Dehradun
नए साल में यहा करे दस हजार निवेश, मिलेंगे 32.54 लाख

देहरादून – नए साल को शुरू होने में अब महज कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में आज हम आपको एक बेहद ही शानदार स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप नए साल के अवसर पर निवेश करके अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं। आज हम आपको पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं। देश में यह स्कीम काफी लोकप्रिय है। कई लोग इसमें अपने पैसों को निवेश करते हैं। पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम में निवेश करने पर आपको कई शानदार फायदे मिलते हैं। इस स्कीम में वर्तमान समय में निवेश करने पर आपको 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। पीपीएफ में आपके द्वारा निवेश की गई राशि 15 सालों में मैच्योर हो जाती है। हालांकि, इस स्कीम में आप 15 सालों के बाद अपनी निवेश अवधि को 5-5 सालों के लिए और आगे बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा पीपीएफ स्कीम में आपको कई दूसरे फायदे भी मिल रहे हैं।

आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड में सालाना आधार पर न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। अगर आप भी इस स्कीम में दस हजार रुपये का निवेश करके 32.54 लाख रुपये इकट्ठा करना चाहते हैं। ऐसे में आइए समझते निवेश के इस गणित के बारे में विस्तार से इसके लिए आपको नए साल के अवसर पर सबसे पहले अपना पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट खुलवाना है। पीपीएफ अकाउंट खुलवाने के बाद आपको उसमें हर महीने दस हजार रुपये की बचत करके सालाना 1,20,000 रुपये का निवेश करना है।
वर्तमान ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर अगर कैलकुलेट करें, तो मैच्योरिटी के समय आपको कुल 32,54,567 रुपये मिलेंगे। निवेश अवधि के दौरान आपको कुल 18,00,000 रुपये इन्वेस्ट करने होंगे।
वहीं आपके निवेश पर कुल 14,54,567 रुपये की ब्याज मिलेगी। ये पैसे आपके भविष्य को तो सुरक्षित करने का काम करेंगे। इसके अलावा आप अपने भविष्य से जुड़े जरूरी प्रयोजनों को भी इन पैसों की सहायता से पूरा कर सकेंगे। ऐसे में नए साल के अवसर पर आप पीपीएफ स्कीम में निवेश करके अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।
Dehradun
देहरादून : लक्ष्मण सिद्ध के जंगल में खो गईं 5 महिलाएं, SDRF ने ऐसे बचाई जान

Dehradun News : देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के पास स्थित घने जंगल में घूमने गई पांच महिलाएं रास्ता भटक गईं। काफी प्रयास के बावजूद जब वे जंगल से बाहर नहीं निकल सकीं तो स्थानीय पुलिस के माध्यम से इसकी सूचना राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) को दी गई। जिसके बाद उनका सफल रेस्क्यू किया गया।
Table of Contents
घने जंगल में भटकी पांच महिलाओं के लिए बनी SDRF जीवनरक्षक
घने जंगल में भटकी पांच महिलाओं के लिए SDRF जीवनरक्षक बनी। सात जुलाई 2026 को सायंकाल डीसीआर देहरादून और चौकी हर्रावाला से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को सूचना प्राप्त हुई कि चौकी हर्रावाला क्षेत्रान्तर्गत लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के निकट घने जंगल में पांच महिलाएं रास्ता भटक गई हैं।
खुद बाहर निकलने में असमर्थ हैं। सूचना प्राप्त होते ही SDRF वाहिनी मुख्यालय से मुख्य आरक्षी शैलेंद्र रावत के नेतृत्व में अलर्ट टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

जंगल में12 किलोमीटर भीतर तक चलाया गया अभियान
घटनास्थल पर पहुंचकर SDRF टीम ने स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ संयुक्त रूप से सर्च अभियान प्रारंभ किया। घने जंगल, दुर्गम भू-भाग व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने लगातार पैदल सर्चिंग करते हुए लगभग 12 किलोमीटर भीतर तक अभियान संचालित किया।
सभी पांचों महिलाओं को सकुशल किया रेस्क्यू
लगातार अथक प्रयासों के उपरांत SDRF टीम ने जंगल के भीतर सभी पांचों महिलाओं को सकुशल खोज निकाला। इसके पश्चात टीम ने सभी महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू करते हुए पैदल जंगल से बाहर निकालकर रोड हेड तक पहुंचाया तथा उन्हें सकुशल चौकी हर्रावाला के सुपुर्द किया।
Blog
Best Places To Visit In Dehradun : देहरादून में घूमने की बेहतरीन जगहें (2026 गाइड)

Best Places To Visit In Dehradun : पूरी गाइड
संक्षिप्त उत्तर: देहरादून में घूमने की सबसे अच्छी जगहों में रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा, टपकेश्वर मंदिर, मिंड्रोलिंग मठ (बुद्ध टेंपल), फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट और मालसी डियर पार्क शामिल हैं। यह शहर हिमालय की तलहटी में बसा है, इसलिए यहां प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक स्थल और साहसिक गतिविधियां एक साथ मिलती हैं। दो-तीन दिन का ट्रिप पूरे शहर को कवर करने के लिए काफी है।
देहरादून सिर्फ एक पड़ाव नहीं है जहां से मसूरी या ऋषिकेश निकल जाएं — यह अपने आप में एक पूरी यात्रा है। दून वैली में बसा यह शहर एक तरफ धार्मिक आस्था के केंद्र समेटे है, तो दूसरी तरफ गुफाओं और झरनों जैसे नेचर स्पॉट्स भी। अगर आप पहली बार यहां जा रहे हैं, तो यह गाइड आपको बताएगी कि कौन सी जगहें वाकई देखने लायक हैं और कौन सी छोड़ी जा सकती हैं।
Table of Contents
देहरादून में घूमने की टॉप जगहें
1. रॉबर्स केव (गुच्चूपानी)
यह देहरादून की सबसे पॉपुलर जगहों में से एक है, खासकर परिवारों और दोस्तों के ग्रुप के लिए। यहां एक संकरी गुफा से होकर बहता पानी है, जिसमें चलते हुए आप ठंडे पानी में पैर डुबो सकते हैं। चट्टानें फिसलन भरी होती हैं, इसलिए ग्रिप वाले जूते साथ रखना ठीक रहता है। गर्मियों में यहां भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए सुबह जल्दी पहुंचना बेहतर विकल्प है।

2. सहस्त्रधारा
“हजार धाराएं” नाम की यह जगह अपने सल्फर युक्त झरनों के लिए जानी जाती है, जिनमें त्वचा रोगों को ठीक करने के गुण माने जाते हैं। यहां रोपवे राइड भी उपलब्ध है, जो पूरी घाटी का नजारा दिखाती है। मानसून के महीनों में झरने अपने पूरे उफान पर होते हैं, हालांकि उस दौरान रास्ते थोड़े फिसलन भरे हो सकते हैं।
3. टपकेश्वर मंदिर
भगवान शिव को समर्पित यह गुफा मंदिर शहर के सबसे शांत और आध्यात्मिक अनुभवों में से एक है। गुफा की छत से लगातार टपकता पानी शिवलिंग पर गिरता है, जो इसकी खासियत है। अगर आप भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं, तो सुबह 7-8 बजे के आसपास पहुंचें — उस समय मंदिर लगभग खाली और बेहद शांत रहता है।
4. मिंड्रोलिंग मठ (बुद्ध टेंपल)
क्लेमेंट टाउन में स्थित यह मठ भारत के सबसे बड़े बौद्ध केंद्रों में गिना जाता है। यहां की ग्रेट स्तूप, रंगीन भित्तिचित्र और शांत ध्यान कक्ष इसे फोटोग्राफी और आध्यात्मिक शांति दोनों के लिए आदर्श बनाते हैं। चौथी मंजिल से पूरी दून वैली का 360-डिग्री नजारा देखा जा सकता है।
5. फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI)
औपनिवेशिक स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना, FRI की इमारत इतनी भव्य है कि पहली नजर में यह किसी पुरानी फिल्म का सेट लगती है। परिसर में छह संग्रहालय हैं जो वन विज्ञान से जुड़ी जानकारी देते हैं। हरे-भरे लॉन में टहलना और तस्वीरें लेना यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है।
6. मालसी डियर पार्क (देहरादून जू)
शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा यह पार्क परिवारों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है। यहां हिरण, नीलगाय, मोर और अन्य पक्षी देखे जा सकते हैं। बच्चों के लिए झूले और खाने-पीने के स्टॉल भी मौजूद हैं।
7. लाच्छीवाला
हरिद्वार-ऋषिकेश रोड पर स्थित लाच्छीवाला साल के पेड़ों से घिरा एक शांत पिकनिक स्पॉट है। यहां प्राकृतिक जलकुंड हैं जहां नहाने का मजा लिया जा सकता है। भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट्स से दूर, शांति चाहने वालों के लिए यह जगह एकदम सही है।
8. असन बैराज
पक्षी प्रेमियों के लिए असन बैराज किसी खजाने से कम नहीं। यहां सर्दियों में साइबेरिया और मध्य एशिया से प्रवासी पक्षी आते हैं। दूरबीन साथ ले जाना न भूलें, क्योंकि बर्ड वॉचिंग यहां का मुख्य आकर्षण है।
9. पल्टन बाजार और घंटाघर
शॉपिंग और स्ट्रीट फूड के शौकीनों के लिए पल्टन बाजार देहरादून का दिल है। यहां से थोड़ी दूर घंटाघर (क्लॉक टावर) शहर का ऐतिहासिक प्रतीक है, जहां शाम को घूमना और चाट-गोलगप्पे खाना एक स्थानीय अनुभव है।
देहरादून घूमने का सबसे अच्छा समय
देहरादून जाने के लिए मार्च से जून और अक्टूबर से फरवरी के महीने सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। इस दौरान न ज्यादा गर्मी होती है, न कड़ाके की ठंड।
- मार्च-जून: सैर-सपाटे और आउटडोर एक्टिविटी के लिए बेहतरीन मौसम
- जुलाई-सितंबर: मानसून के दौरान हरियाली अपने चरम पर, लेकिन झरनों के पास सावधानी जरूरी
- अक्टूबर-फरवरी: ठंडा और साफ मौसम, फोटोग्राफी के लिए आदर्श
देहरादून कैसे पहुंचें
देहरादून हवाई, रेल और सड़क तीनों मार्गों से अच्छी तरह जुड़ा है।
- हवाई मार्ग: जॉली ग्रांट एयरपोर्ट प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों से जुड़ा है
- रेल मार्ग: देहरादून रेलवे स्टेशन दिल्ली सहित कई शहरों से सीधी ट्रेन सेवा से जुड़ा है
- सड़क मार्ग: NH-72 के जरिए बस और टैक्सी से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है
शहर के अंदर घूमने के लिए ऑटो, कैब और शेयर्ड टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।
देहरादून के आसपास घूमने की जगहें
अगर आपके पास एक-दो दिन अतिरिक्त हैं, तो इन जगहों को भी अपने ट्रिप में शामिल करें:
- मसूरी — पहाड़ियों की रानी, मॉल रोड और केम्प्टी फॉल्स के लिए मशहूर
- ऋषिकेश — रिवर राफ्टिंग और गंगा आरती के लिए जाना जाने वाला योग नगरी
- हरिद्वार — गंगा किनारे बसा आध्यात्मिक शहर, हर की पौड़ी की आरती जरूर देखें
यात्रा के लिए कुछ जरूरी टिप्स
- 2-3 दिन का समय शहर के मुख्य आकर्षणों को अच्छे से कवर करने के लिए पर्याप्त है
- गुफा और झरने वाली जगहों पर ग्रिप वाले जूते पहनें
- मानसून में सहस्त्रधारा और लाच्छीवाला जाने से पहले मौसम जरूर चेक करें
- सुबह जल्दी निकलने से भीड़ से बचा जा सकता है और फोटो भी बेहतर आती हैं
- धार्मिक स्थलों पर जाते समय शालीन कपड़े पहनना उचित रहता है
देहरादून की खूबसूरती इसकी विविधता में है — एक तरफ शांत मंदिर, दूसरी तरफ रोमांचक गुफाएं, और थोड़ी दूर पहाड़ों की गोद में बसे हिल स्टेशन। अगली बार जब उत्तराखंड जाने का प्लान बनाएं, तो देहरादून को सिर्फ रुकने की जगह न समझें — इसे अपनी यात्रा का एक अहम पड़ाव बनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. देहरादून में घूमने के लिए कितने दिन काफी हैं? देहरादून के मुख्य आकर्षणों को अच्छे से देखने के लिए 2 से 3 दिन पर्याप्त हैं। अगर मसूरी या ऋषिकेश भी साथ में कवर करना है, तो 4-5 दिन का समय रखें।
2. देहरादून जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है? मार्च से जून और अक्टूबर से फरवरी के महीने देहरादून घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहाना रहता है।
3. देहरादून में सबसे लोकप्रिय जगहें कौन सी हैं? रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा, टपकेश्वर मंदिर, मिंड्रोलिंग मठ और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून की सबसे लोकप्रिय जगहों में गिने जाते हैं।
4. क्या देहरादून परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छी जगह है? हां, मालसी डियर पार्क, लाच्छीवाला और रॉबर्स केव जैसी जगहें परिवारों और बच्चों के लिए खासतौर पर उपयुक्त हैं।
5. देहरादून कैसे पहुंचा जा सकता है? जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से हवाई मार्ग, देहरादून रेलवे स्टेशन से ट्रेन, और NH-72 के जरिए सड़क मार्ग से देहरादून आसानी से पहुंचा जा सकता है।
6. क्या देहरादून से मसूरी और ऋषिकेश जाना आसान है? बिल्कुल। मसूरी करीब 35 किलोमीटर और ऋषिकेश लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है, दोनों जगह टैक्सी या बस से 1-1.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है।
Dehradun
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने नया रिकॉर्ड किया अपने नाम, बने सबसे ज्यादा समय तक पद पर रहने वाले गर्वनर

Dehradun News : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल पद पर रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का करीब 19 वर्ष पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
Table of Contents
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने नया रिकॉर्ड किया अपने नाम
गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। सोमवार को उन्होंने 1,755 दिनों से अधिक का कार्यकाल पूरा करते हुए राज्य के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले राज्यपाल बनने का गौरव हासिल किया।
बने सबसे ज्यादा समय तक पद पर रहने वाले गर्वनर
बता दें कि इस से पहले ये रिकॉर्ड सुदर्शन अग्रवाल के नाम दर्ज था। उन्होंने 8 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007 तक कुल 1,755 दिनों तक उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था।

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का जन्म 1 फरवरी 1956 को पंजाब के अमृतसर जिले में हुआ था। उन्होंने सैनिक स्कूल कपूरथला से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और भारतीय सेना में लगभग 40 वर्षों तक सेवाएं दीं।
40 साल तक सेना में दी सेवाएं
अपने सैन्य करियर के दौरान उन्हें पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम और वीएसएम जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्राप्त हुए। 31 जनवरी 2016 को वो सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उत्तराखंड में उनके इस नए रिकॉर्ड को राज्य के संवैधानिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
uttarakhand weather22 hours agoउत्तराखंड के लिए अगले 48 घंटे भारी, मौसम विभाग ने सात जिलों के लिए अलर्ट किया जारी
Roorkee24 hours agoरूड़की के बाजूहेड़ी के पास भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
Blog24 hours agoBest Places To Visit In Dehradun : देहरादून में घूमने की बेहतरीन जगहें (2026 गाइड)
Blog20 hours agoकौन हैं saurav joshi ? जानें भारत के नंबर 1 व्लॉगर की उम्र, कमाई और शादी की पूरी कहानी!
Business22 hours agoKusumgar Ltd IPO: जानिए डेट, प्राइस बैंड, जीएमपी और कंपलीट फाइनेंशियल रिव्यू
big news20 hours agoबद्रीनाथ चढ़ावा मामले को लेकर मौन व्रत पर बैठे लखपत बुटोला, BKTC अध्यक्ष को हटाने की मांग
Roorkee18 hours agoRoorkee News : रुड़की में कार से निकली 2 करोड़ की हेरोइन, पंजाब का तस्कर गिरफ्तार
Dehradun10 minutes agoदेहरादून : लक्ष्मण सिद्ध के जंगल में खो गईं 5 महिलाएं, SDRF ने ऐसे बचाई जान




































