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अमेरिका की सिमोना स्टेंस ने केदारनाथ धाम पहुंचकर ध्यान गुफा में लगाया ध्यान, छह वर्षों में बनी पहली विदेशी शिव भक्त

केदारनाथ धाम – केदारनाथ धाम स्थित ध्यान गुफा में इस सीजन की पहली साधक अमेरिका की सिमोना स्टेंस हैं। साथ ही बीते छह वर्षों में ध्यान गुफा में साधना करने वाली पहली विदेशी शिव भक्त भी बन गई हैं। उन्होंने दो दिन तक ध्यान गुफा में साधना की।

सोमवार को सिमोना स्टेंस गौरीकुंड से पैदल चलकर 16 किमी की दूरी तय कर केदारनाथ पहुंचीं और अपराह्न बाद सीधे ध्यान गुफा गईं। उन्होंने ध्यान गुफा में साधना के लिए ऑनलाइन बुकिंग की थी। सिमोना स्टेंस काफी खुश नजर आईं।
ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में पहुंचकर मानसिक शांति मिलती है। केदारनाथ आकर वह स्वयं को धन्य मान रही है। गढ़वाल मंडल विकास निगम के गोपाल सिंह रौथाण ने बताया कि 10 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में सिमोना स्टेंस इस वर्ष की पहली साधक हैं, जिन्होंने ध्यान गुफा में साधना की है। गढ़वाल मंडल विकास निगम को ध्यान गुफा के लिए जून माह तक की बुकिंग मिल चुकी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2019 में धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के बाद ध्यान गुफा चले गए थे। जहां उन्होंने 17 घंटे तक साधना व ध्यान लगाया। इसके बाद 19 मई की सुबह प्रधानमंत्री केदारनाथ से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए थे।
2018 में केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य करने वाली संस्था नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने मंदिर से लगभग डेढ़ किमी पीछे मंदाकिनी नदी के दूसरी तरफ पहाड़ी पर ध्यान गुफा का निर्माण किया था।
क्षेत्रीय प्रबंधक, गढ़वाल मंडल विकास निगम गिरवीर सिंह रावत ने बताया कि इस वर्ष केदारनाथ में ध्यान गुफा में साधना करने वाली सिमोना स्टेंस पहली साधक हैं। बीते छह वर्षों में ध्यान गुफा में पीएम सहित देश के विभिन्न राज्यों के कई साधक यात्राकाल में साधना कर चुके हैं। ध्यान गुफा में पहुंचने वाले साधकों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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केदार घाटी के ग्रामीणों की सामूहिक पहल, नींद से जगा विभाग, साइट पर भेजी मशीनरी

Rudraprayag News: केदारघाटी के तरसाली गाँव में ग्रामीणों ने उठाया सड़क निर्माण का बीड़ा
मुख्य बिंदु
Rudraprayag news: लंबे समय से बंद पड़े मोटरमार्ग निर्माण कार्य से निराश तरसाली गांव के लोगों ने अब इंतजार छोड़कर खुद श्रमदान के जरिए सड़क बनाने का फैसला किया। जिसमें बुजुर्गों से लेकर युवा तक कुदाल-फावड़ा लेकर आगे आ रहे हैं। ग्रामीणों की इस पहल के बाद लोक निर्माण विभाग भी नींद से जागकर सक्रिय हो गया है।
केदार घाटी के ग्रामीणों की पहल, सड़क निर्माण के लिए किया श्रमदान
केदार घाटी के तरसाली गाँव के लिए साल 2021 में तीन किलोमीटर मोटरमार्ग की स्वीकृति मिली थी। शुरुआत में लगभग दो किलोमीटर सड़क का निर्माण भी हो गया। लेकिन इसके बाद मार्च महीने से करीब एक किलोमीटर का काम पूरी तरह रुक गया। कई शिकायतों के बावजूद जब विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीणों ने स्वयं सड़क निर्माण का बीड़ा उठा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा।
कई शिकायतों के बाद भी विभाग नहीं ले रहा था सुध
अधूरी सड़क के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर आवाजाही में दिक्कतें बढ़ी हैं, वहीं मोटरमार्ग न होने से पलायन भी तेज हुआ है। इसके अलावा कच्चे रास्तों से गुजरते समय जंगली जानवरों का खतरा भी हमेशा बना रहता है। इसलिए, गांव के लोग मानते हैं कि सड़क पूरी होना उनकी बुनियादी जरूरत और सुरक्षा दोनों से जुड़ा मुद्दा है।
ग्रामीणों की पहल को देख (PWD) विभाग भी नींद से जगा
ग्रामीणों की इस पहल ने (PWD)लोक निर्माण विभाग Ukhimath को भी नींद से जगा दिया। विभाग अब सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। विभाग के मुताबिक, मोटरमार्ग पर कार्य प्रारंभ कराने के लिए मशीन भेज दी गई है। साथ ही एनएच, लोनिवि और जियोलॉजिस्ट की टीम संयुक्त निरीक्षण करेगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर शासन – प्रशासन को भी बता दिया है कि अगर वो कोई सुध नहीं लेते हैं तो ग्रामीण स्वयं ही सड़क निर्माण के लिए प्रयास करेंगे। तरसाली के ग्रामीण धर्मानंद सेमवाल, प्रियधर अंथवाल ने बताया कि तरसाली गांव के लिए तीन किमी मोटर रोड स्वीकृत हुई, जिसमें दो किमी से अधिक कटिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि 800 मीटर के करीब निर्माण कार्य अभी भी बचा हुआ है।
तरसाली मोटरमार्ग पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए मशीन भेज दी गई है। एनएच, लोनिवि एवं जियोलजिस्ट की टीम का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ही मोटर रोड के कार्य को लेकर आगे कार्य किया जाएगा। -नरेंद्र कुमार, एई, लोक निर्माण विभाग, Ukhimath
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केदारनाथ में फिर गिरी बर्फ! बर्फ में लिपटी केदारपुरी वीडियो देख लोग बोले – वाओ, देखें वीडियो

Kedarnath : उत्तराखंड में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ से लेकर मैदान तक कड़कड़ाती ठंड के कारण लोग परेशान हैं। जहां एक ओर पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है तो वहीं मैदानी इलाकों में धुंध से लोग परेशान है। इसी बीच केदारनाथ धाम में बर्फबारी का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
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Kedarnath में फिर गिरी बर्फ, नजारे हुए सुहावने
उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है। ऊंचाई वालों इलाकों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। केदारनाथ में भी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इसी बीच केदारपुरी में बर्फबारी का एक वीडियो सामने आया है। जिसे देखकर लोग तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। सुहावने नजारे को लोग बेहद ही पसंद कर रहे हैं।

बर्फ की चादर में लिपटे Kedarnath dham का मनमोहक नजारा
लंबे समय से उत्तराखंड और Kedarnath dham में बर्फबारी नहीं हुई थी। लेकिन नए साल के आगाज के साथ ही केदारनाथ समेत उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। जहां एक जनवरी को केदारनाथ में बर्फबारी हुई थी तो वहीं एक बार फिर से केदारनाथ में हिमपात हुआ है।
जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं। बर्फबारी के बाद केदारपुरी सफेद चादर में लिपटी सी नजर आ रही है। हालांकि बर्फबारी के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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केदारनाथ धाम में हुई साल की पहली बर्फबारी, बर्फ की सफेद चादर में लिपटा धाम, देखें वीडियो

Kedarnath snowfall: उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदल ली है और लंबे इंतजार के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। केदरानाथ धाम में साल की पहली बर्फबारी हुई है। जिसके बाद पूरा धाम बर्फ की सफेद चादर में लिपटा स्वर्ग समान नजर आ रहा है।
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Kedarnath धाम में हुई साल की पहली बर्फबारी
नए साल का आगाज उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी के साथ हुआ है। लंबे इंतजार के बाद प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। केदारनाथ धाम, पिथौरागढ़ और नीति घाटी में बर्फबारी के बाद अब कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। केदारनाथ धाम में साल की पहली बर्फबारी के बाद नजराे सुहावने हो गए हैं। बर्फबारी के साथ ही स्थानीय लोगों को चेहरे भी खिल उठे हैं।

पिथौरागढ़, बद्रीनाथ और मलारी में भी हुई बर्फबारी
Kedarnath के साथ ही पिथौरागढ़ और चमोली जिले में भी बर्फबारी देखने को मिली है। पिथौरागढ़ में नंदा देवी, पंचाचूली और छिपला केदार समेत आसपास की चोटियों में बर्फबारी हुई। जबकि चमोली में मलारी समेत हेमकुंड साहिब, बद्रीनाथ के नर नारायण पर्वत, नीलकंठ, बसुधारा के आस-पास की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है।

बर्फबारी के बाद पड़ने लगी है कड़ाके की ठंड
केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम और अन्य स्थानों पर जहां बर्फबारी हुई तो वहीं निचले इलाकों में शुक्रवार दोपहर बाद हल्की बूंदा बांदी हुई। बारिश और बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। लेकिन फिर भी लोग खुश नजर आ रहे हैं। क्योंकि लंबे समय से बारिश और बर्फबारी ना होने से स्थानीय लोग और पर्यावरणविद काफी परेशान थे।
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