Champawat
लुप्तप्रजाति महाशीर मछली के साथ क्रूरता: आरोपी पर कार्रवाई की मांग !

चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर एंगलिंग के परमिट की आड़ में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। राजस्थान के एक पर्यटक ने लुप्तप्राय महाशीर मछली के साथ क्रूरता की, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और मत्स्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
यह घटना काली नदी के चूका क्षेत्र की है, जो विश्वभर से एंगलिंग के शौकिनों को आकर्षित करता है। वीडियो में दिखाया गया है कि आरोपी पर्यटक और उसके साथी महाशीर मछली को जिंदा जल क्षेत्र में न छोड़कर उसे मार रहे थे, जो कि न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह मछली एक संरक्षित प्रजाति है।
कड़ी कार्रवाई के आदेश
महिला मंगल दल कालीगूंठ के अध्यक्ष पूजा और ईश्वरी देवी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहरीर भेजकर वन क्षेत्राधिकारी बूम वन रेंज से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मत्स्य विभाग ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए तहरीर भेज दी है। जिला मत्स्य प्रभारी कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि यह घटना 9 नवंबर को घटित हुई थी, जब आरोपी आसिफ रजा खान, जो राजस्थान के जयपुर का निवासी है, ने चूका में एंगलिंग परमिट लिया था।
आशंका जताई गई है कि आरोपी ने प्रतिबंधित महाशीर मछली के साथ असभ्य व्यवहार किया और उसे मारकर छोड़ दिया, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब एंगलिंग परमिट जारी करने की अनुमति भी अगले आदेश तक रद्द कर दी गई है।
महाशीर मछली: लुप्तप्राय प्रजाति
महाशीर मछली की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लुप्तप्राय प्रजाति के रूप में पहचान की गई है। इसे इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने 2018 में अपनी रेड बुक में शामिल किया था। महाशीर मछली खासतौर पर हिमालयी नदियों में पाई जाती है और इसे संरक्षित प्रजाति माना जाता है।
वीडियो वायरल होने के बाद यह साफ हो गया कि आरोपियों ने न केवल मछली की हत्या की, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की अवहेलना की। प्रशासन और मत्स्य विभाग दोनों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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Breakingnews
चंपावत में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन पर आरोप, निर्वस्त्र हालत में मिली पीड़िता…

Champawat News : चंपावत में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, भाजपा नेता समेत तीन पर लगे आरोप
Champawat News : उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां 10वीं की छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस मामले के बाद से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
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चंपावत में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप
चंपावत जिला मुख्यालय से झकझोर कर रख देने वाली खबर सामने आई है। यहां 16 साल की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व ग्राम प्रधान समेत तीन पर आरोप लगे हैं।
भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन पर आरोप
पीड़िता के पिता द्वारा चम्पावत कोतवाली में दी गई शिकायत के अनुसार, वो अस्वस्थ हैं और उनकी बेटी उन्हें इलाज के लिए गांव से चम्पावत लाई थी। 5 मई 2026 की शाम जब बेटी घर वापस नहीं पहुंची, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद देर रात करीब 1:28 बजे बेटी का फोन आया, लेकिन कुछ ही देर में मोबाइल बंद हो गया।
इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से तलाश अभियान चलाया गया। सुबह लगभग 4 बजे नाबालिग को एक कमरे से बरामद किया गया, जहां उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और वो निर्वस्त्र हालात में थी। उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाकर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
तहरीर के बाद मामले में मुकदमा हुआ दर्ज
सीओ चंपावत ने मामले की पुष्टि की है। जनमंच टीवी से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही नाबालिग का जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
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चंपावत में जनगणना की धीमी रफ्तार पर डीएम सख्त, हर हाल में समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

Champawat News : राष्ट्रीय जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सुस्ती पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। द्वितीय चरण की प्रगति महज 20 प्रतिशत रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिए कि तय समयसीमा के भीतर हर हाल में लक्ष्य पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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चंपावत में जनगणना की धीमी रफ्तार पर डीएम सख्त
अपर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाली आधारशिला है।
ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने 25 अप्रैल से शुरू हुए द्वितीय चरण को 24 मई 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
हर हाल में समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश
जिले में तैनात 370 प्रगणकों और 62 सुपरवाइजरों के साथ नगर पालिका क्षेत्रों में लगे 89 प्रगणकों व 19 सुपरवाइजरों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।

डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर कार्य की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करें और किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं।
लापरवाही बरतने पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या प्रगणक द्वारा लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन तक शामिल है।
डीएम ने आमजन से भी अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग करें और घर-घर पहुंच रहे प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी दें। ताकि भविष्य की योजनाएं सटीक आंकड़ों के आधार पर तैयार की जा सकें।
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बारिश के बीच DM ने स्वाला में किया सड़क चौड़ीकरण का निरीक्षण, गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था पर कसा शिकंजा

Champawat News : चंपावत में डेंजर जोन स्वाला क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्यों का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बारिश के बीच स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
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बारिश के बीच DM ने स्वाला में किया सड़क चौड़ीकरण का निरीक्षण
चंपावत में डेंजर जोन स्वाला पर अक्सर मलबा आने के कारण यातायात बाधित हो जाता है। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय ये दिक्कत और भी बढ़ जाती है।
जिस कारण यहां पर चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य चल रहा है। आज जिलाधिकारी ने स्वाला क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्यों का निरीक्षण किया।
गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था पर कसा शिकंजा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण कार्य की गति को तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए।

यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
बारिश को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी हालत में सड़क बाधित नहीं होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
उन्होंने पहाड़ी हिस्से में बैंच निर्माण और डाउन साइड में सुरक्षा दीवार (सेफ्टी वॉल) को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क मजबूत हो और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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