Dehradun
सीएम धामी ने परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों पर पुलिस कर्मियों को किया सम्मानित, राज्यहित में की 8 घोषणाएं।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से अपर पुलिस अधीक्षक, एस०डी०आर०एफ० विजेन्द्र दत्त डोभाल एवं दलनायक आईआरबी द्वितीय श्री प्रताप सिंह तोमर को सम्मानित किया। सेनानायक, एस०डी०आर०एफ० उत्तराखण्ड मणिकान्त मिश्रा और पुलिस अधीक्षक, जनपद उत्तरकाशी अर्पण यदुवंशी को मुख्यमंत्री ने विशिष्टि कार्य के लिए सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। वर्ष 2023 में पांचवी एशियन यूथ एथलेटिक्स, ताशकंद, उजबेकिस्तान में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अर्जित करने वाले प्रियांशु, रजत पदक प्राप्त करने वाले राहुल सरनालिया एवं एथलेटिक्स प्रशिक्षक लोकेश कुमार को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस की सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने राज्यहित में 08 घोषणाएं की।
1. प्रत्येक जनपद में एक स्थानीय निकाय को आदर्श निकाय के रूप में विकसित किया जायेगा।
2. उद्योग, बागवानी तथा कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले काश्तकारों, उद्यमियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरूस्कार के रूप में क्रमशः एक लाख, 75 हजार एवं 50 हजार की धनराशि प्रदान की जायेगी।
3. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के नियमित कर्मचारियों हेतु ’’कर्मचारी व्यक्तिगत ऋण योजना’’ लागू की जायेगी।
4. वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, जन्म से दिव्यांग बच्चों को अनुदान योजना एवं परित्यक्ता पेंशन योजना में वर्तमान में निर्धारित मासिक आय 4000 से बढ़ाकर 6000 प्रतिमाह किया जायेगा।
5. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु कौशल विकास योजनान्तर्गत प्रशिक्षण की विषय-वस्तु का निर्धारण जिला कौशल विकास समिति द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जायेगा।
6. वरिष्ठ नागरिकों के समग्र कल्याण के लिए नीति बनायी जायेगी।
7. राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और ट्राउट मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ’’मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’’ के अंतर्गत मत्स्य विभाग में रुपए 200 करोड़ की योजना शुरू की जाएगी।
8. राज्य के पशुपालकों को आधुनिक पशुचिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से 75 करोड़ रूपये की लागत से सभी जनपदों में एक-एक मॉडल पशु चिकित्सालय स्थापित किए जायेंगे, जिससे लगभग 11 लाख पशुपालक परिवारों के पशुधन को सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है, हमें उन वीरों के बलिदान और शौर्य के सम्मान के लिए यह प्रण लेना है कि हम विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत बनाने के लिए अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आज कश्मीर से धारा 370 हटाना, तीन तलाक की प्रथा को गैर कानूनी घोषित करना, अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर का निर्माण, अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कानूनों को रद्द करना यह सब प्रधानमंत्री के मजबूत नेतृत्व से ही संभव हो सका है। प्रधानमंत्री ने भारत की आजादी की 100वीं वर्षगांठ 15 अगस्त 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए हमारी सरकार भी राज्य के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार एसडीजी इंडेक्स रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ईज़ ऑफ डूंइंग बिजनेस की श्रेणी में राज्य अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर की श्रेणी में शामिल है। उत्तराखण्ड ग्रोस एन्वायरमेंट प्रोडक्ट (जी.ई.पी) का इंडेक्स तैयार कर ईकोसिस्टम ग्रोथ का आंकलन करने वाला भारत का प्रथम राज्य बन चुका है। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश में पहला राज्य होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने, प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू करने, पुनः सरकारी नौकारियों में खेल कोटा प्रारंभ करने एवं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने जैसे अनेकों अभूतपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके साथ ही राज्य में जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून, लैंड जिहाद और लव जिहाद को रोकने, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टिकरण के मंत्र को ध्यान में रखकर निरंतर कार्य कर रही है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में 1064 पर प्राप्त शिकायतों के माध्यम से अब तक करीब 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री एकल महिला सशक्तिकरण स्वरोजगार योजना’’ और ’’लखपति दीदी योजना’’ योजनाएं प्रारंभ की हैं। बीते 3 वर्षों में राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में 15 हजार से भी अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी हैं। राज्य में पांचवें धाम के रूप में ’’सैन्यधाम’’ की स्थापना की जा रही है। वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में वृद्धि की है, वहीं शहीद सैनिकों के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी सुनिश्चित की गयी है। शहीद सैनिकों के आश्रित परिवारों को वर्तमान में दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये किया है। प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत करीब साठ लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाएं गये हैं, जिसके अंतर्गत अब तक करीब दस लाख से अधिक मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए सकंल्पबद्ध है। प्रदेश में गेंहू खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है। गन्ने के मूल्य में 20 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। वर्ष 2025 तक मिलेट उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य भी लिया है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग साढ़े चार हजार जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है। राज्य में क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस में सब्जी एवं फूलों की खेती के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में नई खेल नीति को लागू कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। ओलंपिक खेल में पदक लाने वाले खिलाड़ियों को और ओलंपिक खेल में प्रतिभाग करने वाले एवं विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। राज्य में खेल विश्वविद्यालय खोलने के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ के एमओयू हुए, जिनमें से अब तक 75 हजार करोड़ रूपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के अंतर्गत क्षेत्रीय फिल्मों की शूटिंग पर दो करोड़ तक की सब्सिडी भी दी जाएगी। राज्य में “एक जनपद दो उत्पाद योजना” की शुरुआत के साथ ही ’’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’’ शुरू किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिये प्रारंभ की गई ’’होम स्टे योजना’’ वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रेल, रोड और रोपवे के विस्तार पर लगातार काम कर रहे हैं। हर गांव को हाईवे से जोड़ने और पहाड़ों में रेल पहुंचने का स्वप्न ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के माध्यम से शीघ्र ही साकार होने वाला है। सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे शुरू किया जा चुका है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंद घाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास हो चुका है, जिस पर शीघ्र कार्य प्रारंभ हो जाएगा। पर्वतमाला परियोजना के तहत रानीबाग से नैनीताल, पंच कोटि से नई टिहरी, खलियाटॉप से मुन्स्यारी, नीलकंठ, औली से गौरसू रोपवे व पूर्णागिरि मंदिर रोपवे परियोजनाओं की प्रक्रिया भी गतिमान है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में हवाई सेवाओं के नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में निरन्तर कार्य किया जा रहा है। राज्य के भीतर विभिन्न स्थानों पर हेली सेवा का संचालन करने के साथ ही जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तम्भ है, इसे मजबूत करने के लिए ’’नई पर्यटन नीति’’ लाई गई है। पिछली कैबिनेट बैठक में ’’उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना’’ को मंजूरी दी गई है। जिसके तहत पांच करोड़ रुपये से कम लागत की पर्यटन परियोजनाओं के लिए 80 लाख रुपये से डेढ़ करोड़ रूपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम केदारखंड और मानसखंड मंदिरमाला मिशन पर तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ ही शारदा कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया भी गतिमान है। राज्य में सभी गांवों का शत प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिसमें ’’मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना’’ प्रमुख है। इसके अंतर्गत 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नई सौर ऊर्जा नीति के तहत उरेडा द्वारा चिन्हित 1000 गांवों को सोलर ग्राम बनाया जा रहा है। वर्ष 2025 तक 2000 मेगावाट और 2027 तक 4000 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा प्लांटो के जरिए उत्पादित करने का लक्ष्य है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, लोक सभा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विधायक खजानदास, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, जनप्रतिनिधिगण, शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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देहरादून में पति ने दरांती से की पत्नी की हत्या, घटना के बाद से आरोपी फरार

Dehradun News : देहरादून जिले के कालसी तहसील क्षेत्र के कचटा गांव में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि पति ने अपनी पत्नी पर दरांती से हमला कर दिया, जिससे महिला की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग और पुलिस की टीम गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
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देहरादून में पति ने दरांती से की पत्नी की हत्या
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में पति-पत्नी ही मौजूद थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान पति ने कथित तौर पर दरांती से पत्नी पर हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल महिला ने दम तोड़ दिया। मृतका की उम्र करीब 22 साल बताई जा रही है, जबकि आरोपी पति लगभग 24 साल का है। दोनों की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी।
सूचना मिलते ही गांव पहुंची टीम
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर नायब तहसीलदार कालसी रविंद्र असवाल, राजेंद्र लाल और कालसी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की। वारदात में इस्तेमाल की गई दरांती बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है।
मायके पक्ष ने दी तहरीर, जांच जारी
महिला के मायके पक्ष की ओर से राजस्व पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है। घटना के बाद से आरोपी पति के फरार होने की बात कही जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
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9 तारीख को 11 बजे संभल जाना, उत्तराखंड में बजेगा भूकंप चेतावनी सायरन, जानें क्यों ?

Uttarakhand News : उत्तराखंड में भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब राज्य में हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली से जुड़े सायरन का परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को सायरन की आवाज और चेतावनी व्यवस्था से परिचित कराना है, साथ ही सिस्टम में लगे सेंसर और सायरन की कार्यक्षमता की नियमित जांच करना है।
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9 को उत्तराखंड में बजेगा भूकंप चेतावनी सायरन
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ बैठक कर इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर चर्चा की।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तराखंड
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड भूकंपीय गतिविधियों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा भूकंपीय जोन चार और पांच में आता है। ऐसे में लोगों को भूकंप से जुड़े जोखिमों की जानकारी देना, पहले से तैयारी रखना और समय पर चेतावनी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली में लगाए गए सेंसर और सायरन की समय-समय पर जांच जरूरी है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि आपात स्थिति आने पर पूरी व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही है या नहीं।इसके साथ ही जरूरत वाले क्षेत्रों में नए सेंसर और सायरन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
9 तारीख को सुबह 11 बजे होगा सायरन टेस्ट
हर महीने 9 तारीख को सुबह 11 बजे बजने वाला सायरन वास्तविक भूकंप का अलर्ट नहीं होगा, बल्कि चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण का हिस्सा होगा। इस दौरान राज्य में स्थापित सायरनों की कार्यक्षमता जांची जाएगी।
अगर किसी सायरन में तकनीकी खराबी मिलती है तो उसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह नियमित जांच से सिस्टम की कमियों को आपदा के समय से पहले ही पहचानकर दूर किया जा सकेगा।
169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, वर्तमान में उत्तराखंड में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए हैं। सेंसर भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखने का काम करते हैं, जबकि निर्धारित व्यवस्था के जरिए लोगों तक चेतावनी पहुंचाई जाती है।
यूएसडीएमए और आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली परियोजना के तहत अतिरिक्त सेंसर लगाने का प्रस्ताव भी प्रक्रिया में है। नए सेंसर जुड़ने से भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी और चेतावनी प्रणाली की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

6 अक्टूबर के भूकंप में मिला था अलर्ट
विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 6 अक्टूबर की रात आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई थी। इसका केंद्र चमोली जिले में थराली के पास करीब 13 किलोमीटर की गहराई में बताया गया। इस दौरान आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के जरिए भूकंपीय तरंगों के लोगों तक पहुंचने से पहले चेतावनी मिली। भूदेव मोबाइल ऐप और राज्य में लगाए गए सायरन के जरिए लोगों को अलर्ट प्राप्त हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप जैसी अचानक आने वाली आपदा में कुछ सेकंड की चेतावनी भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे सुरक्षित स्थान पर जाने, गैस या बिजली के उपकरण बंद करने और जरूरी सावधानी बरतने का समय मिल सकता है।
सायरन की आवाज से लोगों को कराया जाएगा परिचित
हर महीने सायरन बजाने का एक उद्देश्य आम लोगों को इसकी आवाज की पहचान कराना भी है। सामान्य परिस्थितियों में लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि भूकंप आने की स्थिति में चेतावनी सायरन कैसा सुनाई देगा।
निर्धारित तारीख और समय पर होने वाले परीक्षण से लोग सायरन की आवाज को पहचान सकेंगे और वास्तविक आपदा के समय चेतावनी को लेकर भ्रम की स्थिति कम होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मकसद लोगों में डर पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक और आपदा के लिए तैयार करना है।
भूदेव ऐप अपडेट रखने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से भूदेव मोबाइल ऐप का अपडेटेड वर्जन अपने फोन में रखने की अपील की है। साथ ही ऐप को मोबाइल की लोकेशन की स्थायी अनुमति देने को कहा गया है, ताकि संबंधित क्षेत्र के लिए जारी भूकंप पूर्व चेतावनी समय पर मोबाइल तक पहुंच सके।
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देहरादून में दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति और हेल्पर की हत्या

Dehradun News : उत्तराखंड के देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर थाना क्षेत्र की विष्णु लोक कॉलोनी में एक ही घर के अंदर तीन लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। मृतकों में 85 वर्षीय रमेश कपूर, उनकी 76 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और घर में काम करने वाली 45 वर्षीय शीला शामिल हैं। पुलिस ने वारदात के आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
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देहरादून में दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर से सनसनी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्लंबर का काम करता है और कपूर दंपति से पहले से परिचित था। बताया जा रहा है कि प्लंबिंग से जुड़े काम के लिए बुजुर्ग दंपति ने उसे अपने घर बुलाया था। काम खत्म होने के बाद किसी बात को लेकर आरोपी और कपूर दंपति के बीच विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर तीनों पर हमला कर दिया।
घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति और हेल्पर की हत्या
घटना रायपुर थाना क्षेत्र स्थित विष्णु लोक कॉलोनी के मकान नंबर 16 की है। पड़ोस में रहने वाली भारती भंडारी के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे उन्हें कपूर दंपति के घर से शोर सुनाई दिया। आवाज सुनकर जब वह बाहर आईं तो उन्होंने एक युवक को घर में काम करने वाली महिला पर पेचकस से हमला करते हुए देखा।
भारती भंडारी ने बताया कि उन्होंने घटना देखकर शोर मचाना शुरू किया। इसी दौरान पेचकस हाथ में लिए युवक उनकी ओर भी बढ़ा, लेकिन उनके लगातार चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके की तरफ आने लगे। लोगों को अपनी ओर आते देख आरोपी वहां से भागने लगा। हालांकि, घर के बाहर मौजूद एक व्यक्ति ने कुछ दूरी पर ही उसे पकड़ लिया।

पुलिस ने एक आरोपी को सिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। वहीं, स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि मृतक दंपति के दो बेटे हैं, जो पुणे और दिल्ली में रहते हैं। एक ही घर में तीन लोगों की हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मौके पर पहुंचे एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
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