Uttarakhand
Banbhulpura News: रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले की सुनवाई, इस दिन आएगा फैसला

हल्द्वानी बनभूलपुरा केस: कड़ी सुरक्षा के बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
Banbhulpura News: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने 19 मार्च को सुनवाई की अगली तारीख तय की है. आज की सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े सुरक्षा व्यवस्था के इन्तजाम किए थे. ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर राखी गई.
मुख्य बिंदु
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रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में 19 मार्च को होगी सुनवाई
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की लगभग 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण मामले में आज 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को सुनिश्चित की है. आज की सुनवाई को देखते हुए हल्द्वानी, बनभूलपुरा और आस-पास के इलाकों में कड़े सुरक्षा के इन्तजाम किए गए थे.
सुनवाई के दौरान चप्पे चप्पे पर नजर आई पुलिस
सुनवाई के दौरान कोई भी अप्रिय घटना घटित न हो इसके लिए स्वयं एसएसपी मंजुनाथ टी. सी. ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. साथ ही पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई. अराजक तत्वों पर विशेष निगरानी के साथ संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी राखी गई.
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कोर्ट के फैसले पर टिका 5 हजार परिवारों का भविष्य
बनभूलपुरा क्षेत्र का मामला इसलिए संवेदनशील बना हुआ है क्योंकि रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण होने की बात कही जाती है. इस जमीन पर लगभग 3660 मकान बने हैं, जिनमें 5236 परिवार निवास करते हैं. इस कारण हजारों लोगों का भविष्य इस मामले के फैसले पर निर्भर माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लगातार चिंता का माहौल बना हुआ है.
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जानिए.. अब तक क्या रहा मामले का पूरा हाल
दरअसल, वर्ष 2022 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद प्रभावित पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने को कहा. साथ ही फरवरी 2023 में राज्य सरकार और रेलवे से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई, जबकि मार्च 2023 में पुनर्वास और मानवीय पहलुओं पर विचार करने की बात सामने आई.
इसके बाद वर्ष 2024 और 2025 में भी इस मामले में कई बार सुनवाई की तारीख तय हुई, लेकिन अन्य मामलों के कारण सुनवाई टलती रही. अब प्रस्तावित सुनवाई को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. अब कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.
Uttarakhand
भारत में सनातन मजबूत हुआ तो विदेशी एजेंडों की नींद उड़ गई!, धामी, योगी और हिमंता को अमेरिका में निशाना बनाने की कोशिश

Uttarakhand News : अमेरिका की तथाकथित धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की सुनवाई में भारत के तीन ऐसे मुख्यमंत्रियों को घेरने की कोशिश की गई, जो लगातार हिंदू संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रहित की बात खुलकर करते रहे हैं।
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भारत में सनातन मजबूत हुआ तो विदेशी एजेंडों की नींद उड़ गई !
USCIRF की सुनवाई में एक वामपंथी-लिबरल एक्टिविस्ट रक़ीब अहमद नाइक द्वारा हिंदुत्व विचारधारा, राष्ट्रवादी संगठनों और भारत की लोकतांत्रिक सरकारों के खिलाफ बयानबाज़ी करते हुए पुष्कर सिंह धामी, योगी आदित्यनाथ और हिमंता बिस्वा सरमा पर “प्रतिबंध” लगाने की मांग तक कर दी गई।
इसके साथ ही RSS, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों को भी निशाना बनाया गया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर धर्म और संस्कृति की रक्षा की आवाज़ कुछ लोगों को इतनी क्यों चुभ रही है?
धामी, योगी और हिमंता को अमेरिका में निशाना बनाने की कोशिश
उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता, अवैध कब्जों और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर सख्त रुख अपनाया। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने माफिया और कट्टरपंथ के खिलाफ कार्रवाई कर कानून का डर पैदा किया। वहीं असम में हिमंता बिस्वा सरमा लगातार घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं।
अब यही नेता विदेशी मंचों पर निशाने पर हैं। सवाल यह है कि आखिर क्यों? क्या अपने ही देश में अपनी जमीन बचाने की बात करना गुनाह है? क्या अपनी संस्कृति, अपने मंदिरों और अपनी पहचान की रक्षा की आवाज़ उठाना गलत है? या फिर कुछ लोगों को दिक्कत सिर्फ इस बात से है कि अब हिंदू समाज खुलकर अपनी पहचान और अपने अधिकारों की बात करने लगा है?
अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा करना है कोई अपराध
विडंबना देखिए… जो लोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास नहीं जीत पाते, वही विदेशी मंचों पर जाकर देश की छवि खराब करने में जुट जाते हैं। दुनिया के सामने ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जाती है मानो यहां अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा करना कोई अपराध हो।
देश की जनता अब यह समझ रही है कि निशाना सिर्फ तीन मुख्यमंत्रियों पर नहीं है। निशाना उस सोच पर है जो भारत को उसकी जड़ों, उसकी संस्कृति और उसकी सभ्यता से जोड़कर देखती है।
क्योंकि सच यही है — जिस दिन भारत अपनी संस्कृति और सनातन परंपरा की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़ा हो जाता है, उसी दिन सबसे ज्यादा बेचैनी उन लोगों को होती है जिन्हें भारत की जड़ों से हमेशा परेशानी रही है।
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उत्तराखंड में कल से बदलेगा मौसम, अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

Uttarakhand Weather Alert : अगले चार दिन इन जिलों में होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
Uttarakhand Weather Alert : उत्तराखण्ड में भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के विभिन्न जनपदों में आगामी दिनों में वर्षा, गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।
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उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 40-50 कि.मी. प्रति घंटा से बढ़कर 60 कि.मी. प्रति घंटा तक की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।
इसके अतिरिक्त राज्य के शेष जनपदों में भी कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 कि.मी. प्रति घंटा की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।
29 मई को देहरादून समेत सात जिलों में बारिश का अलर्ट
29 मई को राज्य के उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 40-50 कि.मी. प्रति घंटा से बढ़कर 60 कि.मी. प्रति घंटा तक की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना के साथ आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की भी संभावना व्यक्त की गई है।

30 मई तथा 31 मई के लिए येलो अलर्ट जारी
30 मई और 31 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा संबंधित जनपदों को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड में रखने तथा त्वरित कार्रवाई हेतु सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें। इसके साथ ही आकाशीय बिजली एवं तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों एवं कमजोर संरचनाओं से दूर रहें। मौसम संबंधी नवीनतम जानकारी एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
Nainital
हाईकोर्ट ने नैनीताल के DSA मैदान नमाज अदा करने की दी अनुमति, सिर्फ एक घंटे के लिए दी गई इजाज़त

Nainital News : उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने नैनीताल मैदान में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं देने के मामले में सुनवाई के बाद अनुमति प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने प्रशासन, पुलिस और कमिटी से कानून व्यवस्था और ट्रैफिक बाधित नहीं होने देने के लिए भी कहा है।
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हाईकोर्ट ने नैनीताल के DSA मैदान नमाज अदा करने की दी अनुमति
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल के DSA मैदान नमाज अदा करने की अनुमति दे दी है। बता दें कि नैनीताल की अंजुमन इस्लामिया कमिटी की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि उनकी तरफ से सौ वर्षों से फ्लैट्स मैदान में नमाज़ आदि की जाती है। इसमें कोई कानून व्यवस्था जैसे हालात नहीं आते। इसलिए उन्हें कल ईद की नमाज़ अदा करने की अनुमति दी जाए।
हाईकोर्ट ने सिर्फ एक घंटे के लिए दी गई इजाज़त
आज दोपहर एकलपीठ ने मामले को सुना और डी.एस.ए.फ्लैट्स मैदान और जिमखाना मैदान में ईद की नमाज़ अदा करने की अनुमति दे दी। मामले के अनुसार ईद अल अदा(बकरा ईद)की नमाज के लिए डी.एस.ए.की तरफ से पहले अनुमती दी गई और फिर उसे कारण बताते हुए निरस्त कर दिया गया।

दान में 9 से 10 बजे तक नमाज़ अदा करने की अनुमति
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुहेल सिद्दीकी ने न्यायालय को बताया की इस मैदान में पिछले 100वर्षों से नमाज अदा की जा रही है। ये भी कहा गया की इससे कोई विवाद या हंगामा नहीं हुआ है। बताया गया कि ये सबसे ज्यादा भीड़ भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां लाखों लोग आते हैं और इससे धार्मिक अपवाद उत्पन्न हो सकता है।
याचिकाकर्ता की प्रार्थनापत्र को आज एसडीएम ने भी रिजेक्ट कर दिया है। न्यायालय ने अंजुमन इस्लामिया कमेटी को डी.एस.ए.फ्लैट्स मैदान में 9 से 10 बजे तक नमाज़ अदा करने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने संबंधित विभागों को ट्रैफिक और न्याय व्यवस्था संभालने को कहा है।
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