Chamoli
सीएम धामी ने लाभार्थियों को प्रदान किए चेक और घर की चाबी, चमोली में 229.31 करोड़ का किया लोकपर्ण एवं शिलान्यास।

विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रदान किए चेक और घर की चाबी, किया सम्मानित।’
सीमांत जनपद चमोली में ₹229.31 करोड़ की योजनाओं का लोकपर्ण एवं शिलान्यास कर सीएम ने दी बडी सौगात।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास के लिए कई घोषणाएं भी की जिसमें हापला-धोतीधार मोटर मार्ग निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किए जाने, दशोली ब्लाक में गोपेश्वर मंदिर मार्ग से बैतरणी – सिरखोमा- सेंटुणा – बैरागणा मोटर मार्ग के किलोमीटर एक से लेकर सेटुणा तक मोटर मार्ग का निर्माण हेतु शासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाने, कर्णप्रयाग में लामबगड के अंतर्गत गंगानगर माई मंदिर से भैरव तोक तक रामगंगा नदी पर झूला पुल का निर्माण किए जाने, थराली विधानसभा में चार विकास खंडों में गौ-संरक्षण सेवा की स्थापना किए जाने एवं थराली कुलसारी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जनहित में स्वीकृति दी जाने की घोषणा शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अटल आवास योजना के अंतर्गत निर्मित भवनों के 02 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक तौर पर घर की चाबी सौंपी। जिसमें मथुरा लाल और मुकेश लाल शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत नीलम देवी को द्वितीय किश्त के तहत 60 हजार का चेक प्रदान किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत संगीता देवी और गुड्डी देवी को घर की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत राजेश्वरी देवी और नरेन्द्र सिंह को 50-50 हजार रुपये का अंशदान धनराशि के चेक प्रदान किए। महिला सशक्तिकरण के तहत मन्दोदरी देवी को महालक्ष्मी किट प्रदान किया। उल्लेखनीय कार्य के लिए युवक मंगल दल बूरा को 75 हजार और महिला मंगल दल आला जोखना 37 हजार 500 की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। देवभूमि मत्स्य जीवी सहकारिता समिति को 20 लाख का चेक प्रदान किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान गोपीनाथ की पवित्र धरा गोपेश्वर को नमन करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों का जनसैलाब, मेरे लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। आम जन के आशीर्वाद, उत्साह और उमंग से उन्हें और अधिक काम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा सीमांत क्षेत्र चमोली का विकास केंद्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारे राज्य एवं देश का विकास सीमांत क्षेत्रों के विकास से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति तक हर योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, निःशुल्क खाद्यान्न, निःशुल्क इलाज, किसानों के विकास, गरीबों को आवास, सेना के आधुनिकीकरण, सीमाओं की सुरक्षा, प्रत्येक नागरिक को वैक्सीन पहुंचाने से लेकर हथियार और मोबाइल उत्पादन तक हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किये हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार ने 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने जैसा ऐतिहासिक कार्य किया है।

विधानसभा बद्रीनाथ के अतंर्गत विभिन्न विभागों की राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं सीएसआर मद के अंतर्गत 177.41 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास हुआ। जबकि थराली विधानसभा में 7.76 करोड़़ की योजनाओं का शिलान्यास किया।
Chamoli
Anasuya Mela : विधि-विधानपूर्वक दो दिवसीय अनसूया मेला शुरू, संतान प्राप्ति के लिए देशभर से पहुंचते हैं लोग

संतान दायिनी शक्ति शिरोमणि माता अनसूया का दो दिवसीय मेला विधि विधान व पूजा-पाठ के साथ बुधवार को शुरू हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट और बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने पूजा अर्चना कर मेले का शुभारंभ किया।
विधि-विधानपूर्वक दो दिवसीय Anasuya Mela शुरू
उत्तराखंड में यूं तो कई मेले होते हैं। लेकिन चमोली जिले में होने वाला अनसूया मेला बेहद ही खास है। इस मेले में ना केवल राज्य से बल्कि देश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। बुधवार को विधि-विधानपूर्वक अनसूया मेले का शुभारंभ हो गया है। दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर क्षेत्र की सभी देवियों डोलियां भी सती मां अनसूया के दरबार पहुंची। मां अनसूया मंदिर में दत्तात्रेय जयंती पर सम्पूर्ण भारत से हर वर्ष निसंतान दंपत्ति और भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए पहुंचते है। जिला प्रशासन ने मेले के दौरान पूरे पैदल मार्ग पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए है।
हर साल आयोजित होता है दो दिवसीय अनसूया मेला
बता दें कि पौराणिक काल से दत्तात्रेय जयंती पर हर वर्ष सती माता अनसूया में दो दिवसीय मेला आयोजित किया जाता है। मां अनुसूया मेले में निसंतान दंपत्ति और भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए पहुंचते है। मान्यता है कि मां के दर से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। मां सबकी झोली भर्ती है। इसलिए निसंतान दंपत्ति पूरी रात जागकर मां की पूजा अर्चना कर करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में जप और यज्ञ करने वालों को संतान की प्राप्ति होती है।
यहीं हुआ था तीन मुख वाले दत्तात्रेय का जन्म
मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर माता अनसूया ने अपने तप के बल पर त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और शंकर) को शिशु रूप में परिवर्तित कर पालने में खेलने पर मजबूर कर दिया था। बाद में काफी तपस्या के बाद त्रिदेवों को पुनः उनका रूप प्रदान किया और फिर यहीं तीन मुख वाले दत्तात्रेय का जन्म हुआ। इसी के बाद से यहां संतान की कामना को लेकर लोग आते हैं। यहां दत्तात्रेय मंदिर की स्थापना भी की गई है। स्थानीय लोग बताते हैं कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने मां अनसूया के सतीत्व की परीक्षा लेनी चाही थी, तब उन्होंने तीनों को शिशु बना दिया। ये त्रिरूप दत्तात्रेय भगवान बने और उनकी जयंती पर यहां मेला और पूजा अर्चना होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. अनसूया मेला कहाँ लगता है?
अनसूया मेला उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माता अनसूया देवी मंदिर परिसर में आयोजित किया जाता है।
2. अनसूया मेला कब आयोजित होता है?
यह पारंपरिक मेला हर वर्ष दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर दो दिनों तक आयोजित किया जाता है।
3. अनसूया मेले की खासियत क्या है?
मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि देशभर से निसंतान दंपत्ति और देवभक्त मां अनसूया से संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर यहां आते हैं।
4. मेले के दौरान कौन-कौन सी धार्मिक गतिविधियाँ होती हैं?
मां अनसूया की विशेष पूजा-अर्चना
पूरी रात जागकर अनुष्ठान
जप और यज्ञ
देवडोलियों का आगमन
दत्तात्रेय जयंती पर विशेष समारोह
5. क्या निसंतान दंपत्ति को संतान प्राप्ति की मान्यता है?
हाँ, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां अनसूया के दरबार में जप और यज्ञ करने से संतान की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि मां किसी भक्त को खाली हाथ नहीं लौटातीं।
Chamoli
Badrinath : कूड़े से मालामाल हुई बद्रीनाथ नगर पंचायत, वेस्ट से ऐसे कमाए 1 करोड़ 10 हजार

Badrinath Dham नगर पंचायत ने यात्रा के दौरान धाम में होने वाले कूड़े को समृद्धि का आधार बना लिया है। यहां नगर पंचायत की ओर से कूड़े का विपणन कर 8 लाख से अधिक की आय अर्जित की है। जो अब जनपद की अन्य नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए भी मॉडल के रूप में स्थापित हो गया है।
Badrinath नगर पंचायत कूड़े से हुई मालामाल
बद्रीनाथ धाम में सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर पंचायत के पास है। जिसके लिए पंचायत की ओर से जहां प्रतिवर्ष यात्राकाल में यहां पर्यावरण मित्रों की तैनाती की जाती है। वहीं कूड़ा निस्तारण के लिए एम आर एफ सेंटर, कॉम्पेक्टर मशीन, ऑर्गेनिक वेस्ट कनवर्टर मशीन के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।
जिनके माध्यम से एक ओर नगर पंचायत की ओर से प्लास्टिक और अन्य कचरे के ब्लॉक बनाकर विपणन किया जाता है। वहीं खाद्य सामग्री के कचरे से कम्पोस्ट खाद बनाकर बेचा जा रहा है। जिससे धाम में सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के साथ पंचायत को अच्छी खासी आय भी प्राप्त हो रही है।
230 टन कूड़े का निस्तारण कर कमाए 1.10 करोड़
बद्रीनाथ नगर पंचायत ने इस यात्राकाल में कुल 230 टन कूड़े का निस्तारण किया है। जबकि 133 टन सूखे के ब्लाक और 97 गीले कूड़े की कम्पोस्ट खाद बनाकर 8 लाख 89 हजार 598 रुपए की आय अर्जित की है। इसके साथ ही पंचायत ने इको पर्यटक शुल्क के माध्यम से 1 करोड़ 14 लाख 97 हजार 56 रुपए की आय अर्जित की गई है। वहीं फास्ट टैग बैरियर से 92 लाख 60 हजार 796 रूपये और हेलीकॉप्टर संचालन से मिलने वाले शुल्क से 22 लाख 36 हजार 260 लाख की आय अर्जित की है।
कपाट बंद होने के बाद धाम में चलाया गया डीप सेनेटाइजेशन
Badrinath dham के कपाट बंद होने के बाद पंचायत बद्रीनाथ की ओर से धाम में सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के लिए डीप सेनेटाइजेशन अभियान चलाया गया। यहां पर्यावरण मित्रों की ओर से धाम के मंदिर परिसर के साथ ही ब्रह्म कपाल, तप्त कुंड, बामणी पैदल मार्ग, मुख्य बाजार, साकेत चौराहे, बद्रीश झील, शेषणेत्र झील के आसपास सफाई अभियान चलाया। पंचायत ने धाम से एकत्रित कचरे का निस्तारण कर दिया है।
big news
उत्तराखंड में यहां बच्चे का कटा सिर मिलने से सनसनी, धड़ का पता नहीं

चमोली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने सब को हिलाकर रख दिया। जिले के देवाल-बेराधार मोटर मार्ग पर एक बच्चे का कटा हुआ सिर मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने बच्चे के सिर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। लेकिन अब तक धड़ का पता नहीं लग पाया है।
बच्चे का कटा सिर मिलने से सनसनी
चमोली में बीच रास्ते पर बच्चे का सिर मिलने से सनसनी मच गई। मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को देवाल-बेराधार मोटर मार्ग पर एक नवजात का सिर मिलने से इलाके में हड़ंकप मच गया। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के सिर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
धड़ का नहीं पता, तलाश जारी
थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे का केवल सिर ही मिला है। जबकि धड़ का पता नहीं है। धढ़ की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले कीजांच की जाएगी। सिर किसका है अब तक पता नहीं चल पाया ना ही बच्चे की उम्र पता चल सकी है।
Cricket24 hours agoकौन है वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला खिलाड़ी, पाकिस्तानी खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ा
Cricket24 hours agoडेज़र्ट वाइपर्स बनाम गल्फ जायंट्स प्रेडिक्शन: आज की बेस्ट फैंटेसी टीम & मैच एनालिसिस (2025)..
big news21 hours agoCDS Bipin Rawat की पुण्यतिथि आज, कौन थे बिपिन रावत और कैसे बने भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ
big news4 hours agoPithoragarh के देवलथल में लगी भीषण आग, चार घर जलकर हुए खाक
Pauri1 hour agoपौड़ी में आदमखोर गुलदार अब तक नहीं हुआ ढेर, दो और शिकारियों को किया गया तैनात
uttarakhand weather2 hours agouttarakhand weather : उत्तराखंड में मौसम ने ली करवट, नीति घाटी में हुई बर्फबारी, जानें आज कैसा रहेगा मौसम
Uttarakhand46 minutes agoगोवा अग्निकांड मे पौड़ी के सपूत की दर्दनाक मौत : 8 महीने की बच्ची के सिर से उठा पिता का साया…
धर्म-कर्म25 minutes agoवृषभ राशिफल 9 दिसंबर 2025 : इस राशि के जातक आज रहें सावधान, वरना हो सकता है नुकसान





































