Champawat
टनकपुर से पहली बार रवाना हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा, मुख्यमंत्री धामी ने दिखाई हरी झंडी

टनकपुर (चंपावत): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार 5 जुलाई की सुबह अपने तय कार्यक्रम के तहत टनकपुर नगर पहुंचे। विधानसभा क्षेत्र चंपावत के इस दौरे में मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और भाजपा कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
टनकपुर के पर्यटक आवास गृह में मुख्यमंत्री धामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल होने आए श्रद्धालुओं से मुलाकात की और यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और अनुभव को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों का विवरण साझा किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने टनकपुर से रवाना हो रहे 45 सदस्यीय यात्रियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर विदा किया। खास बात यह रही कि लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद पहली बार यह यात्रा टनकपुर से शुरू की गई, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से आए कुल 45 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 32 पुरुष और 13 महिलाएं हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा राज्य सरकार ने इस यात्रा को भक्ति और शांति से भरपूर बनाने के लिए हर ज़रूरी इंतजाम किए हैं। मैं बाबा महादेव से प्रार्थना करता हूं कि सभी यात्री सुरक्षित और सुखद यात्रा पूरी करें और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा मां पूर्णागिरि की पावन भूमि टनकपुर से शुरू हो रही है, जो इसे और अधिक शुभ और पवित्र बनाती है। मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरि से सभी यात्रियों के मंगलमय सफर की कामना की।
Champawat
चंपावत में 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दर्दनाक हादसे में एक की मौत, 3 घायल

Champawat News : चंपावत जिले के बनलेख क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। खटीमा से पिथौरागढ़ की ओर जा रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
Table of Contents
चंपावत में 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार
चंपावत में बनलेख क्षेत्र में देर शाम दर्दनाक हादसा हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के समय वाहन में चार लोग सवार थे। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। इनमें से एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी रेफर किया गया है।
दर्दनाक हादसे में एक की मौत
हादसे की सूचना मिलते ही चंपावत कोतवाली पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से अभियान शुरू किया। पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने खड़ी ढलान से नीचे उतरकर दुर्घटनाग्रस्त कार तक पहुंच बनाई और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल चंपावत पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। वहीं दो घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

एक घायल की स्थिति गंभीर होने हायर सेंटर रेफर
एक घायल की स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया। समय पर पुलिस और एसडीआरएफ के मौके पर पहुंचने से घायलों को खाई से निकालकर जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सका। राहत और बचाव अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग किया।
हादसे के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी
बता दें कि जिला प्रशासन ने इस दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
Champawat
तीन साल से फाइलों में दबी घिंघारुकोट सड़क, मरीज आज भी कंधों पर, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Champawat News : सरकार गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने और पलायन रोकने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन पाटी विकासखंड के सुदूरवर्ती घिंघारुकोट तोक की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। घिंघारुकोट तोक में मरीज को डोली से अस्पताल पहुंचने का मामला सामने आया है।
Table of Contents
तीन साल से फाइलों में दबी घिंघारुकोट सड़क
चंपावत जिले के घिंघारुकोट तोक में साल 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांव को चार किलोमीटर मोटर मार्ग से जोड़ने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा, लेकिन करीब तीन साल बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। नतीजा ये है कि आज भी घिंघारुकोट के लोग सड़क सुविधा से वंचित हैं और दुर्गम पैदल रास्तों पर जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
मरीज को डोली से पहुंचाया गया अस्पताल
गांव तक कोई मोटर मार्ग नहीं होने से बीमार मरीजों को आज भी डोली या परिजनों के कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को रोजाना उबड़-खाबड़ और जोखिम भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब फिसलन और भूस्खलन के खतरे के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं।

कई बार मांग के बाद भी मिला केवल आश्वासन
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। जिससे योजना फाइलों तक ही सीमित होकर रह गई है।
गांव के बुजुर्गों का दर्द सबसे अधिक झकझोरने वाला है। उनका कहना है कि पूरी जिंदगी सड़क का इंतजार करते-करते बीत गई। अब उनकी अंतिम इच्छा सिर्फ इतनी है कि गांव तक सड़क पहुंच जाए, ताकि कम से कम अंतिम यात्रा सम्मान के साथ सड़क मार्ग से हो सके।
Champawat
चंपावत में दर्दनाक हादसा, 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आए मजदूर, एक की मौत, 3 घायल

Champawat News :चंपावत जिले के पाटी क्षेत्र में शनिवार को बीएसएनएल की फाइबर लाइन बिछाने का कार्य एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। काम के दौरान बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक 19 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर करंट लगने से झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Table of Contents
चम्पावत में 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आए मजदूर
चंपावत जिले के जौलाड़ी वार्ड में बीएसएनएल की फाइबर लाइन के लिए पोल स्थापित किया जा रहा था। इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन से संपर्क में आ गया, जिससे उसमें करंट दौड़ गया। हादसे के समय पोल संभाल रहे चारों मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
हाईटेंशन लाइन चपेट में आने से मजदूर की मौत
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद नेपाल निवासी 19 वर्षीय सुशील शाही को मृत घोषित कर दिया।

घटना में गंभीर रूप से घायल नेपाल निवासी धनजीत बुद्ध को प्राथमिक उपचार के बाद पहले जिला अस्पताल चम्पावत और फिर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। वहीं उपेंद्र बहादुर शाही और कमल शाही को मामूली चोटें आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पोल खड़ा करते समय उसका 11 केवी बिजली लाइन से संपर्क होना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Cricket23 hours agoENG vs PAK Dream11 Prediction 1st Test 2026: Headingley Pitch Report, Playing 11, Fantasy Tips
Breakingnews21 hours ago10 हजार की रिश्वत लेते कृषि अधिकारी गिरफ्तार, ट्रैप टीम ने रंगे हाथों पकड़ा
Cricket19 hours agoDD vs TGC Dream11 Prediction Match 22 TNPL 2026: Pitch Report, Playing XI & Fantasy Tips
Dehradun4 hours agoआज दून पहुंचेंगे उपराष्ट्रपति, कई रूट डायवर्ट, घर से निकलने से पहले पढ़ें प्लान, वरना होंगे परेशान
Festival20 hours ago27 या 28 अगस्त किस दिन मनाया जाएगा रक्षाबंधन ?, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
Chamoli23 hours agoचमोली THDC टनल हादसे में लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई 10
Dehradun5 hours agoदेहरादून में दीवार गिरने से बड़ा हादसा, एक युवक की मौत, कई ठेली वाले घायल
Rudraprayag2 hours agoमद्महेश्वर धाम की यात्रा आज से फिर होगी शुरू, ट्रॉली संचालन का बदला समय





































