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दूरसंचार विधेयक आज से हो रहा लागू, तीन साल की जेल का है प्रावधान, जानिए क्या क्या हो रहे बदलाव ?

नई दिल्ली – आज यानी 26 जून से दूरसंचार अधिनियम 2023, आंशिक रूप से लागू होने जा रहा है। आंशिक रूप से मतलब ये है कि इस कानून की कुछ धाराओं के नियम लागू हो जाएंगे। दूरसंचार अधिनियम 2023 मौजूदा भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम (1885), वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम (1993) और टेलीग्राफ वायर (अवैध कब्जा) अधिनियम (1950) के पुराने विनियामक ढांचे की जगह लेगा। आज से अधिनियम की धारा 1, 2, 10 से 30, 42 से 44, 46, 47, 50 से 58, 61 और 62 के प्रावधान भी लागू हो जाएंगे। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अपराधों की रोकथाम के आधार पर दूरसंचार सेवाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है। इसके अलावा इस एक्ट में सिम कार्ड को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गए हैं।

दूरसंचार विधेयक 2023 की खास बातें
फर्जी सिम कार्ड जारी करने पर रोक लगाने के लिए बिल में सख्त प्रावधान हैं। किसी भी तरह के सिम कार्ड फ्रॉड करने पर तीन साल की जेल और जुर्माना लगेगा। बिल के तहत फर्जी सिम कार्ड बेचने, खरीदने और इस्तेमाल करने पर भी तीन साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। सिम बेचने के लिए बायोमेट्रिक डाटा लिया जाएगा उसके बाद ही सिम जारी होगा। एक पहचान पत्र पर 9 से ज्यादा सिम कार्ड होने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना है। दूसरी बार यही काम करने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना है।
SIM की कॉपी करना क्राइम में शामिल
सिम कार्ड क्लोन करने या किसी और के सिम कार्ड का दुरूपयोग करना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। आपको बता दें कि देश में सिम कार्ड क्लोनिंग को लेकर काफी मामले सामने आ रहे हैं। आए दिन लोगों के सिम कार्ड को क्लोन करके लोगों के खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं।
डू नॉट डिस्टर्ब
टेलीकॉम कंपनियों को यूजर को DND (डू-नॉट-डिस्टर्ब) सर्विस रजिस्टर करने का ऑप्शन देना होगा। इसके अलावा यूजर्स को इस तरह के मैसेज की शिकायत करने का भी ऑप्शन मिलेगा।
आपात स्थिति में सभी नेटवर्क अपने कब्जे में लेगी सरकार
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अपराधों की रोकथाम के आधार पर दूरसंचार सेवाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है। अधिनियम के अनुसार आपात स्थिति में कोई भी दूरसंचार कंपनी जो दूरसंचार नेटवर्क स्थापित करना या संचालित करना चाहता है, सेवाएं प्रदान करना चाहता है या अनुपातिक उपकरण रखना चाहता है, उसे सरकार द्वारा अधिकृत होना होगा।
सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन नए तरीके से
सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन अब प्रशासनिक तरीके से होगा यानी इसकी नीलामी नहीं होगी। इसके अलावा अब देश के बाहर की कंपनियों को भी स्पेक्ट्रम दिए जाएंगे, हालांकि देश की टेलीकॉम कंपनियां ऐसा नहीं चाहती हैं। नए बिल से एलन मस्क के स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट की भारत में एंट्री का रास्त साफ हो गया है। इसके तहत स्पेक्ट्रम आवंटित होने वाली पहली सूची में 19 सेवाओं ग्लोबल पर्सनल सैटेलाइट कम्युनिकेशन, राष्ट्रीय लंबी दूरी और अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की सेवाएं, मोबाइल उपग्रह सेवाएं, वीएसएटी, इन-फ्लाइट और समुद्री कनेक्टिविटी को शामिल किया गया है।
कॉल टैपिंग अपराध
बिना इजाजत टेलीकॉम नेटवर्क का डाटा एक्सेस करना, कॉल टैप करना या रिकॉर्ड करना अपराध माना जाएगा। इसके लिए तीन साल की सजा भी हो सकती है।
प्रमोशनल मैसेज भेजने के लिए इजाजत
नए विधेयक में प्रमोशन मैसेज को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोशनल मैसेज भेजने से पहले सरकार से इसकी इजाजत लेनी होगी।
सरकार से लाइसेंस प्राप्त कंपनियों से ही खरीदने होंगे पार्ट्स
राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों को देखते हुए टेलीकॉम कंपनियों को अपने इक्विपमेंट्स केवल सरकार द्वारा आइडेंटिफाइड ट्रस्टेड सोर्स से ही लेने होंगे।
डीएनडी को लेकर कड़े कानून
यदि कोई यूजर डीएनडी सर्विस को ऑन रखता है तो उसके पास इस तरह के मैसेज या कॉल नहीं जाने चाहिए और यदि नियम का उल्लंघन होता है तो कार्रवाई होगी। प्रस्ताव ऐसे संचार पर भी रोक लगाते हैं जो ग्राहकों की प्राथमिकताओं के आधार पर वाणिज्यिक संदेशों पर दूरसंचार नियामक भारतीय दूरसंचार विनियम प्राधिकरण (ट्राई) के नियमों का उल्लंघन करते हैं।
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दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री से सीएम धामी ने की मुलाकात, रेल कनेक्टिविटी पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, रेल संपर्क के विस्तार तथा राज्य की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व तथा जनहित की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रस्ताव केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में से एक है। चारधाम यात्रा, हरिद्वार एवं ऋषिकेश के धार्मिक स्थलों, योग एवं आध्यात्मिक पर्यटन तथा आगामी कुम्भ-2027 के आयोजन के दृष्टिगत प्रतिवर्ष देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु एवं पर्यटक राज्य में पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती यात्री संख्या एवं पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए राज्य में आधुनिक, सुदृढ़ एवं सुविधाजनक रेल नेटवर्क का विस्तार समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री को अवगत कराया कि महाराष्ट्र, विशेषकर मुम्बई में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड मूल के नागरिक निवास करते हैं, जिनका अपने गृह राज्य से निरंतर आवागमन बना रहता है। इसके साथ ही चारधाम, बाबा नीम करौली धाम (श्री कैंची धाम), जागेश्वर धाम सहित राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में वर्षभर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। वर्तमान में मुम्बई से हरिद्वार एवं रामनगर के लिए संचालित रेल सेवाओं की संख्या एवं आवृत्ति यात्रियों की आवश्यकता के अनुरूप नहीं है, जिससे यात्रा सीजन, चारधाम यात्रा, अवकाश एवं त्योहारों के दौरान यात्रियों को आरक्षण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मुम्बई-देहरादून के मध्य वन्दे भारत अथवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस सेवा प्रारम्भ करने तथा मुम्बई-हरिद्वार एवं मुम्बई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे यात्रियों, प्रवासी उत्तराखण्डवासियों एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी तथा राज्य में पर्यटन, व्यापार एवं निवेश को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने मुम्बई-देहरादून के मध्य वन्दे भारत अथवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस सेवा प्रारम्भ करने तथा मुम्बई-हरिद्वार एवं मुम्बई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन रेल सेवाओं के विस्तार से यात्रियों, प्रवासी उत्तराखण्डवासियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी तथा राज्य में पर्यटन, व्यापार एवं निवेश को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत, वड़ोदरा एवं मुम्बई तक विस्तारित करने तथा रामनगर-मुम्बई एवं हरिद्वार-मुम्बई रेल सेवाओं को नियमित अथवा सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालित किए जाने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को बंद कर उसकी भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB), उत्तराखण्ड सरकार एवं रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA), रेल मंत्रालय के मध्य एसेट मॉनेटाइजेशन एवं ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर की समग्र मास्टर प्लानिंग के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में RLDA को आवश्यक औपचारिक निर्देश प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया।
मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं के संबंध में किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना की सम्पूर्ण लागत भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने, सर्वेक्षण कार्य से संबंधित स्थानीय किसानों की चिंताओं का समाधान किए जाने तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत शीघ्र रेल संचालन प्रारम्भ करने का अनुरोध किया।
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DSSSB Recruitment 2026 : दिल्ली में 1,979 पदों पर बंपर भर्ती, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

DSSSB Recruitment 2026 1,979 पदों के लिए बंपर भर्ती
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बंपर भर्ती का ऐलान कर दिया है। अगर आप भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (GNCTD) के विभिन्न विभागों, स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) और स्थानीय निकायों में एक प्रतिष्ठित सरकारी पद पर काम करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है।
इस विस्तृत लेख में हम से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे— पदों का विवरण, महत्वपूर्ण तिथियां, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
DSSSB Recruitment 2026: एक नजर में
दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में प्रशासनिक, तकनीकी, शैक्षणिक (Teaching) और वैज्ञानिक (Scientific) श्रेणियों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए कुल 1979 पदों पर वैकेंसी निकाली गई है। यह भर्ती ग्रुप-B और ग्रुप-C श्रेणियों के अंतर्गत की जा रही है।
| भर्ती बोर्ड का नाम | दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) |
| कुल पदों की संख्या | 1979 पद |
| पद की श्रेणियां | ग्रुप-B और ग्रुप-C (शैक्षणिक, तकनीकी, प्रशासनिक और वैज्ञानिक) |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन (Online) |
| नौकरी का स्थान | दिल्ली (NCR) |
| आधिकारिक वेबसाइट | dsssb.delhi.gov.in |
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय में वेबसाइट पर होने वाली संभावित तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें।
| कार्यक्रम | तिथि और समय |
| अधिसूचना जारी होने की तिथि | 09 जून 2026 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि | 16 जून 2026 (दोपहर 12:00 बजे से) |
| आवेदन करने की अंतिम तिथि | 15 जुलाई 2026 (रात 11:59 बजे तक) |
| परीक्षा की तिथि | जल्द ही घोषित की जाएगी |
पदों का विवरण (Vacancy Details)
इस भर्ती अभियान के तहत शिक्षण (Teaching) क्षेत्र में सबसे ज्यादा भर्तियां निकाली गई हैं, जो उन अभ्यर्थियों के लिए एक शानदार मौका है जो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। इसके अलावा टेक्निकल और साइंटिफिक बैकग्राउंड वाले युवाओं के लिए भी पर्याप्त पद उपलब्ध हैं।
प्रमुख पदों की सूची नीचे दी गई है:
| क्र.सं. | पद का नाम (Post Name) | कुल पदों की संख्या |
| 1. | ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर – TGT (कंप्यूटर साइंस) | 675 |
| 2. | स्पेशल एजुकेटर (प्राइमरी) | 450 |
| 3. | ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर – TGT (स्पेशल एजुकेशन) | 163 |
| 4. | डोमेस्टिक साइंस टीचर | 129 |
| 5. | आईटी असिस्टेंट (ग्रेड-A) | 125 |
| 6. | जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट (साइबर फॉरेंसिक) | 81 |
| 7. | अन्य पद (लिफ्ट ऑपरेटर, फिटर ग्रेड-II, आदि) | 356 |
| कुल | सभी पद मिलाकर | 1,979 |
नोट: जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के तहत बायोलॉजी, बैलिस्टिक्स, केमिस्ट्री, डॉक्यूमेंट्स, फिंगरप्रिंट, फोटो, क्राइम सीन और फिजिक्स जैसे विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ पदों को शामिल किया गया है।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
DSSSB Recruitment 2026 के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की आवश्यकता अलग-अलग पदों के अनुसार निर्धारित की गई है:
- टीचिंग पद (TGT/स्पेशल एजुकेटर): उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में स्नातक (Graduation), बी.एड (B.Ed) या स्पेशल एजुकेशन में डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इसके साथ ही CTET परीक्षा पास होना भी आवश्यक योग्यता का हिस्सा हो सकता है।
- आईटी असिस्टेंट व तकनीकी पद: कंप्यूटर साइंस/आईटी में बीई (B.E), बी.टेक (B.Tech), एमसीए (MCA) या समकक्ष डिग्री/डिप्लोमा होना चाहिए।
- वैज्ञानिक पद (Junior Scientific Assistant): संबंधित विषय (जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, फॉरेंसिक साइंस, बायोलॉजी आदि) में पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Sc) या ग्रेजुएशन के साथ प्रासंगिक कार्य अनुभव की मांग की जा सकती है।
महत्वपूर्ण सूचना: शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी पूरी और विस्तृत जानकारी के लिए आवेदन करने से पहले विभाग द्वारा जारी आधिकारिक विस्तृत अधिसूचना (Detailed Notification) को ध्यानपूर्वक जरूर पढ़ें।
आयु सीमा (Age Limit)
अलग-अलग पदों की जिम्मेदारियों और श्रेणियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा तय की है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
| पद का नाम | निर्धारित आयु सीमा |
| जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट (अधिकतर पद) | 18 से 27 वर्ष |
| टेक्निकल असिस्टेंट (हिंदी) | अधिकतम 30 वर्ष |
| असिस्टेंट आर्किविस्ट (ग्रेड-I) | अधिकतम 30 वर्ष |
| आईटी असिस्टेंट (ग्रेड-A) | अधिकतम 27 वर्ष |
| फिटर (ग्रेड-II) | 20 से 32 वर्ष |
| लिफ्ट ऑपरेटर | 18 से 37 वर्ष |
आयु सीमा में छूट (Age Relaxation):
सरकारी नियमानुसार आरक्षित श्रेणियों (OBC, SC, ST, PwD, और भूतपूर्व सैनिक) के आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। दिल्ली के ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों को ही केवल दिल्ली राज्य के आरक्षण का लाभ मिलेगा, जबकि अन्य राज्यों के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार सामान्य (General) श्रेणी के तहत आवेदन कर सकेंगे।
चयन प्रक्रिया (Selection Process)
DSSSB पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन प्रणाली का पालन करता है। अलग-अलग पदों के लिए चयन के चरण थोड़े भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सामान्य तौर पर प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होगी:
- लिखित परीक्षा (One Tier / Two Tier Written Exam): सभी पदों के लिए वस्तुनिष्ठ (Objective Type) बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी। कुछ तकनीकी या उच्च स्तर के पदों के लिए दो चरणों (Tier-I और Tier-II) में परीक्षा ली जा सकती है।
- कौशल परीक्षा / एप्टीट्यूड टेस्ट (Skill Test): डेटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी असिस्टेंट, लिफ्ट ऑपरेटर या फिटर जैसे पदों के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल की जांच हेतु स्किल टेस्ट लिया जाएगा (जहां लागू हो)।
- दस्तावेज सत्यापन (Document Verification – DV): लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट की मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को अपने मूल प्रमाणपत्रों की जांच करानी होगी।
- चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination): अंतिम चयन से पहले उम्मीदवारों का शारीरिक रूप से पद के योग्य होने की पुष्टि के लिए मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा।
आवेदन शुल्क (Application Fee)
DSSSB आवेदकों से बेहद किफायती आवेदन शुल्क लेता है। भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई) से ही स्वीकार किया जाएगा।
| श्रेणी (Category) | आवेदन शुल्क |
| सामान्य वर्ग (General), ओबीसी (OBC), ईडब्ल्यूएस (EWS) | ₹100 |
| अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) | ₹0 (निःशुल्क) |
| दिव्यांगजन (PwD) और सभी महिला उम्मीदवार | ₹0 (निःशुल्क) |
DSSSB Recruitment 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
यदि आप इस भर्ती के लिए योग्य हैं और आवेदन करना चाहते हैं, तो 16 जून 2026 के बाद नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले DSSSB के आधिकारिक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल dsssbonline.nic.in पर जाएं।
- नया पंजीकरण (Registration): यदि आपने पहले कभी DSSSB पोर्टल पर आवेदन नहीं किया है, तो ‘Click for New Registration’ पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारियां (नाम, जन्मतिथि, कक्षा 10वीं का रोल नंबर आदि) भरकर यूजर आईडी और पासवर्ड बनाएं।
- लॉगिन करें: पंजीकृत यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करें।
- पद का चयन करें: ‘Apply Online’ सेक्शन में जाकर उस पद को चुनें जिसके लिए आप आवेदन करना चाहते हैं।
- फॉर्म भरें: आवेदन फॉर्म में मांगी गई अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं की जानकारी सही-सही दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: अपनी हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाणपत्रों की स्कैन कॉपी निर्धारित फॉर्मेट और साइज में अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क का भुगतान: यदि आप सामान्य, ओबीसी या ईडब्ल्यूएस श्रेणी से आते हैं, तो ₹100 का आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें। (महिलाएं और SC/ST उम्मीदवार इस चरण को छोड़ सकते हैं)।
- फॉर्म सबमिट और प्रिंट करें: पूरी जानकारी को एक बार दोबारा जांच (Preview) लें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। भविष्य के संदर्भ के लिए भरे हुए आवेदन पत्र और फीस रसीद का प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।
परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स
- सिलेबस को समझें: परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले बोर्ड द्वारा जारी विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) और परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझ लें।
- पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (Previous Year Question Papers) को हल करने से आपको प्रश्नों के स्तर और परीक्षा के समय प्रबंधन (Time Management) का सही अंदाजा मिल जाएगा।
- नेगेटिव मार्किंग का ध्यान रखें: DSSSB की परीक्षाओं में आमतौर पर $0.25$ अंक की नेगेटिव मार्किंग (ऋणात्मक मूल्यांकन) होती है, इसलिए परीक्षा हॉल में तुक्का लगाने से बचें।
- सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इतिहास, भूगोल और समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि सामान्य जागरूकता खंड में इससे जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।
यह दिल्ली सरकार के अंतर्गत एक स्थिर, सुरक्षित और सम्मानित करियर बनाने का एक बेजोड़ मौका है। इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 से पहले अपना आवेदन सुनिश्चित करें। नियमित अपडेट के लिए DSSSB की ऑफिशियल वेबसाइट को समय-समय पर चेक करते रहें।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात, चारधाम यात्रा को लेकर किया ये अनुरोध

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
CM Dhami ने आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पहले की तरह 100 प्रतिशत बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे एलपीजी की मांग में काफी बढ़ोतरी होती है। इस अवधि में राज्य को करीब 9.67 लाख व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी के लिए किया अनुरोध
मुख्यमंत्री ने ये भी उल्लेख किया कि जून से सितंबर के बीच मानसून के दौरान उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस बेहद जरूरी होती है। ऐसे में उन्होंने अतिरिक्त 5 प्रतिशत यानी लगभग 48 हजार सिलेंडरों का अतिरिक्त आवंटन करने का भी अनुरोध किया, ताकि आपदा के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकें।

राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्धता
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है, जिसमें धार्मिक और साहसिक पर्यटन का अहम योगदान है। चारधाम यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया और राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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