Dehradun
चारधाम यात्रा: ट्रिप कार्ड के बिना कोई भी वाहन नहीं कर सकेगा दूसरा फेरा, जानिए आवेदन कैसे करें ?

देहरादून : उत्तराखंड में अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। परिवहन विभाग ने इस बार की यात्रा को और भी सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। यात्रियों और उनके वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इन दोनों कार्डों के कोई भी वाहन यात्रा पर नहीं जा सकेगा।
ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड की प्रक्रिया
इस बार यात्रा पर जाने के लिए सबसे पहले ग्रीन कार्ड बनवाना होगा। ग्रीन कार्ड बनाने के लिए राज्य के किसी भी एआरटीओ कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन greencard.uk.gov.in पर किया जा सकता है। इस पोर्टल पर गाड़ी और चेसिस नंबर डालने के बाद वाहन संबंधित दस्तावेज़ स्वचालित रूप से अपलोड हो जाएंगे, और इसके बाद ऑनलाइन फीस का भुगतान करना होगा। छोटे वाहनों के लिए 400 रुपये और बड़े वाहनों के लिए 600 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
ट्रिप कार्ड भी होगा निशुल्क
ग्रीन कार्ड के बाद ट्रिप कार्ड बनवाना होगा, जो कि निशुल्क होगा। greencard.uk.gov.in पर ट्रिप कार्ड बनवाने के लिए वाहन चालक को अपनी लाइसेंस नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। इसके बाद, पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर बनाई गई लॉगइन आईडी के माध्यम से यात्रियों की जानकारी स्वत: अपलोड हो जाएगी।
सख्त जांच व्यवस्था
चारधाम यात्रा में आने वाले वाहनों की चेकिंग ब्रह्मपुरी, भद्रकाली, कुठालगेट और हरबर्टपुर कटापत्थर में की जाएगी। यहां पर परिवहन विभाग के कर्मचारी ग्रीन और ट्रिप कार्ड के साथ-साथ यात्रियों की भी जांच करेंगे। यात्रा में जाने वाले वाहनों के टायर का आकार 173 इंच से अधिक और चौड़ाई 2.6 मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, अन्यथा उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।
यात्री मोबाइल नंबर पर कर सकेंगे शिकायत
चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर यात्री एआरटीओ कार्यालय, जांच केंद्र और मोबाइल नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा, वाहन चालक या टूर ऑपरेटर की मनमानी की शिकायत भी यात्री कर सकते हैं। ओवररेटिंग को रोकने के लिए वाहनों का किराया भी निर्धारित किया गया है।
पंजीकरण अनिवार्य
चारधाम यात्रा पर आने के लिए तीर्थयात्रियों को पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। यदि कोई टूर एंड ट्रैवल कंपनी बिना पंजीकरण के यात्रियों को लाती है, तो उनके खिलाफ धारा 193 के तहत कार्रवाई की जाएगी। केवल परिवहन विभाग से लाइसेंस प्राप्त टूर ऑपरेटर को ही यात्रा में शामिल होने की अनुमति होगी।
वर्ष 2023 में 36 से 40 हजार वाहनों के ग्रीन कार्ड बनने की उम्मीद
पिछले साल 32 हजार से ज्यादा वाहनों ने ग्रीन कार्ड बनवाए थे, और इस बार उम्मीद की जा रही है कि यह संख्या 36 से 40 हजार तक पहुंच सकती है। तीर्थयात्रियों की संख्या भी 60 लाख तक पहुंचने की संभावना है।
समय पर तैयारी के लिए यात्रा नोडल अधिकारी की अपील
यात्रा के नोडल अधिकारी सुनील शर्मा ने सभी वाहन स्वामियों और टूर ऑपरेटर से अपील की है कि वे यात्रा से पहले सभी आवश्यक पंजीकरण और कार्ड प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
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बड़ी खबर – देहरादून के पलटन बाजार में दिन दहाड़े युवती की हत्या !

Dehradun News : देहरादून में युवक ने युवती को घर के बाहर ही उतारा मौत के घाट, इलाके में मची सनसनी
Dehradun News : देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सोमवार सुबह-सुबह घर के बाहर युवती की हत्या से इलाके में सनसनी मच गई है। युवक ने युवती को उसी के घर के बाहर चापड़ से वार कर मौत के घाट उतार दिया।
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देहरादून में दिन दहाड़े युवती की हत्या से सनसनी
देहरादून के मच्छी बाजार में सोमवार सुबह-सुबह एक बाइक सवार युवक ने युवती की हत्या कर दी। आरोपी ने युवती पर उसी के घर के बाहर चापड़ से वार कर उसकी हत्या कर दी। सुबह हुई इस घटना के बाद से आस-पास में सनसनी फैल गई है।
युवक ने घर के बाहर चापड़ से वार कर उतारा मौत के घाट
मिली जानकारी के मुताबिक Dehradun के मच्छी बाजार की रहने वाली सोमवार सुबह 23 वर्ष युवती गुन्नू कहीं बाहर जा रही थी। जैसे ही वो अपने घर से बाहर निकली वैसे ही एक बाइक वहां आकर रूकी। बाइक सवार युवक गुन्नू से बात करने लगा। थोड़ी ही देर में उसने बाइक पर बैठे-बैठे ही चापड़ निकाला और उसके गले पर वार कर दिया। जिस से युवती की मौके पर ही मौत हो गई।
Dehradun
आदमपुर हवाई अड्डे का नाम गुरु रविदास महाराज को हुआ समर्पित, सीएम ने पीएम मोदी का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है।
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आदमपुर हवाई अड्डे का नाम गुरु रविदास महाराज को हुआ समर्पित
संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया ये निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
सीएम ने पीएम मोदी का जताया आभार
सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है।
आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
Uttarakhand
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026: 5 से 8 फरवरी तक देहरादून में आयोजित होगा महोत्सव

Uttarayani Kauthik Mahotsav: सेवा संकल्प फाउंडेशन करेगा उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 का आयोजन
मुख्य बिंदु
Uttarayani Kauthik Mahotsav: सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन देहरादून, परेड ग्राउंड में 5 से 8 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। चार दिवसीय ये सांस्कृतिक उत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरागत कला एवं व्यंजन, लोकगीत, संगीत एवं लोकनृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियों का सजीव मंच बनेगा।
महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार
महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे जन-जन तक सशक्त रूप में पहुँचाना है। उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को केंद्र में रखते हुए भारत के विभिन्न क्षेत्रों की जनजातीय संस्कृतियों की भी भव्य प्रस्तुति की जाएगी। विशेष रूप से इस महोत्सव में उत्तर-पूर्वी भारत की सांस्कृतिक झलक, वहां की परंपराएं, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक विविधता को मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

पांच फरवरी से शरू होगा महोत्सव
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, लोककला एवं लोकसंगीत को जन-जन तक पहुँचाना, स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान करना तथा समाज में सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता को मजबूत करना है। ये महोत्सव देहरादून, परेड ग्राउंड में 5 से 8 फरवरी 2026 तक आयोजित्त होगा।



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