Dehradun
सीएम धामी ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर गोष्ठी में किया प्रतिभाग, कहा 2019 के सारे रिकॉर्ड 2024 में तोड़ेंगे।

देहरादून – मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद, प्रेम एवं उत्साह से काम करने के लिए नई उर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में मातृशक्ति वन्दन कार्यक्रमों में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया, महिलाओं ने कार्यक्रम में आकर हमें अपना आशीर्वाद दिया है। प्रदेशवासियों ने जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उनकी अपेक्षा और आकांक्षाओ पर सरकार बीते दो सालों में खरा उतरी है। आज देश दुनिया में उत्तराखंड का नाम बड़ा है। देश-दुनिया भर से लोगों ने उत्तराखंड आने के लिए अपनी जिज्ञासा प्रकट की है। ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट के माध्यम से 3.5 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए गए हैं। जिसके सापेक्ष अब तक 81 हजार करोड से अधिक़ की ग्राउण्डिंग हो चुकी है। सरकार ने कई विकास के कार्य किए हैं। कई बड़े फैसले लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के साथ सदैव खड़े हैं, अब हमारा कर्तव्य है कि हम पुनः मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने में अपना अमूल्य योगदान दें। आगामी 19 अप्रैल को हमारे राज्य में लोकसभा का चुनाव होगा। हम भाजपा के सभी पाँचों प्रत्याशियों को रिकॉर्ड तोड़ मतों से विजयी बनाएंगे और मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने में अपना योगदान देंगे।

उन्होंने कहा कि हम 2019 के सारे रिकॉर्ड 2024 में तोड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 वर्ष पहले किए गए वादों एवं संकल्प को पूरा करने में हमारी सरकार सफल रही है। हमारा प्रदेश चहुंमुखी विकास की एक नई उड़ान भर रहा है। हजारों करोड़ों की लागत से विकास कार्य हो रहे है। राज्य में कड़े कानून बनाकर भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, पेपरलीक और दंगा-फसाद को जड़ से खत्म किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य को पूरे विश्व में देवभूमि के नाम से जाना जाता है। हमारे प्रदेश में दंगाईयों के लिए कोई जगह नहीं है। राज्य स्थापना के बाद उत्तराखंड में विकास कार्यों को सबसे तेज गति वर्तमान सरकार में मिली है। सरकार विकल्प रहित संकल्प को मूल मंत्र मानकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेशभर में 18000 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यस किया गया है। प्रदेश भर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। चारधाम यात्रा के साथ ही सुदूर पर्वतीय क्षेत्र के गांवों में भी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। चार धाम एवं मानसखंड यात्रा को और सुगम एवं सुरक्षित बनाए जाने पर कार्य जारी है। प्रदेश के अंदर 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है। राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांच बिल्कुल मुफ्त में की जा रही है। आयुष्मान योजना के तहत 50 लाख से अधिक लोगों को 5 लाख रूपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। बच्चे के जन्म पर महालक्ष्मी किट देकर शिशु और माता का बेहतर स्वास्थ्य एवं भविष्य सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य की सरकारी नौकरी में प्रदेश की महिलाओं हेतु 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के लक्ष्य अनुसार हम प्रदेश की महिलाएं को लखपति दीदी बनाने पर तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद – दो उत्पाद योजना से स्थानीय उत्पादों की ख्याति विदेशों तक पहुंच रही है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है। आज उत्तराखंड की महिलाएं मल्टी नेशनल कम्पनी से भी अच्छे उत्पाद बना रहीं हैं। हाउस ऑफ़ हिमालयाज ब्रांड का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा करवाया गया है। राज्य सरकार ने वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता विधेयक लागू किया है। जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को निःशुल्क गैस रिफिल योजना प्रदान करवाई जा रही है। छात्रवृत्ति योजना, बालिकाओं के लिए साइकिल वितरण योजना, वृद्धा पेंशन योजना, होम स्टे योजना और कृषि मशीनरी बैंक योजना सहित कई योजनाओं पर कार्य जारी है। यूसीसी लागू करने के बाद बड़ी संख्या में आज मुस्लिम बहनें यूसीसी हेतु सरकार के इस कदम पर धन्यवाद दे रही हैं। यह धन्यवाद उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता को जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी का जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाते पकड़ा जाएगा तो उसे सीधे 10 साल की कैद होगी। लैंड जेहाद के खिलाफ मुहिम चलाकर कार्रवाई की और सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त करवाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से सरकार ऐतिहासिक काम कर रही है। बीते दस वर्षो में भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग कनेक्टिविटी, इनोवेशन के क्षेत्र में नई उंचाईयो को छूआ है। भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर विश्व के सामने आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस की सरकार में हर महीने कोई ना कोई बड़ा घोटाला सामने आता था। प्रधानमंत्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 10 सालों में एक भी घोटाला नहीं हुआ। जम्मू कश्मीर से धारा 370 का खात्मा और अयोध्या में दिव्य और भव्य राम मन्दिर का निर्माण हो सका। CAA का कानून लागू हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव है। वो मन की बात में भी उत्तराखंड का हमेशा जिक्र करते हैं। उत्तराखंड को एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में केंद्र हर तरह से सहयोग दे रहा है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक खजान दास, विनोद चमोली, सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, दायित्वधारी एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोगों ने प्रतिभाग किया।
Uttarakhand
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना 2025-26 को मंजूरी, 9 प्रस्तावों के लिए 37 लाख स्वीकृत
DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड में उच्च शिक्षा में शोध के लिए 9 प्रस्तावों को मिली वित्तीय स्वीकृति
DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड सरकार द्वारा उच्च शिक्षा में शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंजूरी मिल गई है। इस निर्णय के साथ ही राज्य में शोध कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य बिंदु
उच्च शिक्षा में शोध के लिए 9 प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति
उच्च शिक्षा विभाग ने ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत चयनित 9 नए शोध प्रस्तावों के लिए पहली किस्त जारी करने के लिए स्वीकृति दी है। इसके तहत 35,49,954 रुपये की राशि आवंटित की गई है। वहीं, शोध प्रस्तावों के मूल्यांकन में शामिल 40 विषय विशेषज्ञों को मानदेय देने के लिए अतिरिक्त 1,92,500 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 37,42,454 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
केवल निर्धारित कार्यों पर ही व्यय के निर्देश
इसके अलावा, उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों के लिए ही किया जाएगा। यानी, किसी भी स्थिति में इस राशि को अन्य मदों में खर्च करने की अनुमति नहीं होगी।
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DBT के माध्यम से शोधार्थियों के खातों में ट्रान्सफर होगी राशि
दरअसल, ये योजना राज्य के राजकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय परिसरों में कार्यरत नियमित प्राध्यापकों तथा संस्थागत रूप से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शोध के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। आगे की प्रक्रिया के तहत, निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा धनराशि का आहरण किया जाएगा और चयन समिति की संस्तुति के अनुसार पात्र शोधार्थियों के खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से राशि हस्तांतरित की जाएगी।
शोधार्थियों को देनी होगी मासिक व्यय रिपोर्ट
साथ ही, विभाग ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। उदाहरण के तौर पर, स्वीकृत बजट से अधिक खर्च करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इतना ही नहीं, मासिक व्यय विवरण भी निर्धारित प्रारूप में तैयार कर शासन को नियमित रूप से भेजना अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, विभागाध्यक्ष को महालेखाकार और वित्त विभाग को समय-समय पर खर्च का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराना होगा।
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9 परियोजनाओं के लिए 37,42,454 रुपये की राशि स्वीकृत
- डॉ. सोनी तिलारा को गृह विज्ञान में 10 लाख रुपये
- डॉ. शिप्रा पंत को संगीत में 4,30,500 रुपये
- डॉ. तनुजा विष्ट को रसायन विज्ञान में 8,55,750 रुपये की परियोजना स्वीकृत
- डॉ. गिरीश बिष्ट को रसायन विज्ञान में 8 लाख रूपए
- डॉ. वर्षा रानी को भौतिक विज्ञान में 8 लाख रुपये
- प्रो. हरीश बिष्ट को जंतु विज्ञान में 9,16,783 रुपये
- डॉ. नीरजा सिंह को सामाजिक कार्य में 8 लाख रुपये
- डॉ. एलबा मंडरेला को अंग्रेजी विषय में 8,45,625 रुपये
- डॉ. करुणा शर्मा को मीडिया एंड कम्युनिकेशन स्टडीज में 6,51,250 रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई है।
Uttarakhand
DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड गौरव सम्मान समारोह में पहुंचे CM धामी, रचनाकारों को दिया सम्मान

उत्तराखंड में स्थापित होंगे दो आधुनिक “साहित्य ग्राम”, साहित्यिक पर्यटन की दिशा में सरकार प्रयासरत
DEHRADUN NEWS: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 में उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया।
मुख्य बिंदु
उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह में पहुंचे सीएम धामी
इसके साथ मुख्यमंत्री ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय एवं अताए साबिर अफजल मंगलौरी को “उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड में युवा लेखकों को बढ़ावा दे रही प्रदेश सरकार
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के अंतर्गत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य हेतु प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के अंतर्गत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊनी एवं गढ़वाली साहित्य हेतु तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट एवं गजेंद्र नौटियाल आदि को सम्मानित किया |

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“उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए ये अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान” समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
साहित्यकार समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक होते हैं: मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत “शिवानी”, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

राज्य में स्थापित होंगे दो आधुनिक “साहित्य ग्राम”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो “साहित्य ग्राम” स्थापित किए जा रहे हैं, जहां साहित्यकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड की बिखरी साहित्यिक धरोहर को संकलित एवं संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है।
Uttarakhand
उत्तराखंड में नहीं मिल रहा रेबीज का टीका, मरीजों की जेब पर पड़ रहा भारी बोझ

Uttarakhand Anti Rabies Injection Shortage: बाहर से महंगे इंजेक्शन खरीदने पर मजबूर मरीज
Uttarakhand Anti Rabies Injection Shortage: उत्तराखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी अनियमितता देखने को मिल रही है. प्रदेश भर के अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन की भारी कमी देखने को मिल रही है. समय पर टेंडर न हो पाने और उत्पादक फार्मा कंपनियों को रॉ मटिरियल न मिल पाने से प्रदेश भर में एंटी रेबीज इंजेक्शन की शोर्टेज हो रही है. जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है.
मुख्य बिंदु
उत्तराखंड में नहीं मिल रही एंटी रेबीज वैक्सीन
दरअसल, उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों में लम्बे समय से एंटी रेबीज इंजेक्शन की भारी कमी देखने को मिल रही है. इस वजह सी मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. आवारा कुत्तों के काटने पर लोग महंगे इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं. इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
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3 महीने से दून में एंटी रेबीज वैक्सीन की सप्लाई बंद
CMO देहरादून मनोज कुमार शर्मा का इस मामले पर कहना है कि उनको 3 महीने से वैक्सीन नहीं मिल पा रही है. उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीने से रेबीज वैक्सीन की कमी देखने को मिल रही है. इसके पीछे की मुख्य वजह टेंडर समय पर ना होना और वैक्सीन निर्माता फार्मा कंपनियों को रॉ मटिरियल न मिल पाना है. साथ ही उन्होंने बताया कि स्टेट लेवल से जो वैक्सीन उनको मिलनी थी वो पिछले 3 महीने से नहीं मिल पा रही है. हाल ही में जो उन्होंने ऑर्डर किया था वह भी उपलब्ध नहीं हो पाया है.
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अस्पतालों को आरसीबी से वैक्सीन खरीदने के निर्देश
CMO देहरादून ने बताया कि उनके द्वारा सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केन्द्रों को अपने स्तर पर इस कमी को दूर करने के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन अन्य क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आरसीबी) से खरीदने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि आम लोगों और मरीजों को परेशानी का समाना न करना पड़े.
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