Tehri Garhwal
सिद्वपीठ सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन तीन दिन तक रहेगा बंद, श्रद्धालुओं को खुद पैदल करनी होगी खड़ी चढ़ाई।

नई टिहरी – सिद्वपीठ सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन मंगलवार से अगले तीन दिन तक पूरी तरह से बंद रहेगा। 19, 20 और 21 मार्च को रोपवे का मरम्मत कार्य किया जाएगा। रोपवे बंद रहने के दौरान सुरकंडा मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को कद्दूखाल से मंदिर तक डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर पहुंचना होगा।

चैत्र नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे है। चैत्र नवरात्र के दौरान रोपवे के संचालन में कोई परेशानी उत्पन्न न हो इसे देखते हुए रोपवे का मरम्मत कार्य पहले करने का निर्णय लिया गया है।
रोपवे के समन्वयक नरेश बिजल्वाण ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से 19 से 21 मार्च तक तीन दिनों तक रोपवे का मरम्मत कार्य के साथ-साथ तकनीकी निरीक्षण होना है। 22 मार्च सुबह आठ बजे से पूर्व की तरह रोपवे की सेवा विधिवत संचालित की जाएगी।
Uttarakhand
टिहरी में अंगीठी का धुंआ लगने से चार साल की बच्ची की मौत, मां की हालत गंभीर, एम्स में भर्ती

Tehri News : टिहरी में ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी के कारण परिवार में कोहराम मच गया। अंगीठी के कारण दम घुटने से चार साल की बच्ची की मौत हो गई। जबकि मां की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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अंगीठी का धुंआ लगने से चार साल की बच्ची की मौत
Tehri की कोटीकॉलोनी में स्थित सीआईएसएफ कॉलोनील में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां अंगीठी का धुंआ लगने से चार साल की मासूम की मौत हो गई जबकि मां की हालत गंभीर है। मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी गणेश पालवे सीआईएसएफ में कॉस्टेबल हैं। जिनका परिवार उत्तराखंड के टिहरी जिले स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में रहता है।
स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण गणेश पालवे उपचार के लिए Tehri से देहरादून गए थे। इस दौरान 16 जनवरी को उनकी पत्नी और बेटी घर पर थे। शाम को ठंड से बचने के लिए मोनिका गणेश पालवे (37) ने अंगीठी जलाई थी। जिसे कमरे में ही रखकर वो सो गई।
दरवाजा ना खुलने पर पड़ोसियों को हुआ था शक
बताया जा रहा है कि अगली सुबह 10 बजे तक भी दरवाजा नहीं खुला। जिसके बाद पड़ोसियों ने कमरे का दरवाजा कई बार खटखटाया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर होने के कारण पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी। जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया।

कमरे में बेहोशी की हालत में मिली महिला और बच्ची
दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची तो देखी कि गणेश पालवे की पत्नी और बच्ची बेहोशी की हालत में पड़े हुए मिले। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। जबकि महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया है।
दम घुटने से बच्ची की मौत की आशंका
कोतवाली निरीक्षक एश्वर्य पाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मौके पर कमरे की तलाशी लेने के बाद कोई भी विषाक्त पदार्थ या सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। लेकिन कमरे में अंगीठी रखी हुई थी। जिस कारण प्रथम दृष्टया धुंए के कारण दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है।
Uttarakhand
टिहरी झील के चारों तरफ प्रस्तावित रिंग रोड़ पर ग्रामीणों का विरोध, उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
मुख्य मांग
टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील के चारों ओर प्रस्तावित रिंग-रोड़ का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। 1200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट के निर्माण के विरोध में रिंग रोड़ संघर्ष समित द्वारा एक दर्जन से अधिक गाँवो के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रौलाकोट के भामेश्वर महादेव मंदिर में बैठक का आयोजन किया।
बिना अनुमति के किया जा रहा जमीनों का अधिग्रहण : ग्रामीण
जहाँ पर बैठक में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि रिंग रोड़ चौड़ीकरण के नाम पर ग्रामीणों की अनुमति के बिना उनकी जमीनों और मकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण के नाम पर भी जमीनों के मुआवजे में भी ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार बरता जा रहा है।
मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि वो पीडब्ल्यूडी, जिला प्रशासन, एसडीबी, पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दें कि वो दोबारा से समिति के लोगों के साथ रिंग रोड़ के मामले में बातचीत करें, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान निकल सके। अगर कोई भी संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो ग्रामीण भी रिंग रोड और सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। जिससे टिहरी झील के चारों तरफ 1200 करोड़ की लागत से बनने वाली रिंग रोड के निर्माण पर रोक लगेगी और इस राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के निर्माण पर ग्रहण लग सकता है।
ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन इन मुख्य बिंदुओं पर एक आम बैठक का आयोजन कर ग्रामीणों से साथ बातचीत कर समस्याओं का समाधान करे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर जल्द ये मांग नहीं मानी गई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- सड़क मुआवजे में दोहरे मानक न अपनाए जाएं; सभी सड़कों का मुआवजा एनएच की तर्ज पर समान होना चाहिए।
- सड़क चौड़ीकरण कार्य में लापरवाही न बरती जाए, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
- कई स्थानों पर सड़क का एलाइनमेंट आवश्यकतानुसार बदला जाए।
- जिन गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, उनके आसपास ही विकास कार्य किए जाएँ, न कि अन्य क्षेत्रों में।
- स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपेक्षा है कि सभी कार्य जैसे सड़क चौड़ीकरण और मुआवजा लोक निर्माण विभाग द्वारा सही ढंग से संपन्न किए जाएँ।
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, योगेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को संपत्ति का मुआवजा सर्किल रेट के आधार पर ही दिया जाएगा। रिंग रोड का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। कहीं पर अगर ग्रामीणों की समस्या है तो उनसे बात कर के समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
Tehri Garhwal
उत्तराखंड में मानवता शर्मसार, मां, भाई और भाभी ने मिलकर किया ऐसा हाल, जान बचाने के लिए काटने पड़े हाथ

Tehri News : उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रिश्तों में ऐसी दरार पड़ी की भाई ही भाई की जान का दुश्मन बन गया। परिवारिक विवाद में मां, भाई और भाभी ने मिलकर युवक के साथ ऐसी क्रूरता की जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए।
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मां, भाई और भाभी ने मिलकर युवक के साथ की क्रूरता
एक ओर जहां मां, भाई और भाभी के रिश्तों को समाज में सबसे पवित्र माना जाता है, वहीं दूसरी ओर Tehri Garhwal जिले से सामने आई ये घटना इन रिश्तों को शर्मसार करने वाली है। बालगंगा तहसील की बासर पट्टी स्थित लस्यालगांव में एक भाई ने अपनी मां और पत्नी के साथ मिलकर अपने ही छोटे भाई की हत्या का प्रयास किया। तीनों ने मिलकर युवक के साथ ऐसी क्रूरता करी कि पीड़ित युवक को अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े।
युवक की जान बचाने के लिए काटने पड़े हाथ
मिली जानकारी के मुताबिक Tehri Garhwal के लस्यालगांव निवासी अंग्रेज सिंह पुत्र स्व. गजे सिंह का अपने परिवार के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद अंग्रेज सिंह की मां जेठी देवी और भाभी ने मुंबई के एक होटल में काम कर रहे बड़े बेटे व अंग्रेज सिंह के बड़े भाई पूरब सिंह को गांव बुलाया।
शुक्रवार देर रात पूरब सिंह के गांव पहुंचने के बाद तीनों ने मिलकर अंग्रेज सिंह पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। युवक के हाथों पर इतनी बुरी तरह से हमला किया गया था कि उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसके हाथ तक काटने पड़े।

पुलिस ने मां, भाभी और भाई के खिलाफ मुकदमा किया दर्ज
बताया जा रहा है कि कई घंटे तक युवक दर्द से तड़पता रहा जिसके बाद उसी का भाई पूरब सिंह 108 एंबुलेंस के से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर ले गया। बेलेश्वर अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने स्थिति को अत्यंत नाजुक बताते हुए आनन-फानन में उसके दोनों हाथ काट दिए। अगले दिन उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
घटना के बाद सोमवार को अंग्रेज सिंह किसी तरह गांव पहुंचा और मंगलवार को चमियाला पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। वहां से उसे तहसील घनसाली भेजा गया और तत्पश्चात एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना घनसाली पहुंचाया गया। थाना घनसाली में अंग्रेज सिंह की तहरीर के आधार पर उसके भाई पूरब सिंह और भाभी अंजली देवी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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