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कृषि विभाग को मिला स्थाई निदेशक, दिनेश कुमार को सौंपी गई जिम्मेदारी, आदेश जारी

Uttarakhand News : लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड कृषि विभाग को स्थाई निदेशक मिल गया है। इस पद पर दिनेश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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दिनेश कुमार बने कृषि विभाग के स्थाई निदेशक
उत्तराखंड के कृषि विभाग में लंबे समय से लंबित चल रही नियुक्ति पर अब फैसला हो गया है। विभाग को स्थायी निदेशक मिल गया है।
सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी दिनेश कुमार को पदोन्नत करते हुए इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद कृषि विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

दिनेश कुमार की नियुक्ति के आदेश जारी
कृषि विभाग के स्थाई निदेशक के पद पर दिनेश कुमार की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि ये पद 25 नवंबर 2025 से खाली चल रहा था। इसके साथ ही बीते कुछ समय से कृषि विभाग में स्थायी निदेशक के अभाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। विधानसभा सत्र में भी ये मुद्दा उठा था।
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मेरठ से अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने रानीखेत आए युवक की हत्या, इलाके में मची सनसनी

- Ranikhet News : उत्तराखंड के रानीखेत क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक अज्ञात हमलावर ने देर रात घर में घुसकर एक युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचीं दो महिलाओं पर भी हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
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सेना मेरठ से अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने रानीखेत आए युवक की हत्या
रानीखेत तहसील के कुंवाली क्षेत्र स्थित ऐना गांव में रहने वाली जानकी देवी के घर यह घटना हुई। मृतक की पहचान सागर सिंह के रूप में हुई है, जो मेरठ का रहने वाला था। वह कुछ दिन पहले अपनी बुआ के घर आया था और अग्निवीर भर्ती की दौड़ की तैयारी कर रहा था।
घर में घुसकर की युवक की हत्या
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात एक हमलावर घर में घुसा और सागर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण सागर की मौके पर ही मौत हो गई। सागर की चीख-पुकार सुनकर जानकी देवी और उनकी चाची सास सबुली देवी उसे बचाने के लिए दौड़ीं।

बीच-बचाव के लिए पहुंची दो महिलाएं घायल
आरोप है कि हमलावर ने उन पर भी धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में जानकी देवी के सिर पर गंभीर चोट लगी, जबकि सबुली देवी के गले पर गहरा वार किया गया। दोनों घायलों को तत्काल उप जिला चिकित्सालय रानीखेत ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सबुली देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।
पुरानी रंजिश की जताई जा रही आशंका
प्रारंभिक जांच में परिजनों ने पुलिस को दी गई तहरीर में पुरानी रंजिश को घटना की संभावित वजह बताया है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि आरोपी गांव का ही कोई परिचित व्यक्ति हो सकता है, जिसने इस वारदात को अंजाम दिया।
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चमोली में भरभराकर गिरी सरकारी अस्पताल की दीवार, मलबे में दबने के कारण डॉक्टर की मौत

Chamoli News : चमोली से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नारायणबगड़ में सरकारी अस्पताल की क्षतिग्रस्त दीवार भरभराकर गिरी। चपेट में आने से डॉक्टर की मौत हो गई।
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चमोली में भरभराकर गिरी सरकारी अस्पताल की दीवार
उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ स्थित सरकारी अस्पताल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल परिसर की पहले से क्षतिग्रस्त दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र डिमरी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मलबे में दबने के कारण डॉक्टर की मौत
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों, स्थानीय व्यापारियों और अन्य लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद डॉ. डिमरी को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया।

25 जून को हुई भारी बारिश के दौरान हो गई थी क्षतिग्रस्त
जानकारी के अनुसार, बीते 25 जून को हुई भारी बारिश के दौरान आए मलबे की वजह से अस्पताल की बाउंड्री वॉल को गंभीर नुकसान पहुंचा था। इसके बाद शनिवार को क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान डॉ. नवीन चंद्र डिमरी मरम्मत कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तभी पहले से कमजोर और खोखली हो चुकी दीवार अचानक उनके ऊपर गिर गई, जिससे वे मलबे के नीचे दब गए।
हायर सेंटर ले जाते वक्त तोड़ा दम
अस्पताल की चिकित्सक डॉ. रिया घिल्डियाल ने प्रारंभिक जांच के बाद उनकी स्थिति को बेहद गंभीर बताया था। हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए अस्पताल परिसरों की जर्जर संरचनाओं की समय रहते जांच और मरम्मत कराने की मांग की है।
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सौरभ बहुगुणा बने उत्तराखंड के सबसे पावरफुल मंत्री !, आदेश जारी होने के बाद चर्चाओं के बाजार गर्म

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड सरकार के एक आदेश ने नई सियासी बहस छेड़ दी है। अब 5 करोड़ रुपये से बड़ी योजनाओं का विवरण सीधे मुख्यमंत्री के पास नहीं, बल्कि पहले युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा के अवलोकन के लिए भेजा जाएगा। इस फैसले ने उनके बढ़ते राजनीतिक कद और सरकार की रणनीति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
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सौरभ बहुगुणा बने उत्तराखंड के सबसे पावरफुल मंत्री !
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट के सबसे युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा को एक खास जिम्मेदारी दी है। अब विभिन्न विभागों की 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली जनहित योजनाओं का पूरा ब्योरा और ब्रीफ नोट पहले सौरभ बहुगुणा के पास भेजा जाएगा।
इसके बाद इसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी जाएगी। बकायदा इसके लिए आदेश भी जारी किया गया है। लोगों का कहना है कि मंत्री सौरभ बहुगुणा अब उत्तराखंड सरकार के सबसे ज्यादा पावरफुल मंत्री बन गए हैं।
आदेश जारी होने के बाद चर्चाओं के बाजार गर्म
मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव की ओर से सभी मंत्रियों के मुख्य, वरिष्ठ और निजी सचिवों को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बड़ी योजनाओं का विस्तृत विवरण सौरभ बहुगुणा के अवलोकन के लिए भेजा जाए। आदेश सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

यही सवाल अब सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। धामी कैबिनेट में कई अनुभवी और वरिष्ठ मंत्री मौजूद हैं। इसके बावजूद इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सबसे युवा मंत्री को सौंपे जाने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। क्या ये सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था है या फिर भविष्य की किसी बड़ी रणनीति का संकेत हैं।
वरिष्ठ मंत्री भी देंगे युवा मंत्री को रिपोर्ट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब वरिष्ठ मंत्रियों को अपनी विभागीय बड़ी योजनाओं का विवरण सीधे मुख्यमंत्री के बजाय पहले एक युवा कैबिनेट मंत्री को भेजना होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई व्यवस्था को मंत्रिमंडल के भीतर किस तरह लिया जाता है।

इस आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में ये साफ होगा कि यह फैसला केवल फाइलों तक सीमित रहता है या फिर उत्तराखंड सरकार के सत्ता समीकरणों में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत साबित होता है। फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय के इस एक आदेश ने सौरभ बहुगुणा को राज्य की सियासत के सबसे चर्चित चेहरों में जरूर ला खड़ा किया है।
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