Business
Gold Silver Price Today: सोने में फिर उछाल, चांदी भी तेज, जानिए आज का ताजा भाव…

Gold Silver Price Today 04-02-2026
जनवरी का महीना देश के सर्राफा बाजार के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। Gold Silver Price Today को लेकर निवेशकों और आम लोगों की नजरें लगातार बदलती कीमतों पर टिकी रहीं। कभी रिकॉर्ड तेजी तो कभी अचानक गिरावट ने बाजार की चाल को और भी दिलचस्प बना दिया। इसकी बड़ी वजहें रहीं वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर अनिश्चित माहौल और रुपये की कमजोरी। इन सब कारणों से सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में लोगों की पहली पसंद बनता दिखा।
जनवरी में क्यों उछले सोने-चांदी के दाम?
जनवरी की शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सहज नहीं रहे। कई देशों के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और डॉलर के मुकाबले कई मुद्राओं की कमजोरी ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की ओर मोड़ा। ऐसे समय में सोना और चांदी हमेशा से भरोसेमंद माने जाते हैं। नतीजा यह हुआ कि कुछ ही हफ्तों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के अंत तक सोने की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि, इसके बाद मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों में थोड़ी राहत आने से कीमतों में तेज गिरावट भी दर्ज की गई। यही वजह है कि Gold Silver Price Today निवेशकों के लिए सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बाजार की दिशा समझने का अहम संकेत बन चुका है।
रिकॉर्ड हाई से तेज गिरावट तक का सफर
GoodReturns के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 29 जनवरी को अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 17,885 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई थी। यह स्तर अपने आप में चौंकाने वाला था, क्योंकि कुछ ही समय पहले तक ऐसे आंकड़ों की कल्पना भी मुश्किल लगती थी।
लेकिन इसके बाद बाजार ने तेजी से करवट ली। महज छह दिनों के भीतर सोने की कीमत में करीब 2,492 रुपये प्रति ग्राम और 10 ग्राम पर लगभग 24,920 रुपये की गिरावट देखने को मिली। मंगलवार, 3 फरवरी को 24 कैरेट सोना 15,393 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 14,110 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई।
यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई, जो लंबे समय से सोने की खरीदारी का इंतजार कर रहे थे। वहीं, ऊंचे स्तर पर खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए यह दौर थोड़ा मुश्किल रहा।
आज का सोने का भाव: फिर लौटी तेजी
बुधवार को बाजार में एक बार फिर हल्की तेजी देखने को मिली। Gold Silver Price Today की बात करें तो 24 कैरेट सोने की कीमत आज 16,053 रुपये प्रति ग्राम है, जो कल के मुकाबले 660 रुपये ज्यादा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 605 रुपये की बढ़त के साथ 14,715 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया।
18 कैरेट सोने की कीमत में भी मजबूती दर्ज की गई है। आज इसका भाव 495 रुपये बढ़कर 12,040 रुपये प्रति ग्राम हो गया। यह साफ संकेत है कि गिरावट के बाद बाजार में दोबारा खरीदारी का रुझान लौट रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
भारत में सोने के दाम शहरों के हिसाब से थोड़े बहुत बदलते रहते हैं, लेकिन आज ज्यादातर बड़े शहरों में भाव लगभग एक जैसे रहे।
- दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, अयोध्या, गुड़गांव, गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, लुधियाना, अमृतसर जैसे शहरों में
- 24 कैरेट सोना: 16,068 रुपये प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 14,730 रुपये प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 12,055 रुपये प्रति ग्राम
- मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे, विजयवाड़ा, नागपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, मैसूर, अमरावती में
- 24 कैरेट सोना: 16,053 रुपये प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 14,715 रुपये प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 12,040 रुपये प्रति ग्राम
- चेन्नई, मदुरै, सेलम, त्रिची जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में
- 24 कैरेट सोना: 16,256 रुपये प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 14,900 रुपये प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 12,750 रुपये प्रति ग्राम
इन आंकड़ों से साफ है कि दक्षिण भारत में सोने की कीमतें उत्तर और पश्चिमी हिस्सों की तुलना में थोड़ी ज्यादा बनी हुई हैं।
चांदी की कीमतों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी जनवरी के दौरान जबरदस्त हलचल देखने को मिली। Gold Silver Price Today में चांदी का जिक्र करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि हाल के दिनों में इसकी चाल सोने से भी ज्यादा तेज रही है।
आज भारत में चांदी की कीमत 320 रुपये प्रति ग्राम है, जो कल के मुकाबले 40 रुपये ज्यादा है। वहीं, एक किलो चांदी का भाव 3,20,000 रुपये पहुंच गया है, जिसमें एक ही दिन में करीब 40,000 रुपये का उछाल दर्ज किया गया।
जनवरी में चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया था। महीने के दौरान इसकी कीमतें 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई थीं। हालांकि, इसके बाद तेज गिरावट आई और सिर्फ एक हफ्ते के भीतर चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे आ गई। इस उतार-चढ़ाव ने साफ कर दिया कि चांदी में मुनाफे के साथ जोखिम भी बराबर बना हुआ है।
आगे क्या रह सकता है रुझान?
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में Gold Silver Price Today पूरी तरह से वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगा। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना रहता है और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने-चांदी में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर हालात सुधरते हैं और निवेशक जोखिम लेने को तैयार होते हैं, तो कीमतों में नरमी भी आ सकती है।
आम निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
जो लोग गहनों के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए मौजूदा गिरावट और हल्की तेजी के बीच का समय ठीक माना जा सकता है। वहीं, निवेश के नजरिये से देखें तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
कुल मिलाकर, जनवरी ने यह साफ कर दिया कि सोना और चांदी आज भी भरोसेमंद निवेश विकल्प हैं, लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव अब पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गया है। ऐसे में Gold Silver Price Today पर नजर रखना और सोच-समझकर फैसला लेना ही सबसे बेहतर रणनीति है।
Business
Gold Silver Rate Today : सोने और चांदी की कीमतों में आज भी गिरावट जारी , जाने आज का ताज़ा भाव…

Gold Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट
Gold Silver Rate Today (2 फरवरी 2026): भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जो कोहराम मचा है, उसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतें अब ताश के पत्तों की तरह ढह रही हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर हाजिर बाजार तक, हर तरफ ‘लोअर सर्किट’ और ‘पैनिक सेलिंग’ का माहौल है।
विशेष रूप से चांदी में आई गिरावट ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार का ताजा हाल और एक्सपर्ट्स की राय जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
चांदी की कीमतों में ‘महाविस्फोट’, 37% तक टूटे दाम
पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव देखा गया है, वह किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं है। 23 जनवरी 2026 को जो चांदी Rs3.34 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, वह अब अपने उस शिखर से करीब 37% नीचे ट्रेड कर रही है।
- MCX का हाल: रविवार को विशेष सत्र के दौरान चांदी 9% लुढ़क कर Rs2.65 लाख के स्तर पर आ गई थी।
- आज का भाव: 2 फरवरी 2026 को चांदी का भाव Rs2,30,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है, जो पिछले सप्ताह के Rs 4,20,000 (30 जनवरी) के ऑल-टाइम हाई से Rs1.20 लाख सस्ता है।
सोने में भी भारी गिरावट, ₹1.36 लाख पहुंचा भाव
सोने के निवेशकों के लिए भी समय चुनौतीपूर्ण है। गुरुवार को सोना Rs1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के अपने उच्चतम स्तर पर था, लेकिन अब यह वहां से लगभग 20% सस्ता हो चुका है।


क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट? 4 मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों का मेल है:
- केविन वार्श की नियुक्ति और मजबूत डॉलर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को अगला फेड चेयरमैन बनाने का संकेत दिया है। वार्श को ‘महंगाई के प्रति सख्त’ (Inflation Hawk) माना जाता है। इस खबर से डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त उछाल आया, जिससे डॉलर-प्राइस वाली धातुओं (सोना-चांदी) पर दबाव बढ़ गया।
- CME मार्जिन में बढ़ोतरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए CME ग्रुप ने सोने और चांदी के वायदा अनुबंधों (Futures) पर मार्जिन बढ़ा दिया है। चांदी के लिए इसे 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है, जिससे सट्टेबाजों को अपनी पोजीशन छोड़नी पड़ी।
- बजट 2026 का असर: भारत सरकार द्वारा बजट में आयात शुल्क (Import Duty) को लेकर जो अनिश्चितता थी, उसने भी निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए उकसाया।
- तकनीकी सुधार (Technical Correction): एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतें अपनी वास्तविक वैल्यू से बहुत ऊपर चली गई थीं। व्हाइट ओक कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो जो आमतौर पर 80:1 होता है, गिरकर 46:1 पर आ गया था। इतिहास गवाह है कि जब भी चांदी सोने के मुकाबले इतनी महंगी हुई है, उसके बाद उसमें बड़ी गिरावट आई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? अब क्या करें निवेशक?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर के अनुसार, “कीमतें जितनी तेजी से ऊपर गई थीं, उतनी ही तेजी से नीचे आ रही हैं। अगले कुछ दिनों में बाजार में और तकनीकी सुधार देखा जा सकता है।”
निवेशकों के लिए सलाह: > व्हाइट ओक कैपिटल म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि साल 2011 में जब चांदी ने टॉप बनाया था, तो उसे रिकवर होने में 9 साल लग गए थे। इसलिए, इस समय ‘पैनिक’ होकर सारा पैसा एक साथ न लगाएं।
रणनीति क्या होनी चाहिए?
- किश्तों में खरीदारी (Staggered Buying): अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका है, लेकिन इसे किश्तों में करें।
- स्टॉप लॉस का ध्यान रखें: शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि बाजार में ‘लोअर सर्किट’ लगने का खतरा अभी टला नहीं है।
- रुपये की चाल पर नजर: यदि वैश्विक स्तर पर गिरावट जारी रहती है, तो गिरता हुआ रुपया भी आपके निवेश को डूबने से नहीं बचा पाएगा।
निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है
सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट नए खरीदारों के लिए दरवाजे जरूर खोल रही है, लेकिन “गिरते हुए चाकू को पकड़ने” की कोशिश न करें। बाजार को स्थिर होने दें और अपनी रिस्क क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।
National
संसद में पेश हुआ आम बजट 2026-27, जानिए किसके हिस्से क्या आया….

Budget 2026-27: विकसित भारत की दिशा में तीन कर्तव्यों पर आधारित दूरदर्शी रोडमैप
मुख्य बिंदु
Budget 2026-27: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। इस बजट को तीन राष्ट्रीय कर्तव्यों से प्रेरित बताया गया. सरकार ने इसे युवा शक्ति संचालित, गरीब-कल्याण केंद्रित और समावेशी विकास का बजट करार दिया है।
आम बजट 2026-27 विकसित भारत 2047 के लिए निर्णायक: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये बजट भारत को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर निर्णायक रूप से आगे ले जाने का प्रयास है, जिसमें आर्थिक वृद्धि, मानव क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास को समान प्राथमिकता दी गई है।
बजट की मूल भावना: तीन राष्ट्रीय कर्तव्य
वित्त मंत्री के मुताबिक, बजट 2026-27 तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है—
1️⃣ आर्थिक वृद्धि को तेज करना और बनाए रखना
इस कर्तव्य का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता विकसित करना और भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना है।
2️⃣ लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण
युवाओं, महिलाओं, पेशेवरों और श्रमिकों को सशक्त बनाकर उन्हें भारत की विकास यात्रा का भागीदार बनाना इस कर्तव्य का मूल उद्देश्य है।
3️⃣ सबका साथ, सबका विकास
ये दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, अवसरों और सुविधाओं तक समान पहुंच मिले।
युवा शक्ति और वंचित वर्गों पर विशेष फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट गरीब, शोषित और वंचित समुदायों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास के साथ महत्वाकांक्षा का संतुलन बनाते हुए देश को आगे बढ़ाना है।
आर्थिक वृद्धि के लिए छह रणनीतिक हस्तक्षेप क्षेत्र
पहले कर्तव्य के अंतर्गत सरकार ने छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप की घोषणा की—
- रणनीतिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार
- विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्निर्माण
- एमएसएमई को “चैम्पियन” के रूप में विकसित करना
- अवसंरचना पर सशक्त निवेश
- दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता
- शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास
बायोफॉर्मा शक्ति: भारत को वैश्विक फार्मा हब बनाने की तैयारी
भारत को वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केंद्र बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से बायोफॉर्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई। इसके तहत—
- बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
- 3 नए NIPER और 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन
- 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स
- दवा नियामक प्रणाली को और सशक्त करना
वस्त्र और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती
श्रम-गहन वस्त्र क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं लाई गई हैं।
वहीं, एमएसएमई को भविष्य का विकास इंजन मानते हुए 10,000 करोड़ रुपये का SME विकास कोष प्रस्तावित किया गया है।
रिकॉर्ड सार्वजनिक पूंजीगत व्यय
सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को—
- 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ से
- 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है
यह अवसंरचना, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देगा।
हाई-स्पीड रेल और लॉजिस्टिक्स में बड़ा कदम
पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा नए फ्रेट कॉरिडोर और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की भी घोषणा की गई।
शिक्षा, कौशल और पर्यटन पर विशेष जोर
- 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट लैब
- हर जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास
- 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों का कौशल उन्नयन
- राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना
खेलो इंडिया मिशन: खेल क्षेत्र में क्रांति
खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण, कोचिंग और खेल विज्ञान को नई दिशा दी जाएगी।
कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण
- भारत विस्तार नामक बहुभाषी AI कृषि टूल
- लखपति दीदी योजना का विस्तार
- सहकारी समितियों को अतिरिक्त कर रियायतें
प्रत्यक्ष कर सुधार: नया आयकर अधिनियम 2025
- नया आयकर कानून अप्रैल 2026 से लागू
- सरल नियम और फॉर्म
- TCS और TDS दरों में कटौती
- दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाना
आईटी, क्लाउड और विदेशी निवेश को बढ़ावा
- आईटी सेवाओं के लिए एकल सेफ हार्बर श्रेणी
- सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये
- विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलीडे
सीमा शुल्क और व्यापार सुगमता
- निजी उपयोग के आयात पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%
- 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क छूट
- डिजिटल सिंगल विंडो कस्टम क्लीयरेंस
राजकोषीय स्थिति और घाटा
- FY 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3%
- ऋण-GDP अनुपात में गिरावट
- मजबूत वित्तीय अनुशासन का संकेत
ये भी पढ़ें – India Post GDS Recruitment 2026: 10वीं पास युवाओं के लिए बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका..
रिकॉर्ड तोड़ दाम : सोने की कीमत एक लाख 80 हजार पार, चांदी की कीमत भी पहुंची चार लाख
Breakingnews
आम बजट 2026-27 पेश करेंगी निर्मला सीतारामण, PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट से मंजूरी

Aam Budget 2026-27: आज होगा संसद में पेश होगा आम बजट, सबकी निगाहें टैक्स दरों पर
मुख्य बिंदु
Aam Budget 2026-27: आज रविवार 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में लगातार 9 वीं बार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी. साथ ही ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का लगातार 15 वां बजट होगा. ये बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है.
आम बजट 2026-27 : संसद में आज होगा पेश
आज रविवार 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में लगातार 9 वां बजट पेश करेंगी. आजाद भारत के इतिहास में पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा. ये प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का लगातार 15 वां बजट होगा. इस बजट दुनिया भर के तमाम अर्थशास्त्रियों की निगाहें टिकी रहेंगी, क्यूंकि ये ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है.
सबकी निगाहों पर होगा आम बजट 2026
इसके साथ ही देश के हर वर्ग की निगाहें भी इस बजट पर टिकी हुई हैं. मिडिल क्लास से लेकर अपर क्लास तक, किसान हो या व्यवसाई सबकी नजर बजट पर रहेंगी. ये आम बजट सरकार के लिए भी एक अग्निपरीक्षा है, क्यूंकि इस वक़्त देश भर में महंगाई चरम पर है, घरेलू मांग बड़ी हुई है और इकॉनमी पर संकट छाया हुआ है.
मिडिल क्लास को महंगाई से राहत की उम्मीद
लोगों को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। एक ओर मिडिल क्लास तो दूसरी ओर व्यापारी वर्ग, हर कोई इसे लेकर उत्सुक नजर आ रहा है। खास तौर पर महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद आम लोगों के बीच सबसे बड़ी चिंता और अपेक्षा बनी हुई है। माना जा रहा है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं जैसे दाल, तेल, चावल, सब्जियां, दवाइयां और बिजली-पानी पर टैक्स में कमी की जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो घरेलू खर्च में कुछ राहत मिलेगी और आम आदमी की जेब में थोड़ी बचत संभव होगी।
टैक्स सिस्टम हो सकता है पारदर्शी
गौरतलब है कि सरकार ने पिछले बजटों में भी महंगाई को काबू में रखने के लिए कई कदम उठाए थे और इस बार भी उसी दिशा में ठोस फैसलों की उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा, टैक्स सिस्टम को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जा सकता है, ताकि करदाताओं को टैक्स भरने में कम दिक्कत हो और अनावश्यक झंझट से राहत मिले। कुल मिलाकर, यह बजट आम आदमी की जरूरतों और आर्थिक राहत पर केंद्रित रहने की उम्मीद जगाता है।
Uttarakhand7 hours agoउत्तराखंड शिक्षा विभाग भर्ती 2026: 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर आवेदन शुरू
Uttarakhand8 hours agoरुद्रप्रयाग में 5 साल का मासूम बना गुलदार का निवाला, ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
Breakingnews6 hours agoदून जिला प्रशासन ने पिटकुल को किया बैन, XEN व ठेकेदार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज
big news8 hours agoगुंजन हत्याकांड में एसआईटी का हुआ गठन, आरोपी को कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल
Cricket7 hours agoभारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वॉर्म-अप मैच में कौन मारेगा बाज़ी? पिच रिपोर्ट, जाने प्लेइंग XI और फैंटेसी टिप्स..
Breakingnews8 hours agoछह प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की तिथियां घोषित, UKPSC ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर, देखें यहां
Dehradun6 hours agoकालसी बस हादसे के घायलों से मिले सीएम धामी, परिजनों को हरसंभव मदद का दिया आश्वासन
big news2 hours agoधामी राज में नौकरी की बरसात !, 4.5 साल में 28 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी की सौगात








































