Dehradun
वीर बाल दिवस साहिबजादों के शौर्य को राज्यपाल ने किया नमन, “लिविंग सिखिज्म” पुस्तक का किया विमोचन

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने ‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में गुरु गोबिंद सिंह जी के वीर साहिबजादों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत भावपूर्ण शबद गायन के साथ हुई, इसके पश्चात वीर साहिबजादों के बलिदान पर आधारित कोर्ट-रूम सीन की प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित दर्शकों को गहराई से भाव विभोर कर दिया।
वीर बाल दिवस साहिबजादों के शौर्य को राज्यपाल ने किया नमन
वीर साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह एवं माता गुजरी जी के महान बलिदान का स्मरण करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज के दिन मन में दो भावनाएं एक साथ उत्पन्न हो रही है। एक ओर साहिबजादों को दी गई अमानवीय यातनाओं का स्मरण मन को पीड़ा से भर देता है, वहीं दूसरी ओर उनके अद्भुत साहस, अडिग आस्था और बलिदान पर गर्व की अनुभूति होती है।।
राज्यपाल ने कहा कि जिस छोटी आयु में बच्चे खेल-कूद में लगे रहते हैं, उसी अवस्था में साहिबजादों ने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने सिख दर्शन के ‘पीरी’ और ‘मीरी’ के सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने भक्ति और शक्ति के संतुलन का मार्ग दिखाया। जब अन्याय और अत्याचार अपनी सीमा पार कर जाए, तब न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष करना ही धर्म बन जाता है।

गुरुओं के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि आज के समय में भी समाज अनेक सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में सिख गुरुओं की शिक्षाएँ और उनके विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। राज्यपाल ने गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों को उनके अद्वितीय बलिदान से प्रेरणा देता रहेगा।
राज्यपाल ने कहा कि सिख गुरुओं के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज के युग में एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुरुओं के सिद्धांतों और गुरबाणी को पूरी मानवता तक पहुंचाया जा सकता है। गुरबाणी के मूल मंत्र से एकता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश मिलता है, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि वीर साहिबजादों का जीवन यह संदेश देता है कि सच्चे साहस और बलिदान की कोई आयु सीमा नहीं होती। उन्होंने अमृत पीढ़ी से आह्वान किया कि वे साहिबजादों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण में योगदान दें।

“लिविंग सिखिज्म” पुस्तक का किया विमोचन
राज्यपाल ने इस अवसर पर सिमरजीत सिंह सेठी और डॉ. परमवीर सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “लिविंग सिखिज्म” का विमोचन किया। ये पुस्तक सिख गुरुओं की शिक्षाओं, मूल्यों और सार्वभौमिक आदर्शों को समकालीन संदर्भ में प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।
इस अवसर पर उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन, संदेश और शाश्वत विरासत को समर्पित एक अन्य पुस्तक ‘गुरु गोबिंद सिंह जीः द फ्लेम लिव्स ऑन’ का विमोचन भी किया जिसे हरविंदर नॉनी बग्गा द्वारा लिखी गई है।
Uttarakhand
उत्तराखंड में नहीं मिल रहा रेबीज का टीका, मरीजों की जेब पर पड़ रहा भारी बोझ

Uttarakhand Anti Rabies Injection Shortage: बाहर से महंगे इंजेक्शन खरीदने पर मजबूर मरीज
Uttarakhand Anti Rabies Injection Shortage: उत्तराखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी अनियमितता देखने को मिल रही है. प्रदेश भर के अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन की भारी कमी देखने को मिल रही है. समय पर टेंडर न हो पाने और उत्पादक फार्मा कंपनियों को रॉ मटिरियल न मिल पाने से प्रदेश भर में एंटी रेबीज इंजेक्शन की शोर्टेज हो रही है. जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है.
मुख्य बिंदु
उत्तराखंड में नहीं मिल रही एंटी रेबीज वैक्सीन
दरअसल, उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों में लम्बे समय से एंटी रेबीज इंजेक्शन की भारी कमी देखने को मिल रही है. इस वजह सी मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. आवारा कुत्तों के काटने पर लोग महंगे इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं. इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
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3 महीने से दून में एंटी रेबीज वैक्सीन की सप्लाई बंद
CMO देहरादून मनोज कुमार शर्मा का इस मामले पर कहना है कि उनको 3 महीने से वैक्सीन नहीं मिल पा रही है. उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीने से रेबीज वैक्सीन की कमी देखने को मिल रही है. इसके पीछे की मुख्य वजह टेंडर समय पर ना होना और वैक्सीन निर्माता फार्मा कंपनियों को रॉ मटिरियल न मिल पाना है. साथ ही उन्होंने बताया कि स्टेट लेवल से जो वैक्सीन उनको मिलनी थी वो पिछले 3 महीने से नहीं मिल पा रही है. हाल ही में जो उन्होंने ऑर्डर किया था वह भी उपलब्ध नहीं हो पाया है.
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अस्पतालों को आरसीबी से वैक्सीन खरीदने के निर्देश
CMO देहरादून ने बताया कि उनके द्वारा सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्रों को अपने स्तर पर इस कमी को दूर करने के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन अन्य क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आरसीबी) से खरीदने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि आम लोगों और मरीजों को परेशानी का समाना न करना पड़े.
big news
क्राइम कैपिटल बनता जा रहा दून, कप्तान बदलने के बाद भी नहीं लग सकी अपराधों पर लगाम

Dehradun Crime : देहरादून में बढ़ता क्राइम, कप्तान तो बदला लेकिन हालात नहीं !
Dehradun Crime: राजधानी देहरादून में आज सुबह रोड रेज की घटना में हुई गोलाबारी में एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर देहरादून की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं।
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क्राइम कैपिटल बनता जा रही राजधानी देहरादून
सोमवार सुबह 6.50 बजे देहरादून के जोहड़ी गांव में वाहन को पास ना देने को लेकर दो कार सवारों के बीच हुए विवाद में गोलीबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी की मौत हो गई। इस घटना के बाद देहरादून की कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
सिर्फ यही घटना नहीं है बल्कि इस से एक दिन पहले ही कुंआवाला के जंगल में एक लाश मिली थी और बीते दिनों मांडूवाला में एक महिला की लाश कट्टे में मिली थी। देहरादून में दिन पर दिन लगातार हत्या, लूट और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं।

कप्तान बदलने के बाद भी नहीं लग सकी अपराधों पर लगाम
देहरादून में बीते कुछ समय से अपराध बेलगाम होता जा रहा है। जिस कारण कप्तान को भी बदला गया था लेकिन हालात वही ढाक के तीन पात वाले बने हुए हैं। फरवरी के महीने में एक के बाद एक हुई हत्या की कई घटनाओं से लोगों में डर का माहौल बन गया। महज 16 दिनों में हुई पांच हत्याओं ने ना केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे बल्कि राजधानी में आने वालों के मन में भी डर भर दिया था।
हालांकि लगातार हुई 5 हत्याओं के बाद शासन की नींद खुली और देहरादून के कप्तान को बदल दिया गया। अजय सिंह को हटाकर प्रमेंद्र डोबाल को नया एसएसपी बना दिया गया। नए कप्तान के आने के एक महीने बाद भी हालात बदलते हुए नहीं दिख रहे हैं। अब भी अपने शांत माहौल के लिए प्रसिद्ध देहरादून में खुलेआम हत्याएं हो रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन के दावों की पोल
सोमवार सुबह हुई घटना ने पुलिस-प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना से स्पष्ट होता है कि राजधानी में अब भी ओवरस्पीडिंग पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है। ये हालत तब हैं जब दून में इनोवा कार हादसे में छह युवाओं की मौत के बाद यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन करवाने की बात कही गई थी।
इसके साथ ही पुलिस द्वारा शहर में गश्त करने के दावे भी किए गए थे। आज सुबह हुई घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अगर पुलिस पेट्रोलिंग कर रही थी तो कैसे शहर में ऐसी वारदात हो गई। हैरानी की बात है कि घटना के बाद स्कॉर्पियो कार सवार फरार भी हो गए जिनका अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
Dehradun
रोड रेज में हुई गोलाबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी की मौत, मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे ब्रिगेडियर

vk joshi brigadier : देहरादून में आज सुबह हुई रोड रेज की घटना एक बार फिर से राजधानी की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ओवरटेक को लेकर शुरू हुए विवाद में हुई गोलाबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी की मौत हो गई।
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रोड रेज में हुई गोलाबारी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी की मौत
सोमवार सुबह देहरादून में वाहन को पास न देने को लेकर हुए दो कार सवारों के बीच बहस देखते ही देखते विवाद में बदल गई। कार सवार व्यक्ति ने अगली कार को रोकने के लिए टायर पर फायरिंग की। लेकिन गोली मॉर्निंग वॉक कर रहे व्यक्ति को लग गई। जिस से मौके पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायल को अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी के रूप में हुई है।
फॉर्च्यूनर कार और एक स्कॉर्पियो कार सवारों में हुआ था विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक सोनवार सुबह 6.50 बजे पुलिस को जोहड़ी, गांव में फायरिंग की जानकारी मिली। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच करने पर पचा चला कि मसूरी रोड पर मालसी के पास गाड़ी को पास न देने को लेकर एक दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर कार और एक स्कॉर्पियो कार में सवार व्यक्तियों के बीच विवाद हो गया था।

जिसमें स्कॉर्पियो में सवार व्यक्तियों द्वारा फॉर्च्यूनर कार का पीछा करते हुए उसे रुकवाने के लिए उसके टायरों पर फायरिंग की गई। फायरिंग की घटना में दुर्घटनावश सड़क पर मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर वीके जोशी को गोली लग गई। जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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