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सैकड़ों लोग पहुंचे देहरादून, नए खुलासों से गरमाया अंकिता केस, सड़कों पर उतरे सामाजिक संगठन
Ankita Bhandari Murder Case: प्रदेश भर से लोग उठा रहे न्याय की मांग, रविवार को सैकड़ों लोगों ने किया सीएम आवास कूच
मुख्य बिंदु
Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड में बहुचर्चित Ankita bhandari Murder Case के दुबारा सुर्ख़ियों में आने के बाद से लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दोषियों के खिलाफ लोगों का आक्रोश फिर से सड़कों पर दिखने लगा है। अंकिता हत्याकांड में वीआईपी का खुलासा करने वाली रिकॉर्डिंग के वायरल होने से लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
Ankita Bhandari को न्याय दिलाने के लिए सैकड़ों लोग सड़कों पर
शनिवार को कांग्रेस ने प्रदेश भर में प्रदर्शन किया। जबकि आज रविवार को विभिन्न सामजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस प्रदर्शन में हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़ कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की।
विपक्षी दलों और सामजिक संगठनों ने किया सीएम आवास कूच
रविवार सुबह 4 जनवरी को कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, सीपीआई, बेरोजगार संघ, उत्तराखंड मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी, गढ़वाल सभा महिला मंच और कई अलग-अलग सामाजिक संगठनों के लोग देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। उसके बाद सैकड़ों की संख्या में परेड ग्राउंड पहुंचे लोगों ने विशाल रैली निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया।
प्रदेश भर से लोग देहरादून पहुंचकर जाता रहे हैं विरोध
इस दौरान माहौल काफी गरमाया हुआ नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। जैसे ही प्रदर्शनकारी हाथी बड़कला पहुंचे, उत्तराखंड पुलिस ने सभी को बैरिकेडिंग लगाकर वहीं रोक दिया। सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि अंकिता भंडारी केस में नए आरोपों के बाद अब इस मामले की नए सिरे से जांच कराइ जानी चाहिए।

सरकार की चुप्पी को लेकर विपक्ष का हमला तेज़
लोगों ने कहना है कि, Ankita Bhandari Murder Case कोई साधारण अपराध नहीं था। बल्कि संरक्षण के अंदर पनपे अपराध तंत्र का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी की ओर से कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में नए आरोप सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें कठोर सजा मिलनी चाहिए।
सरकार पर वीआईपी को संरक्षण देने का आरोप
सामाजिक और विपक्षी राजनीतिक दलों के लोगों ने कहा कि भाजपा सरकार शुरुआत से ही विआईपी को बचाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में इस मामले को सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। आज अपनी ही भूमि पर उन्हें दिवंगत अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर आने के लिए मजबूर होना पद रहा है। सत्ता पक्ष इतना मदहोश है कि उन्हें सामाजिक और जन संगठनों की आवाज तक नहीं सुनाई नहीं दे रही है।
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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या की बाध्यता खत्म, सरकार ने मानी चारधाम होटल एसोसिएशन की मांग

Char Dham Yatra 2026 : चारधाम होटल एसोसिएशन की मांग को आखिरकार सरकार ने मान लिया है। सरकार ने सीमित संख्या की बाध्यता को खत्म कर दिया है।
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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या की बाध्यता खत्म
सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या की बाध्यता खत्म कर दिया है। चारधाम होटल एसोसिएशन इसकी लंबे समय से मांग कर रहा था। मांग पूरी होने पर संगठन ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।
कहा कि सरकार ने जो सीमित संख्या की बाध्यता हटाई है उससे स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसाययों के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं। जल्द ही होटल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका धन्यवाद ज्ञापित करेगा।
पंजीकरण पोर्टल पूरे साल भर खोलने की मांग
चारधाम होटल एसोसिएशन की सरकार से मांग की है कि चार धाम यात्रा पूरे 12 महीने चलती है। 6 महीने शीतकालीन यात्रा और 6 महीने ग्रीष्मकाल, ऐसे में सरकार को पंजीकरण पोर्टल पूरे साल भर खोल देना चाहिए। ताकि यात्री अपना पंजीकरण कर सकें, उन्होंने कहा कि यात्री कई साल पहले चार धाम यात्रा की प्लानिंग करते हैं उसके लिए भी ये व्यवस्था बेहतर होगी।

पंजीकरण के लिए उत्तराखंड की ही कंपनी को दिया जाए काम
चारधाम होटल एसोसिएशन ने एक और मांग उठाते हुए कहा कि जो कंपनी पंजीकरण कर रही है वो गुजरात की है, उसको हटाकर उत्तराखंड की कंपनी को पंजीकरण का काम दिया जाना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
बता दें कि चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। 19 अप्रैल को मां यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुल रहे हैं, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। जबकि 23 अप्रैल को बद्री विशाल के कपाट विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि नियत हुई है।
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रामनगर में संदिग्ध हालात में बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी, पुलिस मामले की जांच में जुटी

Ramnagar News : रामनगर में शुक्रवार एक 60 वर्षीय बुजुर्ग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद जहां परिवार में मातम पसरा है।
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रामनगर में संदिग्ध हालात में बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी
रामनगर में संदिग्ध हालात में बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी मच गई है। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
रामनगर के ग्राम शक्तिनगर पूछड़ी इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब शुक्रवार सुबह एक बुजुर्ग का शव घर से कुछ दूरी पर पड़ा मिला, मृतक की पहचान 60 वर्षीय अमीर हुसैन के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
निर्माणाधीन मकान से घर के लिए निकला था मृतक
मृतक के छोटे भाई इकबाल ने बताया कि अमीर हुसैन का एक मकान फौजी कॉलोनी में निर्माणाधीन है। मृतक के भाई ने बताया कि गुरुवार रात वो अपने उसी निर्माणाधीन मकान से घर के लिए निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं पहुंचे। जब काफी समय तक उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन पूरी रात खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।
घर से कुछ दूरी पर पड़ा मिला शव
शुक्रवार सुबह घर से कुछ दूरी पर अमीर हुसैन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आशंका जताई है कि घटना के पीछे कोई साजिश भी हो सकती है।
रामनगर कोतवाल सुशील कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
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कृषि विभाग को मिला स्थाई निदेशक, दिनेश कुमार को सौंपी गई जिम्मेदारी, आदेश जारी

Uttarakhand News : लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड कृषि विभाग को स्थाई निदेशक मिल गया है। इस पद पर दिनेश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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दिनेश कुमार बने कृषि विभाग के स्थाई निदेशक
उत्तराखंड के कृषि विभाग में लंबे समय से लंबित चल रही नियुक्ति पर अब फैसला हो गया है। विभाग को स्थायी निदेशक मिल गया है।
सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी दिनेश कुमार को पदोन्नत करते हुए इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद कृषि विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

दिनेश कुमार की नियुक्ति के आदेश जारी
कृषि विभाग के स्थाई निदेशक के पद पर दिनेश कुमार की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि ये पद 25 नवंबर 2025 से खाली चल रहा था। इसके साथ ही बीते कुछ समय से कृषि विभाग में स्थायी निदेशक के अभाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। विधानसभा सत्र में भी ये मुद्दा उठा था।
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