Dehradun
पीएम मोदी ने ऋषिकेश में डमरू बजाकर जनसभा को किया संबोधित, कहा भारत और यहां की जनता ही मेरा परिवार है।

देहरादून/ऋषिकेश – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऋषिकेश स्थित आई.डी.पी.एल मैदान में भाजपा उत्तराखंड द्वारा आयोजित विजय संकल्प रैली में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाड़ी वाद्य यंत्र हुड़का उपहार स्वरूप प्रधानमंत्री को भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं भी हुड़का बजाया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मां गंगा के सानिध्य में बसे, चार धाम के द्वार ऋषिकेश में इतनी विशाल संख्या में लोग हमें आशीर्वाद देने आए हैं। उन्होंने कहा जब भी वो उत्तराखंड आते हैं तो अपने परिवारजनों के साथ पुरानी यादें भी ताज़ा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कल मैं भारत के दक्षिणी छोर पर, सागर तट पर बसे तमिलनाडु में था। वहां भी लोग कह रहे हैं- फिर एक बार मोदी सरकार। उन्होंने कहा आज वो हिमालय की गोद में, बाबा केदार और बद्री विशाल के सानिध्य में आए हैं तो यहां भी फिर एक बार मोदी सरकार की गूंज है। उन्होंने कहा ये गूंज इसलिए है क्योंकि देश के लोगों ने पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार का काम देखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा उत्तराखंड देवभूमि है, देवभूमि में देवताओं का आवाहन करने की परंपरा है। “हुड़का” की थाप से देवताओं का आह्वान किया जाता है। उन्होंने कहा आज उन्हें भी देवता रूपी जनता जनार्दन का आह्वान करने के लिए हुड़का बजाने का सौभाग्य मिला। प्रधानमंत्री ने कहा सरकार ने बीते 10 साल में भारत को कई गुना ज्यादा मजबूत बना दिया है। जब देश में कमजोर और अस्थिर सरकार रही है, तब दुश्मनों ने फायदा उठाया है। कमज़ोर और अस्थिर सरकारो में भारत में आतंकवाद ने पैर पसारे। आज भारत में मोदी की मज़बूत सरकार है, इसलिए आतंकवादियों को घर में घुसकर मारा जाता है, भारत का तिरंगा युद्धक्षेत्र में भी सुरक्षा की गारंटी बनता है, जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 खात्मा होती है, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया जाता है, महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण दिया जाता है, सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी ने वन रैंक वन पेंशन लागू करने की गारंटी दी थी और इसे पूरा करके दिखाया। उन्होंने कहा कांग्रेस कहती थी, वन रैंक वन पेंशन लागू करके हम पूर्व सैनिकों को 500 करोड़ रुपए देंगे। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू करके पूर्व सैनिकों को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा दिए हैं। उत्तराखंड में भी ओ.आर.ओ.पी के साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा सैनिक परिवारों को मिले हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस के समय में जवानों के पास बुलेटप्रूफ जैकेट तक की कमी थी। दुश्मन की गोली से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं थे। पर भाजपा की सरकार ने भारत में बनी बुलेट प्रूफ जैकेट अपने सैनिकों को दी, उनके जीवन की रक्षा की। आधुनिक राइफल से लेकर लड़ाकू विमान और विमान वाहक पोत तक आज देश में ही बन रहे हैं। उन्होंने कहा जनता का उत्साह और जोश मेरे सर आंखों में है। उन्होंने कहा उत्तराखंड वालों के लिए मैं घर का सदस्य हूं। उत्तराखंड वासियों से निकट का नाता रहा है। उत्तराखंड के प्यार को जीवन में नहीं भुलाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की कमज़ोर सरकार, सीमाओं पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना पाई। पर आज हमारी सरकार पूरी सीमा पर आधुनिक सड़कें, सुरंगें बना रही है। उन्होंने कहा बाबा केदार की भूमि से उन्होंने ये दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उन्होंने कहा हमारी सरकार उत्तराखंड के सामर्थ्य का लगातार विस्तार करने में जुटी है। जिसमे पर्यटन की बड़ी भूमिका है। ऋषिकेश, पर्यटन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। राफ्टिंग, कैंपिंग, एडवेंचर, आध्यात्म और योग, ऋषिकेश की पहचान है और हर कोई व्यक्ति यहां आकर आनंद से भर जाता है। उन्होंने कहा भाजपा सरकार उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है, देश के किसी भी हिस्से से पर्यटकों के लिए उत्तराखंड के कोने-कोने तक पहुंचना आसान हो इसके लिए देवभूमि में रोडवेज, रेलवेज और एयरवेज की सुविधा बढ़ा रहे हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर तेज़ी से काम चल रहा है। दिल्ली से देहरादून की दूरी भी सिमट रही है। उत्तराखंड के जिन सीमावर्ती गांवों को कांग्रेस अंतिम गांव कहती थी, भाजपा उन्हें देश का पहला गांव मानकर विकास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा मानसखंड के तीर्थ स्थानों जैसे आदि कैलाश, ओम पर्वत दर्शन के लिए हेलीकाप्टर सेवाएं शुरू हो गई हैं। यमुनोत्री, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोप-वे बनने से बहुत सुविधा हो जाएगी। चार धाम परियोजना के तहत केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को लगभग 900 किलोमीटर लंबे हाइवे से जोड़ा जा रहा है। इन सब प्रयासों से श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पहुंचने में काफी आसानी हो रही है। उन्होंने कहा भाजपा की नीयत सही है। और जब नीयत सही होती है, तो नतीजे भी सही मिलते हैं। उन्होंने कहा 2017 तक केदारनाथ में एक साल के भीतर करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का रिकॉर्ड था। पिछले वर्ष करीब 20 लाख यात्री केदारनाथ के दर्शन के लिए आए। चारधाम यात्रा में पिछले वर्ष 55 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड की यात्रा की। उन्होंने कहा मानसखंड में आदि कैलाश और ओम पर्वत में भी यात्रियों की संख्या भी तेजी से बड़ी है। उन्होंने कहा पर्यटन बढ़ने का मतलब है, रोजगार के ज्यादा से ज्यादा मौके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हो रहे विकास ने अब पलायन की खबरों को बीते दिन की बात बना दिया है। अब उत्तराखंड के स्टार्टअप की खबरें आती हैं। उत्तराखंड के नौजवानों ने एक हज़ार से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर किए हैं, जिसमें 500 स्टार्टअप बेटियों के हैं। मुद्रा योजना से लाखों नौजवानों को बिना गारंटी के ऋण मिले हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस की सरकार में गरीब, नौजवान का पैसा, बिचौलिए खा जाते थे। पर भाजपा सरकार में लोगों के हक का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो रहा है। उन्होंने बताया उत्तराखंड के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का 2600 करोड़ रुपए से अधिक मिल चुका है। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने लूट बंद की है, इसलिए कांग्रेस मोदी से गुस्सा है। उन्होंने कहा मोदी कह रहा है भ्रष्टाचार हटाओ, वो कह रहे हैं भ्रष्टाचारी बचाओ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओँ के लिए तो पहले दिल्ली का शाही परिवार, अपना परिवार ही सबकुछ है। लेकिन मेरे लिए जनता और भारत ही मेरा परिवार है। उन्होने कहा उत्तराखंड राज्य की बहनों की समस्याओं को देखते हुए हमने घर-घर सस्ता सिलेंडर पहुंचाया। उन्होंने कहा आज उत्तराखंड के 10 में से 9 परिवारों के घर नल से जल आता है। उन्होंने कहा आने वाले 5 साल तक मुफ्त राशन मिलता रहेगा। अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। उत्तराखंड को एम्स की सुविधा मिली है। गांव-गांव अच्छे अस्पताल- आयुष्मान आरोग्य मंदिर बन रहे हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी और उनकी सरकार राज्य में मेहनत करके शानदार काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विकास और विरासत, दोनों की विरोधी है। उत्तराखंड का कोई निवासी नहीं भूल सकता कि कांग्रेस ने प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया है। कांग्रेस ने पहले राम मंदिर का विरोध किया और फिर प्राण-प्रतिष्ठा का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कांग्रेस, शक्ति स्वरूपा मां धारी देवी, मां चन्द्रबदनी, मां ज्वाल्पा देवी की शक्ति को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा उत्तराखंड की संस्कृति की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। ये वही कांग्रेस है जो कहती रही है कि हर की पौड़ी मां गंगा के किनारे पर नहीं, बल्कि एक नहर के किनारे बसी है। कांग्रेस के लोग गंगा जी के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड के लोग कांग्रेस को सबक सिखाकर रहेंगे। उन्होंने कहा उत्तराखंड, ब्रह्मकमल की धरती है। इस बार जनता के आशीर्वाद से पूरी शान से पंच-कमल खिलने चाहिए। उन्होंने कहा मेरा हर पल जनता को समर्पित है।
प्रधानमंत्री ने कहा टिहरी-गढ़वाल से माला राज्य लक्ष्मी शाह, गढ़वाल से अनिल बलूनी, और हरिद्वार से त्रिवेंद्र को हर बूथ पर विजयी बनाना है। साथ ही उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों से गांव में जाकर देवी-देवताओ के मंदिर में उनकी ओर से माथा टेकने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के योगनगरी ऋषिकेश आगमन पर देवभूमि की समस्त जनता की ओर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि को मां चंद्रघंटा की स्तुति हम सब करते हैं, ऐसे पावन दिन देश को बेटी-बचाओं, बेटी-पढ़ाओ का मंत्र देने वाले आदरणीय प्रधानमंत्री का सानिध्य हम सभी को प्राप्त हो रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमने प्रदेश में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आयोजित किए, जिसके माध्यम से प्रदेश की समस्त मातृशक्ति के साथ सीधे संवाद स्थापित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जीवन का हर पल हर क्षण भारत मां को आगे बढ़ाने के लिए लगाया है। देश को अपना परिवार मानकर रात दिन थके – रुके बिना लगातार काम किया है। जिसके परिणाम स्वरूप आज भारत हर क्षेत्र में नित नई ऊंचाईयों को छू रहा है। आज का नया भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध है। सामरिक दृष्टि से भी और अधिक सशक्त एवं सुरक्षित है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 के पश्चात कश्मीर से धारा 370 के खात्मे, अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य एवं दिव्य मंदिर के निर्माण और देश में सीएए लागू करने सहित ऐसेे अनेकों ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए काम कर रही है। केन्द्र सरकार के सहयोग से हम हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर बनाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहाड़ों तक रेल पहुंचाने का सपना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के साथ पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड को जी-20 महासम्मेलन की तीन बैठकों का आयोजन रामनगर, नरेन्द्र नगर एवं ऋषिकेश में करने का अवसर प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं राज्य की जनता के आशीर्वाद से 2022 विधानसभा चुनाव में पुनः भाजपा की सरकार बनी। उन्होंने कहा जनता से किए वादे अनुसार राज्य में समान नागरिक संहिता विधेयक पास हुआ। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लाकर सभी को समान अधिकार देने की बात कर रही है तो वहीं कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लॉ की बात कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा जिन पार्टियों ने अपने शासनकाल में देश को लूटा, उनसे जवाब मांगने पर वे प्रधानमंत्री को अनाप-शनाप बोल रहे हैं। विपक्षी पार्टियां बौखलाकर अपने स्लीपर सेल को आगे कर रही हैं। उन्होंने कहा अब जातिवाद, वर्गवाद, के चक्कर में नहीं आना है। मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, तक पूरा देश विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विपक्ष की बातों में आने वाला नहीं है क्योकि अब देश जाग चुका है, देश बदल चुका है। आज का नया भारत अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए सजग और संवेदनशील है। उन्होंने कहा देश में इमरजेंसी लगाने वाले, केवल अपने परिवार की ही स्तुति करने वाले, समाज को जातियों में बाँटने वाले, और हर दिन एक नया घोटाला करने वाले लोग आज प्रधानमंत्री से परेशान हैं। क्योंकि मोदी का मंत्र है ’ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’। और यही पीएम मोदी की गांरटी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2019 तक का समय देश की आवश्यकताओं को पूर्ण करने का था। 2019 से 2024 तक का समय देश की आकांक्षाओं की पूर्ति करने का था। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2024 से 2029 तक का समय भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के मार्ग को प्रशस्त करने का होगा। मुख्यमंत्री ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देवभूमि की समस्त देवतुल्य जनता लोकसभा चुनावों में भाजपा को पांचों सीटों पर प्रचंड बहुमत से विजय दिलाकर नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित करेगी।
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उत्तराखंड में सांसद निधि खर्च का हाल: दिसंबर 2025 तक सिर्फ 18% राशि ही उपयोग

RTI में खुलासा: उत्तराखंड के सांसदों की निधि खर्च की धीमी रफ्तार
Uttarakhand MPLADS Fund Utilization Report: उत्तराखंड के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को आवंटित सांसद निधि (MPLADS) के उपयोग को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक कुल आवंटित राशि का केवल 18 प्रतिशत ही खर्च किया जा सका है। उल्लेखनीय है कि इस आंकड़े में पूरे हो चुके और वर्तमान में प्रगति पर चल रहे दोनों प्रकार के कार्यों पर किया गया व्यय शामिल है।
मुख्य बिंदु
जारी हुआ उत्तराखंड के सांसदों का रिपोर्ट कार्ड
दरअसल, ये खुलासा आरटीआई के माध्यम से सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, उत्तराखंड से सांसद निधि व्यय से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में लोक सूचना अधिकारी एवं उपायुक्त प्रशासन हेमंती गुंज्याल द्वारा दिसंबर 2025 तक का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक उत्तराखंड के कुल 8 सांसदों—5 लोकसभा और 3 राज्यसभा—को मिलाकर 95.90 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की गई। इसमें से 49 करोड़ रुपये 5 लोकसभा सांसदों को वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए दिए गए, जबकि 46.90 करोड़ रुपये 3 राज्यसभा सांसदों को उनके कार्यकाल शुरू होने से लेकर दिसंबर 2025 तक आवंटित किए गए।
केवल 18 % खर्च कर पाए सांसद निधि
लेकिन, व्यय के आंकड़े अपेक्षाकृत कम रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्तमान कार्यकाल में पूर्ण परियोजनाओं पर 7.08 करोड़ रुपये और जारी कार्यों पर 10.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस प्रकार कुल व्यय 17.73 करोड़ रुपये रहा, जो कि कुल आवंटित राशि का मात्र 18 प्रतिशत है।

यदि लोकसभा सांसदों की बात करें, तो 5 सांसदों द्वारा पूर्ण कार्यों पर 2.089 करोड़ रुपये और प्रगति पर चल रहे कार्यों पर 1.191 करोड़ रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इस प्रकार लोकसभा सांसदों का कुल व्यय उनकी आवंटित निधि का लगभग 7 प्रतिशत ही है।
राज्यसभा सांसदों ने 31 प्रतिशत उपयोग की निधि
दूसरी ओर, राज्यसभा सांसदों का व्यय अनुपात अपेक्षाकृत अधिक रहा है। तीन राज्यसभा सांसदों द्वारा पूर्ण कार्यों पर 4.99 करोड़ रुपये और चल रहे कार्यों पर 9.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस तरह राज्यसभा सांसदों ने अपनी कुल आवंटित निधि का लगभग 31 प्रतिशत उपयोग किया है।
232 कार्यों को नहीं मिली अधिकारियों से स्वीकृति
इसके अलावा, जानकारी में ये भी सामने आया है कि सांसदों द्वारा प्रस्तावित 232 कार्यों को अब तक संबंधित अधिकारियों ने स्वीकृति नहीं दी है। वहीं, स्वीकृत कार्यों में से 87 परियोजनाएं दिसंबर 2025 तक शुरू भी नहीं हो सकी हैं।
इन तथ्यों से स्पष्ट है कि सांसद निधि के उपयोग की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है, जबकि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। अब देखना ये होगा कि आगामी समय में इन परियोजनाओं को गति देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
सांसद निधि खर्च में कौन आगे, कौन पीछे?
दिसंबर 2025 तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड के सांसदों के बीच सांसद निधि (MPLADS) खर्च को लेकर स्पष्ट अंतर देखने को मिला है। जहां कुछ सांसदों ने अपेक्षाकृत अधिक राशि खर्च की है, वहीं कई सांसदों का व्यय प्रतिशत काफी कम रहा है।
लोकसभा सांसदों की स्थिति
सबसे पहले लोकसभा सांसदों की बात करें तो नैनीताल-उधमसिंह नगर से सांसद अजय भट्ट 18% निधि खर्च के साथ शीर्ष पर हैं। उनके बाद टिहरी गढ़वाल की सांसद माला राज लक्ष्मी शाह 14% व्यय के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
जबकि, गढ़वाल से अनिल बलूनी का व्यय शून्य प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि अल्मोड़ा के अजय टम्टा और हरिद्वार के त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 1% से भी कम राशि खर्च की गई है।
राज्यसभा सांसदों की स्थिति
वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा सांसदों में नरेश बंसल 47% व्यय के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद कल्पना सैनी 27% और महेंद्र भट्ट 6% खर्च के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
स्पष्ट रूप से देखा जाए तो राज्यसभा सांसदों का औसत व्यय लोकसभा सांसदों की तुलना में अधिक रहा है।
सांसदों के कार्यों का विवरण
📊 लोकसभा सांसद
| सांसद | प्रस्तावित कार्य | स्वीकृत | पूर्ण | प्रगतिरत | शुरू नहीं | खर्च % |
|---|---|---|---|---|---|---|
| अजय भट्ट | 316 | 229 | 54 | 154 | 21 | 18% |
| माला राज लक्ष्मी | 128 | 89 | 11 | 64 | 14 | 14% |
| अनिल बलूनी | 4 | 2 | 1 | 1 | 0 | 0% |
| अजय टम्टा | 4 | 4 | 0 | 2 | 2 | <1% |
| त्रिवेंद्र रावत | 16 | 10 | 1 | 5 | 4 | <1% |
📊 राज्यसभा सांसद
| सांसद | प्रस्तावित कार्य | स्वीकृत | पूर्ण | प्रगतिरत | शुरू नहीं | खर्च % |
|---|---|---|---|---|---|---|
| नरेश बंसल | 191 | 144 | 23 | 92 | 29 | 47% |
| कल्पना सैनी | 121 | 89 | 26 | 60 | 3 | 27% |
| महेंद्र भट्ट | 44 | 23 | 2 | 7 | 14 | 6% |
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देहरादून में कानून व्यवस्था हुई धड़ाम, बेखौफ घूम रहे बदमाश !, 14 दिन में 4 हत्याओं से दहशत का माहौल

Dehradun crime : देहरादून जो कभी अपने शांत वातावरण के लिए देशभर में मशहूर था, आज वहीं दिनदहाड़े भरेबाजार हत्याएं हो रही हैं। जिस कारण लोगों में दहशत का माहौल है। देहरादून में 14 दिनों में चार हत्याओं से जहां एक ओर कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। तो वहीं दसूरी ओर लोगों में डर साफ-साफ देखा जा सकता है।
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देहरादून 14 दिन में 4 हत्याओं से दहशत का माहौल
राजधानी देहरादून में बुधवार को एक युवक की भरेबाजार गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये हत्या शहर के बीचोबीच और सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके में की गई। तिब्बती मार्केट में टेनिस खेलकर वापस लौट रहे युवक को बदमाशों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। लेकिन ये इकलौती ऐसी घटना नहीं है। इस पहले लगातार एक के बाद कई हत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

शहर में महज 14 दिनों के भईतर चार हत्याओं को अंजाम दिया गया है। 29 जनवरी को विकासनगर क्षेत्र में एक छात्रा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। जिसका शव अगले दिन घर से कुछ ही दूरी पर झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला था। इस घटडना के दो दिन बाद ही 31 जनवरी को ऋषिकेश में महिला की उसके लिव-इन-पार्टनर ने हत्या कर कर दी थी। इस घटना के एक दिन बाद ही दो फरवरी को दूल्हा बाजार में हुए गुंजन हत्याकांड से सनसनी मच गई थी। इसके 9 दिन बाद ही बुधवार को कारोबारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।
देहरादून में कानून व्यवस्था हुई धड़ाम
महज 14 दिनों के भीतर हुई इन हत्याओं ने देहरादून की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बल्कि इन घटनाओं ने खाकी को दागदार किया है। जिस तरीके से शहर के बीचो-बीच गुंजन हत्याकांड और तिब्बती मार्केट हत्याकांड को अंजाम दिया गया इसने पुलिस की नाकामी को उजागर कर दिया है।

गुंजन हत्याकांड में आरोपी ने मच्छी बाजार में कोतवाली से कुछ ही मीटर दूरी पर हत्या को अंजाम दिया। इतना ही नहीं आरोपी कितना बेखौफ इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हत्या के बाद वो भागा नहींबल्कि चापड़ लहराते हुए निकला। ठीक इसी तरह तिब्बती मार्केट हत्याकांड में भी बदमाशों ने अर्जुन को गोली मारने से पहले फुरसत से बीड़ी पी और फिर उसे गोली मारकर आसानी से निकल गए।

खुलेआम घूम रहे बदमाश, नहीं बचा पुलिस का खौफ
तिब्बती मार्केट में हुए अर्जुन हत्याकांड के बाद आरोपी भाग निकले और उन्हें पकड़ने में पुलिस को 24 घंटे लग गए। ये हत्याकांड शहर के बीचोबीच हुआ था और आरोपियों को शहर के बाहर से एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया है। ये घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। कैसे शहर के बीचोबीच घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश इतनी दूर तक निकल गए और दिनभर कैसे पुलिस की नजरों से बचे रहे ?, इसके साथ ही सवाल ये भी उठता है कि क्या बदमाशों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया जो दिनदहाड़े राजधानी में ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
राजधानी में बीते 14 दिनों में हुई ये वारदातें पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े होते हैं। जब प्रदेश की राजधानी में इस तरीके से वारदातें हो रही हैं तो पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा।
Dehradun
Dehradun: BCA की छात्रा की प्री-मेच्योर डिलीवरी में मौत, कथित पिता ने बच्चे को लेने से किया इनकार

देहरादून में रह रही खटीमा की छात्रा की प्री-मेच्योर डिलीवरी में मौत, लिव इन में रह रही थी छात्रा
Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पर एक अविवाहित छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है। बच्चे को जन्म देने के दौरान छात्रा की मौत हो गई है। जिसके बाद अब नवजात का कथित पिता उसे स्वीकार करने से इन्कार कर रहा है। जानकारी के मुताबिक छात्रा और युवक लिव इन में रह रहे थे, जिसकी खबर न तो परिजनों को थी और न ही उन्होंने UCC पोर्टल पर पंजीकरण किया था।
मुख्य बिंदु
अविवाहित छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म
पुलिस के मुताबिक, मृतक छात्रा मूल रूप से खटीमा, जनपद ऊधमसिंहनगर की रहने वाली थी। वर्तमान में वो देहरादून के सुभाषनगर क्षेत्र स्थित एक विश्वविद्यालय से बीसीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान,वो अपने ही क्षेत्र के एक युवक के साथ देहरादून में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। युवक मनीष उसी विश्वविद्यालय से बीएससी न्यूट्रीशन साइंस की पढ़ाई पूरी कर चुका है। बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से साथ रह रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने इस संबंध की जानकारी अपने परिवारों को नहीं दी थी। इसके अलावा, पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि उनके लिव-इन संबंध का कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं कराया गया था।
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बच्चे को जन्म देने के बाद छात्रा की मौत
इस बीच, जांच में ये अहम तथ्य सामने आया कि छात्रा गर्भवती थी। कुछ दिन पहले ही आठ महीने में उसकी सिजेरियन प्रक्रिया के जरिए प्री-मेच्योर डिलीवरी हुई थी। दुर्भाग्यवश, जन्म के बाद नवजात शिशु की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, रविवार को छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसका प्रेमी उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, मौत के स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाए हैं, इसलिए पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
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कथित पिता ने बच्चे को लेने से किया इनकार
इधर, अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले की लिखित सूचना बाल कल्याण समिति को दी। जानकारी में बताया गया कि एक अविवाहित युवती ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन प्रसव के कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई। शुरुआत में नवजात के कथित पिता ने बच्चे को अपने साथ घर ले जाने पर सहमति जताई थी, लेकिन बाद में उसने इससे इनकार कर दिया। इसके चलते, युवक और युवती—दोनों के परिवारों के बीच भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि नवजात शिशु की देखभाल की जिम्मेदारी आखिर किसके पास होगी।
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हॉस्पिटल प्रशासन ने बाल कल्याण समिति को लिखा पत्र
डॉक्टरों का कहना है कि नवजात को अधिक समय तक एनआईसीयू वार्ड में रखना संभव नहीं है। इसी कारण, अस्पताल प्रशासन ने बाल कल्याण समिति से अनुरोध किया है कि बच्चे को अस्थायी रूप से शिशुगृह में रखा जाए। इस संबंध में, समिति की सदस्य नीता कंडपाल ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन को निर्देश दिए गए हैं कि नवजात का आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कर उसे समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। ताकि, शिशु के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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