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उत्तराखंड मे शीतकालीन चारधाम यात्रा की हुई शुरूआत, गंगा आरती ने किया यात्रा का मंगल शुभारंभ..

Winter Chardham Yatra : मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा में गंगा आरती के साथ शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। अब शीतकाल में भी भक्त चारधामों के दर्शन कर सकते हैं।
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Winter Chardham Yatra की हुई शुरूआत
मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा में गंगा आरती के साथ शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने भक्तों और साधु समाज के साथ मुखवा पहुंचे। जहां से उन्होंने पण्डा समाज के साथ मां गंगा की आरती की ओर शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया।

अब यात्री कर पाएंगे मां गंगा जी की विग्रह मूर्ति के दर्शन
अब शीतकालीन प्रवास में मां गंगा जी की विग्रह मूर्ति और शीतकालीन यात्रा के दौरान आगंतुक चारधाम यात्री अपने परिवार के साथ दर्शन कर पाएंगे। आपको बता दें कि सर्दियों की शुरूआत के साथ ही केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट बंद हो जाते हैं। लेकिन कपाट बंद होने के साथ ही देवडोलियां शीतकालीन गद्दीस्थल के लिए रवाना हो जाती हैं और शीतकालीन गद्दीस्थलों पर ही शीतकाल में दर्शन होते हैं।

शीतकाल में यहां होती है चारधाम की पूजा
शीतकाल के लिए माता यमुना की शीतकालीन पूजा खरसाली में होती है। जबकि गंगोत्री धाम की प्रतिमा मुखबा गांव में विराजमान होती है। इन्हीं स्थानों पर शीतकाल के लिए मां गंगा और यमुना की पूजा की जाती है।
शीतकाल में बाबा केदार शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर विराजते हैं। जबकि भगवान बद्रीनारायण की शीतकाल में बद्रीविशाल भगवान की पूजा पांडुकेश्वर और नृसिंह भगवान मंदिर ज्योतिर्मठ में होती है। इन चार स्थलों पर सर्दियों में विशेष पूजा होती है।
Winter Chardham Yatra – FAQs
1. सर्दियों में चारधाम की पूजा कहां होती है?
सर्दियों में चारधाम की पूजा उनके शीतकालीन गद्दीस्थलों पर होती है।
2. यमुनोत्री धाम की शीतकालीन पूजा कहां होती है?
माता यमुना की शीतकालीन पूजा खरसाली गांव में होती है।
3. गंगोत्री धाम की प्रतिमा सर्दियों में कहां विराजमान होती है?
मां गंगा की प्रतिमा सर्दियों में मुखबा गांव में स्थापित की जाती है।
4. केदारनाथ धाम के बाबा केदार सर्दियों में कहां विराजते हैं?
बाबा केदार की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होती है।
5. बद्रीनाथ भगवान की सर्दियों में पूजा कहां की जाती है?
शीतकाल में भगवान बद्रीनारायण की पूजा पांडुकेश्वर स्थित योगध्यान बद्री मंदिर तथा ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर में की जाती है।
6. क्या सर्दियों में भी चारधाम जैसा ही दर्शन संभव है?
हाँ, भक्त इन शीतकालीन स्थलों पर चारधाम जैसा ही भाव और अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
7. क्या Winter Chardham Yatra आधिकारिक रूप से आयोजित होती है?
हाँ, राज्य प्रशासन और देवस्थानम बोर्ड द्वारा इन गद्दीस्थलों पर विधि-विधान से पूजा और दर्शन की व्यवस्था की जाती है।
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रामनगर में आंधी-तूफान का कहर, घर के ऊपर पेड़ गिरने से बेटे की मौत, मां गंभीर रूप से घायल

Ramnagar News : नैनीताल जिले के रामनगर से दुखद खबर सामने आ रही है। यहां आंधी-तूफान के कारण एक घर पर हल्दू का पेड़ गिर गया। जिसके चपेट में आने से एक 13 साल की किशोर की मौत हो गई। जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गई।
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रामनगर में घर के ऊपर पेड़ गिरने से बेटे की मौत
नैनीताल जिले के रामनगर में रिंगौड़ा गांव में आंधी के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक तेज आंधी के कारण एक हल्दू का पेड़ रिंगौड़ा निवासी प्रकाश उपाध्याय के घर के ऊपर गिर गया। जिसकी चपेट में आने से 13 साल का बेटा कार्तिक उपाध्याय की मौत हो गई। जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गई।
देर रात घर में सो रहा था परिवार अचानक गिरा पेड़
बताया जा रहा है कि देर रात परिवार घर के अंदर सो रहा था। तभी तेज तूफान के कारण एक विशालकाय हल्दू का पेड़ अचानक उनके घर के ऊपर गिर गया। जिसकी चपेट में आने से कार्तिक और उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गया। गांव वालों ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की लेकिन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि मां की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

2012 से पेड़ काटने की हो रही थी मांग
ग्रामीणों के अनुसार, जिस पेड़ के गिरने से यह दुर्घटना हुई, उसके खतरे को लेकर वर्ष 2012 से ही वन विभाग को कई बार लिखित रूप में सूचित किया गया था। लोगों ने पेड़ को हटाने या उसकी छंटाई करने की मांग भी उठाई थी, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर कदम उठाए जाते, तो इस दुखद हादसे को रोका जा सकता था।
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इस बार समय से पहले शुरू होगी Hemkund Sahib Yatra, 23 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

Hemkund Sahib Yatra 2026 : उत्तराखंड में स्थित पवित्र हेमकुंड साहिब तीर्थस्थल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 23 मई को खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही हेमकुंड यात्रा का भी आगाज हो जाएगा।
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23 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट
उत्तराखंड में स्थित पवित्र हेमकुंड साहिब धाम 23 मई 2026 से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। इसी के साथ यात्रा का भी शुभारंभ हो जाएगा। हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा की।

इस बार समय से पहले शुरू होगी Hemkund Sahib Yatra 2026
बता दें कि इस बार हेमकुंड साहिब यात्रा समय से पहले शुरू हो रही है। हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट ने इस वर्ष मौसम की अनुकूल परिस्थितियों और पिछले वर्षों की अपेक्षा कम बर्फबारी को देखते हुए यात्रा को सामान्य समय से पहले शुरू करने का फैसला लिया है।

पिछले साल 25 मई से शुरू हुई थी हेमकुंड साहिब यात्रा
बता दें कि साल 2025 में हेमकुंड साहिब यात्रा 25 मई से शुरू हुई थी। 10 अक्टूबर 2025 को यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के 139 दिनों में कुल 2 लाख 75 हजार से ज्यादा श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब पहुंचे और मत्था टेका। इस संख्या को अब तक की सबसे अधिक दर्शन करने वालों की संख्या है।
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बड़ी खबर : हल्द्वानी में आंधी-तूफान का कहर, स्कूल की दीवार गिरने से मलबे में दबे आठ लोग

Haldwani News : उत्तराखंड में रविवार को मौसम ने करवट ली और जोरदार आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। बारिश और आंधी तूफान के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। हल्द्वानी में आंधी के कारण एक स्कूल की दीवार गिर गई। जिसके मलबे में आठ लोग दब गए।
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हल्द्वानी में आंधी-तूफान से गिरी स्कूल की दीवार
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रविवार रात आंधी के कारण सेंट स्कूल की दीवार गिर गई। दिवार गिरने के कारण बगल में रह रहे आठ लोग मलबे में दब गए। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को मलबे से निकालकर आस्पताल पहुंचाया।
स्कूल की दीवार गिरने से मलबे में दबे आठ लोग
मिली जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब डेढ़ बजे भीषण तूफान के कारण हल्द्वानी के सेंट स्कूल की दीवार गिर गई। जिसके मलबे में आठ लोग दब गए। गनीमत रही कि पड़ोसियों ने सभी तुरंत मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया जिस से बड़ी घटना टल गई।

देर रात आंधी-तूफान ने नैनीताल में मचाया तांडव
बताया जा रहा है कि देर रात आए आंधी-तूफान के कारण नैनीताल जिले में भारी नुकसान हुआ है। भीषण तूफान के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर बिजली की लाइनें भी टूट गई हैं। यहां तक कि कुछ स्थानों पर घरों की छतें उड़ने की खबरें भी आ रही हैं।
पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी उखड़ी
तेज हवाओं के कारण हल्द्वानी में सड़कों पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी उखड़ गई। जिस कारण कई जगहों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। अचानक आए इस तूफान के कारण लोगों में हड़कंप मच गया। तूफान के कारण पेड़ गिरने से काफी देर तक आज सुबह यातायात भी प्रभावित रहा।
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