Pithauragarh
थल-पिथौरागढ़ सड़क पर फिर दर्दनाक हादसा, पूर्व फौजी और चालक की मौत

पिथौरागढ़: सीमांत जिले पिथौरागढ़ में शुक्रवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। थल से डुंगरीगाड़ा जा रही एक ऑल्टो कार अचानक बेकाबू होकर 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार पूर्व फौजी मोहन सिंह बसेड़ा (65) और चालक तुषार चौहान (25) की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा थल से करीब 9 किलोमीटर दूर मालाझूला के पास हुआ। बताया जा रहा है कि पूर्व फौजी मोहन सिंह शुक्रवार सुबह अपनी पेंशन लेने थल के बैंक गए थे। पेंशन लेकर लौटते वक्त, दोपहर करीब साढ़े तीन बजे, उनका वाहन अचानक खाई में जा गिरा। कार में सिर्फ दो ही लोग सवार थे मोहन सिंह और चालक तुषार चौहान…जो सानीखेत गांव के रहने वाले थे।
जैसे ही थल पुलिस को दुर्घटना की सूचना मिली थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र पांडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया। हादसे की खबर जैसे ही गांव में पहुंची पूरे डुंगरीगाड़ा और सानीखेत में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों के मुताबिक मोहन सिंह बसेड़ा बेहद मिलनसार और अनुशासित व्यक्ति थे…जिन्होंने फौज से सेवा निवृत्ति के बाद भी गांव की सेवा में खुद को समर्पित किया हुआ था।
यह पहली बार नहीं है जब थल क्षेत्र में ऐसा कोई हादसा हुआ हो। तीन महीने पहले 15 जुलाई को मुवानी के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ था…जिसमें एक ही गांव के आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी जिनमें छात्राएं, महिलाएं और एक मासूम बच्ची भी शामिल थीं।
थल-पिथौरागढ़ और थल-उडियारी बैंड मोटर मार्गों की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बरसात के बाद सड़क के दोनों ओर घनी झाड़ियां उग आई हैं…जिससे सड़कें संकरी हो गई हैं और हर मोड़ पर दुर्घटना का डर बना हुआ है। ये दोनों सड़कें लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आती हैं…लेकिन अभी तक इनकी साफ-सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
जहां एक ओर सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार दावे कर रही है वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इन सड़कों की सफाई कर दी जाती और रेलिंग या संकेतक लगाए जाते…तो शायद आज दो जानें बच सकती थीं।
Uttarakhand
पिथौरागढ़ समाचार: थल–मुनस्यारी मोटर मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा, एक की मौत

पिथौरागढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा, एक की मौत
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद के थल–मुनस्यारी मोटर मार्ग से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां हरकोट बैंड के समीप एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
हरकोट बैंड के पास असंतुलित हुई कार
जानकारी के अनुसार, तल्ला जोहार क्षेत्र से मुनस्यारी की ओर आ रही एक अर्टिगा कार (वाहन संख्या UK 05 TA 5586) हरकोट बैंड के समीप अचानक असंतुलित हो गई और दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान और कार में सवार अन्य घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी थी।
जांच जारी: इस दुखद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। फिलहाल पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
Pithoragarh
उत्तराखंड में यहां गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी अनिवार्य, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई

pithoragarh News : मध्य एशिया में तनाव के चलते भारत में रसोई गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। इसका असर उत्तराखंड भी में देखने को मिल रहा है। लोग गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगाए नजर आ रहे हैं। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी ने गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी (Gas Cylinder Home Delivery)अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं।
Table of Contents
गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर हुई बैठक
पिथौरागढ़ जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में घरेलू और व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था के संबंध में होटल एसोसिएशन एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में व्यापार मंडल एवं होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों को शासन स्तर पर आयोजित बैठकों में रखा जाएगा। आवश्यक कार्यवाही शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
पिथौरागढ़ में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी अनिवार्य
जिलाधिकारी ने बुकिंग गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी अनिवार्य रूप (Gas Cylinder Home Delivery)से सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद फोन कर उनके घर तक गैस सिलेंडर पहुंचाया जाए। जिससे लंबी कतारों और अनावश्यक भीड़ की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके।
जिलाधिकारी ने इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक उपभोक्ता को घर पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भोजनालयों में स्टाफ के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग
प्रतिनिधियों द्वारा नगर क्षेत्र में कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और होटल व भोजनालयों में कार्यरत स्टाफ के भोजन के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की मांग रखी गई। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। बैठक में प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक
जिलाधिकारी आशीष भटगाईं ने जनता से अपील करते हुए कहा कि जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आपूर्ति निरंतर जारी है। उन्होंने आगे बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों के संबंध में शासन द्वारा प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा संस्थानों एवं शैक्षणिक संस्थानों को आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के प्रबंधकों से समन्वय कर कुछ दिनों के लिए गैस सिलेंडर आपूर्ति करने वाले वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लंबित मांग को शीघ्र पूरा कर स्थिति को सामान्य किया जा सके। जिलाधिकारी ने जनता से प्रशासन को सहयोग करने की व धैर्य रखने की अपील है।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि अगर किसी को गैस वितरण से संबंधित कोई समस्या या सुझाव हो तो वह टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर अपनी शिकायत अथवा सुझाव दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक टोल फ्री नंबर पर कुल 7 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 4 शिकायतें 12 मार्च तथा 3 शिकायतें 13 मार्च को प्राप्त हुईं, जिनका निराकरण कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी तहसीलदार और पूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न ना हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Breakingnews
Bus Accident: घर में बजनी थी शहनाई, पसर गया मातम, 13 बारातियों की मौत
पिथौरागढ़ से सटे नेपाल के बैतड़ी में बारातियों की बस हादसे का शिकार
मुख्य बिन्दु
Nepal Bus Accident: भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया. पिथौरागढ़ के झूलाघाट कस्बे के पास स्थित नेपाल के बैतडी जिले में बारातियों से भरी एक बस गहरी खाई में गिर गई. इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
नेपाल में बारातियों की बस हादसे का शिकार
जानकारी के मुताबिक, ये बस बैतडी के पुरचूंणी नगरपालिका क्षेत्र से दुल्हन लेकर बजांग जिले के सुनकुडा गांव जा रही थी. इसी दौरान पुरचूंणी नगरपालिका वार्ड-7 के बड़गांव मोड़ के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी. हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
ये भी पढ़ें- पिथौरागढ़ में गहरी खाई में गिरने से युवक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
पुलिस और स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू
इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए नेपाल एपीएफ और पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया. घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. हॉस्पिटल में भर्ती कुछ घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है.
Nepal Bus Accident: अब तक 13 बारातियों की मौत
जिला प्रहरी कार्यालय बैतडी के प्रवक्ता निरीक्षक बलदेव बडू ने बताया कि दुर्घटना में छह बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इसके अलावा पांच लोगों ने डडेलधुरा अस्पताल में और दो लोगों ने कोटिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतकों में बजांग और बैतडी जिलों के विभिन्न गांवों के लोग शामिल हैं, जिनमें एक ही गांव के कई सदस्य भी बताए जा रहे हैं.
ये भी पढ़ें- बजरी खनन के दौरान पहाड़ी दरकने से युवक की मौत, कड़ी मशक्कत के बाद शव को निकाला गया
ओवरलोडिंग के चलते बस हादसे का शिकार
प्रहरी प्रवक्ता के मुताबिक, बस चालक भी इस हादसे में घायल हुआ है, लेकिन उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है. घायल चालक विरेंद्र बुढा, निवासी भीमदत्त नगरपालिका, कंचनपुर को पुलिस ने अपने नियंत्रण में ले लिया है. प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण बस का ओवरलोड होना बताया जा रहा है. आशंका जताई गई है कि अधिक भार के कारण बस चढ़ाई पर संतुलन नहीं बना सकी और हादसा हो गया.
घायलों का इलाज जारी
फिलहाल, अधिकांश घायलों का इलाज डडेलधुरा अस्पताल में किया जा रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए धनगढ़ी रेफर किया गया है. प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।
Cricket16 hours agoRCB vs GT Dream11 Team Qualifier 1 IPL 2026: फैंटेसी प्रेडिक्शन और चोट अपडेट्स..
big news6 hours agoकौन हैं आशीष चौहान ? जो बने देहरादून के नए जिलाधिकारी, कई जिलों में निभा चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, जानें यहां
Uttarakhand14 hours agoगंगा दशहरा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर की पौड़ी पर तड़के से श्रद्धालुओं की भारी भीड़
Rudraprayag8 hours agoअलकनंदा में समाई बोलेरो! चालक का अब तक नहीं मिला सुराग, सर्च ऑपरेशन अब भी जारी
big news12 hours agoPetrol-Diesel Price Hike Today: आम जनता को बड़ा झटका! 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, पेट्रोल ₹100 के पार, जानें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों का हाल
National10 hours agoआज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी, लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां
big news12 hours agoचार महीने बाद आज फिर से पर्यटकों के लिए खुलेगा एफआरआई, एंट्री फीस में कई गुना हुई बढ़ोतरी, देखें लिस्ट
Breakingnews7 hours agoकरोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता नहीं उठा पा रहे अपनी यात्रा का खर्चा, RTI से हुआ बड़ा खुलासा






































