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सीएम धामी ने कैंप कार्यालय में सुना “मन की बात” कार्यक्रम, कहा- ये जनता से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम

Dehradun News : देहरादून में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 131वां संस्करण सुना। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि ये जनता से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है।
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सीएम धामी ने कैंप कार्यालय में सुना “मन की बात” कार्यक्रम
सीएम धामी ने देहरादून में कैंप कार्यालय में “मन की बात” कार्यक्रम सुना। आज के संस्करण में आदरणीय प्रधानमंत्री ने अंगदान के महत्व, डिजिटल अरेस्ट एवं KYC से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता, भारत की सांस्कृतिक एकता, बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा किए।
पीएम ने किया India AI Impact Summit का उल्लेख
सीएम धामी ने कहा कि आज के कार्यक्रम में India AI Impact Summit का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि किस प्रकार भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भारत मंडपम में आयोजित इस समिट में विश्व के अनेक देशों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के अग्रणी और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े नवप्रवर्तक एक मंच पर एकत्र हुए।
ये कार्यक्रम जनता से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम – सीएम धामी
सीएम धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम केवल रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जन से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जो प्रत्येक संस्करण में नागरिकों को जागरूकता, सकारात्मकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ता है।
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संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम, ई-संस्कृत संभाषण शिविर का किया शुभारंभ

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने गार्गी बालिका संस्कृत छात्रवृत्ति, डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति भी विद्यार्थियों को प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा स्वाध्याय केन्द्र और ई-संस्कृत संभाषण शिविर का वर्चुअल शुभारंभ और उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के त्रैमासिक पत्र संस्कृत वार्ता का विमोचन भी किया।
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संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान ऊंचे पर्वतों और ऐतिहासिक मंदिरों से ही नहीं, बल्कि ज्ञान और आस्था की भाषा देववाणी संस्कृत से भी है। वेदों से लेकर उपनिषदों तक, रामायण से लेकर महाभारत तक, आयुर्वेद से लेकर खगोलशास्त्र तक, गणित से लेकर दर्शनशास्त्र तक हमारे ज्ञान की जड़ें संस्कृत में ही निहित हैं। संस्कृत हमारे अतीत की स्मृति मात्र नहीं, बल्कि हमारे भविष्य की संभावना भी है।
संस्कृत की सबसे बड़ी विशेषता इसका वैज्ञानिक व्याकरण है। पाणिनि द्वारा रचित अष्टाध्यायी आज भी विश्व के भाषाविदों के लिए आश्चर्य का विषय है। आज विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में संस्कृत की वैज्ञानिकता पर विभिन्न प्रकार के शोध किए जाते हैं।

ई-संस्कृत संभाषण शिविर का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने के विशेष प्रयास किए गए हैं। संस्कृत साहित्य को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
एआई के माध्यम से संस्कृत ग्रंथों को नए स्वरूप में सबके सामने रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से संस्कृत अध्ययन और शोध का केंद्र रही है। राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सभी जनपदों में आदर्श संस्कृत ग्रामों की स्थापना की गई है। उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्रदान किया गया है। राज्य में पहली बार ‘गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना’ की शुरुआत की गई है।

राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे नवाचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के माध्यम से अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, अखिल भारतीय वेद सम्मेलन, अखिल भारतीय संस्कृत कवि सम्मेलन, संस्कृत शिक्षक कौशल विकास कार्यशाला और संस्कृत छात्र प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्कृत विद्यार्थियों के लिए सरकारी सहायता, शोध कार्यों में सहयोग एवं रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर इसे नई पीढ़ी में लोकप्रिय बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किये हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में सुविधाओं को बढ़ाया गया है। प्रत्येक जनपद में एक-एक संस्कृत ग्राम बनाये गये हैं। संस्कृत को बढ़ावा देने के अलग स्ट्रीम बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।
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Vikram Sharma Murde Case: शूटरों की मदद करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार
सिल्वर सिटी मॉल हत्याकांड में जमशेदपुर से एक आरोपी गिरफ्तार
Vikram Sharma Murde Case: देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी को हुए गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में एसटीएफ को एक बड़ी सफलता मिली है। मामले में पुलिस ने जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा चुका है और अब उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। उस पर आरोप है कि उसने अपनी यूपीआई आईडी से शूटरों द्वारा इस्तेमाल की गई बाइक का भुगतान किया था।
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मुख्य बिंदु
सिल्वर सिटी मॉल मर्डर केस में आरोपी गिरफ्तार
दरअसल, 13 फरवरी की सुबह सिल्वर सिटी मॉल के बाहर उस समय फायरिंग की गई थी, जब विक्रम शर्मा जिम से बाहर निकल रहा था। दो हमलावरों ने उसे गोली मार दी और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले हरिद्वार में रुके थे और वहीं से देहरादून आने के लिए स्कूटी और बाइक किराए पर ली गई थी। घटना के बाद हमलावर इन्हीं वाहनों से वापस निकल गए थे।
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आरोपी ने शूटरों की बाइक का UPI से किया भुगतान
इसके बाद एसटीएफ की जांच में पता चला कि हरिद्वार से किराए पर ली गई बाइक का भुगतान राजकुमार सिंह की यूपीआई आईडी से किया गया था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए देहरादून लाया गया। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने शूटरों की मदद करने में भूमिका निभाई है और उससे पूछताछ में कई अहम जानकारी मिल सकती है।
शूटरों की तलाश जारी
पुलिस इस हत्याकांड में यशराज सिंह को मुख्य साजिशकर्ता मान रही है, जिसने शूटरों को पैसे और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए। हालांकि, घटना को अंजाम देने वाले शूटर अब भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें उत्तराखंड समेत झारखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक कोई शूटर गिरफ्तार नहीं हो पाया है।
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DEHRADUN: शिक्षा निदेशक से मारपीट मामले में मुकदमा दर्ज, भाजपा विधायक समेत कई नामजद
निदेशक से मारपीट मामले में विधायक समेत कई नामजद
DEHRADUN: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित प्राथमिक शिक्षा निदेशालय में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. यह कार्रवाई निदेशक की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
मुख्य बिंदु
DEHRADUN: शिक्षा निदेशक से मारपीट, विधायक पर मुकदमा
शिकायत के मुताबिक, शनिवार 21 फरवरी को दोपहर करीब 12:10 बजे विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ बिना पूर्व सूचना के ननूरखेड़ा स्थित निदेशालय पहुंचे. बताया गया कि उस समय कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी विभागीय कार्यों को लेकर चर्चा कर रहे थे. आरोप है कि विधायक सीधे निदेशक के कक्ष में पहुंचे और कर्मचारियों को बाहर जाने के लिए कहा, जिसके बाद वहां कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया.

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स्कूल नामकरण विवाद में निदेशक से मारपीट का आरोप
इसके बाद, आरोप लगाया गया कि कर्मचारियों के बाहर जाने पर निदेशक के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धमकियां दी गईं. शिकायत में यह भी कहा गया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. हालात बिगड़ते देख कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी.

निदेशालय में तोड़फोड़ और फाइलें फाड़ने का आरोप
निदेशक का आरोप है कि कुछ देर बाद जब दरवाजा खोला गया और बीच-बचाव की कोशिश की गई, तब विवाद और बढ़ गया. इस दौरान मारपीट की घटना हुई, जिसमें निदेशक समेत कुछ कर्मचारी घायल हो गए. साथ ही महिला कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता किए जाने की बात सामने आई है. शिकायत में ये भी उल्लेख है कि कार्यालय की फाइलें फाड़ी गईं, कुछ दस्तावेज ले जाए गए और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया गया.
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स्कूल का नाम बदलने की मांग को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, ये पूरा विवाद एक सरकारी स्कूल का नाम बदलने की मांग को लेकर शुरू हुआ था. विधायक स्कूल का नाम परिवर्तन चाहते थे, जबकि निदेशक ने स्पष्ट किया कि इस तरह का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाता है और यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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