National
छात्रों के लिए बड़ी खबर! Heic Bill 2025 को हरी झंडी,उच्च शिक्षा में होगा सबसे बड़ा बदलाव…

Heic Bill 2025 को कैबिनेट की मंजूरी, उच्च शिक्षा में आएगा बड़ा नियामक बदलाव
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में अहम कदम उठाते हुए Heic Bill 2025 को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक देश में एक सिंगल हायर एजुकेशन रेगुलेटर की व्यवस्था लागू करेगा, जो मौजूदा कई नियामक संस्थाओं की भूमिका संभालेगा। सरकार का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा प्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
Table of Contents
क्या है Heic Bill 2025?
Heic Bill 2025 का उद्देश्य मौजूदा कानूनी ढांचे में सुधार करना और कुछ पुराने नियमों को नए समय की जरूरतों के अनुसार अपडेट करना है। इस बिल के तहत:
- प्रशासनिक निर्णयों में डिजिटल रिकॉर्ड को प्राथमिकता
- जवाबदेही तय करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
- सरकारी संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
सरकार का कहना है कि यह विधेयक “Ease of Governance” को बढ़ावा देगा।
UGC, AICTE और NCTE की जगह लेगा नया नियामक
Heic Bill 2025 के लागू होने के बाद यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC), ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) का मौजूदा ढांचा समाप्त हो जाएगा।
फिलहाल UGC गैर-तकनीकी उच्च शिक्षा, AICTE तकनीकी शिक्षा और NCTE शिक्षक शिक्षा से जुड़े संस्थानों की निगरानी करता है। नए बिल के तहत इन सभी जिम्मेदारियों को एक ही केंद्रीय निकाय के अंतर्गत लाया जाएगा।
NEP 2020 में रखी गई थी Heic Bill 2025 की नींव
असल में Heic Bill 2025 की अवधारणा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 में सामने आई थी। उस समय इसे हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) बिल के नाम से प्रस्तावित किया गया था, लेकिन अब सरकार ने इसे नया स्वरूप देते हुए Viksit Bharat Shiksha Adhikshan Bill, यानी Heic Bill 2025, के रूप में आगे बढ़ाया है।
NEP 2020 में साफ तौर पर कहा गया था कि उच्च शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए एकल नियामक व्यवस्था जरूरी है और मौजूदा बिखरे हुए ढांचे में सुधार होना चाहिए।
नए नियामक की मुख्य जिम्मेदारियां क्या होंगी?
सरकारी जानकारी के अनुसार Heic Bill 2025 के तहत बनने वाले नियामक निकाय की तीन प्रमुख भूमिकाएं होंगी:
- उच्च शिक्षा संस्थानों का नियमन
- संस्थानों की मान्यता (Accreditation)
- शैक्षणिक और व्यावसायिक मानकों का निर्धारण
हालांकि, फंडिंग से जुड़ा कोई अधिकार इस निकाय को नहीं दिया जाएगा। वित्तीय सहायता और बजट से जुड़े फैसले प्रशासनिक मंत्रालय के अधीन ही रहेंगे।
मेडिकल और लॉ कॉलेज रहेंगे दायरे से बाहर
Heic Bill 2025 के अंतर्गत मेडिकल और लॉ कॉलेजों को शामिल नहीं किया गया है। इन पेशेवर पाठ्यक्रमों की निगरानी पहले की तरह अलग-अलग नियामक संस्थाओं द्वारा ही की जाती रहेगी। सरकार का तर्क है कि इन क्षेत्रों की प्रकृति अलग होने के कारण उनके लिए विशेष नियामक व्यवस्था जरूरी है।
2021 से चल रही थी तैयारी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यभार संभालने के बाद जुलाई 2021 से ही शिक्षा मंत्रालय ने HECI को लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया था। अब Heic Bill 2025 के रूप में यह प्रयास अंतिम रूप लेता दिख रहा है।
उच्च शिक्षा व्यवस्था पर क्या पड़ेगा असर?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Heic Bill 2025 लागू होने से:
- नियामक प्रक्रियाएं सरल होंगी
- संस्थानों पर दोहरे या तिहरे नियंत्रण का बोझ कम होगा
- गुणवत्ता और मानकों पर अधिक स्पष्ट फोकस रहेगा
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव को ज़मीन पर प्रभावी बनाने के लिए मजबूत क्रियान्वयन जरूरी होगा।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?
नीति विशेषज्ञों के मुताबिक:
- सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ सकती है
- दस्तावेज़ी प्रक्रियाएं तेज और डिजिटल होंगी
- लेकिन कुछ मामलों में नागरिकों को नई प्रक्रियाओं को समझने में समय लग सकता है
यानी लाभ के साथ-साथ बदलाव की चुनौती भी होगी।
निष्कर्ष
Heic Bill 2025 को भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। जहां सरकार इसे शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने वाला कदम बता रही है, वहीं इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नया नियामक ढांचा कितनी पारदर्शिता और संतुलन के साथ काम करता है। आने वाले समय में यह बिल भारतीय शिक्षा व्यवस्था की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
उत्तराखंड की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, स्थानीय समाचार, राजनीति, नौकरियां और हर जरूरी अपडेट अब सिर्फ Janmanch TV पर।
FAQs
Heic Bill 2025 क्या है?
Heic Bill एक नया केंद्रीय विधेयक है, जिसके तहत भारत में उच्च शिक्षा के लिए एक सिंगल नियामक निकाय बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
Heic Bill किन संस्थाओं की जगह लेगा?
इस बिल के लागू होने के बाद UGC, AICTE और NCTE की मौजूदा नियामक भूमिकाएं समाप्त हो जाएंगी और उनकी जिम्मेदारियां नए केंद्रीय निकाय को सौंप दी जाएंगी।
क्या Heic Bill 2025 NEP 2020 से जुड़ा है?
हां, Heic Bill की परिकल्पना नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 में की गई थी। पहले इसे HECI Bill कहा जाता था, जिसे अब नए नाम से पेश किया गया है।
Heic Bill से छात्रों को क्या लाभ मिलेगा?
छात्रों को अधिक पारदर्शी नियम, बेहतर शैक्षणिक मानक और कम जटिल नियामक प्रक्रियाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
Heic Bill कब लागू हो सकता है?
बिल को संसद से मंजूरी मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की संभावना है। इसकी समयसीमा सरकार द्वारा तय की जाएगी।
Business
Gold Silver Rate Today : सोने और चांदी की कीमतों में आज भी गिरावट जारी , जाने आज का ताज़ा भाव…

Gold Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट
Gold Silver Rate Today (2 फरवरी 2026): भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जो कोहराम मचा है, उसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतें अब ताश के पत्तों की तरह ढह रही हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर हाजिर बाजार तक, हर तरफ ‘लोअर सर्किट’ और ‘पैनिक सेलिंग’ का माहौल है।
विशेष रूप से चांदी में आई गिरावट ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार का ताजा हाल और एक्सपर्ट्स की राय जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
चांदी की कीमतों में ‘महाविस्फोट’, 37% तक टूटे दाम
पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव देखा गया है, वह किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं है। 23 जनवरी 2026 को जो चांदी Rs3.34 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, वह अब अपने उस शिखर से करीब 37% नीचे ट्रेड कर रही है।
- MCX का हाल: रविवार को विशेष सत्र के दौरान चांदी 9% लुढ़क कर Rs2.65 लाख के स्तर पर आ गई थी।
- आज का भाव: 2 फरवरी 2026 को चांदी का भाव Rs2,30,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है, जो पिछले सप्ताह के Rs 4,20,000 (30 जनवरी) के ऑल-टाइम हाई से Rs1.20 लाख सस्ता है।
सोने में भी भारी गिरावट, ₹1.36 लाख पहुंचा भाव
सोने के निवेशकों के लिए भी समय चुनौतीपूर्ण है। गुरुवार को सोना Rs1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के अपने उच्चतम स्तर पर था, लेकिन अब यह वहां से लगभग 20% सस्ता हो चुका है।


क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट? 4 मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों का मेल है:
- केविन वार्श की नियुक्ति और मजबूत डॉलर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को अगला फेड चेयरमैन बनाने का संकेत दिया है। वार्श को ‘महंगाई के प्रति सख्त’ (Inflation Hawk) माना जाता है। इस खबर से डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त उछाल आया, जिससे डॉलर-प्राइस वाली धातुओं (सोना-चांदी) पर दबाव बढ़ गया।
- CME मार्जिन में बढ़ोतरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए CME ग्रुप ने सोने और चांदी के वायदा अनुबंधों (Futures) पर मार्जिन बढ़ा दिया है। चांदी के लिए इसे 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है, जिससे सट्टेबाजों को अपनी पोजीशन छोड़नी पड़ी।
- बजट 2026 का असर: भारत सरकार द्वारा बजट में आयात शुल्क (Import Duty) को लेकर जो अनिश्चितता थी, उसने भी निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए उकसाया।
- तकनीकी सुधार (Technical Correction): एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतें अपनी वास्तविक वैल्यू से बहुत ऊपर चली गई थीं। व्हाइट ओक कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो जो आमतौर पर 80:1 होता है, गिरकर 46:1 पर आ गया था। इतिहास गवाह है कि जब भी चांदी सोने के मुकाबले इतनी महंगी हुई है, उसके बाद उसमें बड़ी गिरावट आई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? अब क्या करें निवेशक?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर के अनुसार, “कीमतें जितनी तेजी से ऊपर गई थीं, उतनी ही तेजी से नीचे आ रही हैं। अगले कुछ दिनों में बाजार में और तकनीकी सुधार देखा जा सकता है।”
निवेशकों के लिए सलाह: > व्हाइट ओक कैपिटल म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि साल 2011 में जब चांदी ने टॉप बनाया था, तो उसे रिकवर होने में 9 साल लग गए थे। इसलिए, इस समय ‘पैनिक’ होकर सारा पैसा एक साथ न लगाएं।
रणनीति क्या होनी चाहिए?
- किश्तों में खरीदारी (Staggered Buying): अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका है, लेकिन इसे किश्तों में करें।
- स्टॉप लॉस का ध्यान रखें: शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि बाजार में ‘लोअर सर्किट’ लगने का खतरा अभी टला नहीं है।
- रुपये की चाल पर नजर: यदि वैश्विक स्तर पर गिरावट जारी रहती है, तो गिरता हुआ रुपया भी आपके निवेश को डूबने से नहीं बचा पाएगा।
निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है
सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट नए खरीदारों के लिए दरवाजे जरूर खोल रही है, लेकिन “गिरते हुए चाकू को पकड़ने” की कोशिश न करें। बाजार को स्थिर होने दें और अपनी रिस्क क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।
Education
UGC NET Result Date : इस दिन जारी हो सकता है यूजीसी नेट का परिणाम, यहाँ देखें लेटेस्ट अपडेट…

UGC NET Result Date : 4 फरवरी को जारी हो सकता है परिणाम
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC NET) दिसंबर 2025 सत्र के नतीजों का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा के परिणाम घोषित करने वाली है। ताजा रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर एनटीए के आधिकारिक हैंडल से मिले संकेतों के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को रिजल्ट जारी होने की प्रबल संभावना है।
इस परीक्षा में देश भर के 7.35 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे, जो अब अपनी मेहनत का फल देखने के लिए उत्सुक हैं। यह लेख आपको रिजल्ट की तारीख, डाउनलोड करने की प्रक्रिया और कट-ऑफ से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी प्रदान करेगा।
यूजीसी नेट दिसंबर 2025: एक नजर में
यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 31 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच किया गया था। यह परीक्षा कुल 83 विषयों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की गई थी। परीक्षा के संपन्न होने के बाद, 14 जनवरी 2026 को प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) जारी की गई थी, जिस पर आपत्तियां दर्ज करने के लिए 17 जनवरी तक का समय दिया गया था।
अब जबकि आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, एनटीए किसी भी समय फाइनल आंसर-की और रिजल्ट की घोषणा कर सकता है।
रिजल्ट चेक करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
जैसे ही रिजल्ट का लिंक एक्टिव होगा, उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर पाएंगे:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
- रिजल्ट लिंक खोजें: होमपेज पर ‘UGC NET December 2025 Result’ या ‘Score Card’ के लिंक पर क्लिक करें।
- लॉगिन विवरण भरें: एक नया पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि (DOB) दर्ज करनी होगी।
- सबमिट करें: कैप्चा कोड (Security Pin) भरने के बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
- स्कोरकार्ड डाउनलोड करें: आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए इसका प्रिंटआउट जरूर निकाल लें।
पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? (Qualifying Marks)
यूजीसी नेट परीक्षा को पास करने के लिए श्रेणियों के आधार पर न्यूनतम योग्यता अंक निर्धारित किए गए हैं:
| श्रेणी (Category) | न्यूनतम योग्यता अंक (दोनों पेपर मिलाकर) |
| सामान्य वर्ग (General/Unreserved) | 40% अंक |
| ओबीसी/एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी (OBC/SC/ST/PwD) | 35% अंक |
नोट: केवल न्यूनतम अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है। सहायक प्रोफेसर की पात्रता के लिए शीर्ष 6% उम्मीदवारों में स्थान बनाना अनिवार्य होता है।
इस बार क्या हो सकती है संभावित कट-ऑफ?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पेपर का स्तर मध्यम से कठिन (Moderate to Difficult) था, जिससे कट-ऑफ में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है। जेआरएफ (JRF) के लिए कट-ऑफ हमेशा सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) की तुलना में अधिक रहती है।
रिजल्ट के साथ जारी होंगी ये महत्वपूर्ण चीजें
जब एनटीए रिजल्ट पोर्टल अपडेट करेगा, तो केवल स्कोरकार्ड ही नहीं बल्कि कई अन्य दस्तावेज भी जारी किए जाएंगे:
- फाइनल आंसर-की: आपत्तियों के बाद तैयार की गई अंतिम उत्तर कुंजी, जिसके आधार पर अंकों की गणना हुई है।
- सब्जेक्ट-वाइज कट-ऑफ: हर विषय और श्रेणी के लिए अलग-अलग कट-ऑफ लिस्ट।
- ई-सर्टिफिकेट: सफल उम्मीदवारों के लिए पात्रता प्रमाणपत्र (कुछ समय बाद)।
यूजीसी नेट परीक्षा का महत्व
यह परीक्षा भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए प्रवेश द्वार की तरह है। इसे पास करने के बाद उम्मीदवार:
- असिस्टेंट प्रोफेसर: भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाने के लिए पात्र हो जाते हैं।
- JRF (Junior Research Fellowship): पीएचडी (PhD) शोध के लिए सरकार द्वारा फेलोशिप (छात्रवृत्ति) प्राप्त करने के हकदार बनते हैं।
- पीएचडी एडमिशन: अब यूजीसी नेट स्कोर का उपयोग सीधे पीएचडी प्रवेश के लिए भी किया जा सकता है।
निष्कर्ष और अगली राह
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट की तारीखों को लेकर किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट (ugcnet.nta.nic.in) पर ही भरोसा करें। 4 फरवरी की तारीख एक टेंटेटिव डेट है, इसलिए वेबसाइट को नियमित अंतराल पर चेक करते रहें।
FOR MORE VISIT JANMANCHTV
National
संसद में पेश हुआ आम बजट 2026-27, जानिए किसके हिस्से क्या आया….

Budget 2026-27: विकसित भारत की दिशा में तीन कर्तव्यों पर आधारित दूरदर्शी रोडमैप
मुख्य बिंदु
Budget 2026-27: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। इस बजट को तीन राष्ट्रीय कर्तव्यों से प्रेरित बताया गया. सरकार ने इसे युवा शक्ति संचालित, गरीब-कल्याण केंद्रित और समावेशी विकास का बजट करार दिया है।
आम बजट 2026-27 विकसित भारत 2047 के लिए निर्णायक: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये बजट भारत को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर निर्णायक रूप से आगे ले जाने का प्रयास है, जिसमें आर्थिक वृद्धि, मानव क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास को समान प्राथमिकता दी गई है।
बजट की मूल भावना: तीन राष्ट्रीय कर्तव्य
वित्त मंत्री के मुताबिक, बजट 2026-27 तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है—
1️⃣ आर्थिक वृद्धि को तेज करना और बनाए रखना
इस कर्तव्य का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता विकसित करना और भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना है।
2️⃣ लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण
युवाओं, महिलाओं, पेशेवरों और श्रमिकों को सशक्त बनाकर उन्हें भारत की विकास यात्रा का भागीदार बनाना इस कर्तव्य का मूल उद्देश्य है।
3️⃣ सबका साथ, सबका विकास
ये दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, अवसरों और सुविधाओं तक समान पहुंच मिले।
युवा शक्ति और वंचित वर्गों पर विशेष फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट गरीब, शोषित और वंचित समुदायों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास के साथ महत्वाकांक्षा का संतुलन बनाते हुए देश को आगे बढ़ाना है।
आर्थिक वृद्धि के लिए छह रणनीतिक हस्तक्षेप क्षेत्र
पहले कर्तव्य के अंतर्गत सरकार ने छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप की घोषणा की—
- रणनीतिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार
- विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्निर्माण
- एमएसएमई को “चैम्पियन” के रूप में विकसित करना
- अवसंरचना पर सशक्त निवेश
- दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता
- शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास
बायोफॉर्मा शक्ति: भारत को वैश्विक फार्मा हब बनाने की तैयारी
भारत को वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केंद्र बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से बायोफॉर्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई। इसके तहत—
- बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
- 3 नए NIPER और 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन
- 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स
- दवा नियामक प्रणाली को और सशक्त करना
वस्त्र और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती
श्रम-गहन वस्त्र क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं लाई गई हैं।
वहीं, एमएसएमई को भविष्य का विकास इंजन मानते हुए 10,000 करोड़ रुपये का SME विकास कोष प्रस्तावित किया गया है।
रिकॉर्ड सार्वजनिक पूंजीगत व्यय
सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को—
- 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ से
- 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है
यह अवसंरचना, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देगा।
हाई-स्पीड रेल और लॉजिस्टिक्स में बड़ा कदम
पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा नए फ्रेट कॉरिडोर और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की भी घोषणा की गई।
शिक्षा, कौशल और पर्यटन पर विशेष जोर
- 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट लैब
- हर जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास
- 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों का कौशल उन्नयन
- राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना
खेलो इंडिया मिशन: खेल क्षेत्र में क्रांति
खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण, कोचिंग और खेल विज्ञान को नई दिशा दी जाएगी।
कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण
- भारत विस्तार नामक बहुभाषी AI कृषि टूल
- लखपति दीदी योजना का विस्तार
- सहकारी समितियों को अतिरिक्त कर रियायतें
प्रत्यक्ष कर सुधार: नया आयकर अधिनियम 2025
- नया आयकर कानून अप्रैल 2026 से लागू
- सरल नियम और फॉर्म
- TCS और TDS दरों में कटौती
- दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाना
आईटी, क्लाउड और विदेशी निवेश को बढ़ावा
- आईटी सेवाओं के लिए एकल सेफ हार्बर श्रेणी
- सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये
- विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलीडे
सीमा शुल्क और व्यापार सुगमता
- निजी उपयोग के आयात पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%
- 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क छूट
- डिजिटल सिंगल विंडो कस्टम क्लीयरेंस
राजकोषीय स्थिति और घाटा
- FY 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3%
- ऋण-GDP अनुपात में गिरावट
- मजबूत वित्तीय अनुशासन का संकेत
ये भी पढ़ें – India Post GDS Recruitment 2026: 10वीं पास युवाओं के लिए बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका..
रिकॉर्ड तोड़ दाम : सोने की कीमत एक लाख 80 हजार पार, चांदी की कीमत भी पहुंची चार लाख
Breakingnews3 hours agoबड़ी खबर – देहरादून के पलटन बाजार में दिन दहाड़े युवती की हत्या !
Breakingnews22 hours agoउत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने Sharp Memorial School के बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन
Uttarakhand20 hours agoउत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 की तैयारी शुरू, गीता धामी ने किया पूजन
National24 hours agoसंसद में पेश हुआ आम बजट 2026-27, जानिए किसके हिस्से क्या आया….
Uttarakhand21 hours agoदेहरादून: गणेश गोदियाल ने आम बजट को बताया दिशाहीन, कहा उत्तराखंड के हाथ फिर लगी निराशा
Business2 hours agoGold Silver Rate Today : सोने और चांदी की कीमतों में आज भी गिरावट जारी , जाने आज का ताज़ा भाव…
Cricket4 hours agoआईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के वार्म अप मुक़ाबले मे आज भारतीय ए टीम बनाम यूएसए के बीच होगी भिड़ंत , जाने संभावित प्लेईंग XI…
Uttarakhand20 hours agoउत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026: 5 से 8 फरवरी तक देहरादून में आयोजित होगा महोत्सव












































