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UKSSSC एलटी भर्ती परीक्षा मामले में हाईकोर्ट ने दी अगली तारीख, जानिए सुनवाई में कोर्ट ने क्या कहा ?

नैनीताल : उत्तराखंड हाईकोर्ट में आज 1550 एलटी भर्ती परीक्षा मामले के सम्बन्ध में यूकेएसएसएससी की विशेष अपील पर सुनवाई की गई। एलटी शिक्षकों की भर्ती परीक्षा में यूके एसएससी के द्वारा पूछे गए कुछ प्रश्नों का आउट ऑफ सिलेबस होने और उनका उत्तर गलत होने के मामले को चुनौती देती आयोग की विशेष अपील पर सुनवाई हुई।
अगली सुनवाई के लिए मंगलवार 18 नवंबर की तारीख की गई तय
पिछले साल लगभग 1550 पदों के लिए निकली थी। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने आयोग और सरकार से स्थिति को अवगत कराने के लिए कहा है। न्यायाधीशों की खंड पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए मंगलवार 18 नवंबर की तारीख तय की है।
प्रश्नों की जांच के लिए की थी सीबीआई की मांग
मामले के अनुसार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने एलटी भर्ती परीक्षा मामले में खंडपीठ में स्पेशल अपील दायर कर एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी। जिसमें एकलपीठ ने कहा था कि जिन तीन प्रश्नों के उत्तर गलत हैं। उनकी जांच सीबीएसई और हेमवती नंदन केंद्रीय विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से कराई जाए। प्रश्नों की जांच करने के बाद दो प्रश्न परीक्षा के सिलेबस से बाहर पाए गए हैं। जबकि एक प्रश्न का उत्तर बी और सी दोनों ही सही पाए गए। बाद में चयन आयोग के द्वारा दोनों प्रश्न हटाए गए और उसका फायदा भी सभी को दिया गया।
याचिका पर हाईकोर्ट ने क्या कहा ?
बी और सी दोनों उत्तर सही होने वाले प्रश्न के खिलाफ चयन आयोग ने विशेष अपील दायर की थी। जिसमें चयन आयोग की ओर से कहा गया कि पूछे गए प्रश्न का उत्तर प्रश्न पत्र में सही था। वहीं चयन आयोग का कहना है कि जांच कमेटी के द्वारा लिया गया निर्णय सही नहीं है। इसलिए उनकी अपील स्वीकार करने के योग्य है। प्रभावित प्रतिभागियों की ओर से कहा गया कि 1550 पदों में से अभी तक 1351 पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है। जबकि एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर उनका उत्तर जांच कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर सही होता है तो उनको भी मेरिट के आधार पर सम्मिलित किया जायेगा। अगर पद नहीं है तो चयनित अभ्यर्थियों के लिए अलग से पद सृजित किए जाएं।
Uttarakhand
उत्तरकाशी में पेड़ों के कटान को लेकर बड़ा फैसला, रक्षा सूत्र बांधने का दिखा असर
देहरादून: उत्तरकाशी में बीते कई दिनों से पर्यावरण प्रेमियों द्वारा पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधने के शांत और अनोखे विरोध का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। उत्तरकाशी–गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित 6 हजार पेड़ अब नहीं काटे जाएंगे। परियोजना में किए गए बदलावों के कारण हजारों पेड़ कटने से बच जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों में राहत की भावना है।
पर्यावरणप्रेमियों के विरोध का असर, नहीं कटेंगे 6,000 पेड़
गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने शुरू में 6000 से अधिक पेड़ काटने की मांगी की थी। सामरिक दृष्टि से महत्व रखने वाले इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से मंजूरी भी मिल गई थी।
लेकिन इसके बाद पर्यावरणविदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकता है, बल्कि इस आपदा-प्रवण क्षेत्र में खतरा और बढ़ जाएगा।
हजारों लोग पेड़ों के पास पहुंचे और हर पेड़ पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने की मुहिम शुरू की। लोगों ने एक स्वर में कहा कि हाईवे जरूर बने, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं।

ईको सेंसिटिव ज़ोन में है हाईवे—लोगों की चिंता बढ़ी
जिस क्षेत्र में ये हाईवे चौड़ीकरण हो रहा है, वह पूरा इलाका ईको सेंसिटिव ज़ोन में आता है। यही वह क्षेत्र है जहां हाल के वर्षों में भीषण प्राकृतिक आपदाएँ देखी गई हैं।
BRO और रक्षा मंत्रालय इस मार्ग को चौड़ा कर सेना की चीन सीमा तक पहुंच को सुगम बनाना चाहते हैं। चौड़ी सड़क बनने से सेना की आवाजाही तेज और सुरक्षित हो जाएगी।
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना था कि पर्यावरण को होने वाला नुकसान भविष्य में और बड़ी आपदाओं को जन्म दे सकता है, इसलिए संतुलन बनाना जरूरी है। विरोध बढ़ने के साथ ही सरकार और एजेंसियों को मानकों में बदलाव पर विचार करना पड़ा।
हाईवे की चौड़ाई बदली—अब सिर्फ 1,413 पेड़ होंगे काटे
गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण के मानकों में संशोधन किया गया है। पहले इस सड़क की चौड़ाई 12 मीटर प्रस्तावित थी, जिसे अब घटाकर 11 मीटर कर दिया गया है। केंद्रीय सड़क मंत्रालय और BRO के अनुसार, इस बदलाव के बाद अब 6822 पेड़ों की जगह केवल 1413 पेड़ ही काटे जाएंगे।
सड़क की चौड़ाई सिर्फ एक मीटर घटाने से हजारों पेड़ों को जीवनदान मिल गया है। ये निर्णय पर्यावरण संरक्षण और सामरिक आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करने का उदाहरण भी बन गया है।
90 किलोमीटर लंबे मार्ग पर होगा काम, 1000 पेड़ होंगे ट्रांसप्लांट
बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन इस परियोजना के तहत 90 किलोमीटर सड़क का निर्माण करेगा। यह मार्ग बड़ैथी से शुरू होकर भैरव घाटी तक जाएगा।
BRO कमांडर राजकिशोर सिंह ने बताया कि सड़क की चौड़ाई कम होने से पेड़ कटने की संख्या काफी कम हो गई है। इसके अलावा 1,000 से अधिक पेड़ों को ट्रांसप्लांट भी किया जाएगा, ताकि अधिकतम हरियाली को बचाया जा सके।
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उत्तराखंड शासन से आज की बड़ी खबर, आईपीएस अधिकारियों के हुए बंपर तबादले, देखें लिस्ट

IPS Transfers Uttarakhand : उत्तराखंड शासन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। कई आईपीएस अधिकारियों के बंपर तबादले किए गए हैं।
आईपीएस अधिकारियों के हुए बंपर तबादले
उत्तराखंड की आज की बड़ी खबर उत्तराखंड शासन से सामने आ रही है। जहां कई आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। कई को इधर से उधर किया गया है। आपको बता दें कि 15 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।


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Pithoragarh : में महिला की गुमशुदगी का खुला राज, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

Pithoragarh : पिथौरागढ़ के बेरीनाग तहसील क्षेत्र के राजस्व क्षेत्र कालासिला से सितंबर को लापता हुई महिला सुनीता देवी की गुमशुदगी का पर्दाफाश हो गया है। ये मामला केवल गुमशुदगी का ना होकर अब हत्या का हो गया है। पुलिस ने इस मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है।
Pithoragarh के बेरीनाग में गुमशुदा महिला की प्रेमी ने की हत्या
पिथौरागढ़ में सितंबर महीने में सुनीता देवी के अचानक लापता हो जाने का मामला सामने आया है। महिला के ससुर ने बहादुर राम निवासी दङमेत कमदिना द्वारा अपनी बहू सुनीता देवी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद से ही पुलिस माममले की जांच में जुटी हुई थी। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे। लेकिन पुलिस ने अब जो खुलासा किया है उस से हर कोई हैरान है।
पहले किया अपहरण फिर नदी में दे दिया धक्का
ममाले की जांच में सामने आया कि गुमशुदा सुनीता देवी को विजय प्रसाद निवासी ग्राम किसमिला, थाना कपकोट जिला बागेश्वर के संपर्क में होना पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने विजय प्रकाश से पूछताछ शुरू की। जिसमें पाया कि आरोपी द्वारा बहला-फुसलाकर शादी करने के बहाने से सुनीता का अपहरण किया गया। इससे पहले भी अभियुक्त विजय प्रसाद द्वारा सुनीता देवी को बहला- फुसलाकर अपने साथ ले जाकर घुमाने व अपने घर लाने की पुष्टि हुई।
प्रेमी ने परिजनों के साथ मिलकर की हत्या
बताया जा रहा है कि मृतका अक्सर अपने प्रेमी से मिलने के लिए जाया करती थी। कई बार तो वो उसके घर भी पहुंच जाती थी। इस घटना से नाराज़ होकर विजय प्रसाद के परिजनों द्वारा प्लान बनाकर गुमशुदा सुनीता देवी को रामगंगा नदी में फेंक कर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने आरोपी विजय प्रसाद पुत्र रमेश राम उम्र 22 वर्ष, रमेश राम पुत्र अनीराम उम्र 42 वर्ष, हरीश राम पुत्र करम राम उम्र 43 वर्ष और बलवंत राम उम्र 45 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्तों की निशानदेही पर रामगंगा नदी से गुमशुदा सुनीता देवी का बैग, फोटो, एक स्वेटर और दुपट्टा बरामद किया गया है। हालांकि गुमशुदा का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है।
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