Dehradun
आदर अभिनन्दन, आभार मिशन सिलक्यारा’’ कार्यक्रम का आयोजन, मुख्यमंत्री का श्रमिक संगठनों ने किया आभार व्यक्त


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और श्रमिकों की हिम्मत से ही यह रेस्क्यू अभियान सफल हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस रेस्क्यू ऑपरेशन की उनसे प्रत्येक दिन अपडेट लेते थे और श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों और आवश्यक उपकरणों की जो भी आवश्यकता पड़ी, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शीघ्रता से प्राप्त होते रहे। इस रेस्क्यू अभियान के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम भी नियमित तौर पर मौके पर रही। केन्द्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके.सिंह भी इस रेस्क्यू अभियान के दौरान लगातार सिलक्यारा में मौजूद रहे। केन्द्रीय एवं राज्य की एजेंसियों द्वारा समन्वय के साथ कार्य कर इस ऑपरेशन को सफल बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी श्रमिकों के परिजनों ने उस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। उन्होंने इस बचाव अभियान में लगे सभी लोगों का भी राज्य की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल में फंसे श्रमिकों के धैर्य ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी का मनोबल बढ़ाया। अनेक प्रयासों के बाद भी जब समय अधिक लग रहा था तो, श्रमिकों ने कहा कि अधिक समय लगने की उनको चिंता नहीं है, प्रयास हो कि वे सुरक्षित बाहर निकल जाएं। श्रमिकों के इन शब्दों ने रेस्क्यू अभियान में लगे सभी लोगों का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे श्रमिक एक बेहतर और समृद्ध भारत की नींव तैयार कर रहे हैं। “श्रमेव जयते“ के मंत्र को ध्यान में रखकर केन्द्र व राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कटिबद्ध है। केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों में अनेक बदलाव किए हैं। श्रम सुविधा पोर्टल शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत आठ अहम श्रम कानूनों को एक कर उनके सरलीकरण का काम किया गया है। आज हर श्रमिक को एक विशेष लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जा रहा है ताकि उसकी पहचान की जा सके जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। श्रमिक और नियोजक के बीच बेहतर तालमेल हो सके इसके लिए नेशनल सर्विस पोर्टल भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती पर 13 हजार करोड़ की “पीएम विश्वकर्मा योजना“ की शुरुआत की, इससे देशभर के लगभग 30 लाख श्रमिक परिवारों को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों सहित अन्य श्रमिक भाइयो को बिना गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण सहायता प्रदान की जाएगी। आजादी के बाद इतने बड़े स्तर पर इस योजना के लागू होने से स्पष्ट है कि अंत्योदय के सिद्धान्त पर कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

सचिव श्रम आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि मिशन सिलक्यारा एक चुनौतीपूर्ण टास्क था। पूरे देश और दुनिया की नजरें इस पर थी। उन्होंने कहा कि इस मिशन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू में लगे लोगों का लगातार मनोबल बढ़ाया। कल्याणकारी राज्य हर वर्ग के प्रति संवेदनशील होता है, इसका परिचय मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा शीघ्र ही श्रम विभाग की चौपाल आयोजित की जायेगी।

इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के सुमित सिंघल ने कहा कि सिलक्यारा मिशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस तरह मौके पर डटे रहे और हर पल की अपडेट लेते रहे, उन्होंने अपने जीवनकाल में किसी रेस्क्यू अभियान में इस दृढ़ता से कार्य करने वाले किसी मुख्यमंत्री को नहीं देखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किस तरह श्रमिकों की चिंता की और उनका जीवन बचाया, यह सबने देखा। उन्होंने कहा कि इस मिशन की सफलता के बाद श्रमिकों का मनोबल बहुत बढ़ा है।

ट्रेड यूनियन कॉर्डिनेशन के अध्यक्ष नवीन कुरील ने कहा कि सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर रहकर जिस तरह सबका मनोबल बढ़ाया वह सराहनीय था। उन्होंने कहा कि इस मिशन की सफलता के बाद सबके दिलों में उनके लिए अलग जगह बनी है।
इस अवसर पर श्रमायुक्त दीप्ति सिंह, विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और श्रमिकों के परिजन उपस्थित थे।
Breakingnews
देहरादून में दर्दनाक सड़क हादसा, बीटेक की छात्रा की दर्दनाक मौत

Dehradun Accident : देहरादून के क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में रविवार रात हुए सड़क हादसे में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी की बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा की मौत हो गई। हादसा चार खंभा चौक के पास हुआ, जहां पीछे से आ रहे मिक्सर ट्रैक्टर ने छात्रा को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई।
Table of Contents
देहरादून में दर्दनाक सड़क हादसे में छात्रा की मौत
घटना की सूचना मिलने के बाद क्लेमेंटटाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्रा को तत्काल एंबुलेंस की मदद से नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
रात करीब 8:45 बजे मिली हादसे की सूचना
पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब 8:45 बजे चार खंभा चौक के पास सड़क दुर्घटना की सूचना थाना क्लेमेंटटाउन को मिली थी। सूचना में बताया गया कि एक युवती को मिक्सर ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी है।
जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। उस समय युवती गंभीर हालत में थी। पुलिस ने तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
मिक्सर ट्रैक्टर कब्जे में, चालक हिरासत में
हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल मिक्सर ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने चालक को भी हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई और टक्कर के समय वाहन की गति कितनी थी, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
Breakingnews
धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर, मजदूरों, युवाओं और गौपालकों के लिए गए बड़े फैसले

Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 15 प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। बैठक में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
Table of Contents
धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर
आज हुई कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने गोपालन योजना में सामान्य वर्ग को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। पात्र लोगों को सब्सिडी मिलेगी और वे गाय या भैंस खरीद सकेंगे।
श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला
- कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी। इसके तहत श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना होगा। पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान काम के लिए समान मजदूरी का प्रावधान भी किया गया है।

पढ़े धामी कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- GST संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
- नैनीताल हाईकोर्ट के लिए हल्द्वानी गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन देने का फैसला।
- राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी।
- जल जीवन मिशन में केंद्र की गाइडलाइंस लागू होंगी।
- कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी सहकारी समिति का सदस्य बन सकेगा।
- मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए यूपी से समझौता होगा।
वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन
- औद्योगिक नियमावली को मंजूरी, श्रमिक शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर।
- छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने का प्रावधान।
- वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन, स्केलर पद के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी।
- ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जड़ी-बूटियों से जुड़ी उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन किया जा सकेगा।
Dehradun
मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर, सरकारी आवास को भारी नुकसान

Mussoorie News : मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर खतरा बढ़ गया है। बोल्डरों की चपेट में आने से एक कमरे का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरे कमरे की दीवार भी दोबारा ढह गई। भवन के अन्य हिस्सों में भी दरारें आने की सूचना है।
Table of Contents
मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर
मसूरी में लगातार हो रही बारिश के कारण गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण हड़कंप मच गया। कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर बोल्डर गिरने के कारण खतरा बढ़ गया है। घटना के बाद सरकारी आवास में रहने वाले परिवारों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि बुधवार से पहाड़ी से रुक-रुककर बोल्डर गिर रहे हैं, जिसके चलते खतरा लगातार बना हुआ है।
पांच परिवारों ने एसडीएम कार्यालय में बिताई रात
खतरे को देखते हुए सरकारी आवास में रहने वाले पांच परिवारों को रात सुरक्षित स्थान पर गुजारनी पड़ी। सभी परिवारों ने पूरी रात एसडीएम कार्यालय के एक हॉल में रहकर बिताई। प्रभावित लोगों का कहना है कि पहाड़ी से बोल्डर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है और ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

कचहरी कर्मचारी गोविंद सिंह नेगी के मुताबिक, जिस सरकारी आवास में पांच परिवार रह रहे हैं, वो फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। बोल्डर गिरने से भवन को काफी नुकसान पहुंचा है और मौजूदा हालात में वहां रहना जोखिम भरा हो गया है।
प्रशासन से तत्काल मदद की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मौके का जल्द निरीक्षण कराने और तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इसके साथ ही परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के खतरे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मसूरी के कई पहाड़ी क्षेत्र संवेदनशील हो गए हैं। ऐसे में अगर समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
Cricket22 hours agoTRT-W vs SOB-W Dream11 Prediction Match 29: Pitch Report, Playing 11, Fantasy Tips
Cricket10 hours agoTRT vs SOB Dream11 Prediction Match 29: The Hundred 2026
Cricket22 hours agoIRE vs AFG Dream11 Prediction 3rd ODI 2026: Match Preview, Pitch Report, Probable Playing XI, and Fantasy Cricket Tips
Breakingnews7 hours agoदेहरादून में दर्दनाक सड़क हादसा, बीटेक की छात्रा की दर्दनाक मौत
big news6 hours agoउत्तराखंड में भूकंप से डोली धरती, टिहरी और उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके
uttarakhand weather6 hours agoउत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, आज कई जिलों में अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल
Uttarakhand4 hours ago2036 ओलंपिक के लिए मंत्री रेखा आर्या की कांवड़ यात्रा, भोलेनाथ से मांगा आशीर्वाद
Chamoli2 hours agoहेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की तिथि की हुई घोषणा, 10 अक्टूबर को किए जाएंंगे बंद





































