूल पकड़ा तो आनन-फानन में पंडाल समेत सारा सामान हटाया गया और पार्क प्रशासन की ओर से मंदिर समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
पहले बता देते तो कहीं और करते शादी – मंत्री खजान दास
रविवार दोपहर को मंत्री खजान दास भी सुरेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे। उनके बेटे के साथ वधू पक्ष भी आए और सीमित रूप से केवल पूजा अर्चना व फेरों की रस्म अदा की गई। मंत्री खजान दास ने बताया कि वो कई सालों से सुरेश्वरी देवी मंदिर आ रहे हैं। बेटे की तबियत भी मां सुरेश्वरी देवी के आशीर्वाद से ठीक हुई तो, उनकी इच्छा थी कि मंदिर परिसर में ही शादी की जाए।

लेकिन उन्हें अधिकारियों ने जानकारी नहीं दी थी कि मंदिर में शादी के आयोजन की परमिशन लेनी पड़ेगी। कुछ दिन पहले भी वो मंदिर आए थे, उस समय राजाजी के अधिकारी भी उनके साथ थे, वन निदेशक ने शादी के आयोजन की हामी भी भरी ही। लेकिन ऐसा नहीं है कि मंदिर समिति की अनुमति से उनके द्वारा शादी की तैयारी की जा रही थी, निदेशक वन ने भी हामी भरी थी।
बेटे शादी पर आरोप प्रत्यारोप हैं राजनीतिक साजिश
कैबिनेट मंत्री ने आरोप प्रत्यारोप को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि ये दुखद और चिंताजनक विषय है। वो वन नियमों के बारे में सब जानते हैं कि वन्यजीवों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अगर वन निदेशक उन्हें पहले ही बता देते तो वो कहीं और शादी का आयोजन कर लेते।
वहीं सुरेश्वरी देवी मंदिर समिति के महामंत्री आशीष मारवाड़ी ने बताया कि मंत्री खजान दास की इच्छा थी कि
मां भगवती के दरबार में वो अपने बेटे की शादी पूजा और भंडारे का आयोजन करें। बड़े स्तर पर कुछ नहीं किया जा रहा था। राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा अगर कोई कार्रवाई की गई है तो वो कर सकते हैं, उनका जंगल है लेकिन शादी के आयोजन को लेकर गलत प्रचार किया गया। ये कार्यक्रम इतने बड़े स्तर पर नहीं था।
Uttarakhand
28 अप्रैल को बीजेपी निकालेगी देहरादून में विशाल मशाल जुलूस, महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को देगी जवाब

Uttarakhand Politics : 28 अप्रैल को राजधानी देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र होने जा रहा है। इसी दिन बीजेपी भी देहरादून में विशाल मशाल जुलूस निकालने जा रही है।
Table of Contents
28 अप्रैल को बीजेपी निकालेगी देहरादून में विशाल मशाल जुलूस
महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या ने कहा है कि महिला आरक्षण के विरोध में विपक्षी दलों के रुख से महिलाओं में व्यापक आक्रोश है। इस आक्रोश को अभिव्यक्ति देने के लिए 28 अप्रैल को एक दिन के विधानसभा सत्र के अलावा उसी दिन शाम को देहरादून में विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
महिलाओं को नहीं मिला उनका लोकतांत्रिक अधिकार
रविवार को प्रदेश पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विपक्षी दलों के विरोध के कारण महिलाओं को उनका लोकतांत्रिक अधिकार नहीं मिल पाया। मंत्री ने बताया कि इन जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने और राज्य की आवाज को स्पष्ट रूप से सामने रखने के उद्देश्य से 28 अप्रैल को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र आहूत किया गया है।

उसी दिन शाम 6 बजे महिलाओं और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस विपक्षी दलों की महिला विरोधी मानसिकता के खिलाफ आयोजित किया जाएगा।
महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को दगी जवाब
रेखा आर्य ने पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मशाल रैली की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस विशेष सत्र और मशाल रैली में उत्तराखंड की महिलाओं की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाया जाना चाहिए, ताकि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके।
big news
गेहूं काटते समय मिली टॉपर बनने की खबर, बेटे के जिला टॉप करने की खबर सुन रो पड़े किसान पिता

Haridwar News : खेतों में गेहूं काटते मिले हरिद्वार जिला टॉपर, खबर सुन पिता हुए भावुक
Haridwar News : उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट के सामने आते ही संघर्ष और मेहनत की ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जो हर किसी को हैरान कर रही हैं। जहां मजदूर के बेटे और टैक्सी चालक की बेटी ने टॉप किया तो वहीं हरिद्वार में जिला टॉपर खेतों में गेहूं काटते हुए मिला।
Table of Contents
गेहूं काटते समय मिली टॉपर बनने की खबर
खेतों में मेहनत कर रहे एक किशोर की सफलता की कहानी को सुन आप भी कह उठेंगे कि मेहनत जरूर रंग लाती है। हरिद्वार के जोनिश कुमार ने हाईस्कूल परीक्षा में 95.20% अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा और पूरे उत्तराखंड में 12वां स्थान हासिल किया है। खास बात ये है कि रिजल्ट घोषित होने के समय भी वो खेत में मजदूरी कर रहे थे। उन्हें अपने रिजल्ट की सूचना भी तब मिली जब मीडिया उनसे मिलने के लिए पहुंची।
बिना किसी कोचिंग के विपरीत परिस्थितयों में जोनिश बने टॉपर
जानकारी के अनुसार, जोनिश कुमार राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, औरंगाबाद आनेकी का छात्र है। जैसे ही उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ, उसकी इस उपलब्धि ने उसे सुर्खियों में ला दिया। सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाले जोनिश के माता-पिता शिक्षित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में हर संभव सहयोग किया।
बिना किसी कोचिंग के हासिल की गई ये सफलता जोनिश की कड़ी मेहनत और लगन को दर्शाती है। खेतों में काम करने के साथ-साथ पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उसने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।

माता-पिता दोनों फैक्टी में करते हैं मजदूरी
जोनिश के माता और पिता दोनों ही सिडकुल की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। इन दिनों वो खेतों में गेहूं काटने का कामन कर रहे हैं। जिस वक्त जोनिश से मिलने के लिए मीडिया पहुंची तो भी खेतों में गेहूं काट रहे थे।
इस दौरान मीडिया से अपनी उपलब्धि का उन्हें पता चला तो वो अपने घर गए और कपड़े बदले फिर फोटो खिंचवाई। उन्होंने कहा कि उनका सपना डॉक्टर बनना है और उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता और भाई को जाता है।
बेटे के जिला टॉप करने की खबर सुन किसान पिता के छलके आंसू
बेटे के जिला टॉपर बनने की खबर को सुन पिता भावुक हो गए। पिता राजेश कुमार ने कहा कि उन्हें यकीन था कि उनका बेटा एक दिन गांव का नाम रोशन जरूर करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही ना होने के बाद भी उनके दो बेटे बीकॉम और बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। वो जोनिश को भी कुछ करता देखना चाहते हैं।
Dehradun12 hours agoऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो को किया गिरफ्तार
big news14 hours agoबीकेटीसी के स्थायी CEO की हुई नियुक्ति, PCS अधिकारी सोहन सिंह को सौंपी गई जिम्मेदारी
big news9 hours agoरिजर्व फॉरेस्ट में मंत्री जी के बेटे की शादी को लेकर बवाल, सफाई में बोले मंत्री- पहले बता देते तो कहीं और करते शादी
Uttarakhand9 hours ago28 अप्रैल को बीजेपी निकालेगी देहरादून में विशाल मशाल जुलूस, महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को देगी जवाब
big news12 hours agoगेहूं काटते समय मिली टॉपर बनने की खबर, बेटे के जिला टॉप करने की खबर सुन रो पड़े किसान पिता
Dehradun9 hours agoसीएम धामी ने सुना मन की बात कार्यक्रम का 133वां संस्करण, कहा- कार्यक्रम ने आमजन के प्रयासों को दिया मंच
Rudraprayag7 hours agoएसपी रुद्रप्रयाग ने केदारनाथ मार्ग का किया पैदल निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा












































