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देहरादून में AI से नियंत्रित होगी ट्रैफिक व्यवस्था, अब AI तय करेगा कब रुकेगी और चलेगी गाड़ी

Dehradun News : देहरादून में बढ़ते जाम के झाम से निपटने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई जा रही है। जल्द ही देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था एआई (AI) से नियंत्रित होगी। इसके लिए शहर में AI आधारित ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे।
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देहरादून में अब AI से नियंत्रित होगी ट्रैफिक व्यवस्था
राजधानी देहरादून में बढ़ते यातायात के दबाव और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अब यातायात व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के हवाले की जा रही है। स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत एआई आधारित ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे।
जल्द लगेंगे AI आधारित ट्रैफिक सिग्नल
AI Traffic System लागू होने के बाद नियमों को तोड़ने वालों की खैर नहीं है। AI ट्रैफिक सिग्नल लगने से यातायात नियमों का उल्लंघन करते ही वाहन चालकों का आनलाइन चालान शुद ही कटकर वाहन स्वामी के रजिस्टर्ड मोबाइल पर आ जाएगा। जल्द ही राजधानी में ट्रायल के तौर पर सिस्टम शुरू किया जाएगा।

यातायात प्रबंधन के लिए इस समय पुलिस की ओर से रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) और स्पीड वायलेशन डिटेक्शन (SVD) कैमरे लगाए गए हैं, जोकि रेड लाइट जंप और ओवर स्पीड वायलेशन के आनलाइन चालान करते है। यातायात पुलिस की ओर से जल्द राजधानी देहरादून के तिराहों-चौराहों पर AI Traffic System लगाकर ट्रायल शुरू किया जाएगा ।
सीधे मोबाइल नंबर पर मिलेगा चालान
रेड लाइट जंप, ओवर स्पीड, गलत लेन में वाहन चलाना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट, लेफ्ट टर्न फ्री न होने वालों का AI Traffic System के तहत एआई तत्काल चालान जनरेट करेगा। इसे सीधे वाहन चालक के मोबाइल नंबर पर भेज देगा। इसके अलावा हाई सिक्योरिटी नंबरं प्लेट न लगाने और जेब्रा क्रासिंग के आगे वाहन खड़ा करने वालों के भी तत्काल चालान होंगे।

यातायात तोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों की मानें तो इससे चालानों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी। मौजूदा समय में यातायात पुलिस कैमरों से प्रतिमाह 10 हजार चालान करती है। एआई शुरू होने के बाद इतने चालान एक ही दिन में कट जाएंगे।

इस विषय पर बात करते हुए देहरादून के यातायात पुलिस उपाधीक्षक जगदीश चंद्र ने कहा इसको लेकर हमारे विभाग के द्वारा अभी टेंडर निकाले जाएंगे और यातायात तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
FAQs: AI Traffic System in Dehradun
Q1. देहरादून में AI ट्रैफिक सिस्टम क्या है?
AI ट्रैफिक सिस्टम एक स्मार्ट तकनीक है, जो कैमरों और सॉफ्टवेयर की मदद से ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी और उल्लंघन पर खुद चालान करेगी।
Q2. AI आधारित ट्रैफिक सिग्नल कब लगाए जाएंगे?
यातायात पुलिस के अनुसार, जल्द ही राजधानी देहरादून में इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया जाएगा।
Q3. किन नियमों के उल्लंघन पर AI चालान काटेगा?
रेड लाइट जंप, ओवर स्पीड, गलत लेन, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट, लेफ्ट टर्न फ्री में रुकना, जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहन खड़ा करना आदि पर।
Q4. चालान वाहन चालक को कैसे मिलेगा?
AI सिस्टम नियम तोड़ते ही ऑनलाइन चालान जनरेट करेगा, जो सीधे वाहन स्वामी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
Q5. क्या हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने पर भी चालान कटेगा?
हां, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगाने पर भी AI सिस्टम तत्काल चालान करेगा।
Q6. अभी देहरादून में कौन-से ट्रैफिक कैमरे लगे हैं?
फिलहाल रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (RLVD) और स्पीड वायलेशन डिटेक्शन (SVD) कैमरे लगाए गए हैं।
Q7. AI सिस्टम लागू होने से चालानों पर क्या असर पड़ेगा?
पुलिस के मुताबिक, अभी जहां महीने में करीब 10 हजार चालान होते हैं, AI लागू होने पर इतने चालान एक दिन में भी हो सकते हैं।
Q8. AI ट्रैफिक सिस्टम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सड़क हादसों में कमी लाना, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और नियमों का सख्ती से पालन कराना।
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शिक्षा विभाग बड़ा फेरबदल, अपर शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Uttarakhand News :शिक्षा विभाग में अधिकारियों के हुए प्रमोशन, अपर शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल बने शिक्षा निदेशक
Uttarakhand News : उत्तराखंड शिक्षा विभाग से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। कई अधिकारियों के प्रमोशन किया गया हैं।
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शिक्षा विभाग बड़े पैमाने पर प्रमोशन
उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। जिसमें कई अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। इसी क्रम में अपर शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल को प्रमोट कर शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस प्रमोशन सूची में शिक्षा विभाग के कई संयुक्त निदेशकों के नाम भी शामिल हैं।
अपर शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी
उत्तराखंड शिक्षा विभाग में आज बड़े स्तर पर पदोन्नतियां की गईं। विभागीय आदेश के तहत अपर शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल को प्रमोट करते हुए शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही मेहरबान सिंह बिष्ट, कुंवर सिंह रावत, बृजमोहन सिंह रावत, पद्मेंद्र सकलानी और प्रमेन्द्र कुमार को संयुक्त निदेशक से अपर शिक्षा निदेशक बना दिया गया है।
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नंदा गौरा योजना का पैसा हुआ जारी, मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी की 145.93 करोड़, जिलेवार देखें लिस्ट

Uttarakhand News : नंदा गौरा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की धनराशि जारी कर दी गई है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या डीबीटी के माध्यम से राशि को लाभार्थी बालिकाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर किया।
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नंदा गौरा योजना का पैसा हुआ जारी
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की 33,251 बालिकाओं को कुल 145.93 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई। गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को यह सहायता प्रदान की गई।
नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बेटियों के सम्मान का अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का सशक्त अभियान है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

बालिका के जन्म पर 11 और 12 वीं के बाद मिलते हैं 51 हजार
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2017 से संचालित यह योजना बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने, बाल विवाह पर रोक लगाने तथा बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी साबित हुई है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11,000 रुपये और 12वीं उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51,000 रुपये की सहायता दी जाती है। जिससे बेटियां आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।
सरकार कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार समाज में लैंगिक असमानता दूर करने और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। नंदा गौरा योजना इसी सोच का परिणाम है, जो बेटियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।

जिलेवार देखें कहां कितने लाभार्थी ?
| क्रमांक | जनपद | जन्म पर लाभार्थी | 12वीं उत्तीर्ण लाभार्थी |
|---|---|---|---|
| 1 | अल्मोड़ा | 643 | 2963 |
| 2 | बागेश्वर | 240 | 1167 |
| 3 | चमोली | 196 | 1761 |
| 4 | चम्पावत | 285 | 1410 |
| 5 | देहरादून | 678 | 2637 |
| 6 | नैनीताल | 1012 | 3196 |
| 7 | पौड़ी | 227 | 1990 |
| 8 | पिथौरागढ़ | 243 | 1936 |
| 9 | रुद्रप्रयाग | 172 | 1235 |
| 10 | टिहरी | 485 | 2775 |
| 11 | ऊधमसिंहनगर | 1372 | 4772 |
| 12 | उत्तरकाशी | 360 | 1496 |
| कुल योग | 5913 | 27338 |
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नैनीताल में बाघ का आतंक, फतेहपुर रेंज में घास लेने गई महिला को बाघ ने बनाया निवाला
Nainital News : नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में बाघ का आतंक देखने को मिला है। फतेहपुर रेंज में घास लेने गई महिला को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश झलक और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ा और महिला का शव एंबुलेंस से नहीं ले जाने दिया।
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फतेहपुर रेंज में घास लेने गई महिला को बाघ ने बनाया निवाला
नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज के पनियाली इलाके में एक महिला को आज बाघ ने अपना निवाला बना लिया। मिली जानकारी के मुताबिक महिला जानवरों के लिए चार पत्ती लेने सुबह जंगल गई थी। जब महिला दोपहर बाद तक भी घर नहीं लौटी तो ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी और खुद जंगल की ओर निकल पड़े।
जंगल में करीब 3 किलोमीटर अंदर से बरामद हुआ शव
काफी देर तक चल सर्च ऑपरेशन के बाद महिला के कपड़े जंगल से बरामद हुए। इसके बाद वन विभाग और ग्रामीण जंगल की काफी अंदर तक सर्च ऑपरेशन में जुटे रहे। घने जंगल में करीब 3 किलोमीटर अंदर जाकर कमला का शव बरामद किया जा सका।
घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया और उन्होंने महिला के शव को पंचनामें के लिए नहीं ले जाने दिया, काफी देर तक अधिकारियों के द्वारा समझे जाने के बावजूद भी ग्रामीण नहीं माने

मौके पर पहुंचे एसडीएस हल्द्वानी
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों को मौके पर समझने के लिए एसडीएम हल्द्वानी भी पहुंचे। एसडीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को तुरंत जंगल में कैमरा ट्रैप लगाने और जंगल में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वन्य जीव को आदमखोर घोषित करने के लिए भी विभाग से बातचीत की जा रही है।
ग्रामीणों से जंगल में अकेले ना जाने की अपील
एसडीएम हल्द्वानी ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले ना जाने की अपील की है। मौके पर पहुंची वन विभाग की SDO ने कहा की 12 फरवरी को हुई घटना के बाद 26 कैमरा ट्रैप जंगल में लगाए गए थे। लेकिन किसी में टाइगर का मूवमेंट कैप्चर नहीं हुआ है, फिलहाल ग्रामीणों से जंगल में न जाने की अपील की जा रही है।
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