Kotdwar
घास काट रही महिला पर भालू ने किया हमला, गंभीर हालत में एम्स दिल्ली में कराया गया भर्ती

प्रदेश में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोटद्वार में भालू ने घास काट रही एक महिला पर हमला कर दिया। जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गई। आनन-फानन में महिला को अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे एम्स दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया है।
घास काट रही महिला पर भालू ने किया हमला
पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार के जिवई गांव में भालू ने एक महिला पर हमला कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक बीरोंखाल के जिवई गांव निवासी लक्ष्मी देवी (35) पत्नी महिपाल सिंह अपने गांव से सटे गांव बापता की सीमा पर घास काट रही थी। इसी दौरान भालू ने उस पर हमला कर दिया। पास में ही उसकी देवरानी और सास-ससुर बकरियां चरा रहे थे। महिला की चीख-पुकार सुन वो वहां पहुंचे जिस से भालू वहां से भाग गया।
भालू के हमले में महिला बुरी तरह घायल
भालू के हमले में महिला बुरी तरह घायल हो गई। भालू ने महिला का चेहरा बुरी तरह नोच डाला है और एक आंख को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आनन-फानन में महिला को बीरोंखाल स्थित अस्पताल ले जाया गया। डॉ. शैलेंद्र रावत ने प्राथमिक उपचार कर सर्जरी के लिए हायर सेंटर रेफर किया। बताया जा रहा है कि महिला के पति महिपाल सिंह के दिल्ली में नौकरी करने के कारण परिजन घायल महिला को दिल्ली ले गए हैं। जहां उन्हें एमेस में भर्ती कराया गया है।
Kotdwar
विस अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण पहुंची प्राथमिक विद्यालय कोटद्वार, टीन शेड का किया लोकार्पण

कोटद्वार: विधानसभा अध्यक्ष और कोटद्वार से विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज कोटद्वार वार्ड नं. 12 स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय (04 नंबर) में विद्यार्थियों के लिए भोजन व्यवस्था हेतु क्षेत्रवासियों के सहयोग से बनाए गए टीन शेड का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में पहुँचने पर गर्मजोशी से हुआ विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत
कार्यक्रम में पहुंचने पर विद्यालय परिवार एवं स्थानीय नागरिकों ने विधानसभा अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय के नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा उनके स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए जिसकी उन्होंने सराहना की।

विधानसभा अध्यक्ष ने सम्बोधित करते हुए कहा कि
“क्षेत्रवासियों के सहयोग से यदि सरकारी विद्यालयों में इस प्रकार के सार्थक कार्य किए जाते हैं, तो यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय होता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि हमारे समाज में शिक्षा और शिक्षक के प्रति आज भी गहरी जागरूकता और सम्मान की भावना विद्यमान है। सरकार द्वारा लगातार विद्यालयों को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, और जब इनमें स्थानीय नागरिकों का सहयोग मिलता है, तो यह जनभागीदारी विकास की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाती है”।
उन्होंने विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों से कहा कि वे सदैव किताबों और अध्ययन से जुड़े रहने की आदत बनाए रखें, क्योंकि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम से संचालित पुस्तकालय का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में प्रेरणा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना जागृत करती है।
कार्यक्रम में खण्ड शिक्षा अधिकारी अमित चंद, मण्डल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, प्रधानाचार्य कुलदीप रावत, नीना बेंजवाल, हरीश खर्कवाल, हिमानी बलूनी, सूर्यकांत बलूनी, उर्वशी अग्रवाल सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
Kotdwar
कोटद्वार का लाल देश पर कुर्बान, शहीद सूरज सिंह नेगी को नम आंखों से दी अंतिम विदाई

कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल): उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब जम्मू-कश्मीर के बारामूला सेक्टर से खबर आई कि भारतीय सेना के राइफलमैन सूरज सिंह नेगी देश सेवा करते हुए क्रॉस फायरिंग में गोली लगने से वीरगति को प्राप्त हो गए हैं।
सिर्फ 25 वर्ष की उम्र में देश पर कुर्बान हुए सूरज सिंह नेगी का पार्थिव शरीर बीती रात कोटद्वार पहुंचा। आज उन्हें संपूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हजारों लोगों की मौजूदगी में “भारत माता की जय” और “सूरज सिंह अमर रहें” के नारों के बीच गांव के वीर सपूत को पंचतत्व में विलीन किया गया।
सूरज सिंह नेगी कोटद्वार के लालपुर गांव के निवासी थे। वे गोरखा रेजीमेंट में तैनात थे और वर्ष 2021 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बताया जा रहा है कि सीमावर्ती इलाके में ड्यूटी के दौरान अचानक क्रॉस फायरिंग शुरू हो गई…जिसमें उन्हें गोली लगी। तुरंत सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया…लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचा नहीं सके।
सूरज सिंह का सपना था कि वो सेना में जाकर देश की सेवा करें और उन्होंने उसी सपने को जीते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। कुछ ही दिन पहले वे छुट्टी पर घर आए थे और हाल ही में ड्यूटी पर वापस लौटे थे। उनके शहीद होने की खबर जब गांव पहुंची…तो पूरा लालपुर शोक और गर्व की भावनाओं से भर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है…लेकिन उनकी आंखों में अपने बेटे की शहादत को लेकर अटूट गर्व भी झलक रहा था।
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूरज सिंह नेगी की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा: जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में मां भारती की सेवा करते हुए कोटद्वार के वीर पुत्र, राइफलमैन सूरज सिंह नेगी के शहीद होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। आपकी वीरता और बलिदान को नमन, आपकी शौर्यगाथा सदैव हमारी स्मृतियों में जीवंत रहेगी। विनम्र श्रद्धांजलि!
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है…और उनकी वीरगाथा को यादगार बनाया जाएगा।
सूरज सिंह नेगी का पार्थिव शरीर विशेष सैन्य विमान से उत्तराखंड लाया गया। कोटद्वार में हजारों लोगों की उपस्थिति में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। सेना की टुकड़ी ने उन्हें गौरवशाली सलामी दी और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि सूरज बचपन से ही देशभक्ति की भावना से भरे हुए थे। उनकी शहादत गढ़वाल ही नहीं, पूरे उत्तराखंड का गौरव है।
आज जब देश अपने बहादुर जवानों को सलाम करता है…तो सूरज सिंह नेगी का नाम हमेशा के लिए अमर हो गया है।
सूरज सिंह नेगी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके बलिदान, साहस और देशभक्ति की मिसाल हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। उनकी शहादत हमें यह याद दिलाती है कि देश की सीमाएं तब तक सुरक्षित हैं…जब तक ऐसे सूरज अपनी जान हथेली पर लेकर खड़े हैं।
Kotdwar
बादल फटने से किश्तवाड़ में लैंसडौन की दो महिलाओं की मौत, शोक में डूबा परिवार

लैंसडौन (कोटद्वार) – गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने के कारण हुई एक दर्दनाक घटना में लैंसडौन की दो महिलाएं, दीपा अग्रवाल और उनकी जेठानी नीता अग्रवाल की जान चली गई। दीपा का शव पहले ही बरामद हो चुका था, जबकि उनकी जेठानी का शव बाद में मलबे से निकाला गया।
लैंसडौन स्थित व्यापार मंडल के सचिव मोहित गुप्ता ने बताया कि उनका परिवार मचैल माता मंदिर में दर्शन करने गया था। दीपा (50) अपने पति संदीप अग्रवाल, बेटे दक्ष (16), जेठ अशोक और जेठानी नीता के साथ मचैल माता के दर्शन के बाद मंदिर में आयोजित लंगर में बैठा हुआ था, तभी अचानक बादल फटने से मची बाढ़ की चपेट में आ गए। इस भयानक सैलाब में दीपा और नीता दोनों ही बह गईं, जबकि अशोक और उनका बेटा दक्ष किसी तरह अपनी जान बचा पाए।
मोहित गुप्ता ने पुष्टि की कि दोनों महिलाओं के शव मलबे से बरामद हो चुके हैं, और उनके शव उनके परिवार के पास लाए जा रहे हैं। इस दुखद घटना से लैंसडौन और ऊधम सिंह नगर में शोक की लहर दौड़ गई है। दीपा और नीता की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, और रिश्तेदार, दोस्त, और गांववाले अब दुखी परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं।
मृतकों के परिवार में भारी शोक है और यह घटना पूरे इलाके में एक गहरे आघात के रूप में सामने आई है। दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और लोग उन्हें इस कठिन समय में सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं।
Pithoragarh15 hours agoपिथौरागढ़ में युवा ग्राम प्रधान की खाई में गिरने से मौत, कई घंटों बाद मिला शव
Cricket15 hours agoJSK vs PR Dream 11 Prediction: जोबर्ग vs पार्ल आज का मैच रिपोर्ट, टीम, पिच रिपोर्ट और फैंटेसी टिप्स
Uttarkashi13 hours agoउत्तरकाशी में जन सेवा शिविर से नदारद रहे अधिकारी, DM ने मांगा स्पष्टीकरण, 1 दिन का वेतन काटने के भी निर्देश
Udham Singh Nagar10 hours agoUTTARAKHAND: रिश्ते हुए शर्मशार, नाबालिग बेटी ने लगाए पिता पर गंभीर आरोप
Dehradun8 hours agoविधानसभा चुनाव से पहले अपना कुनबा बढ़ाने में जुटी कांग्रेस, 30 रिटायर्ड कर्मचारियों ने ली सदस्यता
Cricket10 hours agoहॉबर्ट हरिकेन्स बनाम एडिलेड स्ट्राइकर्स, BBL 2025-26 28वां मुकाबला…
Entertainment13 hours agoFriday OTT Release 9 Jan : इस वीकेंड कौन-कौन सी नई फिल्में और सीरीज स्ट्रीमिंग हो रही हैं?
health and life style10 hours agoCoffee Butter Benefits: त्वचा के लिए कॉफी बटर के 6 फायदे, पढें इस्तेमाल और सही तरीका…







































