health and life style
Winter Dandruff Remedies : सर्दियों में आप भी हैं डैंड्रफ से परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

सर्दियों में डैंड्रफ की समस्या आम हो जाती है। इससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और बाल झड़ने लगते हैं। डैंड्रफ से परेशान लोगों का आत्मविश्वाश भी लड़खड़ा जाता है। ठंड के मौसम में डैंड्रफ की समस्या इसलिए आम हो जाती है क्यों कि ठंड के कारण हवा रूखी हो जाती है जो सिर की नमी ख़त्म कर देती है।
सर्दियों के इस मौसम में ठंडी हवाओं से बचने के लिए टोपी और स्कार्फ का उपयोग शुरु हो जाता है जिस से बालों को पर्याप्त मात्रा में हवा नहीं मिल पाती है। इसलिए डैंड्रफ जैसी समस्या शुरू होती है। ऐसे में आप कुछ घरेलू नुस्खे (Winter Dandruff Remedies) अपना सकते हैं जो डैंड्रफ की समस्या से आपको बचा सकते हैं।
नारियल तेल और कपूर का मिश्रण
डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए नारियल तेल और कपूर का मिश्रण बहुत फायदेमंद होता है। नारियल तेल और कपूर के मिश्रण में एंटीफंगल गुण होते हैं। कपूर की दो गोलियां नारियल तेल में मिला कर उसका लेप बालों की जड़ों में लगा लें। एक घंटे बाद बालों को धो लें, हफ्ते में दो दिन इसे लगाने से आपको डैंड्रफ से छुटकारा मिल जाएगा।

नीम की पत्तियां
नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प की सूजन और संक्रमण को कम करते हैं। नीम की कुछ पत्तियों को पीसकर एक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को स्कैल्प पर लगाएं और इसे 30 मिनट तक रहने दें। बाद में गुनगुने पानी से धो लें।

दही का उपयोग
दही में प्राकृतिक रूप से एंटीफंगल गुण होते हैं ये स्कैल्प को ठंडक पहुंचाता है और डैंड्रफ को फैलने से रोकता है। रात को सोने से पहले दही को 15 मिनट तक बालों पर लगा कर छोड़ दें इसके बाद बालों को गुनगुने पानी से धो लें।
सरसों का तेल
हफ्ते में एक दिन बालों पर जरूर करें सरसों के तेल मालिश। रात को सोने से पहले बालों की अच्छी तरह से सरसों के तेल को गर्म करके मालिश करें। इसके बाद बालों को एक घंटे तक ऐसे ही छोड़ दें और फिर शैम्पू से अच्छे तरीके से धो लें।
(नोट – उपाय करने से पहले ध्यान रखें कि किसी भी एलर्जी की स्थिति में, डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे महत्वपूर्ण है। खासकर अगर आपको एलर्जी की कोई ज्ञात स्थिति है या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है।)
big news
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू से संक्रमित 5 मरीजों की मौत, प्रदेश में अब तक सामने आए 49 मामले

Uttarakhand News : स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक कुल 40 मामले सामने आए हैं। जिनमें से 27 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि अन्य मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
Table of Contents
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू से संक्रमित 5 मरीजों की मौत
उत्तराखंड में अब तक स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों में से अब तक 5 मौतें रिपोर्ट हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में अन्य गंभीर बीमारियां और को-मॉर्बिडिटी भी मौजूद थीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के लिए एडवाइजरी जारी
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है। राज्य स्तर से भी एडवाइजरी मिलने के बाद अस्पतालों में आइसोलेशन बेड चिह्नित करने, फ्लू के मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने, पर्याप्त दवाइयां, मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सामग्री की खरीद भी की जा रही है।

वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार फिलहाल सामने आ रहे अधिकांश मामले माइल्ड हैं। हालांकि बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी या को-मॉर्बिडिटी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का करें इस्तेमाल
विभाग ने लोगों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करें। सर्दी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण होने पर घर पर रहें और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। खांसते या छींकते समय रुमाल अथवा टिश्यू का इस्तेमाल करें, खुले में न थूकें और किसी सतह को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइज करें। अधिकारियों ने कहा कि कोरोना काल के दौरान अपनाई गई सावधानियां इस संक्रमण से बचाव में भी कारगर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें
big news
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 22 दिनों में 31 संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Swine Flu Alert : उत्तराखंड में मौसम बदलते ही एक ऐसे वायरस ने दस्तक दे दी है, जो शुरुआत में आम वायरल जैसा लगता है। लेकिन लापरवाही पर ये गंभीर रूप से सकती है। स्वाइन फ्लू यानी H1N1 की दस्तक से प्रदेश में अलर्ट है।
Table of Contents
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 22 दिनों में 31 लोग मिले संक्रमित
स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के कई मामले प्रदेश में सामने आ चुके हैं। उत्तराखंड में अगस्त महीने में अब तक 31 मरीजों में इसकी पुष्टि हो चुकी है और ज्यादातर मामले देहरादून से सामने आए हैं। मामले बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है और एडवाइजरी जारी कर दी गई है। इसके साथ ही अस्पतालों में निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।
स्वाइन फ्लू होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण
स्वाइन फ्लू की शुरुआत कई बार सामान्य वायरल जैसी ही होती है। अचानक बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और तेज थकान इसके आम लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में उल्टी या दस्त जैसी समस्या भी देखने को मिल सकती है।

लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करें संपर्क
सबसे जरूरी बात ये है कि अगर सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, लगातार चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसी गंभीर परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके साथ ही स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
- हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के मुताबिक मास्क का इस्तेमाल करें।
- इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।
- अगर आप बीमार हैं तो दूसरों के संपर्क में आने से बचें और पर्याप्त आराम करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या कोई दवा खुद से न लें।
National
आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी, लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां

Nautapa 2026 : 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। नौतपा का संबंध सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से माना जाता है। मान्यता के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब धरती पर गर्मी का असर सबसे अधिक महसूस होता है। इसी वजह से इन शुरुआती नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है।
Table of Contents
आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी
Nautapa 2026 शुरू होते ही कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। भारतीय पंचांग के अनुसार ये नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में शामिल होते हैं। इस दौरान लू लगना, शरीर में पानी की कमी, पेट संबंधी समस्याएं और थकान जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में खानपान और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को ठंडा रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी की पूर्ति करें। वहीं, शरीर की गर्मी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। सही खानपान अपनाकर गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नौतपा में क्या करें और क्या ना करें ?
खाने-पीने में ज्यादा तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन कम लेना चाहिए, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। भारी नॉनवेज भोजन जैसे मटन से भी परहेज करना बेहतर माना जाता है। इसकी जगह हल्का भोजन जैसे दाल, हरी सब्जियां और ताजे फल शामिल किए जा सकते हैं।
चाय और कॉफी का अधिक सेवन करने के बजाय पानी, जूस और अन्य तरल पदार्थों को प्राथमिकता देना चाहिए। साथ ही शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना बेहतर रहता है।

नौतपा के दौरान इन चीजों को डाइट में करें शामिल
- छाछ और लस्सी
- नारियल पानी
- तरबूज, खरबूजा और खीरा
- नींबू पानी
- दही और हल्का भोजन
- मौसमी फल
- अधिक पानी और ORS

गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
इसके अलावा गर्मी से बचाव के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनना फायदेमंद माना जाता है। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि धूप में बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े, टोपी या अन्य साधनों से ढककर रखना चाहिए।
uttarakhand weather5 hours agoउत्तराखंड में पूरे हफ्ते होगी बारिश, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Dehradun7 hours agoसीएम आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ, युवाओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
Rudraprayag6 hours agoकेदारनाथ यात्रा मार्ग पर मचा हड़कंप, पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण महिला की मौत
Dehradun4 hours agoमसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चार दुकानें ध्वस्त












































