Haridwar
हरिद्वार हर की पैड़ी पर भोलो की उमड़ी भीड़…महाशिवरात्रि के लिए जल लेकर अपने गंतव्य को हुए रवाना।

हरिद्वार – हरिद्वार हर की पैड़ी पर कांवडि़यों की भारी भीड़ उमड़ी है। भोलेनाथ के भक्तों ने गंगा स्नान किया और महाशिवरात्रि के लिए जल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। हर हर महादेव के जयकारे हरिद्वार नगरी में चारों तरफ गूंज रही है।

अलग-अलग तरीके से आकर्षक कांवड़ सजाकर जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ महाकाल का स्वरूप धारण कर पहुंचा है। महाशिवरात्रि पर 72 साल बाद इस बार तीन योगों का संयोग है। महाशिवरात्रि के दिन ही प्रदोष व्रत भी है। पंडितों के अनुसार महाशिवरात्रि के व्रतियों पर शिव कृपा बरसेगी। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी महाशिवरात्रि इस बार 8 मार्च को है।
महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, चतुर्ग्रही योग और शिव योग बन रहा है। आचार्य सुशांत राज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर इन तीन योगों का एक ही दिन पर बनना अद्भुत संयोग है। इस साल महाशिवरात्रि काफी शुभ फल देने वाली मानी जा रही है।
इसके साथ ही महाशिवरात्रि के दिन शुक्र प्रदोष व्रत भी है। इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने से सभी सुख की प्राप्ति होगी। सर्वार्थ सिद्धि योग में भगवान शिव का व्रत करने और पूजा करने से हर कार्य में सफलता मिलती है। यह योग शुक्रवार को पड़ने से और फलदायी होगा। इसके अलावा इस दिन शिव योग का संयोग बन रहा है। शिव योग में साधना, मंत्र, जप शुभ फलदायी होते हैं।
आचार्य ने बताया कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अपनी राशि अनुसार ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए। जो भक्त किसी कारण ज्योतिर्लिंग जाकर पूजा नहीं कर सकते, वे अपनी राशि अनुसार घर पर ही ज्योतिर्लिंग का चित्र लगाकर पूजा कर सकते हैं।
राशि के अनुसार करें ज्योतिर्लिंग की पूजा
मेष: सोमनाथ पंचामृत से अभिषेक
वृषभ: मल्लिकार्जुन दूध से अभिषेक
मिथुन: महाकालेश्वर पंचाक्षरी मंत्र जाप
कर्क: ओंकारेश्वर दही-शक्कर से अभिषेक
सिंह: बैजनाथ गुड़ के शर्बत से अभिषेक
कन्या: भीमाशंकर दूध से अभिषेक
तुला: रामेश्वरम गन्ने के रस से अभिषेक
वृश्चिक: नागेश्वर शमी और बेलपत्र अर्पित करें
धनु: विश्वनाथ दूध से अभिषेक
मकर: त्रयंबकेश्वर गंगाजल में गुड़ मिलाकर अभिषेक
कुंभ: केदारनाथ पंचामृत से अभिषेक
मीन: घृष्णेश्वर केसरयुक्त दूध से अभिषेक
Uttarakhand
मुख्यमंत्री धामी का हरिद्वार दौरा: संत सम्मेलन में किया प्रतिभाग…

संत सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री धामी, महाकुंभ 2027 को दिव्य और भव्य बनाने का संकल्प
हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरिद्वार दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने एक आश्रम में आयोजित स्थापना दिवस समारोह और संत सम्मेलन में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक प्रदीप बत्रा तथा मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा मौजूद रहे।
संत समाज के मार्गदर्शन में होगा महाकुंभ 2027
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद हमेशा राज्य को मिलता रहा है और वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले महाकुंभ को संतों के मार्गदर्शन, सहयोग और आशीर्वाद से दिव्य एवं भव्य बनाया जाएगा।
गुरुद्वारा विवाद पर पंजाब के मुख्यमंत्री से हुई बातचीत
गुरुद्वारा विवाद के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस विषय पर भगवंत मान से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती पर सिख गुरुओं से जुड़े कई पवित्र धार्मिक स्थल हैं और सभी धर्मों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान रही है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष पर साधा निशाना
वहीं राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की रिपोर्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष हमेशा सनातन परंपरा को बदनाम करने का प्रयास करता रहा है, लेकिन वह अपने मंसूबों में कभी सफल नहीं हो पाएगा।
एसआईटी की जांच निष्पक्ष, दोषियों पर होगी कार्रवाई: कैलाश विजयवर्गीय
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एसआईटी इस मामले में निष्पक्ष जांच कर रही है और जांच के बाद वास्तविक दोषियों का पर्दाफाश होगा। उन्होंने कहा कि जिसने भी गलत कार्य किया है, उसे कानून के अनुसार सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
Haridwar
हरिद्वार में विहिप मार्गदर्शक बैठक में संतों ने कहा, सीएम धामी सनातन के रक्षक…

Haridwar News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भूपतवाला, हरिद्वार में आयोजित विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिन्दू परिषद पिछले छह दशकों से सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का एक सशक्त माध्यम है।
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संत बोले – सीएम धामी सनातन के रक्षक…
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देश और विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में समाज को जागरूक, संगठित एवं अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकता, समरसता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी वर्गों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक राजधानी कते रूप में स्थापित करने पर हो रहा काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्यों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
केदारखण्ड एवं मानसखण्ड क्षेत्रों में प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास एवं सौन्दर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचानके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक विरासत एवं मूल स्वरूप के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार एवं समान कानून सुनिश्चित किए गए हैं। सख्त भू-कानून लागू कर प्रदेश की भूमि, संस्कृति एवं जनहितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है तथा कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता से संबंधित विषयों पर अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है।
मुख्यमंत्री के संबोधन से पूर्व विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक मंडल से जुड़े संत-महात्माओं ने उन्हें धर्मरक्षक, सनातन सेवा के लिए समर्पित तथा देवभूमि के देवालयों का सेवक बताते हुए पूरे संत समाज की ओर से आशीर्वाद प्रदान किया।
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हरिद्वार जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, IAS अफसर को किया बर्खास्त, तत्कालीन DM पर हुआ ये एक्शन

Haridwar News : हरिद्वार जमीन घोटाले में उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच और समीक्षा के बाद कई अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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हरिद्वार जमीन घोटाले में IAS अफसर को किया बर्खास्त
प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों और कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को संस्तुति भेजी जा रही है।
तत्कालीन DM पर भी हुआ एक्शन
उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था।

प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।
भ्रष्टाचार के मामलों में नहीं होगा समझौता – सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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