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ग्राम प्रधान बनने से हुई थी राजनीति की शुरुआत, अब भरत चौधरी की हुई धामी कैबिनेट में एंट्री

Bharat Chaudhary के ग्राम प्रधान से लेकर कैबिनेट मंत्री तक का सफर, जानें कैसा रहा ?
Bharat Chaudhary : रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी को धामी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। आज लोकभवन में उन्होंने पद की गोपनीयता की शपथ ली। रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत ग्राम प्रधान बनने से की थी आज वो कैबिनेट मंत्री बन गए हैं।
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ग्राम प्रधान बनने से भरत चौधरी ने की थी राजनीति की शुरुआत
रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी को धामी कैबिनेट में अपनी जगह बनाई है। मवाना घोलतीर के मूल निवासी भरत चौधरी का राजनीतिक करियर काफी पुराना है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत रुद्रप्रयाग क्षेत्र की मवाना ग्राम पंचायत के प्रधान के रूप में की। धीरे-धीरे राजनीति में उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की और आज वो कैबिनेट मंत्री बन गए हैं।

2017 के चुनाव में पहली बार बने रुद्रप्रयाग से विधायक
आज लोकभवन में रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने चार अन्य विधायकों के साथ मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। प्रधान पद से अपनी राजनीतिक जीवन का शुभारंभ करने वाले भरत चौधरी ने कई बार विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें सफलता साल 2017 में मिली। 2017 में वो पहली बार रूद्रप्रयाग से विधायक बने। इसके बाद साल 2022 में भी वो दूसरी बार विधायक बने।
कुछ ऐसा रहा Bharat Chaudhary का प्रारंभिक जीवन
वर्ष 1959 में, उस समय के चमोली जिले की रानीगढ़ पट्टी के गडबू गांव में भरत सिंह चौधरी का जन्म हुआ। उनके पिता स्वर्गीय सुबेदार छोटाण सिंह चौधरी थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई घोलतीर के प्राथमिक विद्यालय से पूरी की, जिसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज, गौचर से इंटरमीडिएट की शिक्षा हासिल की। आगे चलकर उन्होंने देहरादून स्थित डीएवी कॉलेज से बीए-एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।

| वर्ष | घटना | पार्टी | विवरण |
|---|---|---|---|
| 2007 | विधानसभा चुनाव | — | रुद्रप्रयाग सीट से चुनाव लड़ा |
| 2012 | विधानसभा चुनाव | — | रुद्रप्रयाग सीट से दोबारा चुनाव मैदान में उतरे |
| 2013 | पार्टी जॉइन | भाजपा | भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए |
| 2017 | विधायक | भाजपा | ~30,000 वोट, ~15,000 से जीत |
| 2022 | विधायक | भाजपा | 30,000+ वोट, दोबारा जीत दर्ज |
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उत्तराखंड BJP में कांग्रेसियों का बोलबाला, धामी कैबिनेट में आधे से ज्यादा मंत्री पूर्व कांग्रेसी, कार्यकर्ताओं की बढ़ेगी नाराजगी ?

Uttarakhand Politics: उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार हो गया है और आज सीएम धामी ने विभागों का भी बंटवारा कर दिया है। पहले जहां कैबिनेट विस्तार ना होने को लेकर चर्चाएं हो रहीं थी तो वहीं अब चर्चाएं धामी कैबिनेट में पूर्व कांग्रेसियों की संख्या को लेकर हो रही है।
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उत्तराखंड BJP में कांग्रेसियों का बोलबाला
उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों विकास की चर्चाएं कम और गोत्र की ज्यादा हो रहीं हैं। आप सोच रहे होंगे कि ये गोत्र कौन सा है तो ये गोत्र है कांग्रेस का। हाल ही में धामी कैबिनेट ने अपना कोरम पूरा करते हुए मंत्रिमंडल के पांच रिक्त पदों को भर लिया। जिस पर विकास की बातें कम गोत्र की बातें ज्यादा हो रही हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री धामी का शुक्रिया अदा किया। अपने बयान में गणेश गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी कांग्रेस गोत्र के नेताओं का खूब ख्याल रख रहे हैं।

धामी कैबिनेट में आधे से ज्यादा मंत्री पूर्व कांग्रेसी
दरअसल धामी कैबिनेट में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए मंत्रियों की संख्या के कारण ये चर्चाएं हो रही हैं। हाल ही में कैबिनेट विस्तार के बाद बनाए गए पांच मंत्रियों में से तीन मंत्री कांग्रेस गोत्र के बनाए गए हैं। यानी कि वो विधायक पहले कांग्रेस में थे और अब बीजेपी में आ गए हैं।
जिसके बाद अब धामी कैबिनेट में अच्छा खासा दबदबा कांग्रेस गोत्र के मंत्रियों का हो गया है। इनकी संख्या धामी कैबिनेट में 7 हो गई है। इस पर तंज कसते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चुटकी ली है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर तंज करते हुए कहा कि वो इसी तरह दरी बिछाने का काम जारी रखें। सीटें और बड़े पद दूसरे दलों से आए नेता ले जाएंगे।

मथुरा दत्त जोशी हरक रावत के गोत्र पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के इस बयान पर कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मथुरादत जोशी ने पलटवार किया है। मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत और यशपाल आर्य किस गोत्र के हैं वो स्पष्ट करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसी पाकिस्तानी को तो मंत्री नहीं बनाया।
धामी कैबिनेट में 12 में सात मंत्री पूर्व कांग्रसी
धामी सरकार में अब ऐसे नेताओं की संख्या बढ़ गई है, जिनकी राजनीतिक शुरुआत कभी कांग्रेस से हुई थी। हाल ही में कैबिनेट में शामिल किए गए पांच विधायकों में से केवल मदन कौशिक और खजान दास का राजनीतिक आधार पूरी तरह भाजपा से जुड़ा रहा है। वहीं, भरत सिंह चौधरी, राम सिंह कैड़ा और प्रदीप बत्रा पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, हालांकि ये लंबे समय से भाजपा में सक्रिय हैं।
अगर पहले से मौजूद मंत्रियों पर नजर डालें, तो सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा और रेखा आर्य जैसे नाम भी ऐसे हैं, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस से रही है, लेकिन वर्तमान में वे भाजपा का हिस्सा हैं।
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बड़ी खबर : सीएम धामी ने किया विभागों का बंटवारा, जानें किसके हिस्से आया कौन सा विभाग ?

Uttarakhand Politics : मुख्यमंत्री धामी ने बांटे विभाग, जानें किसे मिला कौन सा विभाग ?
Uttarakhand Politics : मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बहुप्रतीक्षित बंटवारा कर दिया है। हाल ही में पाँच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद किए गए।
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सीएम धामी ने किया विभागों का बंटवारा
सीएम धामी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। इस आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का दायित्व था।
जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग खुद देखेंगे। इन विभागों को शासन संचालन की रीढ़ माना जाता है, जिनके माध्यम से प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाता है।

नवनियुक्त मंत्रियों में किसके हिस्से आया कौन सा विभाग ?
सीएम धामी ने इन 25 विभागों के अलावा विभागों का बंटवारा मंत्रियों के बीच करते हुए उन्हें उनके-उनके दायित्व सौंपे गए हैं। ताकि विभागीय कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। सूत्रों के अनुसार इस नए बंटवारे से कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
हाल ही में किया गया था कैबिनेट का विस्तार
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री धामी ने कैबिनेट का विस्तार करते हुए विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल, मंत्रिमंडल में पाँच पद लंबे समय से रिक्त चल रहे थे, जिनमें तीन पद पहले से खाली थे, एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद रिक्त हुआ था, जबकि एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण खाली हुआ। इन परिस्थितियों में संबंधित विभागों का दायित्व भी मुख्यमंत्री के पास ही था।

ये बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से ये बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख प्रशासनिक विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक कदम है, जिससे शासन की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहेगी, वहीं अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है।
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कैबिनेट विस्तार के बाद जल्द मिल सकता है दायित्वों का तोहफा, कई कार्यकर्ताओं की किस्मत का खुलेगा ताला

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में चार साल बाद हुए कैबिनेट विस्तार के बाद अब एक बार फिर दायित्वधारियों की लिस्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे लेकर बीजेपी से खबर सामने आ रही है कि जल्द ही कार्यकर्ताओं को दायित्वों का तोहफा मिल सकता है।
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कैबिनेट विस्तार के बाद जल्द मिल सकता है दायित्वों का तोहफा
राज्य सरकार में रिक्त कैबिनेट पदों को भरने के बाद अब धामी सरकार कार्यकर्ताओं को दायित्वो का तोहफा देने जा रही है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि जल्द ही दायित्वधारियों की सूची को जारी किया जाएगा।

बीजेपी अंतर कलह को खत्म करने के लिए बांट रहे दायित्व
दायित्वधारियों की सूची को लेकर कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी के भीतर जो आपदा आई है उसको साधने के लिए पहले मंत्री पद भरे गए अब दायित्वों की बात सामने आ रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अंतर कलह को खत्म करना चाहती है जिसके चलते अब कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश की जा रही है।

जल्द जारी होगी दायित्वधारियों की सूची
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी को और विस्तार देने के लिए कैबिनेट के बाद अब दायित्वधारियों की सूची अब जल्द जारी होगी ताकि कार्यों को और गति मिल सके।
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