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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव के मद्देनजर लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस बल एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के संबंध में उच्च स्तरीय की बैठक

हर चेक पोस्ट पर अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाये सीसीटीवी कैमरा : मुख्य निर्वाचन अधिकारी
हथियार लाइसेंस धारकों की सूची का पुनरीक्षण कर सत्यापन करने के दिए निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन के दौरान प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस बल एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक की
देहरादून – मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम ने शनिवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में निर्वाचन के दौरान प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस बल एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में पुलिस मुख्यालय, आबकारी विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी शामिल रहे।

समय से सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाए

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए की निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व सभी तैयारियां समय से कर ली जाएं। जनपदवार पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती एवं केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती के संबंध में विस्तृत होमवर्क कर लिया जाए।

इंटर स्टेट मॉनिटरिंग और इंटर डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग का भी फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इंटर स्टेट मॉनिटरिंग और इंटर डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग का भी फुल प्रूफ प्लान तैयार कर प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित विभागों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर चेक पोस्ट पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरा और सर्विलांस की व्यवस्था हो। इसके अतिरिक्त पुलिस और आबकारी विभाग के सर्विलांस और चेक पोस्ट अलग-अलग स्थानों पर स्थापित करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने प्रदेश में समस्त जनपदों से जारी हथियार लाइसेंस धारकों की सूची का पुनरीक्षण कर उनका सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस विभाग को विभिन्न जनपदों में हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय पुलिस बलों के कैंप के लिए प्रस्तावित स्थलों पर मूलभूत व्यवस्थाओं का प्रबंध
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने पुलिस विभाग से ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों के शत प्रतिशत मतदान कराए जाने हेतु विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रीय पुलिस बलों के कैंप हेतु प्रस्तावित स्थलों पर मूलभूत व्यवस्थाओं के पहले से स्थलीय निरीक्षण कर समुचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए।
संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों का स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित हो
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश में संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान में प्रवर्तन गतिविधियों में लगे सभी नोडल एजेंसियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए । मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग को चुनावों को देखते हुए अवैध शराब का भंडारण एवं तस्करी करने वालों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग द्वारा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में जनपदवार पुलिस बल की तैनाती, केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों एवं प्रवर्तन संबंधित एक्शन प्लान तैयार कर दिया गया है। बैठक में आबकारी विभाग द्वारा बताया गया कि प्रदेश में चुनाव को देखते हुए प्रवर्तन एवं मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं जिसमें 24 घंटे प्रत्येक जनपद की मॉनिटरिंग की जा रही है।
बैठक में पुलिस निर्वाचन स्टेट नोडल अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक डॉ. निलेश आनंद भरणे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय जोगदंडे, उप पुलिस महानिरीक्षक पी. रेणुका देवी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नमामि बंसल, प्रताप शाह समेत आबकारी विभाग व अन्य विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा, तलाश में जुटी एसडीआरएफ

Rishikesh News : ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नहाने के दौरान नीम बीच पर एक पर्यटक गंगा के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा
ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में नीम बीच के पास नदी में नहाने के दौरान दिल्ली का एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू कर दी।
तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी 20 वर्षीय सौरभ शर्मा अपने एक दोस्त के साथ नीम बीच से आगे घूमने गया था। इसी दौरान दोनों नदी में नहाने लगे। नहाते समय सौरभ अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के साथ बह गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी में संभावित स्थानों पर डीप डाइविंग उपकरणों के जरिए युवक की तलाश की गई, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक सौरभ का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल एसडीआरएफ और अन्य टीमों का सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार! सड़कों पर उतरे लोग, VIP की पहचान की मांग

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार !
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड की जनता अंकिता को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है।
आज देहरादून में सड़कों पर उतरे लोग
प्रकाश थपलियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कथित तौर पर VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों और अंकिता से जुड़े कथित अंतिम बयानों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

VIP की पहचान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले में जिस VIP का जिक्र लगातार होता रहा है, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी वक्ताओं ने की।
इस दौरान अंकिता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कार के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया।
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ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।









































