Dehradun
सीएम धामी ने 892 वन आरक्षी एवं 104 सहायक लेखाकारों को वितरित किये नियुक्ति पत्र, बोले भर्ती धांधली की शिकायतें को दूर करने के लिए किए व्यापक बदलाव।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 892 वन आरक्षी एवं 104 सहायक लेखाकारों को वितरित किये नियुक्ति पत्र।
वन मंत्री की उपस्थिति में वन विभाग द्वारा हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र गढ़ीकैंट में आयोजित हुआ समारोह।
सहायक लेखाकारों में 59 वन तथा 45 तकनीकी शिक्षा विभाग के चयनित अभ्यर्थी शामिल।
वन विभाग के अधीन 2017 से 2023 तक समूह ग के 4406 विभिन्न पदों पर हुई नियुक्ति जिसमें जुलाई 2021 से अब तक हुई 2528 नियुक्तियां शामिल।
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंंह धामी ने सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र गढ़ीकैंट में वन विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 892 वन आरक्षी तथा 104 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल भी उपस्थित थे। नियुक्ति पाने वाले 104 सहायक लेखाकारों में 59 वन तथा 45 तकनीकि शिक्षा विभाग के शामिल हैं। वन विभाग के अधीन अप्रैल 2017 से अब तक समूह ग के विभिन्न 4406 पदों पर नियुक्ति की गई है, जिसमें जुलाई 2021 से अब तक 2528 नियुक्तियां शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनायें देते हुए कहा कि अब वे उत्तराखंड शासन, प्रशासन का हिस्सा बनने जा रहे हैं सभी सच्ची लगन और मेहनत से अपने कार्य को निपुणता से करेंगे, इसकी उन्होंने अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि त्वरित रूप से विभागों के अन्तर्गत रिक्त पदों पर प्रदेश के होनहार नौजवानों को अवसर प्रदान कराएं जाएं। यह अभियान लगातार और तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले हैं, उन पर प्रदेश के वन क्षेत्रों की सुरक्षा की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जबकि तकनीकी शिक्षा से जुड़े युवाओं पर उत्तराखण्ड शासन प्रशासन को एडवांस तकनीक से सुसज्जित करने की भी चुनौतियां है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों हमारा यह प्रयास धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के और अधिक अवसर मिल पाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही धांधली की शिकायतें को दूर कर हमने भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव किया है। पहले की सरकारों में नौकरी के लिए विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक बहुत लंबा समय लग जाता था। इस देरी का फायदा उठाकर, रिश्वतखोरों द्वारा जमकर रिश्वत का खेल होता था। लेकिन हमारी सरकार ने भर्ती की प्रक्रिया को अब पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है और भर्ती प्रक्रिया एक तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही है। इसका परिणाम इतना सुखद है कि अब प्रत्येक युवा को समान अवसर मिलने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको एक ऐसे प्रदेश में सेवा का मौका ईश्वर ने दिया है, जिसमें आपकी एवं राज्य की प्रगति की असीम संभावनाएं हैं। आज आप भर्ती प्रक्रिया में जिस पारदर्शिता और रफ्तार को देख रहे हैं वो सरकार के हर काम में दिख रही है। पारदर्शी तरीके से भर्ती और पदोन्नति युवाओं में भरोसा जगाती है। ये पारदर्शिता बेहतर तरीके से युवाओं को प्रतियोगिता में उतरने के लिए प्रेरित करती है, हमारी सरकार इसी दिशा में निरंतर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों की और से भर्ती प्रक्रियाओं पर लगाये गए कलंक को मिटाने के लिए ही हमने राज्य में देश का सबसे कठोर ‘‘नकल विरोधी कानून’’ लागू किया है। हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। नकल विरोधी कानून के प्राविधान इतने कड़े किये हैं कि अब युवाओं के भविष्य के साथ कोई भी नकल माफिया खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। इस कानून के तहत दोषियों के लिए आजीवन कारावास तक का प्राविधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी को विश्वास दिलाया कि हमारी सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है और करती रहेगी तथा अपेक्षा की कि आप सभी उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे ‘विकल्प रहित संकल्प’ की सिद्धि में भी इसी प्रकार अपना सहयोग देते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवाओं में से आपको यह अवसर विशिष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में मानक तय करने होंगे। अनुशासित होकर ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का लक्ष्य बनाना होगा, नई तकनीकि में जुड़ना होगा। यह आपको अपने कार्य संपादन में प्रेरणा देने का भी कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश जन सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए 1905 एप् के साथ अपणी सरकार पोर्टल तैया किया गया है। जन शिकायतों की निस्तारण प्रक्रिया का समय-समय पर वे स्वयं भी परीक्षण करते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि उन्हें भी जन समस्याओं के समाधान तथा जीरो पेंडेंसी का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिले इसके लिए हाल ही में आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन में 3.50 लाख करोड़ के निवेश प्राप्त हुए हैं। इसमें 50 से अधिक देशों के निवेशक भी शामिल हैं इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रधानमंत्री ने भी 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। आज देश व दुनिया के लोग यहां आने के लिए उत्साहित है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए उत्तराखण्ड का हित सर्वोपरि है, जिसे हम विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। हमने उत्तराखण्ड की जनता से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वायदा किया था जो पूर्ण किया गया है। इसमें प्रदेश में रहने वाले सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखा गया है।
वन एवं तकनीकि शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का 71 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र के अधीन है। प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता के साथ वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा का कार्य वन आरक्षियों का रहता है। उन्होंने वन आरक्षियों को फ्रंट लाइन वर्कर बताते हुए कहा कि जंगल को बचाने तथा मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने एवं वनाग्नि को रोकने का भी उनका दायित्व रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को तकनीकि दक्षता के लिए पॉलिटेक्निक एवं आई.टी.आई आदि कॉलेजों को अवस्थापना सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। तकनीकि संस्थाओं के माध्यम से अधिक से युवाओं का प्लेसमेंट हो इस दिशा में भी प्रयास किये जा रहे है। गत वर्ष 65 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है।
प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु ने भी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण जैसे समारोह पहले आयोजित नहीं होते थे। ऐसे अवसर युवाओं में आत्मविश्वास जगाने के साथ उन्हें कार्यक्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने में मददगार होते है। उन्होंने युवाओं में निरंतर सीखते रहने की प्रकृति अपनाने तथा आदर्श चरित्र के साथ जीवन एवं कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने को कहा। वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक तथा सचिव तकनीकि शिक्षा श्री रविनाथ रमन ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन एवं तकनीकि शिक्षा के अधिकारी एवं नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा उपस्थित थे।
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सीएम ने PWD की मास्टर प्लान बुक को किया लांच, जानें क्या खास है इस पुस्तिका में ?

Dehradun News : सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई आगामी 05 वर्षों ( 2026 – 2031 ) के कार्यों से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया।
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सीएम ने PWD की मास्टर प्लान बुक को किया लांच
मुख्यमंत्र पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा आगामी 05 वर्षों के विजन पर आधारित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया जाना सराहनीय पहल है। यह पुस्तिका राज्य में बुनियादी ढांचे को विकसित करने, सशक्त और सुरक्षित, भविष्य को सुनिश्चित करने का मार्ग है। उन्होंने कहा राज्य में विकास की संभावनाओं एवं विकसित भारत 2047 के संकल्पों को पूरा करने में यह मास्टर प्लान पुस्तिका अहम भूमिका निभाएगी।
राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य तेजी ते आगे बढ़ रहे
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य तेजी से गए बढ़े हैं। बीते सालों में राज्य में व्यापक स्तर पर सड़कों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा संकल्प है कि राज्य को तय लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ाया जाए और विजन के साथ विकास किया जाए।
पर्यटन हब के रूप में उभर रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड राज्य, पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में पर्यटकों की आवश्यकताओं को देखते हुए हम विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य में टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा यह पुस्तिका निश्चित ही राज्य को आगे बढ़ाने का विजन तय करेगी।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग स्पष्ट विजन के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। हम राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा विकास के लिए कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है, जिसपर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक प्रोजेक्ट्स का विजन
सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक प्रोजेक्ट के विजन को रखा गया है। उन्होंने कहा समय की आवश्यकता अनुसार पुस्तिका में संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने बताया पुस्तिका में रोड कनेक्टिविटी इकनॉमी हब कनेक्टिविटी , ब्रिज डेवलपमेंट और सेफ्टी, सड़क सुरक्षा एवं स्लोप प्रोटेक्शन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन एवं पॉलिसी जैसे विभिन्न प्राथमिकताओं पर विभाग का विजन रखा गया है।
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सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण हो जल्द, सीएम ने विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण हो जल्द
सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण को लेकर सीएम धामी ने खास अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों को फोर्स क्लोज करने के मामलों में जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर फोर्स क्लोज की कार्रवाई न की जाए। शुक्रवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश अधिकारियों को दिए।
सीएम ने विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना पर्याप्त कार्यवाही किए यदि कोई अधिकारी शिकायत को फोर्स क्लोज करता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1905 केवल एक दूरभाष संख्या नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक किया जाए।
उन्होंने शासन के अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर उनके शीघ्र समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त प्रत्यक्ष शिकायत की तरह गंभीरता से लिया जाए।
हर महीने कम से कम दो बार की जाए शिकायतों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक सप्ताह और विभागीय सचिव स्तर पर प्रत्येक माह में कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की सफलता का वास्तविक आकलन तभी संभव है, जब शिकायतकर्ता ये अनुभव करें कि सरकार ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और प्रभावी समाधान प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनका फीडबैक प्राप्त किया जाए तथा उच्च स्तर पर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे ये उपाय
बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री (सीएम) हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ए.आई. डेटा संचालन और शिकायत प्रबन्धन पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें शिकायतों का पूर्वानुमान व हाॅट स्पाॅट की पहचान कर प्राथमिकता के साथ मजबूत समाधान और निगरानी प्रणाली को विकसित करने में मदद मिली है। ए.आई. आधारित प्रक्रिया से विभिन्न मौसमों के अनुरूप प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिल रही है।
बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री (सीएम) हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ए.आई. डेटा संचालन और शिकायत प्रबन्धन पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें शिकायतों का पूर्वानुमान व हाॅट स्पाॅट की पहचान कर प्राथमिकता के साथ मजबूत समाधान एवं निगरानी प्रणाली को विकसित करने में मदद मिली है। ए.आई. आधारित प्रक्रिया से विभिन्न मौसमों के अनुरूप प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिल रही है।
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CM Helpline पर मिली शिकायत पर एक्शन, शिकायतकर्ता के पास पहुंचे सीएम, लापरवाही पर अपनाया कड़ा रूख

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत पर सीधा एक्शन देखने को मिला है। सीएम मीटिंग छोड़ सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए। उन्होंने शिकायतकर्ता से मुलाकात कर स्थलीय निरीक्षण किया।
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CM Helpline पर मिली शिकायत पर एक्शन
सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक के लिए अधिकारी बैठक कक्ष में फाइलों के साथ तैयार बैठे थे। सभी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन सीएम बैठक में नहीं पहुंचे। अगले ही पल खबर आई मुख्यमंत्री ने अपना काफिला तैयार करा लिया है और वो सीधे निकल पड़े हैं, लेकिन सचिवालय की किसी बैठक के लिए नहीं, बल्कि जमीन पर सच्चाई देखने के लिए। ग्राउंड जीरो पर पहुंच सीएम ने खुद शिकायकर्ता से मुलाकात की।
खुद शिकायतकर्ता के पास पहुंचे सीएम
सीएम के निरीक्षण में सामने आया कि विद्युत लाइन को अंडरग्राउंड करने के बाद फुटपाथ का समुचित भरान नहीं किया गया है, जिससे टाइल्स धंस चुकी हैं। कुछ स्थानों पर विद्युत लाइनें पूरी तरह भूमिगत भी नहीं हैं, जो सीधे तौर पर जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी का रुख इस दौरान सख्त नजर आया। उन्होंने अधिकारियों से सीधे और स्पष्ट सवाल किए कि यह स्थिति आखिर कैसे बनी और कार्य की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि जांच हुई थी, तो फिर ऐसी खामियां क्यों सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर भी दिखना चाहिए।

किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मौके पर ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फुटपाथ का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण तुरंत कराने, सभी विद्युत लाइनों को मानकों के अनुसार पूरी तरह भूमिगत करने और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि सरकारी कार्यों में ढिलाई स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
1905 पर मिली शिकायत का किया जाए समयबद्ध निस्तारण
निरीक्षण के बाद जब मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे तो बैठक की शुरुआत ही एक कड़े संदेश के साथ हुई आज मैं फाइलों से पहले जमीन की सच्चाई देखकर आया हूं और यह स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और लंबित मामलों पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाए।

हर शिकायत का फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य
उन्होंने कहा कि अब केवल कागजी रिपोर्ट नहीं चलेगी, हर शिकायत का फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। जो समस्याएं बार-बार सामने आ रही हैं, उनका स्थायी समाधान किया जाए, न कि केवल औपचारिक निस्तारण दिखाया जाए।
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय की कमी पर भी कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि एक ही स्थान पर बार-बार खुदाई की प्रवृत्ति तत्काल बंद होनी चाहिए, यह जनता को अनावश्यक कष्ट देने के बराबर है। उन्होंने जनसुरक्षा से जुड़े मामलों जैसे विद्युत, सड़क और जलापूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए।
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