Tehri Garhwal
उत्तराखंड: 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी का जायजा लेने पहुंची भारतीय ओलंपिक संघ की टीम, टिहरी झील का निरीक्षण !

टिहरी: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा गठित गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (GTCC) की चार सदस्यीय टीम रविवार को टिहरी पहुंची। टीम ने उत्तराखंड में 28 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से टिहरी झील में होने वाली कयाकिंग-कैनोइंग और रोइंग प्रतियोगिताओं की तैयारियों का निरीक्षण किया।
टीम में शामिल सदस्य प्रशांत कुशवाहा, साइरस पोंछा, एसपी देशवाल, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के डायरेक्टर ऑफ कम्पीटिशन मिस बिल्किस मीर-कैनो सलालम, कुलदीप कीर और मुकेश शर्मा ने कोटी कालोनी क्षेत्र में स्थित टिहरी झील का निरीक्षण किया।
टीम ने टिहरी झील में पानी की स्थिति, सुरक्षा उपायों और खेलों के आयोजन के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया। यह प्रतियोगिता टिहरी में पहली बार आयोजित हो रही है, और यह सुनिश्चित करने के लिए हर पहलू पर गहन समीक्षा की जा रही है कि खेलों का आयोजन सुरक्षित और सफल हो।
टीम के सदस्यों ने बताया कि सभी खेलों के आयोजन के लिए समुचित तैयारी की जा रही है और सुरक्षा के सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण किया जा रहा है। टीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन बिना किसी परेशानी के किया जा सके।
Tehri Garhwal
DEVPRAYAG: तीनधारा क्षेत्र में गंगा नदी में गिरा पिकअप वाहन, सर्च ऑपरेशन जारी

पिकअप वाहन समाया गंगा नदी में, रेस्क्यू अभियान जारी
देवप्रयाग (DEVPRAYAG): तीनधारा क्षेत्र से एक बड़ी दुखद खबर सामने आ रही है. जहाँ पर एक पिकअप लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर गंगा नदी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई है. साथ ही SDRF का रेस्क्यू अभियान जारी है.
ये भी पढ़ें- रुद्रप्रयाग के अगत्यमुनी क्षेत्र में खाई में गिरा युवक, पुलिस और SDRF ने रेस्क्यू कर बचाया
तीनधारा में पिकअप वाहन हादसे का शिकार
मिली जानकारी के मुताबिक, देवप्रयाग के नजदीक तीन धारा क्षेत्र में एक वाहन में पिकअप लोडिंग वाहन अनियंत्रित हो कर गंगा में समा गया है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वाहन में तीन लोग सवार बताए जा रहे हैं. हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया.
SDRF का सर्च अभियान जारी
घटना के बाद, मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. फिलहाल, राफ्ट और डीप डाइविंग तकनीक की मदद से नदी में तलाश की जा रही है. लेकिन, अभी तक सवार लोगों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ सकी है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है.
Uttarakhand
टिहरी में अंगीठी का धुंआ लगने से चार साल की बच्ची की मौत, मां की हालत गंभीर, एम्स में भर्ती

Tehri News : टिहरी में ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी के कारण परिवार में कोहराम मच गया। अंगीठी के कारण दम घुटने से चार साल की बच्ची की मौत हो गई। जबकि मां की हालत गंभीर बताई जा रही है।
Table of Contents
अंगीठी का धुंआ लगने से चार साल की बच्ची की मौत
Tehri की कोटीकॉलोनी में स्थित सीआईएसएफ कॉलोनील में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां अंगीठी का धुंआ लगने से चार साल की मासूम की मौत हो गई जबकि मां की हालत गंभीर है। मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी गणेश पालवे सीआईएसएफ में कॉस्टेबल हैं। जिनका परिवार उत्तराखंड के टिहरी जिले स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में रहता है।
स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण गणेश पालवे उपचार के लिए Tehri से देहरादून गए थे। इस दौरान 16 जनवरी को उनकी पत्नी और बेटी घर पर थे। शाम को ठंड से बचने के लिए मोनिका गणेश पालवे (37) ने अंगीठी जलाई थी। जिसे कमरे में ही रखकर वो सो गई।
दरवाजा ना खुलने पर पड़ोसियों को हुआ था शक
बताया जा रहा है कि अगली सुबह 10 बजे तक भी दरवाजा नहीं खुला। जिसके बाद पड़ोसियों ने कमरे का दरवाजा कई बार खटखटाया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर होने के कारण पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी। जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया।

कमरे में बेहोशी की हालत में मिली महिला और बच्ची
दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची तो देखी कि गणेश पालवे की पत्नी और बच्ची बेहोशी की हालत में पड़े हुए मिले। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। जबकि महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया है।
दम घुटने से बच्ची की मौत की आशंका
कोतवाली निरीक्षक एश्वर्य पाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मौके पर कमरे की तलाशी लेने के बाद कोई भी विषाक्त पदार्थ या सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। लेकिन कमरे में अंगीठी रखी हुई थी। जिस कारण प्रथम दृष्टया धुंए के कारण दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है।
Uttarakhand
टिहरी झील के चारों तरफ प्रस्तावित रिंग रोड़ पर ग्रामीणों का विरोध, उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
मुख्य मांग
टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील के चारों ओर प्रस्तावित रिंग-रोड़ का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। 1200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट के निर्माण के विरोध में रिंग रोड़ संघर्ष समित द्वारा एक दर्जन से अधिक गाँवो के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रौलाकोट के भामेश्वर महादेव मंदिर में बैठक का आयोजन किया।
बिना अनुमति के किया जा रहा जमीनों का अधिग्रहण : ग्रामीण
जहाँ पर बैठक में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि रिंग रोड़ चौड़ीकरण के नाम पर ग्रामीणों की अनुमति के बिना उनकी जमीनों और मकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण के नाम पर भी जमीनों के मुआवजे में भी ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार बरता जा रहा है।
मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि वो पीडब्ल्यूडी, जिला प्रशासन, एसडीबी, पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दें कि वो दोबारा से समिति के लोगों के साथ रिंग रोड़ के मामले में बातचीत करें, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान निकल सके। अगर कोई भी संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो ग्रामीण भी रिंग रोड और सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। जिससे टिहरी झील के चारों तरफ 1200 करोड़ की लागत से बनने वाली रिंग रोड के निर्माण पर रोक लगेगी और इस राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के निर्माण पर ग्रहण लग सकता है।
ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन इन मुख्य बिंदुओं पर एक आम बैठक का आयोजन कर ग्रामीणों से साथ बातचीत कर समस्याओं का समाधान करे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर जल्द ये मांग नहीं मानी गई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- सड़क मुआवजे में दोहरे मानक न अपनाए जाएं; सभी सड़कों का मुआवजा एनएच की तर्ज पर समान होना चाहिए।
- सड़क चौड़ीकरण कार्य में लापरवाही न बरती जाए, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
- कई स्थानों पर सड़क का एलाइनमेंट आवश्यकतानुसार बदला जाए।
- जिन गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, उनके आसपास ही विकास कार्य किए जाएँ, न कि अन्य क्षेत्रों में।
- स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपेक्षा है कि सभी कार्य जैसे सड़क चौड़ीकरण और मुआवजा लोक निर्माण विभाग द्वारा सही ढंग से संपन्न किए जाएँ।
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, योगेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को संपत्ति का मुआवजा सर्किल रेट के आधार पर ही दिया जाएगा। रिंग रोड का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। कहीं पर अगर ग्रामीणों की समस्या है तो उनसे बात कर के समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
Cricket16 hours agoCAN vs UAE Dream11 Team | कनाडा बनाम यूएई ड्रीम11 टीम प्रेडिक्शन…
Dehradun14 hours agoDEHRADUN: चंद्रमणि श्मशान घाट के नाले में मिला युवक का शव, नहीं हो पाई मृतक की शिनाख्त
big news15 hours agoShootout in Dehradun Silver City : देहरादून में फिर हुआ गोलीकांड, तिब्बती मार्केट के बाद राजपुर रोड पर युवक को मारी गोली
Tehri Garhwal14 hours agoDEVPRAYAG: तीनधारा क्षेत्र में गंगा नदी में गिरा पिकअप वाहन, सर्च ऑपरेशन जारी
Cricket16 hours agoUSA vs NED Dream11 Prediction Today : चेन्नई में किसका बजेगा डंका? पूरी फैंटेसी गाइड, पिच रिपोर्ट और संभावित प्लेइंग XI
Cricket11 hours agoAUS vs ZIM: टी20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2007 की यादें ताज़ा..
Dehradun10 hours agoमानवता की मिसाल: CM राहत कोष में रिटायर्ड ब्रिगेडियर का ₹10 लाख योगदान
Uttarakhand8 hours agoउत्तराखंड पुलिस में बड़ा बदलाव, 8 जिलों के बदले गए कप्तान..यहाँ देखें ट्रांसफर लिस्ट..












































