Dehradun
30 हज़ार करोड़ की जमीन 1 करोड़ में? नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने लगाया बड़ा घोटाले का आरोप

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों बड़ा भूचाल आ गया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में पर्यटन विभाग की करीब 30,000 करोड़ रुपये बाजार मूल्य वाली जमीन महज 1 करोड़ रुपये सालाना किराए पर एक प्राइवेट कंपनी को दे दी गई — और वह कंपनी सीधे तौर पर बाबा रामदेव की पतंजलि समूह से जुड़ी बताई जा रही है।
आर्य ने कहा कि यह मामला उन्होंने पहले भी विधानसभा सत्र में उठाया था, और अब दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अखबार ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर पूरे प्रकरण की परतें खोल दी हैं।
टेंडर में बड़ा खेल?
आर्य का आरोप है कि उत्तराखंड टूरिज्म बोर्ड ने मसूरी में एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक टेंडर निकाला था, जिसके तहत टेंडर जीतने वाली कंपनी को 142 एकड़ जमीन (762 बीघा / 5744566 वर्ग मीटर) का जिम्मा सौंपा गया। इसमें म्यूजियम, ऑब्जर्वेटरी, कैफेटेरिया, स्पोर्ट्स एरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल थीं।
यह जमीन “राजस एरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड” को मात्र 1 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के किराए पर दी गई — वो भी 15 साल के लिए! आरोप है कि मौके पर इस कंपनी ने 1000 बीघा तक जमीन पर कब्जा कर लिया है।
एक ही पते पर तीन कंपनियां!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टेंडर में भाग लेने वाली तीनों कंपनियों के ऑफिस का पता एक ही है — और ये सभी कंपनियां आपस में जुड़ी हुई हैं। आर्य ने दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया को सिर्फ एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। दो अन्य कंपनियां शर्तों को पूरा ही नहीं करती थीं, लेकिन उन्हें भाग लेने दिया गया, जो उत्तराखंड सरकार की प्रोक्योरमेंट नियमावली 2017 का उल्लंघन है।
असल कीमत क्या थी?
आर्य ने दस्तावेज़ों के हवाले से कहा कि जिस जमीन का सरकारी सर्किल रेट 2757 करोड़ रुपये है, उसका वास्तविक बाजार मूल्य पर्यटन स्थल होने के कारण 10 गुना तक हो सकता है — यानी लगभग 30,000 करोड़ रुपये।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने इस जमीन को टेंडर देने से पहले एशियन डेवलपमेंट बैंक से 23 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर इसे विकसित किया था, और अब 15 साल के लिए कुल 15 करोड़ कमाकर खुद को सफल विकास मॉडल बता रही है।
ऐतिहासिक रास्ता बंद, लोगों से वसूली चालू
जमीन कब्जे में लेने के बाद, कंपनी ने पास के पुराने रास्तों को भी बंद कर दिया, जो करीब 200 साल पुराने बताए जाते हैं। स्थानीय निवासी आज भी इन रास्तों को खोलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आरोप है कि कंपनी पार्किंग के नाम पर 3 घंटे के 400 रुपये और आम रास्ते पर चलने के लिए प्रति व्यक्ति 200 रुपये वसूल रही है।
जांच की मांग
यशपाल आर्य ने इस पूरे प्रकरण को उत्तराखंड के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला बताया है। उन्होंने मांग की है कि इस टेंडर आवंटन की सीबीआई या किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि सच जनता के सामने आ सके।
Dehradun
देहरादून में किराये के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

Dehradun News : देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में पुलिस ने किराये के मकान में कथित रूप से चलाए जा रहे देह व्यापार के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में इस गतिविधि को संचालित करने की आरोपी महिला भी शामिल है। मौके से आपत्तिजनक सामग्री, दवाइयां और 3,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
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देहरादून में किराये के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़
देहरादून में 23 अक्टूबर 2026 को पटेलनगर कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि संस्कृति लोक कॉलोनी की लेन नंबर-1 स्थित एक मकान में किराये का कमरा लेकर अनैतिक देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित मकान में छापा मारा।
छापेमारी के दौरान पुलिस को एक कमरे में एक महिला और एक पुरुष मिले, जबकि दूसरे कमरे में दो अन्य महिलाएं मौजूद थीं। पुलिस ने मौके से कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया।
व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, अजमीरा नाम की आरोपी महिला ने मकान किराये पर लिया था। आरोप है कि वह दूसरे जनपदों और राज्यों से महिलाओं को बुलाकर वहां देह व्यापार संचालित कर रही थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला फोन के जरिए ग्राहकों से संपर्क करती थी और व्हाट्सएप पर उन्हें महिलाओं की तस्वीरें भेजती थी। ग्राहकों की मांग के अनुसार महिलाओं को किराये के कमरे में बुलाया जाता था। हालांकि, ये आरोप पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित हैं।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौड़, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मुकेश थलेड़ी, उपनिरीक्षक एवं आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह, महिला उपनिरीक्षक शिखा, कांस्टेबल पंकज और महिला कांस्टेबल किरण शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
Dehradun
पलटन बाजार में सुबह 11 से शाम 7 बजे तक वाहनों की नो एंट्री, अतिक्रमण पर भी चलेगा अभियान

Dehradun News : त्योहारी सीजन में बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए हैं। अब पलटन बाजार में सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक वाहनों की नो एंट्री रहेगी।
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पलटन बाजार में सुबह 11 से शाम 7 बजे तक वाहनों की नो एंट्री
पलटन बाजार में सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही शहर के प्रमुख और व्यस्त बाजारों में अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
इस संबंध में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के क्रम में आयोजित बैठक में त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ नियंत्रण, सुचारु यातायात और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई।
सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक वाहनों की एंट्री बंद
प्रशासन के अनुसार, पलटन बाजार में निर्धारित समय के दौरान वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। व्यापारियों को सामान की लोडिंग और अनलोडिंग सुबह 11 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद करने को कहा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में भीड़ के बीच वाहनों का दबाव कम करना और पैदल चलने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा देना है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि बाजार में आने वाले लोगों को परेशानी न हो और आपातकालीन स्थिति में आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे।

रेहड़ी-ठेली और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
पलटन बाजार समेत शहर के अन्य व्यस्त बाजारों में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन और पुलिस संयुक्त अभियान चलाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, बाजारों में रास्ता बाधित करने वाले अतिक्रमण, रेहड़ी-ठेली और अन्य अवरोधों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को बाजारों में नियमित निगरानी रखने तथा जरूरत के अनुसार संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यापारियों से सहयोग की अपील
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। व्यापारियों से कहा गया है कि वे दुकानों के बाहर अनावश्यक सामान न रखें और पैदल आवागमन के लिए निर्धारित स्थान को खाली रखें।
प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की सुविधा, सुरक्षित आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन कराया जाएगा।
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मसूरी मॉल रोड पर वाहनों की नो एंट्री, सैलानियों के लिए प्रशासन का नया प्लान

Mussoorie News : मसूरी की मॉल रोड पर शाम के समय पैदल घूमने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। निर्धारित प्रतिबंधित समय के दौरान मॉल रोड पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए चार से पांच स्थानों पर बोलार्ड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मॉल रोड से जुड़ने वाले संपर्क मार्गों पर भी ऐसे अवरोधक लगाने की योजना है, ताकि दूसरे रास्तों से वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
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मसूरी मॉल रोड पर वाहनों की नो एंट्री
एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मॉल रोड का निरीक्षण किया। टीम ने बोलार्ड लगाने के लिए संभावित स्थानों को चिह्नित किया और यह भी देखा कि निर्माण कार्य के दौरान पानी की पाइपलाइन और अन्य भूमिगत सुविधाओं को नुकसान न पहुंचे।
इन रास्तों पर लग सकते हैं बोलार्ड
प्रशासन की योजना के तहत ग्रीन चौक, अंबेडकर चौक, बाहर कैंची और हैम्पटन कोर्ट स्कूल की ओर जाने वाले मार्गों पर बोलार्ड लगाने की संभावनाएं तलाशी गई हैं। इन स्थानों पर अवरोधक लगने से संपर्क मार्गों के जरिए मॉल रोड में वाहनों की अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका, जल संस्थान और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वे करने वाली संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी पहलुओं का जायजा लेने के बाद बोलार्ड लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कैमल्स बैक रोड को योजना से रखा गया अलग
प्रशासन ने कैमल्स बैक रोड को इस योजना से अलग रखने का निर्णय लिया है। एसडीएम राहुल आनंद के मुताबिक, इस मार्ग पर स्थानीय लोगों के आवास होने के साथ कई होटल भी संचालित होते हैं। ऐसे में यहां वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकने की योजना में शामिल नहीं किया गया है।
एसडीएम के अनुसार, बोलार्ड लगाने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। व्यवस्था लागू होने के बाद प्रतिबंधित समय में मॉल रोड को वाहनमुक्त रखने और पैदल घूमने वाले पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक माहौल देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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